उम्मीदवार का आहार,विहार,आचार,विचार,अब तक के जनहित के सेवाकार्य देखें फिर वोट करें। *राजस्थान में नगर निकाय और पंचायत राज चुनाव का बिगुल - मतदाता बनें जागरूक, निर्भय होकर करें मतदान।* छबड़ा:राजस्थान, प्रदेश में नगर निकाय और पंचायत राज चुनाव की आहट तेज हो गई है।लोकतंत्र के इस महापर्व में अब हर मतदाता की भूमिका सबसे अहम हो गई है। स्वतंत्र मीडिया की ओर से सभी सम्मानित मतदाताओं से अपील है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए बढ़-चढ़कर मतदान में भाग लें। मतदाताओं से विशेष अपील - 1. किसी के बहकावे में न आएं: चुनाव के दौरान कई तरह के भ्रामक प्रचार,अफवाहें और झूठे वादे फैलाए जाते हैं। किसी भी जाति,धर्म या व्यक्तिगत प्रलोभन में आकर अपने अमूल्य वोट को खराब न करें।आपका वोट आपके भविष्य का फैसला है। 2. प्रलोभन से बचें: यदि कोई आपको शराब, पैसे या किसी अन्य वस्तु का लालच देकर वोट मांगता है,तो उसे तुरंत नकार दें।यह न केवल गैरकानूनी है बल्कि आपके स्वाभिमान के खिलाफ भी है।ऐसे मामलों की सूचना तुरंत निर्वाचन आयोग या स्थानीय प्रशासन को दें। 3. निर्भय होकर मतदान करें:भारत का संविधान आपको निर्भीक और गुप्त मतदान का अधिकार देता है।किसी के डर या दबाव में मतदान न करें।निडर होकर, बिना किसी भय के अपने विवेक से योग्य,ईमानदार और कर्मठ उम्मीदवार का चयन करें। 4. पहले जांचें, फिर परखें:उम्मीदवार के पिछले कार्य, उसकी छवि और उसके विचारों को देखें।जो आपके गांव,वार्ड और शहर के विकास की बात करे,जो शिक्षा, स्वास्थ्य,पानी,सफाई और सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों पर स्पष्ट सोच रखता हो,ऐसे अच्छे उम्मीदवार पार्टियों के टिकिट धारी भी हो सकते है या फिर स्वतंत्र उम्मीदवार भी हो सकते है,सच्चे ओर सर्वश्रेष्ट मेसे उसी को अपना मत दें। याद रखें, एक-एक वोट से ही सच्चा जनप्रतिनिधि चुना जाता है और उसी से आपके क्षेत्र का विकास तय होता है। 5 साल तक पछताने से अच्छा है,एक दिन सोच-समझकर मतदान करें।आइए, हम सब मिलकर शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प लें और राजस्थान में स्वच्छ, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव की मिसाल कायम करें। निवेदक:- एस. एल. नागर,रिपोर्टर (स्वतंत्र मीडिया)
उम्मीदवार का आहार,विहार,आचार,विचार,अब तक के जनहित के सेवाकार्य देखें फिर वोट करें। *राजस्थान में नगर निकाय और पंचायत राज चुनाव का बिगुल - मतदाता बनें जागरूक, निर्भय होकर करें मतदान।* छबड़ा:राजस्थान, प्रदेश में नगर निकाय और पंचायत राज चुनाव की आहट तेज हो गई है।लोकतंत्र के इस महापर्व में अब हर मतदाता की भूमिका सबसे अहम हो गई है। स्वतंत्र मीडिया की ओर से सभी सम्मानित मतदाताओं से अपील है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए बढ़-चढ़कर मतदान में भाग लें। मतदाताओं से विशेष अपील - 1. किसी के बहकावे में न आएं: चुनाव के दौरान कई तरह के भ्रामक प्रचार,अफवाहें और झूठे वादे फैलाए जाते हैं। किसी भी जाति,धर्म या व्यक्तिगत प्रलोभन में आकर अपने अमूल्य वोट को खराब न करें।आपका वोट आपके भविष्य का फैसला है। 2. प्रलोभन से बचें: यदि कोई आपको शराब, पैसे या किसी अन्य वस्तु का लालच देकर वोट मांगता है,तो उसे तुरंत नकार दें।यह न केवल गैरकानूनी है बल्कि आपके स्वाभिमान के खिलाफ भी है।ऐसे मामलों की सूचना तुरंत निर्वाचन आयोग या स्थानीय प्रशासन को दें। 3. निर्भय होकर मतदान करें:भारत का संविधान आपको निर्भीक और गुप्त मतदान का अधिकार देता है।किसी के डर या दबाव में मतदान न करें।निडर होकर, बिना किसी भय के अपने विवेक से योग्य,ईमानदार और कर्मठ उम्मीदवार का चयन करें। 4. पहले जांचें, फिर परखें:उम्मीदवार के पिछले कार्य, उसकी छवि और उसके विचारों को देखें।