खैरथल-तिजारा के मुंडावर नगर पालिका क्षेत्र के ग्रामीण किसानों ने मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के तहत मिलने वाली 2000 यूनिट बिजली छूट को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर विद्युत विभाग मुंडावर के AEN को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उनके बिजली कनेक्शनों के टैरिफ कोड बदल दिए गए, जिससे उन्हें मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ मिलना बंद हो गया। किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई अनुचित और नियमों के विपरीत है। किसानों ने बताया कि 4000 टैरिफ कोड को 4000 AX में बदलने के बाद उन्हें 24 घंटे की बजाय अब केवल 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की अन्य नगर पालिकाओं में ग्रामीण किसानों को 2000 यूनिट की छूट मिल रही है, जबकि मुंडावर के किसानों को इससे वंचित रखा जा रहा है। किसानों ने ज्ञापन में कृषि भूमि का दर्जा बरकरार रखते हुए मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ तुरंत बहाल करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने पहले हुई कथित अवैध वसूली की राशि को 6 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने और भविष्य में किसानों से कोई अतिरिक्त वसूली न करने की भी मांग रखी है। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में उन्होंने SE भिवाड़ी को भी एक ज्ञापन सौंपा था। SE भिवाड़ी ने किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक किसानों के बिल बंद रहेंगे और कृषि कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए सात दिन का समय मांगा, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
खैरथल-तिजारा के मुंडावर नगर पालिका क्षेत्र के ग्रामीण किसानों ने मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के तहत मिलने वाली 2000 यूनिट बिजली छूट को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर विद्युत विभाग मुंडावर के AEN को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उनके बिजली कनेक्शनों के टैरिफ कोड बदल दिए गए, जिससे उन्हें मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ मिलना बंद हो गया। किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई अनुचित और नियमों के विपरीत है। किसानों ने बताया कि 4000 टैरिफ कोड को 4000 AX में बदलने के बाद उन्हें 24 घंटे की बजाय अब केवल 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की अन्य नगर पालिकाओं में ग्रामीण किसानों को 2000 यूनिट की छूट मिल रही है, जबकि मुंडावर के किसानों को इससे वंचित रखा जा रहा है। किसानों ने ज्ञापन में कृषि भूमि का दर्जा बरकरार रखते हुए मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ तुरंत बहाल करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने पहले हुई कथित अवैध वसूली की राशि को 6 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने और भविष्य में किसानों से कोई अतिरिक्त वसूली न करने की भी मांग रखी है। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में उन्होंने SE भिवाड़ी को भी एक ज्ञापन सौंपा था। SE भिवाड़ी ने किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक किसानों के बिल बंद रहेंगे और कृषि कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए सात दिन का समय मांगा, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
- खैरथल-तिजारा के मुंडावर नगर पालिका क्षेत्र के ग्रामीण किसानों ने मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के तहत मिलने वाली 2000 यूनिट बिजली छूट को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर विद्युत विभाग मुंडावर के AEN को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उनके बिजली कनेक्शनों के टैरिफ कोड बदल दिए गए, जिससे उन्हें मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ मिलना बंद हो गया। किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई अनुचित और नियमों के विपरीत है। किसानों ने बताया कि 4000 टैरिफ कोड को 4000 AX में बदलने के बाद उन्हें 24 घंटे की बजाय अब केवल 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की अन्य नगर पालिकाओं में ग्रामीण किसानों को 2000 यूनिट की छूट मिल रही है, जबकि मुंडावर के किसानों को इससे वंचित रखा जा रहा है। किसानों ने ज्ञापन में कृषि भूमि का दर्जा बरकरार रखते हुए मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ तुरंत बहाल करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने पहले हुई कथित अवैध वसूली की राशि को 6 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने और भविष्य में किसानों से कोई अतिरिक्त वसूली न करने की भी मांग रखी है। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में उन्होंने SE भिवाड़ी को भी एक ज्ञापन सौंपा था। SE भिवाड़ी ने किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक किसानों के बिल बंद रहेंगे और कृषि कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए सात दिन का समय मांगा, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।1
- खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को मुंडावर तहसील में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान लगभग 680 लीटर मिलावटी और बदबूदार दूध को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया, जिससे जन स्वास्थ्य को संभावित खतरे को रोका जा सके। खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि एक मुखबिर की सूचना पर एक सफेद पिकअप वाहन को रोका गया और उसकी जांच की गई। वाहन चालक की पहचान अलवर निवासी मोहित पुत्र सोम सिंह के रूप में हुई। पिकअप में 17 स्टील के कैनों में करीब 680 लीटर मिश्रित दूध भरा हुआ था, जिसे हरियाणा स्थित वीटा डेयरी में सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान पता चला कि यह दूध भुरियावास निवासी विक्रम पुत्र प्रहलाद (37) और लोकेश यादव (27) का था, जो डेयरी कोड धारक हैं। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से की गई प्राथमिक जांच में दूध में मिलावट की पुष्टि हुई। इसके अतिरिक्त, दूध फटा हुआ, खट्टा और दुर्गंधयुक्त भी पाया गया। इसके बाद, विभाग ने स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे 680 लीटर दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने यह भी बताया कि इस मामले में वीटा डेयरी को एक पत्र भेजकर संबंधित दूध विक्रेताओं के डेयरी कोड बंद करने की अनुशंसा की जाएगी। साथ ही, डेयरी प्रबंधन को भविष्य में इस प्रकार का मिलावटी एवं खराब गुणवत्ता वाला दूध स्वीकार न करने के निर्देश भी दिए जाएंगे। इस कार्रवाई के दौरान महिपाल सिंह और सुभाष यादव सहित विभागीय टीम मौजूद रही।1
- खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मुंडावर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 680 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया। विभाग द्वारा इस भारी मात्रा में जब्त किए गए दूध को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।1
- नगर परिषद भिवाड़ी के कर्मचारी लगातार दूसरे दिन भी धरने पर बैठे हुए हैं। वे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की अपनी मुख्य मांग पर दृढ़ता से अड़े हुए हैं।1
- भिवाड़ी के बिलाहेड़ी गांव में स्थानीय निवासियों को रास्ते में पानी भरने के कारण भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह जलभराव एक साल से भी अधिक समय से बना हुआ है, और अभी तक इसके निकास के लिए कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा सका है, जिससे लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर भिवाड़ी नगर पालिका परिषद को अवगत कराया गया है।2
- खैरथल-तिजारा के मुंडावर नगर पालिका क्षेत्र के ग्रामीण किसानों ने मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के तहत मिलने वाली 2000 यूनिट बिजली छूट को पुनः सुचारु रूप से लागू करने की मांग की है। इस संबंध में, किसानों ने विद्युत विभाग मुंडावर के AEN को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के उनके बिजली कनेक्शनों का टैरिफ कोड बदल दिया गया है, जिसके कारण उन्हें मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ मिलना बंद हो गया है। किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई अनुचित और नियमों के विपरीत है। उन्होंने यह भी बताया कि 4000 टैरिफ कोड को 4000 AX में बदलने के बाद उन्हें 24 घंटे के बजाय केवल 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल रही है। किसानों ने शिकायत की कि प्रदेश की अन्य नगर पालिकाओं में ग्रामीण किसानों को 2000 यूनिट की छूट मिल रही है, जबकि मुंडावर के किसानों को इससे वंचित रखा जा रहा है। किसानों ने मांग की है कि कृषि भूमि का दर्जा यथावत रखते हुए मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ तुरंत बहाल किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व में हुई कथित अवैध वसूली की राशि को 6 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने और भविष्य में किसानों से कोई अतिरिक्त वसूली नहीं करने की भी मांग की। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना देने को मजबूर होंगे। इस संबंध में एक ज्ञापन भिवाड़ी के SE को भी सौंपा गया था, जिन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक किसानों के बिल बंद कर दिए जाएंगे और कृषि कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे। SE ने समस्या के समाधान के लिए सात दिन का समय मांगा, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।1
- नागौर से जोधपुर तक एक डम्पर ने पूरे रास्ते में हड़कंप मचा दिया। इस स्थिति के चलते, चार थानों की पुलिस को लगातार इस डम्पर का पीछा करना पड़ा।1