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100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त 100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त मुरैना। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। शासन स्तर से कई बार शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। विधानसभा में भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह बदलते नजर नहीं आ रहे हैं। मुरैना जिले के मुड़ियाखेड़ा ग्राम स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का मामला सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक अटैचमेंट की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे अध्ययनरत बताए जा रहे हैं, जबकि स्कूल में कुल तीन शिक्षक हैं। इनमें से एक शिक्षिका प्रियंका शर्मा को जिला पंचायत में अटैच किया गया है। वहीं विद्यालय की एक शिक्षिका प्राचार्य के दायित्व के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी लगी रहती हैं। कभी किताबें लेने जाना पड़ता है, तो कभी BLO की ड्यूटी स्कूल में पदस्थ प्राचार्य के सामने भी केवल बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं है। शासन की ओर से बच्चों के लिए किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराए जाने पर उन्हें लेने के लिए भी स्कूल से बाहर जाना पड़ता है। इसके अलावा उनकी BLO ड्यूटी भी लगी हुई है। ऐसे में जब प्राचार्य प्रशासनिक या अन्य सरकारी कार्यों से स्कूल से बाहर होती हैं और एक शिक्षक पहले ही अटैचमेंट के कारण विद्यालय में उपलब्ध नहीं है, तब 100 से अधिक बच्चों की जिम्मेदारी एक शिक्षक के भरोसे रह जाती है। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को एक शिक्षक कैसे पढ़ाए? प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में एक शिक्षक के सामने अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की चुनौती रहती है। शिक्षक के अनुसार उन्हें जरूरत के हिसाब से कभी एक कक्षा में तो कभी दूसरी कक्षा में जाना पड़ता है। सवाल यह है कि एक शिक्षक एक ही समय में पांच अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को किस तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकता है? इस व्यवस्था का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्र के इन बच्चों के लिए सरकारी स्कूल ही शिक्षा का प्रमुख माध्यम है, ऐसे में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होना उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए गंभीर विषय है। पत्र लिखे, आश्वासन मिला, लेकिन समस्या जस की तस विद्यालय की प्राचार्य के अनुसार उन्होंने शिक्षक की कमी को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर अटैच शिक्षक को वापस मूल विद्यालय में भेजने की मांग की है। बताया गया कि अधिकारियों की ओर से स्कूल के लिए एक अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था करने की बात कही गई थी। लेकिन सवाल यह है कि न तो अटैच शिक्षक को अब तक मूल विद्यालय में वापस भेजा गया और न ही अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था होती दिखाई दे रही है। सरकारी स्कूलों के भविष्य पर भी सवाल एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्कूलों को बेहतर बनाने और नए मॉडल स्कूल विकसित करने की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर पुराने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता ही चुनौती बनी हुई है। बीते समय में कई सरकारी स्कूलों को एकीकृत विद्यालयों में मर्ज किया गया है। वहीं सीएम राइज स्कूल और बाद में सांदीपनि विद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि जब मौजूदा सरकारी स्कूलों में ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो नई व्यवस्थाओं का लाभ बच्चों तक कैसे पहुंचेगा? आखिर जिम्मेदार कौन? मुड़ियाखेड़ा के इस विद्यालय की स्थिति केवल एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जिसमें शिक्षक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय दूसरे विभागों में अटैच होकर काम कर रहे हैं। यदि शासन ने अटैचमेंट समाप्त कर शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजने के निर्देश दिए हैं, तो फिर ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? 100 से अधिक बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना किसकी जिम्मेदारी है? अटैच शिक्षक को मूल स्कूल में वापस क्यों नहीं भेजा गया? अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था के आश्वासन के बाद भी व्यवस्था क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब अब शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को देना होंगे, क्योंकि मामला सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।

11 hrs ago
user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
मीडिया Morena, Madhya Pradesh•
11 hrs ago

100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त 100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त मुरैना। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। शासन स्तर से कई बार शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। विधानसभा में भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह बदलते नजर नहीं आ रहे हैं। मुरैना जिले के मुड़ियाखेड़ा ग्राम स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का मामला सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक अटैचमेंट की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे अध्ययनरत बताए जा रहे हैं, जबकि स्कूल में कुल तीन शिक्षक हैं। इनमें से एक शिक्षिका प्रियंका शर्मा को जिला पंचायत में अटैच किया गया है। वहीं विद्यालय की एक शिक्षिका प्राचार्य के दायित्व के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी लगी रहती हैं। कभी किताबें लेने जाना पड़ता है, तो कभी BLO की ड्यूटी स्कूल में पदस्थ प्राचार्य के सामने भी केवल बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं है। शासन की ओर से बच्चों के लिए किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराए जाने पर उन्हें लेने के लिए भी स्कूल से बाहर जाना पड़ता है। इसके अलावा उनकी BLO ड्यूटी भी लगी हुई है। ऐसे में जब प्राचार्य प्रशासनिक या अन्य सरकारी कार्यों से स्कूल से बाहर होती हैं और एक शिक्षक पहले ही अटैचमेंट के कारण विद्यालय में उपलब्ध नहीं है, तब 100 से अधिक बच्चों की जिम्मेदारी एक शिक्षक के भरोसे रह जाती है। