अफीम किसानों का आंदोलन तेज, 3 अगस्त को चित्तौड़गढ़ में महापड़ाव का ऐलान डोडा चूरा नीति, पट्टा बहाली और खरीद मूल्य समेत सात प्रमुख मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक निकलेगी महारैली — पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा, अफीम उत्पादक किसानों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के बैनर तले डूंगला स्थित शनिदेव मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में किसानों ने सरकार की नीतियों पर असंतोष जताते हुए व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार की। बैठक में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने बताया कि 3 अगस्त को सुबह 10 बजे राजकीय सांवलियाजी चिकित्सालय से जिला कलेक्ट्रेट तक विशाल महारैली निकाली जाएगी। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में महापड़ाव शुरू किया जाएगा। यदि सरकार किसानों की मांगों पर ठोस एवं लिखित निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा तथा आमरण अनशन भी शुरू किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि इस आंदोलन में चित्तौड़गढ़ के साथ-साथ उदयपुर, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, झालावाड़ सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में अफीम उत्पादक किसानों के शामिल होने की संभावना है। संगठन ने सभी किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई में भाग लेने का आह्वान किया। सात मांगों पर सरकार से निर्णायक फैसला चाह रहे किसान किसानों ने डोडा चूरा निस्तारण व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि इसे मध्यप्रदेश की व्यवस्था के अनुरूप लागू किया जाए अथवा आबकारी विभाग के माध्यम से संचालित किया जाए। इसके अलावा मॉर्फिन आधारित वर्तमान नीति में संशोधन कर सभी पात्र किसानों को निर्धारित मानकों के आधार पर पट्टे जारी किए जाएं। संघ ने अफीम के सरकारी खरीद मूल्य में वृद्धि, सीपीएस पद्धति को समाप्त करने, वर्ष 1998 से निरस्त किए गए पुराने पट्टों की पुनर्बहाली, एनडीपीएस कानून की धारा 8/29 के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने तथा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों का निष्पक्ष सर्वे कर किसानों के पट्टे सुरक्षित रखने की भी मांग उठाई। चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और व्यापक बैठक में किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह संघर्ष केवल अफीम उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए है और मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।
अफीम किसानों का आंदोलन तेज, 3 अगस्त को चित्तौड़गढ़ में महापड़ाव का ऐलान डोडा चूरा नीति, पट्टा बहाली और खरीद मूल्य समेत सात प्रमुख मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक निकलेगी महारैली — पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा, अफीम उत्पादक किसानों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के बैनर तले डूंगला स्थित शनिदेव मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में किसानों ने सरकार की नीतियों पर असंतोष जताते हुए व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार की। बैठक में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने बताया कि 3 अगस्त को सुबह 10 बजे राजकीय सांवलियाजी चिकित्सालय से जिला कलेक्ट्रेट तक विशाल महारैली निकाली जाएगी। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में महापड़ाव शुरू किया जाएगा। यदि सरकार किसानों की मांगों पर ठोस एवं लिखित निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा तथा आमरण अनशन भी शुरू किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि इस आंदोलन में चित्तौड़गढ़ के साथ-साथ उदयपुर, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, झालावाड़ सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में अफीम उत्पादक किसानों के शामिल होने की संभावना है। संगठन ने सभी किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई में भाग लेने का आह्वान किया। सात मांगों पर सरकार से निर्णायक फैसला चाह रहे किसान किसानों ने डोडा चूरा निस्तारण व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि इसे मध्यप्रदेश की व्यवस्था के अनुरूप लागू किया जाए अथवा आबकारी विभाग के माध्यम से संचालित किया जाए। इसके अलावा मॉर्फिन आधारित वर्तमान नीति में संशोधन कर सभी पात्र किसानों को निर्धारित मानकों के आधार पर पट्टे जारी किए जाएं। संघ ने अफीम के सरकारी खरीद मूल्य में वृद्धि, सीपीएस पद्धति को समाप्त करने, वर्ष 1998 से निरस्त किए गए पुराने पट्टों की पुनर्बहाली, एनडीपीएस कानून की धारा 8/29 के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने तथा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों का निष्पक्ष सर्वे कर किसानों के पट्टे सुरक्षित रखने की भी मांग उठाई। चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और व्यापक बैठक में किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह संघर्ष केवल अफीम उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए है और मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।