जो आपके गांव,वार्ड और शहर के विकास की बात करे,जो शिक्षा, स्वास्थ्य,पानी,सफाई और सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों पर स्पष्ट सोच रखता हो,ऐसे अच्छे उम्मीदवार पार्टियों के टिकिट धारी भी हो सकते है या फिर स्वतंत्र उम्मीदवार भी हो सकते है,सच्चे ओर सर्वश्रेष्ट मेसे उसी को अपना मत दें। याद रखें, एक-एक वोट से ही सच्चा जनप्रतिनिधि चुना जाता है और उसी से आपके क्षेत्र का विकास तय होता है। 5 साल तक पछताने से अच्छा है,एक दिन सोच-समझकर मतदान करें।आइए, हम सब मिलकर शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प लें और राजस्थान में स्वच्छ, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव की मिसाल कायम करें। निवेदक:- एस. एल. नागर,रिपोर्टर (स्वतंत्र मीडिया)
- से शमशान बनाने की लिए सभी से निवेदन शंकर कॉलोनी के शमशान भूमि को को 70 80 साल हो गए लेकिन आज तक कभी यहां शमशान नहीं बन पाए और गर्मी और बारिश में मुर्दों को चीकू जलाने की जलन के लिए बहुत पर्यटन करना पड़ता है और यह शमशान को इतनी सरकार आ गई लेकिन आज तक किसी ने निर्माण कार्य नहीं करवाया1
- उम्मीदवार का आहार,विहार,आचार,विचार,अब तक के जनहित के सेवाकार्य देखें फिर वोट करें। *राजस्थान में नगर निकाय और पंचायत राज चुनाव का बिगुल - मतदाता बनें जागरूक, निर्भय होकर करें मतदान।* छबड़ा:राजस्थान, प्रदेश में नगर निकाय और पंचायत राज चुनाव की आहट तेज हो गई है।लोकतंत्र के इस महापर्व में अब हर मतदाता की भूमिका सबसे अहम हो गई है। स्वतंत्र मीडिया की ओर से सभी सम्मानित मतदाताओं से अपील है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए बढ़-चढ़कर मतदान में भाग लें। मतदाताओं से विशेष अपील - 1. किसी के बहकावे में न आएं: चुनाव के दौरान कई तरह के भ्रामक प्रचार,अफवाहें और झूठे वादे फैलाए जाते हैं। किसी भी जाति,धर्म या व्यक्तिगत प्रलोभन में आकर अपने अमूल्य वोट को खराब न करें।आपका वोट आपके भविष्य का फैसला है। 2. प्रलोभन से बचें: यदि कोई आपको शराब, पैसे या किसी अन्य वस्तु का लालच देकर वोट मांगता है,तो उसे तुरंत नकार दें।यह न केवल गैरकानूनी है बल्कि आपके स्वाभिमान के खिलाफ भी है।ऐसे मामलों की सूचना तुरंत निर्वाचन आयोग या स्थानीय प्रशासन को दें। 3. निर्भय होकर मतदान करें:भारत का संविधान आपको निर्भीक और गुप्त मतदान का अधिकार देता है।किसी के डर या दबाव में मतदान न करें।निडर होकर, बिना किसी भय के अपने विवेक से योग्य,ईमानदार और कर्मठ उम्मीदवार का चयन करें। 4. पहले जांचें, फिर परखें:उम्मीदवार के पिछले कार्य, उसकी छवि और उसके विचारों को देखें।जो आपके गांव,वार्ड और शहर के विकास की बात करे,जो शिक्षा, स्वास्थ्य,पानी,सफाई और सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों पर स्पष्ट सोच रखता हो,ऐसे अच्छे उम्मीदवार पार्टियों के टिकिट धारी भी हो सकते है या फिर स्वतंत्र उम्मीदवार भी हो सकते है,सच्चे ओर सर्वश्रेष्ट मेसे उसी को अपना मत दें। याद रखें, एक-एक वोट से ही सच्चा जनप्रतिनिधि चुना जाता है और उसी से आपके क्षेत्र का विकास तय होता है। 5 साल तक पछताने से अच्छा है,एक दिन सोच-समझकर मतदान करें।आइए, हम सब मिलकर शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प लें और राजस्थान में स्वच्छ, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव की मिसाल कायम करें। निवेदक:- एस. एल. नागर,रिपोर्टर (स्वतंत्र मीडिया)1
- aap logon ka hisab chahie please Mere is channel ko share Karen post Karen Se Jyada1