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को एक शिक्षक कैसे पढ़ाए? प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में एक शिक्षक के सामने अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की चुनौती रहती है। शिक्षक के अनुसार उन्हें जरूरत के हिसाब से कभी एक कक्षा में तो कभी दूसरी कक्षा में जाना पड़ता है। सवाल यह है कि एक शिक्षक एक ही समय में पांच अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को किस तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकता है? इस व्यवस्था का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्र के इन बच्चों के लिए सरकारी स्कूल ही शिक्षा का प्रमुख माध्यम है, ऐसे में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होना उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए गंभीर विषय है। पत्र लिखे, आश्वासन मिला, लेकिन समस्या जस की तस विद्यालय की प्राचार्य के अनुसार उन्होंने शिक्षक की कमी को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर अटैच शिक्षक को वापस मूल विद्यालय में भेजने की मांग की है। बताया गया कि अधिकारियों की ओर से स्कूल के लिए एक अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था करने की बात कही गई थी। लेकिन सवाल यह है कि न तो अटैच शिक्षक को अब तक मूल विद्यालय में वापस भेजा गया और न ही अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था होती दिखाई दे रही है। सरकारी स्कूलों के भविष्य पर भी सवाल एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्कूलों को बेहतर बनाने और नए मॉडल स्कूल विकसित करने की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर पुराने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता ही चुनौती बनी हुई है। बीते समय में कई सरकारी स्कूलों को एकीकृत विद्यालयों में मर्ज किया गया है। वहीं सीएम राइज स्कूल और बाद में सांदीपनि विद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि जब मौजूदा सरकारी स्कूलों में ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो नई व्यवस्थाओं का लाभ बच्चों तक कैसे पहुंचेगा? आखिर जिम्मेदार कौन? मुड़ियाखेड़ा के इस विद्यालय की स्थिति केवल एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जिसमें शिक्षक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय दूसरे विभागों में अटैच होकर काम कर रहे हैं। यदि शासन ने अटैचमेंट समाप्त कर शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजने के निर्देश दिए हैं, तो फिर ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? 100 से अधिक बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना किसकी जिम्मेदारी है? अटैच शिक्षक को मूल स्कूल में वापस क्यों नहीं भेजा गया? अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था के आश्वासन के बाद भी व्यवस्था क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब अब शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को देना होंगे, क्योंकि मामला सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।

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  • 100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त 100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त मुरैना। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। शासन स्तर से कई बार शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। विधानसभा में भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह बदलते नजर नहीं आ रहे हैं। मुरैना जिले के मुड़ियाखेड़ा ग्राम स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का मामला सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक अटैचमेंट की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे अध्ययनरत बताए जा रहे हैं, जबकि स्कूल में कुल तीन शिक्षक हैं। इनमें से एक शिक्षिका प्रियंका शर्मा को जिला पंचायत में अटैच किया गया है। वहीं विद्यालय की एक शिक्षिका प्राचार्य के दायित्व के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी लगी रहती हैं। कभी किताबें लेने जाना पड़ता है, तो कभी BLO की ड्यूटी स्कूल में पदस्थ प्राचार्य के सामने भी केवल बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं है। शासन की ओर से बच्चों के लिए किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराए जाने पर उन्हें लेने के लिए भी स्कूल से बाहर जाना पड़ता है। इसके अलावा उनकी BLO ड्यूटी भी लगी हुई है। ऐसे में जब प्राचार्य प्रशासनिक या अन्य सरकारी कार्यों से स्कूल से बाहर होती हैं और एक शिक्षक पहले ही अटैचमेंट के कारण विद्यालय में उपलब्ध नहीं है, तब 100 से अधिक बच्चों की जिम्मेदारी एक शिक्षक के भरोसे रह जाती है। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को एक शिक्षक कैसे पढ़ाए? प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में एक शिक्षक के सामने अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की चुनौती रहती है। शिक्षक के अनुसार उन्हें जरूरत के हिसाब से कभी एक कक्षा में तो कभी दूसरी कक्षा में जाना पड़ता है। सवाल यह है कि एक शिक्षक एक ही समय में पांच अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को किस तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकता है? इस व्यवस्था का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्र के इन बच्चों के लिए सरकारी स्कूल ही शिक्षा का प्रमुख माध्यम है, ऐसे में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होना उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए गंभीर विषय है। पत्र लिखे, आश्वासन मिला, लेकिन समस्या जस की तस विद्यालय की प्राचार्य के अनुसार उन्होंने शिक्षक की कमी को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर अटैच शिक्षक को वापस मूल विद्यालय में भेजने की मांग की है। बताया गया कि अधिकारियों की ओर से स्कूल के लिए एक अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था करने की बात कही गई थी। लेकिन सवाल यह है कि न तो अटैच शिक्षक को अब तक मूल विद्यालय में वापस भेजा गया और न ही अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था