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सियासत की लंबी दूरी और टूटते सब्र का पुल! क्या एक पुल बनवाने के लिए जनता को सड़क पर उतरकर भीख माँगनी पड़ेगी? पीलीभीत शहर से सटे भगा मोहम्मद गंज पुल का बीच से बह जाना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। सवा लाख आबादी, 55 गाँव और सालों का इंतजार! जब बीमार को 50 किमी ज्यादा सफर करना पड़ता है, तब समझ आता है कि 'रामराज्य' का नारा देने वालों के राज में जनता कितनी बेबस है। कुमुद गंगवार के साथ कलेक्ट्रेट पहुँचे इन ग्रामीणों का हुजूम प्रशासन को आखिरी चेतावनी है—पुल दो या फिर आंदोलन झेलो!

5 hrs ago
user_यूपी समाचार
यूपी समाचार
Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

सियासत की लंबी दूरी और टूटते सब्र का पुल! क्या एक पुल बनवाने के लिए जनता को सड़क पर उतरकर भीख माँगनी पड़ेगी? पीलीभीत शहर से सटे भगा मोहम्मद गंज पुल का बीच से बह जाना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। सवा लाख आबादी, 55 गाँव और सालों का इंतजार! जब बीमार को 50 किमी ज्यादा सफर करना पड़ता है, तब समझ आता है कि 'रामराज्य' का नारा देने वालों के राज में जनता कितनी बेबस है। कुमुद गंगवार के साथ कलेक्ट्रेट पहुँचे इन ग्रामीणों का हुजूम प्रशासन को आखिरी चेतावनी है—पुल दो या फिर आंदोलन झेलो!

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  • ​पूरनपुर। गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने बढ़ते शहरीकरण, कचरा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर मंथन किया। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय को कौशल विकास का केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। समापन समारोह में प्रो. सुमित्रा कुकरेती और प्रो. बी.आर. कुकरेती ने पर्यावरण सुरक्षा को व्यक्तिगत स्तर पर अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर देश-विदेश के शिक्षाविदों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की। ​रिपोर्ट: सरफराज अहमद खान, UPNewsTV24
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    ​पूरनपुर। गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने बढ़ते शहरीकरण, कचरा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर मंथन किया। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय को कौशल विकास का केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। समापन समारोह में प्रो. सुमित्रा कुकरेती और प्रो. बी.आर. कुकरेती ने पर्यावरण सुरक्षा को व्यक्तिगत स्तर पर अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर देश-विदेश के शिक्षाविदों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की।
​रिपोर्ट: सरफराज अहमद खान, UPNewsTV24
    user_SARFRAZ KHAN
    SARFRAZ KHAN
    रिपोटिंग upnewstv24 पूरनपुर पीलीभीत उप Puranpur, Pilibhit•
    2 hrs ago
  • Post by यूपी समाचार
    1
    Post by यूपी समाचार
    user_यूपी समाचार
    यूपी समाचार
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पूरनपुर में आयोजित प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन टेक्नोलॉजिकल सत्र में बोलते हुए प्रोफेसर विपिन नीरज ने कहा कि आज शहरीकरण के प्रचलन से वृक्ष कट रहे हैं। आवासीय व्यवस्था के लिए कॉलोनी का प्रचलन बढ़ रहा है। इसीलिए जंगलों का दोहन हो रहा है। पेड़ों से ऊर्जा मिलती है।हमें आज पर्यावरण की प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।प्रकृति की पूजा हम कर रहे हैं लेकिन फिर भी हम प्रकृति का दोहन कर रहे हैं।