- 2.0 का समापन: पुलिस कप फुटबॉल टूर्नामेंट के जरिए दिया नशामुक्त समाज का संदेश नीमच। "नशे से दूरी है ज़रूरी" अभियान 2.0 के अंतिम दिवस जिला पुलिस नीमच द्वारा आयोजित पुलिस कप फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य समापन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश देना था। टूर्नामेंट के समापन अवसर पर फाइनल मुकाबला रोमांचक माहौल में खेला गया, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल भावना का प्रदर्शन किया। विजेता एवं उपविजेता टीमों को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करते हैं। नशे से दूर रहकर खेलों को अपनाने से न केवल व्यक्ति का भविष्य उज्ज्वल बनता है, बल्कि समाज भी सुरक्षित और स्वस्थ बनता है। कार्यक्रम में खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में आमजन की उपस्थिति रही। जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। जिला पुलिस नीमच का "नशे से दूरी है ज़रूरी" अभियान 2.0 खेल, जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- नीमच में खेल मैदान बचाने की मांग तेज, वैकल्पिक ज़मीन पर स्कूल बनाने पर सहमति नीमच के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने विधायक दिलीप सिंह परिहार और नपा अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा से मुलाकात की। विधायक ने कहा कि यदि वैकल्पिक भूमि उपलब्ध होती है तो वहां सांदीपनि विद्यालय बनाने में कोई आपत्ति नहीं है। नपा अध्यक्ष ने भी वैकल्पिक ज़मीन तत्काल उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। समिति ने प्रस्तावित स्कूल का नक्शा जारी कर आरोप लगाया कि पूरा खेल मैदान निर्माण की जद में आ जाएगा। प्रशासन ने कोर्ट में लंबित भूमि मामलों के जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जबकि समिति ने आंदोलन जारी रखने की बात कही।1
- महिला सुरक्षा के लिए डिकॉय ऑपरेशन सादे वस्त्रों में महिला पुलिसकर्मियों की पांच विशेष टीमों ने शहर के प्रमुख स्थलों पर की कार्रवाई, चार मनचले गिरफ्तार। दैनिक वीरधरा राजस्थान। चित्तौड़गढ़। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली छेड़छाड़ और अभद्रता की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में गुरुवार शाम को कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों में तैनात कर डिकॉय ऑपरेशन चलाया गया। अभियान के तहत पांच विशेष पुलिस टीमों का गठन कर शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान महिलाओं व छात्राओं से छेड़छाड़, फब्तियां कसने एवं अभद्र व्यवहार करने वाले चार मनचलों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई। डिकॉय ऑपरेशन के तहत गठित प्रत्येक टीम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की दो-दो महिला कांस्टेबल सादे वस्त्रों में तैनात की गईं, जिनके साथ पुरुष पुलिसकर्मी भी सुरक्षा एवं कार्रवाई के लिए मौजूद रहे। टीमों ने शहर के प्रताप नगर चौराहा, रेलवे स्टेशन, दिल्ली गेट, चामटी खेड़ा चौराहा तथा अभिमन्यु पार्क जैसे संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी। पार्क जैसे संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी। महिला पुलिसकर्मियों ने आम छात्राओं एवं महिलाओं की तरह सामान्य रूप से इन स्थानों पर मौजूद रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही कुछ युवकों द्वारा महिलाओं से अभद्र व्यवहार एवं फब्तियां कसने की घटनाएं सामने आईं, मौके पर मौजूद पुलिस टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अभियान के दौरान पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की तथा युवाओं को महिला सम्मान एवं कानून का पालन करने के संबंध में समझाइश भी दी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर इस प्रकार के विशेष अभियान संचालित किए जाएंगे, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि कहीं भी महिलाओं से छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार या अन्य आपराधिक गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे त्वरित कार्रवाई कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा सकें।1
- पुलिस कप फुटबॉल टूर्नामेंट के साथ 'नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0' का समापन नीमच पुलिस द्वारा चलाए गए 'नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0' का समापन पुलिस कप फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले के साथ हुआ। दशहरा मैदान में खेले गए फाइनल में एनएफए ने ईगल फुटबॉल क्लब को 2-0 से हराकर खिताब जीता। अभियान के तहत 15 से 30 जुलाई तक जिले में 99 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 45,650 स्कूली छात्र-छात्राओं, खिलाड़ियों और आमजन को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। नीमच पुलिस ने सभी नागरिकों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग की अपील की।1
- चित्तौड़गढ़ में गोलियों की गूंज! हिस्ट्रीशीटर परबू सिंह और पुलिस के बीच मुठभेड़, इलाके में मचा हड़कंप 🚨 बड़ी ब्रेकिंग: शक्ति, भक्ति, त्याग और बलिदान की पावन धरा चित्तौड़गढ़ से सनसनीखेज खबर! शंभूपुरा में पुलिस और हिस्ट्रीशीटर परबू सिंह के बीच हुई मुठभेड़, चली गोलियां, पैर में लगी गोली, पूरे जिले में हाई अलर्ट... जानिए आखिर क्या हुआ?1