होती दिखाई दे रही है। सरकारी स्कूलों के भविष्य पर भी सवाल एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्कूलों को बेहतर बनाने और नए मॉडल स्कूल विकसित करने की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर पुराने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता ही चुनौती बनी हुई है। बीते समय में कई सरकारी स्कूलों को एकीकृत विद्यालयों में मर्ज किया गया है। वहीं सीएम राइज स्कूल और बाद में सांदीपनि विद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि जब मौजूदा सरकारी स्कूलों में ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो नई व्यवस्थाओं का लाभ बच्चों तक कैसे पहुंचेगा? आखिर जिम्मेदार कौन? मुड़ियाखेड़ा के इस विद्यालय की स्थिति केवल एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जिसमें शिक्षक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय दूसरे विभागों में अटैच होकर काम कर रहे हैं। यदि शासन ने अटैचमेंट समाप्त कर शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजने के निर्देश दिए हैं, तो फिर ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? 100 से अधिक बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना किसकी जिम्मेदारी है? अटैच शिक्षक को मूल स्कूल में वापस क्यों नहीं भेजा गया? अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था के आश्वासन के बाद भी व्यवस्था क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब अब शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को देना होंगे, क्योंकि मामला सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।
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    100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था

मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त
100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था
मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त
मुरैना। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। शासन स्तर से कई बार शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। विधानसभा में भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह बदलते नजर नहीं आ रहे हैं।
मुरैना जिले के मुड़ियाखेड़ा ग्राम स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का मामला सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक अटैचमेंट की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे अध्ययनरत बताए जा रहे हैं, जबकि स्कूल में कुल तीन शिक्षक हैं। इनमें से एक शिक्षिका प्रियंका शर्मा को जिला पंचायत में अटैच किया गया है। वहीं विद्यालय की एक शिक्षिका प्राचार्य के दायित्व के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी लगी रहती हैं।
कभी किताबें लेने जाना पड़ता है, तो कभी BLO की ड्यूटी
स्कूल में पदस्थ प्राचार्य के सामने भी केवल बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं है। शासन की ओर से बच्चों के लिए किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराए जाने पर उन्हें लेने के लिए भी स्कूल से बाहर जाना पड़ता है। इसके अलावा उनकी BLO ड्यूटी भी लगी हुई है।
ऐसे में जब प्राचार्य प्रशासनिक या अन्य सरकारी कार्यों से स्कूल से बाहर होती हैं और एक शिक्षक पहले ही अटैचमेंट के कारण विद्यालय में उपलब्ध नहीं है, तब 100 से अधिक बच्चों की जिम्मेदारी एक शिक्षक के भरोसे रह जाती है।
कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को एक शिक्षक कैसे पढ़ाए?
प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में एक शिक्षक के सामने अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की चुनौती रहती है। शिक्षक के अनुसार उन्हें जरूरत के हिसाब से कभी एक कक्षा में तो कभी दूसरी कक्षा में जाना पड़ता है।
सवाल यह है कि एक शिक्षक एक ही समय में पांच अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को किस तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकता है?
इस व्यवस्था का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्र के इन बच्चों के लिए सरकारी स्कूल ही शिक्षा का प्रमुख माध्यम है, ऐसे में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होना उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए गंभीर विषय है।
पत्र लिखे, आश्वासन मिला, लेकिन समस्या जस की तस
विद्यालय की प्राचार्य के अनुसार उन्होंने शिक्षक की कमी को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर अटैच शिक्षक को वापस मूल विद्यालय में भेजने की मांग की है।
बताया गया कि अधिकारियों की ओर से स्कूल के लिए एक अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था करने की बात कही गई थी। लेकिन सवाल यह है कि न तो अटैच शिक्षक को अब तक मूल विद्यालय में वापस भेजा गया और न ही अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था होती दिखाई दे रही है।
सरकारी स्कूलों के भविष्य पर भी सवाल
एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्कूलों को बेहतर बनाने और नए मॉडल स्कूल विकसित करने की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर पुराने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता ही चुनौती बनी हुई है।
बीते समय में कई सरकारी स्कूलों को एकीकृत विद्यालयों में मर्ज किया गया है। वहीं सीएम राइज स्कूल और बाद में सांदीपनि विद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि जब मौजूदा सरकारी स्कूलों में ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो नई व्यवस्थाओं का लाभ बच्चों तक कैसे पहुंचेगा?
आखिर जिम्मेदार कौन?
मुड़ियाखेड़ा के इस विद्यालय की स्थिति केवल एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जिसमें शिक्षक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय दूसरे विभागों में अटैच होकर काम कर रहे हैं।
यदि शासन ने अटैचमेंट समाप्त कर शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजने के निर्देश दिए हैं, तो फिर ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
100 से अधिक बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना किसकी जिम्मेदारी है?
अटैच शिक्षक को मूल स्कूल में वापस क्यों नहीं भेजा गया?
अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था के आश्वासन के बाद भी व्यवस्था क्यों नहीं हुई?