उन्होंने परामर्श दिया कि जब हम प्रकृति के साथ कंसर्न करेंगे उसके नजदीक जाएंगे तभी हम सस्टेनेबल विकास कर सकते हैं । टेक्निकल सेशन के चेयरपर्सन प्रोफ़ेसर वीर बहादुर महतो ने कहा कि यदि हमें संयमित जीवन जीना है तो हमें प्रकृति के साथ भी संयमित होना पड़ेगा। हमें आने वाली पीढियों के लिए प्रकृति से संतुलन बनाना होगा। अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रोफेसर ए डी एन बाजपेई ने ऑनलाइन जुड़ कर सब को अपना आशीष प्रदान किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा महाविद्यालय के अस्तित्व को स्थापित कर रहे हैं। पर्यावरण की समस्या पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज जलवायु, कृषि या सस्टेनेबल डेवलपमेंट इन सब चीजों को एक साथ लेकर चलने की आवश्यकता है। भारत की अपनी जीवन शैली है। भारतीय ज्ञान परम्परा को अपनाना होगा जिस का सारांश परोपकार है। टेक्निकल सेशन में बोलते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि वह महाविद्यालय को केवल डिग्री प्राप्त करने का केन्द्र ना बनाकर टेक्निकल शिक्षा, विभिन्न सेमिनारों के माध्यम से छात्रों के ज्ञान की वृद्धि, रोजगार मेलो का आयोजन, उन के कौशल विकास की वृद्धि ,उनको रोजगार देने वाला बनाने के योग्य बनना चाहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य विषय *भारतीय अर्थव्यवस्था में पर्यावरण वैश्विक जलवायु परिवर्तन और कृषिगत सतत् विकास* शीर्षक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा के लिए हमें पॉजिटिव काम करना होगा। रासायनिक खादों एवं केमिकल युक्त खादो से हम भारत माता को दूषित कर रहे हैं ।हमें मात्र उत्पादन की चिंता है हमें स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। खाद्य सुरक्षा,गरीबी उन्मूलन आदि योजनाओं पर काम करना होगा। उन्होंने परामर्श दिया कि हमें समाज के आर्थिक रूप शोषित वर्ग के लिए काम करना होगा। अरुण कुमार जी विषय विशेषज्ञ गन्ना संस्थान लखनऊ ने ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने जैव विविधता एवं पारस्परिक तंत्र में संबंधन में जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि जैव विविधता का मतलब हमारे पर्यावरण में पारस्परिक तंत्र में जो जीव जंतु एवं सूक्ष्म जीवाणु है उनका संरक्षण एवं संतुलन स्थापित करना है। संतुलन का सरल अर्थ है सबसे अधिक संख्या में सूक्ष्म जीवाणु, उससे कम संख्या में पेड़ पौधे और सबसे कम संख्या में मनुष्य होना चाहिए। परन्तु आज ये संतुलन बिगड़ रहा है । अपर गन्ना आयुक्त डॉक्टर वी बी सिंह ने ऑनलाइन ने जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय लगातार छात्र हित में आयोजन करा रहा है। उन्होंने गन्ना विभाग के सहयोग का पूरा आश्वासन दिया। छात्र समृद्ध हो, ऐसी उनकी अभिलाषा है।उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों का प्रयोग कम करें । जैविक खेती करें क्योंकि जैविक खेती पर्यावरण हितैषी है। प्रोफेसर मनोज कुमार मिश्रा जी ने इथोपिया से ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने सनातन इकोनॉमिक्स फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट विषय पर विस्तार से चर्चा करी।उन्होंने वतर्मान वैश्विक विकास परिदृश्य (Present Global deveploment scenario) पर भी चर्चा करी।डॉक्टर सरिता द्विवेदी ने ग्रामीण और शहरी सभ्यता का संबंध में जानकारी देते आदि काल से वर्तमान समय तक की सभ्यता का विश्लेषण किया । उन्होंने कहा कि आज हम शहरी जीवन की ओर पलायन कर रहे हैं ग्रामीण संस्कृति विलुप्त हो रही हैं। उन्होंने संतुलित जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया। डॉक्टर नरेन्द्र कुमार ने हेल्थ रिस्क एंड वेस्ट मैनेजमेंट पर जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट पर ध्यान देना आवश्यक है। क्योंकि इस का सीधा प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। हर प्रकार का वेस्ट चाहे वो इंडस्ट्रियल वेस्ट हो, या बायोगैस तो या घरेलू वेस्ट हो ___हर प्रकार का वेस्ट हमारे जीवन को प्रभावित