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बाराबंकी जनपद के थाना मसौली क्षेत्र अंतर्गत बड़ागाँव मोड़ के पास एक गल्ला व्यापारी के घर-दुकान में 18 लाख रुपये की चोरी हो गई। चोरों ने खिड़की तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और वारदात को अंजाम देने के बाद मेन गेट से बाहर निकल गए। बताया गया है कि चोरी की इस घटना के समय परिवार बरामदे में सो रहा था।
Journalist Manoj Shukla
बाराबंकी जनपद के थाना मसौली क्षेत्र अंतर्गत बड़ागाँव मोड़ के पास एक गल्ला व्यापारी के घर-दुकान में 18 लाख रुपये की चोरी हो गई। चोरों ने खिड़की तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और वारदात को अंजाम देने के बाद मेन गेट से बाहर निकल गए। बताया गया है कि चोरी की इस घटना के समय परिवार बरामदे में सो रहा था।
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- एक संदेश में आगामी कल के लिए एक विशेष वीडियो देखने का आग्रह किया गया है, जिसका संबंध ‘सूरत मोदी’ से बताया गया है। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ताओं से ‘करेन’ नामक किसी व्यक्ति को फॉलो करने की भी अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में पिछले साल सनसनीखेज महिला कांस्टेबल विमलेश पाल हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी, हरदोई में तैनात सिपाही इंद्रेश मौर्य की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद बाराबंकी पुलिस की विवेचना और शव की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पूरा मामला जुलाई 2025 का है, जब बाराबंकी के सुबेहा थाने में तैनात महिला कांस्टेबल विमलेश पाल अचानक लापता हो गई थीं; उनकी ड्यूटी महादेवा मेले में लगी थी। लापता होने के कुछ दिनों बाद मसौली थाना क्षेत्र के बिंदौरा पुल के पास एक खेत की झाड़ियों से एक महिला का शव बरामद हुआ था, जिसकी पहचान विमलेश पाल के रूप में की गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि विमलेश और सिपाही इंद्रेश मौर्य के बीच साल 2017 से प्रेम संबंध थे। विमलेश द्वारा बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने के बाद दोनों ने आर्य समाज मंदिर में कोर्ट मैरिज कर ली थी। हालांकि, पुलिस के अनुसार, शादी के बाद भी इंद्रेश उसे पत्नी का सामाजिक दर्जा देने और साथ रखने से बच रहा था। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, इसी विवाद और पैसों के लेन-देन से छुटकारा पाने के लिए इंद्रेश ने समीक्षा अधिकारी (RO) की परीक्षा का बहाना बनाकर लखनऊ से बाराबंकी आकर विमलेश के सिर पर वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस की पूरी थ्योरी को कमजोर कर दिया। सुनवाई में यह उजागर हुआ कि बरामद शव की पहचान और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों में कुछ तकनीकी और फॉरेंसिक खामियां थीं, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि शव वास्तव में विमलेश पाल का ही था। इसके अलावा, पुलिस जिस तेजी से इसे 'ब्लाइंड मर्डर' बताते हुए खुलासा कर रही थी, अदालत में कड़ी से कड़ी जोड़ने में वह असमर्थ नजर आई। हाईकोर्ट ने हालांकि मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है और स्पष्ट किया है कि निचली अदालत में इस मामले का विचारण जारी रहेगा। लेकिन प्रारंभिक साक्ष्यों की कमी और पहचान पर उठे सवालों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया। एक पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में दूसरे पुलिसकर्मी (पति) को इतनी जल्दी जमानत मिल जाना बाराबंकी पुलिस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि पुलिस को ट्रायल कोर्ट में अपनी चार्जशीट और फॉरेंसिक सबूतों को बेहद मजबूती से पेश करना होगा, अन्यथा यह केस कमजोर पड़ सकता है। फिलहाल, इस आदेश के बाद यह मामला क्षेत्र में दोबारा चर्चा का विषय बन गया है।1
- जनपद बाराबंकी की आदर्श नगर पंचायत रामनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गुरुवार को 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा और शिव गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सुबह लगभग 9 बजे विधि-विधान से यह कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर रामनगर कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए बुढ़वल चौराहा पहुंची और पुनः शक्तिपीठ परिसर में संपन्न हुई। यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया, जबकि श्रद्धालु पीले वस्त्रों में भक्ति भाव से शामिल हुए और पूरे मार्ग में धार्मिक जयघोष गूंजते रहे। कलश यात्रा के दौरान रामनगर थाने की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही। शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वान आचार्यों द्वारा इस 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा एवं शिव गायत्री महायज्ञ का संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा, समाजसेवी हरिशंकर शुक्ला, बबलू वर्मा, समाज सेविका रामवती, दिनेश बाजपेई, निकेत कुमार, देवेंद्र कुमार मौर्य, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सकेत शर्मा, मौनी दास, सौरभ शुक्ला, निशांत त्रिपाठी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से कथा एवं महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।1
- सैदखानपुर के सभी यात्रियों ने माननीय रेलवे प्रशासन से एक विनम्र निवेदन किया है कि स्थानीय लोकल ट्रेन में डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए। यात्रियों का कहना है कि वर्तमान में उनकी संख्या बहुत अधिक है, जिसके कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ हो जाती है। इस भारी भीड़ के चलते कई यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है और उन्हें बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाती है। इस समस्या से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों तथा दैनिक यात्रियों को विशेष रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अतः यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से अनुरोध किया है कि सभी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में तत्काल अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाएँ।1
- बाराबंकी में ग्रामीणों ने आबादी के बीच स्थित एक शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया।1
- बाराबंकी जनपद के जैदपुर थाना क्षेत्र और रामसनेहीघाट तहसील के अंतर्गत, नायब तहसीलदार ने अवैध खनन और परिवहन करते एक ट्रैक्टर डोलो को जब्त किया है।1
- बाराबंकी जनपद के थाना मसौली क्षेत्र अंतर्गत बांसा गांव में अज्ञात कारणों से एक युवक टावर पर चढ़ गया। पुलिस को युवक को नीचे उतारने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, जिसके बाद उसे सुरक्षित नीचे लाया जा सका।1