इन सवालों के जवाब अब शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को देना होंगे, क्योंकि मामला सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    मीडिया Morena, Madhya Pradesh•
    11 hrs ago
  • महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, पुलिसकर्मियों ने निकाली जागरूकता रैली, पुलिसकर्मियों ने निकाली जागरूकता रैली, धौलपुर। राज्य सरकार एवं राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा महिला सुरक्षा के लिए राजस्थान पुलिस द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में “महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम” आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन में आज सोमवार न्यू एरा पब्लिक स्कूल रीको एरिया, धौलपुर में महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा एव मिताली गर्ग, आरपीएस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सतर्कता, राजस्थान जयपुर द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अंकुर कौशिक, निजी सहायक द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत मुन्नी देवी, महिला कांस्टेबल ने टीम के साथ बालिकाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन कर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।महिला पुलिसकर्मियों ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करते हुए आत्मरक्षा तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है। महिला सुरक्षा के संबंध में पुलिस की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी देने का दायित्व सीता शर्मा, हेड कांस्टेबिल थाना कोतवाली ने कालिका यूनिट के साथ दी। इनके द्वारा छात्राओं एवं उपस्थितजनों को महिला सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, महिला बीट व्यवस्था, सहायता तंत्र एवं महिलाओं के अधिकारों के संबंध में जागरूक किया गया।साथ ही राजकॉप ऐप एवं महिला हेल्पलाइन 1090, साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 सहित साइबर सेफ्टी, साइबर अपराधों से बचाव एवं साइबर फ्रॉड की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से सावधान रहने, OTP एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी दी ।‌ *महिला पुलिसकर्मियों ने निकाली जागरूकता रैली* कार्यक्रम के उपरांत कार्यालय पुलिस अधीक्षक धौलपुर से महिला पुलिसकर्मियों द्वारा महिला सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली गई। रैली गुलाब बाग, लाल बाजार, सराय रोड, जगन तिराहा, हरदेव नगर एवं घंटाघर होते हुए वापस कार्यालय पुलिस अधीक्षक पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के दौरान महिला सुरक्षा, बालिका सुरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव के प्रति आमजन को जागरूक किया गया तथा महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षित वातावरण के निर्माण का संदेश दिया गया। इस दौरान राम राज सिंह सहायक उप निरीक्षक, शिव सिंह सहायक उप निरीक्षक, टिंकू आर्या सूचना सहायक, जसराम हवलदार मेजर पुलिस लाइन सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहें।
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    महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित,
पुलिसकर्मियों ने निकाली जागरूकता रैली,
पुलिसकर्मियों ने निकाली जागरूकता रैली,
धौलपुर। राज्य सरकार एवं राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा महिला सुरक्षा के लिए राजस्थान पुलिस द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में “महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम” आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन में आज सोमवार न्यू एरा पब्लिक स्कूल रीको एरिया, धौलपुर में महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा एव  मिताली गर्ग, आरपीएस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सतर्कता, राजस्थान जयपुर द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अंकुर कौशिक, निजी सहायक द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत  मुन्नी देवी, महिला कांस्टेबल ने टीम के साथ बालिकाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन कर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।महिला पुलिसकर्मियों ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करते हुए आत्मरक्षा तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है। महिला सुरक्षा के संबंध में पुलिस की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी देने का दायित्व सीता शर्मा, हेड कांस्टेबिल थाना कोतवाली ने कालिका यूनिट के साथ दी। इनके द्वारा छात्राओं एवं उपस्थितजनों को महिला सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, महिला बीट व्यवस्था, सहायता तंत्र एवं महिलाओं के अधिकारों के संबंध में जागरूक किया गया।साथ ही राजकॉप ऐप एवं महिला हेल्पलाइन 1090, साइबर अपराध  हेल्पलाइन 1930 सहित साइबर सेफ्टी, साइबर अपराधों से बचाव एवं साइबर फ्रॉड की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से सावधान रहने, OTP एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी दी ।‌
*महिला पुलिसकर्मियों ने निकाली जागरूकता रैली*
कार्यक्रम के उपरांत कार्यालय पुलिस अधीक्षक धौलपुर से महिला पुलिसकर्मियों द्वारा महिला सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली गई। रैली गुलाब बाग, लाल बाजार, सराय रोड, जगन तिराहा, हरदेव नगर एवं घंटाघर होते हुए वापस कार्यालय पुलिस अधीक्षक पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के दौरान महिला सुरक्षा, बालिका सुरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव के प्रति आमजन को जागरूक किया गया तथा महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षित वातावरण के निर्माण का संदेश दिया गया। इस दौरान राम राज सिंह सहायक उप निरीक्षक, शिव सिंह सहायक उप निरीक्षक, टिंकू आर्या सूचना सहायक, जसराम हवलदार मेजर पुलिस लाइन सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहें।