करता है। वेस्ट के लिए लापरवाही बीमारियों को उत्पन्न करती है। प्रोफेसर अनुपम पांडेय ने ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद से बहुत परिवर्तन आया है । करोना के बाद से कुछ चुनौतियां सामने है कुछ अब समाधान निकल रहे हैं। टेक्निकल सेशंस समाप्त होने के पश्चात् द्वितीय सत्र में समापन समारोह सम्पन्न हुआ। समापन समारोह के अध्यक्ष प्रोफेसर बी आर कुकरेती , मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर सुमित्रा कुकरेती , विशिष्ट अतिथि प्रोफ़ेसर वीर बहादुर महतो एवं प्रोफेसर विनोद श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित किया । अतिथियों को महाविद्यालय स्टॉफ द्वारा पटका उड़ाकर एवं स्मृति चिन्ह दे कर स्वागत किया गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय स्थापना के उद्देश्य की जानकारी उपलब्ध कराई।साथ ही उन्होंने गन्ना कृषको को इस पवित्र अनुष्ठान के लिए कटौती एवं भूमि दान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उन्होंने युवा पीढ़ी से कहा कि उनको महाविद्यालय विकास के लिए काम करना है ।समापन समारोह की मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर सुमित्रा कुकरेती ने कहा पर्यावरण की समस्या से पूरा विश्व प्रभावित है। एनवायरमेंट अर्थात क्लाइमेट चेंज,ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव से विश्व जूझ रहा है। प्रत्येक वर्ष मौसम का पैटर्न बदल रहा है।क्लाइमेट चेंज, वायु प्रदूषण से जल संकट लगातार गहरा रहा है। ग्लेशियर पिघल रहे हैं। प्लास्टिक कचरा जो कि बायोडिग्रेडेबल नहीं है वो वातावर्ण को दूषित कर रहा हैं। उन्होंने कहा कि धरती हम सब की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है ।लेकिन हमारी बढ़ती हुई इच्छा इसको दूषित कर रही है। उन्होंने परामर्श दिया कि प्रकृति से उतना ही लीजिए जितनी जरूरत है। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने , नदियों को दूषित होने से बचाने और सुरक्षित रखने पर बल दिया।समापन समारोह के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर बी आर कुकरेती ने कहा कि जल जीवनदाता है । यह हमारी धरोहर है।इस का संरक्षण हमारा दायित्व है। उन्होंने अवगत कराया कि ग्लेशियर पिघल रहे हैं जो हानिकारक है। ग्लेशियर पिघलने से समुन्द्र का पानी का लेवल बढ़ेगा जिस से समुन्द्र के पास वाले देश और इलाके डूब जाएंगे। पानी की अधिकता भी नुकसानदेह है दूसरी ओर पानी की कमी भी हानिकारक है। उन्होंने कहा कि सरकार तो कम कर रही है ।हमें इकाई के रूप में इस पर काम करना होगा । हमें अपने समाज में, अपने परिवार में पर्यावरण के लिए पॉजिटिव थिंकिंग लेकर आनी होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हमें व्यक्तिगत स्तर पर करनी होगी।हमें संवेदनशीलता लानी होगी ।लोगों को समझना होगा।तब ही पर्यावरण सुरक्षित होगा। राष्ट्रगान के साथ गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन सम्पन्न हुआ।
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    गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पूरनपुर में आयोजित प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन टेक्नोलॉजिकल सत्र में  बोलते हुए प्रोफेसर विपिन नीरज ने कहा कि आज शहरीकरण के प्रचलन से  वृक्ष कट रहे हैं। आवासीय व्यवस्था के लिए कॉलोनी का प्रचलन बढ़ रहा है। इसीलिए जंगलों का दोहन हो रहा है। पेड़ों से ऊर्जा मिलती है।हमें आज पर्यावरण की प्रति जागरूक  रहने की जरूरत है।प्रकृति की पूजा हम कर रहे हैं लेकिन फिर भी हम प्रकृति का दोहन कर रहे हैं।उन्होंने परामर्श दिया कि जब हम प्रकृति के साथ कंसर्न करेंगे उसके नजदीक जाएंगे तभी हम सस्टेनेबल विकास कर सकते हैं । टेक्निकल सेशन के चेयरपर्सन प्रोफ़ेसर वीर बहादुर महतो ने कहा कि यदि हमें संयमित जीवन जीना है तो हमें प्रकृति के साथ भी संयमित होना पड़ेगा। हमें आने वाली  पीढियों के लिए प्रकृति से संतुलन बनाना होगा। 
अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रोफेसर ए डी एन बाजपेई ने ऑनलाइन जुड़ कर सब को अपना आशीष  प्रदान किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के  प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा महाविद्यालय के अस्तित्व को  स्थापित कर रहे हैं। पर्यावरण की समस्या पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज जलवायु, कृषि  या सस्टेनेबल डेवलपमेंट इन सब चीजों को एक साथ लेकर चलने  की आवश्यकता है। भारत की  अपनी जीवन शैली है। भारतीय ज्ञान परम्परा को अपनाना होगा जिस का सारांश परोपकार है।
टेक्निकल सेशन  में बोलते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि  वह महाविद्यालय को केवल डिग्री प्राप्त करने का  केन्द्र ना बनाकर टेक्निकल शिक्षा, विभिन्न सेमिनारों के  माध्यम से छात्रों  के ज्ञान की वृद्धि, रोजगार मेलो का आयोजन, उन के कौशल  विकास की वृद्धि ,उनको  रोजगार देने वाला बनाने के योग्य बनना चाहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य विषय *भारतीय अर्थव्यवस्था में पर्यावरण वैश्विक जलवायु परिवर्तन और कृषिगत सतत् विकास* शीर्षक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा के लिए हमें पॉजिटिव काम करना होगा। रासायनिक खादों एवं केमिकल युक्त खादो से हम भारत माता को दूषित कर रहे हैं ।हमें मात्र उत्पादन की चिंता है हमें स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। खाद्य सुरक्षा,गरीबी उन्मूलन आदि योजनाओं पर काम करना होगा। उन्होंने परामर्श दिया कि हमें समाज के आर्थिक  रूप शोषित वर्ग के लिए काम करना होगा।
अरुण कुमार जी  विषय विशेषज्ञ गन्ना  संस्थान लखनऊ ने ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने जैव विविधता एवं पारस्परिक तंत्र में संबंधन में  जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि जैव विविधता का मतलब हमारे पर्यावरण में पारस्परिक तंत्र में जो जीव जंतु  एवं सूक्ष्म जीवाणु है  उनका संरक्षण एवं संतुलन स्थापित करना है। संतुलन का सरल अर्थ है सबसे अधिक संख्या में सूक्ष्म जीवाणु, उससे कम संख्या में पेड़ पौधे और सबसे कम संख्या में मनुष्य होना चाहिए। परन्तु आज ये संतुलन बिगड़ रहा है ।
अपर गन्ना आयुक्त डॉक्टर वी बी सिंह ने ऑनलाइन ने जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय लगातार छात्र हित में आयोजन करा रहा है। उन्होंने गन्ना विभाग के सहयोग का पूरा आश्वासन दिया। छात्र समृद्ध हो, ऐसी उनकी अभिलाषा है।उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों का प्रयोग कम करें ।  जैविक खेती करें क्योंकि जैविक खेती पर्यावरण हितैषी है। 
प्रोफेसर मनोज कुमार मिश्रा जी ने इथोपिया से ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने सनातन इकोनॉमिक्स फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट विषय पर विस्तार से चर्चा करी।उन्होंने  वतर्मान वैश्विक विकास परिदृश्य (Present   Global deveploment scenario)  पर भी  चर्चा करी।डॉक्टर सरिता द्विवेदी ने ग्रामीण और शहरी सभ्यता का संबंध में जानकारी देते  आदि काल से वर्तमान समय तक की सभ्यता का विश्लेषण किया । उन्होंने कहा कि आज हम शहरी जीवन की ओर  पलायन कर रहे हैं ग्रामीण संस्कृति विलुप्त हो रही हैं। उन्होंने संतुलित जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया। डॉक्टर नरेन्द्र कुमार ने   हेल्थ  रिस्क एंड वेस्ट मैनेजमेंट पर जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट पर ध्यान देना आवश्यक है। क्योंकि इस का सीधा  प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। हर प्रकार का वेस्ट चाहे  वो इंडस्ट्रियल वेस्ट हो, या बायोगैस तो या घरेलू वेस्ट  हो ___हर प्रकार का वेस्ट हमारे जीवन को प्रभावित करता है। वेस्ट के लिए लापरवाही बीमारियों को उत्पन्न करती है। प्रोफेसर अनुपम पांडेय ने ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद से बहुत परिवर्तन आया है । करोना के बाद से कुछ चुनौतियां सामने है कुछ अब  समाधान निकल रहे हैं।