- एक पेड़ लोकतंत्र के नाम कार्यक्रम का हुआ आयोजन वृक्षारोपण के साथ लोकतंत्र के महोत्सव का हुआ आगाज बारां, । राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित थीम ‘एक पेड़ लोकतंत्र के नाम’ के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर बालमुकुंद असावा के निर्देशानुसार नगर निकाय आम चुनाव की घोषणा के साथ जिले के समस्त नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। बारां शहर के वार्ड नंबर 2 गजनपुरा स्थित राजकीय एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में स्वीप के नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव तोमर ने पौधारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और पर्यावरण दोनों ही हमारे भविष्य की मजबूत नींव हैं। जिस प्रकार एक पौधे की नियमित देखभाल से वह वृक्ष बनकर समाज को छाया और जीवन देता है, उसी प्रकार लोकतंत्र में प्रत्येक मतदाता की भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ लोकतंत्र के नाम’ अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों एवं स्टाफ से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प दिलाया। साथ ही नगर निकाय चुनाव में अनिवार्य रूप से मतदान करने तथा अन्य मतदाताओं को भी मतदान के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई। सह प्रभारी स्वीप अमित भार्गव ने प्रशिक्षणार्थियों को निर्वाचन संबंधी ऑनलाइन एप्लीकेशंस की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से ईसीआई नेट ऐप के बारे में बताते हुए ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया समझाई। साथ ही ऐप के माध्यम से मतदान केंद्र की जानकारी प्राप्त करने सहित अन्य निर्वाचन संबंधी सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग अधीक्षक पवन वैष्णव, स्वीप सदस्य रामचरण मीणा, ट्यूटर प्रदीप नागर, यवन नागर, शंभूदयाल शर्मा, दिनेश शर्मा, कृतार्थ नागर सहित स्टाफ सदस्य एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।1
- 11 करोड़ के सौंदर्यीकरण वाले तालाब को बना दिया कचरा पात्र ''''''आउटलेट नाले में कचरे का अंबार, चारदीवारी के आसपास भी गंदगी का आलम; दो साल में ही सौंदर्यीकरण की चमक पड़ी फीकी कवाई. करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से दो वर्ष पहले सौंदर्यीकरण किए गए तालाब की मौजूदा स्थिति जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। तालाब के आउटलेट नाले में कचरे का अंबार लगा हुआ है। प्लास्टिक की थैलियां, खाद्य सामग्री के पैकेट सहित बड़ी मात्रा में कचरा नाले में जमा है। यही स्थिति तालाब के चारों ओर बनी चारदीवारी के समीप भी देखने को मिल रही है, जहां जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। करोड़ों रुपए खर्च कर तालाब को आकर्षक बनाने के बाद इसके रखरखाव और नियमित सफाई की ओर ध्यान नहीं दिए जाने से अब सौंदर्यीकरण पर भी सवाल उठने लगे हैं। तालाब के आसपास घूमने आने वाले लोगों का कहना है कि चारदीवारी के समीप जमा कचरा लंबे समय से सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहा है। ''''''आउटलेट बना कचरे का ठिकाना'''''' तालाब से पानी की निकासी के लिए बनाए गए आउटलेट के पास ही कचरा जमा होने से गंदगी सीधे जलनिकासी व्यवस्था में पहुंच रही है। बारिश के दौरान कचरे के बहकर तालाब या आसपास के क्षेत्र में फैलने की आशंका बनी रहती है। यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। ''''''''करोड़ों खर्च, फिर रखरखाव कौन करेगा'''''' लोगों का कहना है कि तालाब के सौंदर्यीकरण पर करीब 11 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन दो वर्ष में ही इसकी साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद यदि तालाब के चारों ओर कचरे के ढेर लग जाएं तो सौंदर्यीकरण की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों ने तालाब की चारदीवारी के आसपास और आउटलेट नाले की तत्काल सफाई कराने के साथ नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।4