    user_ANURAG BAGHEL
    ANURAG BAGHEL
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    34 min ago
  • हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत बाड़ी में निकली भव्य तिरंगा रैली बाड़ी। हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत सोमवार को बाड़ी शहर में भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर श्री नीधि बीटी के निर्देशानुसार उपखंड अधिकारी अमित कुमार वर्मा के नेतृत्व में हायर सेकंडरी स्कूल किला बाड़ी से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।रैली में सैकड़ों स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर पूरे उत्साह एवं जोश के साथ भाग लिया। बच्चों ने देशभक्ति के नारों से शहर को गुंजायमान कर दिया। रैली के दौरान नायब तहसीलदार उत्तम चंद्र बंसल ने भी पूरे उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए देशभक्ति की भावना प्रकट की। उन्होंने तिरंगा हाथ में लेकर रैली में शामिल बच्चों एवं आमजन का उत्साहवर्धन किया तथा राष्ट्रप्रेम, एकता और देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा रैली हायर सेकंडरी स्कूल किला बाड़ी से प्रारंभ होकर किला गेट, कोट पाड़ा, महाराज बाग, भारद्वाज मार्केट एवं पुराना बाजार होते हुए पुनः हायर सेकंडरी स्कूल पहुंची, जहां रैली का समापन हुआ। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी अमित कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार उत्तम चंद्र बंसल, अधिशाषी अधिकारी दीपक गोयल, बाड़ी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रामप्रसाद राघव, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिलीप चाहर, हायर सेकंडरी स्कूल के प्रिंसीपल हरिओम सिकरवार, नगर पालिका बाड़ी के वरिष्ठ प्रारूपकार सुधीर कुमार त्यागी, तपेश बिधूड़ी, यादवेन्द्र सिंह तोमर, सफाई प्रभारी अंकित कुमार, सीडीपीओ कार्यालय से पूजा मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं सैकड़ों स्कूली बच्चे मौजूद रहे। रैली के दौरान हाथों में लहराते तिरंगे और गूंजते देशभक्ति नारों ने पूरे शहर में राष्ट्रप्रेम का माहौल बना दिया। रैली के माध्यम से आमजन को हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने तथा अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का संदेश दिया गया।
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    हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत बाड़ी में निकली भव्य तिरंगा रैली
बाड़ी। हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत सोमवार को बाड़ी शहर में भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर श्री नीधि बीटी के निर्देशानुसार उपखंड अधिकारी अमित कुमार वर्मा के नेतृत्व में हायर सेकंडरी स्कूल किला बाड़ी से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।रैली में सैकड़ों स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर पूरे उत्साह एवं जोश के साथ भाग लिया। बच्चों ने देशभक्ति के नारों से शहर को गुंजायमान कर दिया। रैली के दौरान नायब तहसीलदार उत्तम चंद्र बंसल ने भी पूरे उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए देशभक्ति की भावना प्रकट की। उन्होंने तिरंगा हाथ में लेकर रैली में शामिल बच्चों एवं आमजन का उत्साहवर्धन किया तथा राष्ट्रप्रेम, एकता और देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा रैली हायर सेकंडरी स्कूल किला बाड़ी से प्रारंभ होकर किला गेट, कोट पाड़ा, महाराज बाग, भारद्वाज मार्केट एवं पुराना बाजार होते हुए पुनः हायर सेकंडरी स्कूल पहुंची, जहां रैली का समापन हुआ।
इस अवसर पर उपखंड अधिकारी अमित कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार उत्तम चंद्र बंसल, अधिशाषी अधिकारी दीपक गोयल, बाड़ी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रामप्रसाद राघव, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिलीप चाहर, हायर सेकंडरी स्कूल के प्रिंसीपल हरिओम सिकरवार, नगर पालिका बाड़ी के वरिष्ठ प्रारूपकार सुधीर कुमार त्यागी, तपेश बिधूड़ी, यादवेन्द्र सिंह तोमर, सफाई प्रभारी अंकित कुमार, सीडीपीओ कार्यालय से पूजा मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं सैकड़ों स्कूली बच्चे मौजूद रहे। रैली के दौरान हाथों में लहराते तिरंगे और गूंजते देशभक्ति नारों ने पूरे शहर में राष्ट्रप्रेम का माहौल बना दिया। रैली के माध्यम से आमजन को हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने तथा अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का संदेश दिया गया।
    user_पत्रकार उपेंद्र दीक्षित
    पत्रकार उपेंद्र दीक्षित
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • पेयजल और सफाई व्यवस्था को लेकर एनएसयूआई ने प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन मनियां। राजकीय महाविद्यालय मनियां में पेयजल एवं सफाई व्यवस्था की समस्याओं को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष गौरव पोसवाल एवं जिला संगठन महासचिव जितेंद्र सिंह माहौर के नेतृत्व में प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। छात्र नेताओं ने बताया कि महाविद्यालय में लंबे समय से विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा परिसर में नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष गौरव पोसवाल ने कॉलेज प्रशासन को समस्याओं के समाधान के लिए दो दिन का समय दिया। वहीं जिला संगठन महासचिव जितेंद्र सिंह माहौर ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो संगठन की ओर से कॉलेज में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी। इस दौरान धौलपुर ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार जाटव, जिला सचिव अंकेश कुमार जाटव, जिला सचिव इमरान खान, जिला उपाध्यक्ष लोकेश कुशवाहा, मनियां ब्लॉक अध्यक्ष गीतम कुशवाहा, विवेक पोसवाल, अरुण नगर, अमित कुशवाह एवं जावेद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    पेयजल और सफाई व्यवस्था को लेकर एनएसयूआई ने प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन
मनियां। राजकीय महाविद्यालय मनियां में पेयजल एवं सफाई व्यवस्था की समस्याओं को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष गौरव पोसवाल एवं जिला संगठन महासचिव जितेंद्र सिंह माहौर के नेतृत्व में प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा।
छात्र नेताओं ने बताया कि महाविद्यालय में लंबे समय से विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा परिसर में नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष गौरव पोसवाल ने कॉलेज प्रशासन को समस्याओं के समाधान के लिए दो दिन का समय दिया। वहीं जिला संगठन महासचिव जितेंद्र सिंह माहौर ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो संगठन की ओर से कॉलेज में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।
इस दौरान धौलपुर ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार जाटव, जिला सचिव अंकेश कुमार जाटव, जिला सचिव इमरान खान, जिला उपाध्यक्ष लोकेश कुशवाहा, मनियां ब्लॉक अध्यक्ष गीतम कुशवाहा, विवेक पोसवाल, अरुण नगर, अमित कुशवाह एवं जावेद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Afaq ahmed
    Afaq ahmed
    Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • धौलपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आगाज, गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट तक निकाली तिरंगा रैली स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत रविवार को धौलपुर में उत्साह और देशभक्ति के माहौल के बीच हुई। अभियान के तहत गांधी पार्क से जिला कलेक्ट्रेट तक तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर बच्चों ने देशभक्ति का संदेश दिया और लोगों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला कलेक्टर श्रीनिधि बी.टी. सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं शारीरिक शिक्षक मौजूद रहे। रैली गांधी पार्क से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट पहुंची। रैली के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। देशभक्ति के नारों के साथ निकाली गई इस तिरंगा रैली ने शहर में राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से आमजन से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा लगाने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भागीदारी निभाने की अपील की गई। धौलपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आगाज, गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट तक निकाली तिरंगा रैली स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत रविवार को धौलपुर में उत्साह और देशभक्ति के माहौल के बीच हुई। अभियान के तहत गांधी पार्क से जिला कलेक्ट्रेट तक तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर बच्चों ने देशभक्ति का संदेश दिया और लोगों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला कलेक्टर श्रीनिधि बी.टी. सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं शारीरिक शिक्षक मौजूद रहे। रैली गांधी पार्क से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट पहुंची। रैली के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। देशभक्ति के नारों के साथ निकाली गई इस तिरंगा रैली ने शहर में राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से आमजन से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा लगाने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भागीदारी निभाने की अपील की गई।
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    धौलपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आगाज, गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट तक निकाली तिरंगा रैली

स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत रविवार को धौलपुर में उत्साह और देशभक्ति के माहौल के बीच हुई। अभियान के तहत गांधी पार्क से जिला कलेक्ट्रेट तक तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर बच्चों ने देशभक्ति का संदेश दिया और लोगों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला कलेक्टर श्रीनिधि बी.टी. सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं शारीरिक शिक्षक मौजूद रहे। रैली गांधी पार्क से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट पहुंची।
रैली के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। देशभक्ति के नारों के साथ निकाली गई इस तिरंगा रैली ने शहर में राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से आमजन से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा लगाने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भागीदारी निभाने की अपील की गई।
धौलपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आगाज, गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट तक निकाली तिरंगा रैली
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत रविवार को धौलपुर में उत्साह और देशभक्ति के माहौल के बीच हुई। अभियान के तहत गांधी पार्क से जिला कलेक्ट्रेट तक तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर बच्चों ने देशभक्ति का संदेश दिया और लोगों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला कलेक्टर श्रीनिधि बी.टी. सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं शारीरिक शिक्षक मौजूद रहे। रैली गांधी पार्क से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट पहुंची।