टेक्निकल सेशंस  समाप्त होने के पश्चात् द्वितीय सत्र में समापन समारोह सम्पन्न हुआ। समापन समारोह के अध्यक्ष  प्रोफेसर बी आर कुकरेती , मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर सुमित्रा कुकरेती , विशिष्ट अतिथि प्रोफ़ेसर वीर बहादुर महतो एवं प्रोफेसर विनोद श्रीवास्तव ने  मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित किया । अतिथियों को महाविद्यालय स्टॉफ द्वारा पटका उड़ाकर एवं स्मृति चिन्ह दे कर स्वागत किया गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय स्थापना के उद्देश्य की जानकारी उपलब्ध कराई।साथ ही उन्होंने गन्ना कृषको को इस पवित्र अनुष्ठान के लिए कटौती एवं भूमि दान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उन्होंने युवा पीढ़ी से कहा कि उनको महाविद्यालय विकास के लिए काम करना है ।समापन समारोह की मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर सुमित्रा कुकरेती ने कहा पर्यावरण की समस्या से पूरा विश्व प्रभावित है। एनवायरमेंट अर्थात क्लाइमेट चेंज,ग्लोबल वार्मिंग के  प्रभाव से विश्व  जूझ रहा है। प्रत्येक वर्ष मौसम का पैटर्न बदल रहा है।क्लाइमेट चेंज, वायु प्रदूषण से जल संकट लगातार गहरा रहा है। ग्लेशियर पिघल रहे हैं। प्लास्टिक कचरा  जो कि बायोडिग्रेडेबल नहीं है वो वातावर्ण को दूषित कर रहा हैं।  उन्होंने कहा कि धरती हम सब की आवश्यकताओं को  पूरा करने में सक्षम है ।लेकिन  हमारी  बढ़ती हुई इच्छा इसको दूषित कर रही है।  उन्होंने परामर्श दिया कि प्रकृति से उतना ही लीजिए जितनी जरूरत है। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने , नदियों को दूषित होने से बचाने और सुरक्षित रखने पर बल दिया।समापन समारोह के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर बी आर कुकरेती ने कहा कि जल जीवनदाता है । यह हमारी धरोहर है।इस का संरक्षण हमारा दायित्व है।  उन्होंने अवगत कराया कि ग्लेशियर पिघल रहे हैं जो हानिकारक है। ग्लेशियर पिघलने से समुन्द्र का पानी का लेवल बढ़ेगा जिस से समुन्द्र के पास वाले देश और इलाके डूब जाएंगे। पानी  की अधिकता भी नुकसानदेह है दूसरी ओर पानी की कमी भी हानिकारक है।  उन्होंने कहा कि सरकार तो कम कर रही है ।हमें इकाई के रूप में इस पर काम करना होगा । हमें अपने समाज में, अपने परिवार में पर्यावरण के लिए पॉजिटिव थिंकिंग लेकर आनी होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हमें व्यक्तिगत स्तर पर करनी होगी।हमें संवेदनशीलता लानी होगी ।लोगों को समझना होगा।तब ही पर्यावरण सुरक्षित  होगा।
राष्ट्रगान के साथ गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय की  प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का  समापन सम्पन्न हुआ।
    user_Firasat khan
    Firasat khan
    Pilibhit, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • Post by Journalist Amit Dixit
    1
    Post by Journalist Amit Dixit
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • Post by Pankaj gupta
    1
    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • पीलीभीत बहेड़ी संसदीय क्षेत्र की जनता के लिए पांचो विधानसभा क्षेत्र बहेड़ी पीलीभीत पूरनपुर बरखेड़ा बीसलपुर में दर्जनों सड़कों की स्वीकृत कराकर धन भी जारी कराने का बड़ा कार्य पीलीभीत के जनप्रिय सांसद एवं भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री आदरणीय श्री जितिन प्रसाद जी के द्वारा कराया गया है विकास की बड़ी सौगात देने के लिए हम सब आदरणीय श्री जितिन प्रसाद जी का आभार व्यक्त करते हैं