- खानपुर में रक्तदान शिविर, 101 यूनिट रक्त संग्रहित,,,,, खानपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा भारती के तत्वावधान में सार्वजनिक धर्मशाला खानपुर में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ दुलीचंद प्रहलाद गोयल, एसआरजी ब्लड बैंक झालावाड़ की टीम के डॉ. अन्नाराव व डॉ. मालविका तथा सेवा भारती तहसील अध्यक्ष अनिल गौतम ने भारत माता के दीप प्रवजीत कर किया। शिविर में पहली बार 18 युवाओं सहित 9 युगल दंपतियों ने रक्तदान किया। शिविर में कुल 101 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। रक्तदान के साथ मोनू मालव, दिलीप मालव, विनीत ओसवाल, आशीष खंडेलवाल, मोनिका, अक्षय, मुरारी नागर, हरीश सुमन व अनिकेत विजय सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। एसआरजी ब्लड बैंक एवं मेडिकल कॉलेज झालावाड़ की टीम ने शिविर में सेवाएं प्रदान कीं। पंकज मालव सहित नर्सिंग स्टाफ ने रक्त संग्रहण एवं अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग किया। आयोजन में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए रक्तदान को सामाजिक सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।3
- बस्ता छोड़ सड़क पर उतरी Gen Alpha: गुना से सतना तक बच्चों का हल्लाबोल मध्य प्रदेश में स्कूलों की बदहाली के खिलाफ नई पीढ़ी की आवाज बुलंद—कहीं शिक्षक नहीं, कहीं गंदा पानी, कहीं भोजन तो कहीं स्कूल बचाने की लड़ाई भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूली बच्चों के लगातार सड़क पर उतरने की घटनाएं अब एक बड़े सवाल की ओर इशारा कर रही हैं। गुना, विदिशा, उज्जैन, भोपाल, छिंदवाड़ा और सतना में बच्चों ने अलग-अलग समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। मुद्दे अलग हैं, लेकिन शिकायत एक—स्कूल व्यवस्था उनकी सुन नहीं रही। गुना में छात्रों ने स्कूल कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य पर इंटरनल मार्क्स के नाम पर धमकाने का आरोप लगाते हुए अपनी समस्याएं उठाईं। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच के निर्देश दिए। सिरोंज, विदिशा में छात्राएं बढ़े हुए स्कूल बस किराए के खिलाफ सड़क पर उतरीं और विधायक से हस्तक्षेप की मांग की। उज्जैन में छात्राओं ने स्कूल को दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने के विरोध में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। भोपाल में सैकड़ों छात्रों ने Regional School को केंद्रीय विद्यालय संगठन में मर्ज किए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ ‘Save DMS’ अभियान चलाया। छिंदवाड़ा के तामिया में एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मेस के भोजन की गुणवत्ता को लेकर प्रदर्शन किया। और अब सतना के चोरहटा में 200 से अधिक छात्र-छात्राएं जलभराव और शिक्षकों की कमी के खिलाफ सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने 24 घंटे में जल निकासी और 15 दिनों में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग रखी है। सवाल सिर्फ बच्चों के आंदोलन का नहीं इन घटनाओं को सिर्फ ‘Gen Alpha का गुस्सा’ कहना आसान है, लेकिन असली सवाल यह है कि बच्चों को सड़क पर आने की जरूरत क्यों पड़ी? जब स्कूल में शिक्षक नहीं, परिसर में गंदा पानी, भोजन की शिकायत, परिवहन का संकट या स्कूल के अस्तित्व पर सवाल हो और शिकायतों के बावजूद समाधान न मिले, तो बच्चों का सड़क पर आना व्यवस्था के लिए चेतावनी है। जिस उम्र में बच्चों के हाथ में किताब होनी चाहिए, अगर उसी उम्र में उन्हें अपने स्कूल की बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो सवाल बच्चों से नहीं—व्यवस्था से होना चाहिए। गुना से सतना तक उठ रही Gen Alpha की आवाज बता रही है—अब बच्चे सिर्फ पढ़ना नहीं चाहते, वे अपनी शिक्षा व्यवस्था से जवाब भी चाहते हैं।2
- bus aap logon ka support aap log ka hi pyar hai mujhe Aage pahunchaega please Mere Instagram Mein channel ko follow Jarur Karen Taki aapko Sabhi chij Ke notification milati Rahe1