रैली के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। देशभक्ति के नारों के साथ निकाली गई इस तिरंगा रैली ने शहर में राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से आमजन से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा लगाने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भागीदारी निभाने की अपील की गई।
    user_Deepu Verma
    Deepu Verma
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • नगर पालिका में खराब सड़कों व जलभराव, की समस्याओं के निवारण हेतु "आप" ने सौंपा ज्ञापन अंबाह। अंबाह नगर पालिका में सीएमओ को ज्ञापन खराब सड़कों व जलभराव से निजात दिलाने के लिए सोमवार को आम आदमी पार्टी के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया और शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। अरविंद शर्मा जिला सचिव आम आदमी पार्टी के द्वारा और जिला अध्यक्ष श्री कृष्णा कुशवाहा मौजूद रहे रामवकश सिंह तोमर जिला सहसचिव ,हरभजन कुशवाहा जिला उपाध्यक्ष, संदीप तोमर प्रदेश सचिव, जितेंद्र सकवार प्रदेश सह सचिव, प्रयागराज शर्मा जिला सचिव ,अजय सारवान जिला उपाध्यक्ष, गिरिराज कुशवाहा किसान विंग जिला अध्यक्ष, जगदीश ओझा व अन्य कार्यकर्ता रघुवीर खटीक वरिष्ठ पदाधिकारी रणवीर उपाध्याय जी प्रदेश सचिव, वीरेद्र नागोरिया जिला अध्यक्ष एसी विंग ,सोनू नागोरिया कार्यकर्ता और वार्ड के लोगों में मनोज शर्मा जी भोलेद्र सिंह जी सूरज सिंह तोमर विनीत शर्मा जीतू तोमर जी शुभम तोमर श्यामू तोमर और शिवम् सिंह तोमर और कई लोग शामिल हुए। साथ ही शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है नगर पालिका में खराब सड़कों व जलभराव, की समस्याओं के निवारण हेतु "आप" ने सौंपा ज्ञापन अंबाह। अंबाह नगर पालिका में सीएमओ को ज्ञापन खराब सड़कों व जलभराव से निजात दिलाने के लिए सोमवार को आम आदमी पार्टी के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया और शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। अरविंद शर्मा जिला सचिव आम आदमी पार्टी के द्वारा और जिला अध्यक्ष श्री कृष्णा कुशवाहा मौजूद रहे रामवकश सिंह तोमर जिला सहसचिव ,हरभजन कुशवाहा जिला उपाध्यक्ष, संदीप तोमर प्रदेश सचिव, जितेंद्र सकवार प्रदेश सह सचिव, प्रयागराज शर्मा जिला सचिव ,अजय सारवान जिला उपाध्यक्ष, गिरिराज कुशवाहा किसान विंग जिला अध्यक्ष, जगदीश ओझा व अन्य कार्यकर्ता रघुवीर खटीक वरिष्ठ पदाधिकारी रणवीर उपाध्याय जी प्रदेश सचिव, वीरेद्र नागोरिया जिला अध्यक्ष एसी विंग ,सोनू नागोरिया कार्यकर्ता और वार्ड के लोगों में मनोज शर्मा जी भोलेद्र सिंह जी सूरज सिंह तोमर विनीत शर्मा जीतू तोमर जी शुभम तोमर श्यामू तोमर और शिवम् सिंह तोमर और कई लोग शामिल हुए। साथ ही शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है
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    नगर पालिका में खराब सड़कों व जलभराव, की समस्याओं के निवारण हेतु 
"आप" ने सौंपा ज्ञापन
अंबाह।

अंबाह नगर पालिका में सीएमओ को ज्ञापन   खराब सड़कों व जलभराव से निजात दिलाने के लिए सोमवार को आम आदमी पार्टी के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया और शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।


अरविंद शर्मा जिला  सचिव आम आदमी पार्टी के द्वारा और जिला अध्यक्ष श्री कृष्णा कुशवाहा  मौजूद रहे  रामवकश सिंह तोमर जिला सहसचिव ,हरभजन कुशवाहा जिला उपाध्यक्ष, संदीप तोमर प्रदेश सचिव, जितेंद्र सकवार प्रदेश सह सचिव, प्रयागराज शर्मा जिला सचिव ,अजय सारवान जिला उपाध्यक्ष, गिरिराज कुशवाहा  किसान विंग जिला अध्यक्ष, जगदीश ओझा   व अन्य कार्यकर्ता रघुवीर खटीक  वरिष्ठ पदाधिकारी रणवीर उपाध्याय जी प्रदेश सचिव, वीरेद्र नागोरिया  जिला अध्यक्ष एसी विंग ,सोनू नागोरिया कार्यकर्ता 
और वार्ड के लोगों में 
मनोज शर्मा जी भोलेद्र सिंह जी सूरज सिंह तोमर  विनीत शर्मा जीतू तोमर जी शुभम तोमर श्यामू तोमर और शिवम् सिंह तोमर  और कई लोग शामिल हुए।
साथ ही शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है
नगर पालिका में खराब सड़कों व जलभराव, की समस्याओं के निवारण हेतु 
"आप" ने सौंपा ज्ञापन
अंबाह।
अंबाह नगर पालिका में सीएमओ को ज्ञापन   खराब सड़कों व जलभराव से निजात दिलाने के लिए सोमवार को आम आदमी पार्टी के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया और शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
अरविंद शर्मा जिला  सचिव आम आदमी पार्टी के द्वारा और जिला अध्यक्ष श्री कृष्णा कुशवाहा  मौजूद रहे  रामवकश सिंह तोमर जिला सहसचिव ,हरभजन कुशवाहा जिला उपाध्यक्ष, संदीप तोमर प्रदेश सचिव, जितेंद्र सकवार प्रदेश सह सचिव, प्रयागराज शर्मा जिला सचिव ,अजय सारवान जिला उपाध्यक्ष, गिरिराज कुशवाहा  किसान विंग जिला अध्यक्ष, जगदीश ओझा   व अन्य कार्यकर्ता रघुवीर खटीक  वरिष्ठ पदाधिकारी रणवीर उपाध्याय जी प्रदेश सचिव, वीरेद्र नागोरिया  जिला अध्यक्ष एसी विंग ,सोनू नागोरिया कार्यकर्ता 
और वार्ड के लोगों में 
मनोज शर्मा जी भोलेद्र सिंह जी सूरज सिंह तोमर  विनीत शर्मा जीतू तोमर जी शुभम तोमर श्यामू तोमर और शिवम् सिंह तोमर  और कई लोग शामिल हुए।