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    पीलीभीत बहेड़ी संसदीय क्षेत्र की जनता के लिए पांचो विधानसभा क्षेत्र बहेड़ी पीलीभीत पूरनपुर बरखेड़ा बीसलपुर में दर्जनों सड़कों की स्वीकृत कराकर धन भी जारी कराने का बड़ा कार्य पीलीभीत के जनप्रिय सांसद एवं भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री आदरणीय श्री जितिन प्रसाद जी के द्वारा कराया गया है विकास की बड़ी सौगात देने के लिए हम सब आदरणीय श्री जितिन प्रसाद जी का आभार व्यक्त करते हैं
    user_Shivkumar Gangwar
    Shivkumar Gangwar
    Voice of people बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    12 min ago
  • ग्राम पचपेडापुखा के प्राथमिक विधालय में बार्षिकोत्सव एव विदाई समारोह का आयोजन किया गया वही कक्षा 5 पास छात्र छात्राओं को विधालय से विदाई दी गई वही स्कूली छात्र छात्राओ ने सबसे पहले दीप प्रज्वलित कर माता सरस्वती की वंदना की वही प्राथमिक विधालय जनपद पीलीभीत के ग्राम पचपेडापुखा में कक्षा 5पास उत्तीर्ण छात्र छात्राओं का विदाई समारोह का आयोजन किया गया इस शुभ अबसर पर ग्राम प्रधान पूरन लाल. एस एम सी अध्यक्ष मुकेश कुमार और विधालय के प्रधानाध्यापक रतनलाल. सहायक. अध्यापक जय प्रकाश वर्मा. अध्यापक दिनेश कुमार. राधेश्याम और सेवा राम आंगनबाड़ी कार्यकत्री गीता देवी . आंगनवाड़ी सीमा देवी . और हेमवती एव अभिभावको मे सरस्वती देवी और सभी ग्राम वासी आदि मौजूद रहे वही कक्षा 5पास उत्तीर्ण छात्र छात्राओं. जिसमे अर्चना. हिमाशी. प्रिया. सतेंद्रकुमार. योगेंद्र पाल. पवन. अंकित आदि छात्र छात्रऐ उपस्थित रहे वही छोटे छोटे स्कूली बच्चों ने सस्कृति प्रोग्राम में भी भाग लिया वही ग्राम प्रधान पूरनलाल और प्रधानाध्यापक रतनलाल ने छात्र छात्राओं को पुरस्कार दे कर समानित किया और पाँच पास छात्र छात्राओं को विधालय से विदाई दी और उज्जवल भविष्य की कामना की पढ़ी-लिखी बिटिया घर की रोशनी
    1
    ग्राम पचपेडापुखा के प्राथमिक विधालय में बार्षिकोत्सव एव विदाई समारोह का आयोजन किया गया
वही कक्षा 5 पास छात्र छात्राओं को विधालय से विदाई दी गई वही  स्कूली  छात्र छात्राओ ने  सबसे पहले  दीप प्रज्वलित कर  माता सरस्वती की वंदना की   वही  प्राथमिक विधालय जनपद पीलीभीत के ग्राम पचपेडापुखा  में  कक्षा 5पास उत्तीर्ण  छात्र छात्राओं  का विदाई समारोह का आयोजन किया गया  इस शुभ अबसर पर  ग्राम प्रधान पूरन लाल.  एस एम सी  अध्यक्ष मुकेश कुमार  और   विधालय के प्रधानाध्यापक रतनलाल.  सहायक. अध्यापक जय प्रकाश  वर्मा.   अध्यापक   दिनेश कुमार.   राधेश्याम  और   सेवा राम   आंगनबाड़ी कार्यकत्री  गीता देवी . आंगनवाड़ी  सीमा देवी .  और हेमवती  एव अभिभावको मे सरस्वती देवी और सभी ग्राम  वासी  आदि मौजूद रहे   वही  कक्षा 5पास उत्तीर्ण  छात्र  छात्राओं. जिसमे  अर्चना. हिमाशी. प्रिया. सतेंद्रकुमार.  योगेंद्र पाल. पवन. अंकित आदि छात्र छात्रऐ उपस्थित रहे वही  छोटे छोटे  स्कूली बच्चों ने  सस्कृति प्रोग्राम में भी भाग लिया वही  ग्राम प्रधान पूरनलाल और   प्रधानाध्यापक  रतनलाल ने छात्र छात्राओं को पुरस्कार दे कर समानित किया और  पाँच पास छात्र छात्राओं को  विधालय से विदाई दी और उज्जवल भविष्य की कामना की  पढ़ी-लिखी बिटिया घर की रोशनी
    user_न्यूज21न्यूज चैनल पीलीभीत
    न्यूज21न्यूज चैनल पीलीभीत
    प्रेमशंकर.पत्रकार पीलीभीत बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    13 min ago
  • Post by यूपी समाचार
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    Post by यूपी समाचार
    user_यूपी समाचार
    यूपी समाचार
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
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