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बाराबंकी जनपद के जैदपुर थाना क्षेत्र और रामसनेहीघाट तहसील के अंतर्गत, नायब तहसीलदार ने अवैध खनन और परिवहन करते एक ट्रैक्टर डोलो को जब्त किया है।
Journalist Manoj Shukla
बाराबंकी जनपद के जैदपुर थाना क्षेत्र और रामसनेहीघाट तहसील के अंतर्गत, नायब तहसीलदार ने अवैध खनन और परिवहन करते एक ट्रैक्टर डोलो को जब्त किया है।
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- सैदखानपुर सहित सभी यात्रियों की ओर से माननीय रेलवे प्रशासन से यह विनम्र निवेदन किया गया है कि लोकल ट्रेन में डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए। यात्रियों ने बताया है कि वर्तमान में यात्रियों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ हो जाती है। इसके चलते कई यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है, और उन्हें बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाती। इस गंभीर समस्या के कारण बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दैनिक यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अतः, यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से अनुरोध किया है कि सभी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस ट्रेन में तत्काल अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाएं।2
- बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील स्थित चौकाघाट रेलवे स्टेशन और गणेशपुर रेलवे बंद के पास वन विभाग के जंगल में मंगलवार को भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि वन विभाग द्वारा वर्षों की मेहनत से तैयार किए गए पौधे और हरे-भरे पेड़ इसकी चपेट में आ गए, जिससे पूरे वन विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। वन दरोगा सचिन पटेल ने तत्काल दमकल विभाग को सूचित किया, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी को मौके पर पहुँचने में लगभग दो घंटे लग गए। इस दौरान वन विभाग के दर्जनों कर्मचारियों ने टहनियों और उपलब्ध अन्य साधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की। करीब दो घंटे बाद दमकल की गाड़ी गणेशपुर रेलवे बंद के पास पहुँची और जहाँ तक पानी का पाइप पहुँच सका, वहाँ तक आग बुझाने का प्रयास किया गया। हालांकि, जंगल के भीतर आग काफी दूर तक फैल चुकी थी और उसका स्वरूप अत्यंत विकराल हो गया था। सीमित पहुँच और संसाधनों के अभाव में दमकल कर्मी आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं कर सके और कुछ देर के प्रयास के बाद दमकल की गाड़ी तथा 112 पुलिस टीम वापस लौट गईं, जबकि जंगल के भीतर कई स्थानों पर आग लगातार धधकती रही। वन विभाग के कर्मचारियों ने देर रात तक मोर्चा संभाले रखा और टहनियों की मदद से आग बुझाने का कार्य जारी रखा। इस आग की लपटों में छह फुट से अधिक ऊँचाई वाले कई पौधे और हरे-भरे पेड़ झुलस गए। वन क्षेत्र में फैली इस भीषण आग के कारण पर्यावरण और वन संपदा को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वन दरोगा सचिन पटेल ने बताया कि विभाग के कर्मचारी लगातार आग बुझाने में जुटे हैं और आग लगने के कारणों की जाँच की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने जंगल में लगी इस आग पर शीघ्र नियंत्रण के लिए अतिरिक्त संसाधन और बेहतर दमकल व्यवस्था उपलब्ध कराने की माँग की है।1
- बाराबंकी जनपद की नवाबगंज तहसील के खजूरगांव में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान अनधिकृत निर्माण के खिलाफ चलाया गया, जिसके तहत जॉइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम गुंजिता अग्रवाल के निर्देशों पर बुलडोजर का उपयोग कर कई गाटाओं पर विकसित अनधिकृत संरचनाओं को हटाया गया। यह अवैध प्लॉटिंग समर्थ इंफ्रा और गोल्डमार इंफ्रा नामक कंपनियों द्वारा तैयार की जा रही थी, जिन्होंने ग्राम खजूरगांव क्षेत्र में बिना किसी वैधानिक अनुमति के भूखंडों का विकास किया था। प्रशासन ने पहले इन विकासकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और नियत प्राधिकारी न्यायालय में मामले की सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया था। न्यायालय के आदेश के बावजूद, विकासकर्ताओं ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवैध प्लॉटिंग को नहीं हटाया। इसी अनुपालन में गुरुवार को यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया, जिसके तहत प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध निर्माण को हटा दिया।2
- बाराबंकी स्थित जिला महिला चिकित्सालय में कथित अवैध वसूली के आरोपों ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। एक आशा कार्यकर्ता ने अस्पताल में प्रसव सेवाओं, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य सुविधाओं के नाम पर धन उगाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर कई अन्य आशा कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। फिलहाल यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया के अधीन है और जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व एक आशा कार्यकर्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर यह शिकायत की थी कि जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से विभिन्न कार्यों के लिए पैसों की मांग की जाती है, जबकि अधिकांश सेवाएं सरकार द्वारा निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इस शिकायत के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच के आदेश दिए गए। इसके बाद गुरुवार को कई आशा कार्यकर्ता चिकित्सालय पहुंचीं और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) कार्यालय में अपना पक्ष रखा। अधिकांश आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी किसी प्रकार की अवैध वसूली या अनियमितता नहीं देखी है और न ही उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी है। उनका कहना था कि वे लंबे समय से अस्पताल से जुड़ी सेवाएं दे रही हैं। चर्चा के दौरान, कुछ आशा कार्यकर्ताओं ने शिकायत करने वाली आशा कार्यकर्ता पर मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की ओर भेजने में संलिप्त होने का आरोप भी लगाया, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ की कमी के कारण कभी-कभी अतिरिक्त कार्यभार की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन अस्पताल परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बाहर किसी व्यक्ति द्वारा दलाली या धन उगाही की गतिविधि पाई जाती है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला फिलहाल जांचाधीन है और स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रहा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।3
- जनपद बाराबंकी की तहसील नवाबगंज के ब्लॉक बंकी की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल मिशन योजना के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़कों को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल मिशन का काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी यह पूरा नहीं हो सका है। खराब रास्तों के कारण कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इस स्थिति से जल मिशन के अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक और सांसद ने आज तक मौके का निरीक्षण नहीं किया, जिससे जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बदतर बनी हुई है। इसके अलावा, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी पिछले लगभग 5 से 6 सालों से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी टंकी तैयार नहीं हो सकी है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह कार्य जल मिशन के अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़कों व अन्य अधूरे कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।1
- वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर एक स्पष्ट और आक्रामक संदेश दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जो लोग कानून को चुनौती देंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, और सरकार अपराधियों को उसी भाषा में जवाब देने का काम करेगी जिसे वे समझते हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जनता की सुरक्षा, शांति और सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून का राज स्थापित करना सरकार की उच्चतम प्राथमिकता है और प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रहा है।1
- बाराबंकी जनपद के थाना मसौली क्षेत्र अंतर्गत बड़ागाँव मोड़ के पास एक गल्ला व्यापारी के घर-दुकान में 18 लाख रुपये की चोरी हो गई। चोरों ने खिड़की तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और वारदात को अंजाम देने के बाद मेन गेट से बाहर निकल गए। बताया गया है कि चोरी की इस घटना के समय परिवार बरामदे में सो रहा था।1
- बाराबंकी जनपद के स्वास्थ्य विभाग को अब डॉ. रंजन गौतम के रूप में नया नेतृत्व मिला है, जिन्होंने हाल ही में जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के तुरंत बाद, डॉ. गौतम ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करना और मरीजों को समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा। इससे पहले, डॉ. गौतम फर्रुखाबाद में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात थे, और उनके प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवा अनुभव को देखते हुए जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कार्यभार संभालने के बाद, डॉ. रंजन गौतम ने तत्काल विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति, अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। नवागत सीएमओ ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए, अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, बेहतर साफ-सफाई, जांच सुविधाओं का सुचारु संचालन और मरीजों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तभी संभव है जब अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करें, और उन्होंने जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया। डॉ. गौतम ने अस्पतालों में आने वाले मरीजों के प्रति सकारात्मक व्यवहार अपनाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। उनके पदभार ग्रहण करने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में नई ऊर्जा और गति आने की उम्मीद है।2
- बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में अच्छेचा त्रिलोकपुर मार्ग पर घटिया गुणवत्ता वाला डामरीकरण किए जाने का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क मिट्टी और गिट्टी सहित हाथों से ही उखड़ रही है, जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से इस डामरीकरण की विस्तृत जांच कराने और संबंधित दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क का पुनः मानक अनुरूप निर्माण कराए जाने की भी मांग उठाई है।1