साथ ही शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ हुंकार: कोलूआ गांव की दुर्दशा पर गर्जा 'श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत', जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने दी आर-पार के आंदोलन की चेतावनी ​आजादी के 79 साल बाद भी बाड़ी उपखंड का कोलूआ गांव घोर प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। पूरा गांव जलभराव और दलदल में तब्दील हो चुका है, जहां पनप रहे जहरीले कीड़ों के बीच ग्रामीण खौफनाक जिंदगी जीने को मजबूर हैं। पक्की सड़कें न होने से रोज स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ​जनहित के मुद्दों पर सदैव तत्पर रहने वाला श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन, जो पूर्व में भी लगातार अनेक गांवों में पहुंचकर जनसमस्याओं के खिलाफ निर्णायक संघर्ष करता आया है, इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से लामबंद हो गया है। ​मामले का संज्ञान लेते ही श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने तत्काल बाड़ी उपखंड के गांव कोलूआ पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने दोटूक कहा कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर पक्की सड़क व जल निकासी की व्यवस्था शुरू नहीं कराई, तो श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए चरणबद्ध तरीके से जन-आंदोलन व धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने स्पष्ट किया कि श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत ग्रामीणों को न्याय दिलाने तक शांत नहीं बैठेगा।
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    प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ हुंकार: कोलूआ गांव की दुर्दशा पर गर्जा 'श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत', जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने दी आर-पार के आंदोलन की चेतावनी
​आजादी के 79 साल बाद भी बाड़ी उपखंड का कोलूआ गांव घोर प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। पूरा गांव जलभराव और दलदल में तब्दील हो चुका है, जहां पनप रहे जहरीले कीड़ों के बीच ग्रामीण खौफनाक जिंदगी जीने को मजबूर हैं। पक्की सड़कें न होने से रोज स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ​जनहित के मुद्दों पर सदैव तत्पर रहने वाला श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन, जो पूर्व में भी लगातार अनेक गांवों में पहुंचकर जनसमस्याओं के खिलाफ निर्णायक संघर्ष करता आया है, इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से लामबंद हो गया है। ​मामले का संज्ञान लेते ही श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने तत्काल बाड़ी उपखंड के गांव कोलूआ पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने दोटूक कहा कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर पक्की सड़क व जल निकासी की व्यवस्था शुरू नहीं कराई, तो श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए चरणबद्ध तरीके से जन-आंदोलन व धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने स्पष्ट किया कि श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत ग्रामीणों को न्याय दिलाने तक शांत नहीं बैठेगा।
    user_पत्रकार उपेंद्र दीक्षित
    पत्रकार उपेंद्र दीक्षित
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • सावन के द्वितीय सोमवार को हरदेरिया गार्डन में हुआ भव्य महा शिवलिंग आयोजन अम्बाह। परम पूज्य महात्मा संत पंडित देव प्रभाकर शास्त्री दादाजी एवं संत श्री श्री 108 माखन दास महाराज, डॉक्टर अनिल शास्त्री जी पूज्य बड़े भैया सरकार की असीम कृपा से सावन मास के द्वितीय सोमवार, 10 अगस्त 2026 को हरदेरिया गार्डन में भव्य महा शिवलिंग आयोजन श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान एवं भावपूर्वक शिवलिंग का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की तथा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रद्धा भाव से मन्नत मांगी। सावन के द्वितीय सोमवार के अवसर पर हरदेरिया गार्डन का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह और आस्था के साथ शिवलिंग बनाए और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। आयोजन स्थल पर हर ओर भगवान भोलेनाथ की भक्ति और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। महा शिवलिंग आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना करते हुए शिव आराधना की। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति, आध्यात्मिकता और धार्मिक संस्कारों से जुड़ने का संदेश भी दिया गया। सावन मास में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण निर्मित कर दिया।
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    सावन के द्वितीय सोमवार को हरदेरिया गार्डन में हुआ भव्य महा शिवलिंग आयोजन
अम्बाह। परम पूज्य महात्मा संत पंडित देव प्रभाकर शास्त्री दादाजी एवं संत श्री श्री 108 माखन दास महाराज, डॉक्टर अनिल शास्त्री जी पूज्य बड़े भैया सरकार की असीम कृपा से सावन मास के द्वितीय सोमवार, 10 अगस्त 2026 को हरदेरिया गार्डन में भव्य महा शिवलिंग आयोजन श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ।
आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान एवं भावपूर्वक शिवलिंग का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की तथा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रद्धा भाव से मन्नत मांगी।
सावन के द्वितीय सोमवार के अवसर पर हरदेरिया गार्डन का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह और आस्था के साथ शिवलिंग बनाए और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। आयोजन स्थल पर हर ओर भगवान भोलेनाथ की भक्ति और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
महा शिवलिंग आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना करते हुए शिव आराधना की।
आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति, आध्यात्मिकता और धार्मिक संस्कारों से जुड़ने का संदेश भी दिया गया। सावन मास में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण निर्मित कर दिया।
    user_Bunty shrivas
    Bunty shrivas
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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