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सैदखानपुर के सभी यात्रियों ने माननीय रेलवे प्रशासन से एक विनम्र निवेदन किया है कि स्थानीय लोकल ट्रेन में डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए। यात्रियों का कहना है कि वर्तमान में उनकी संख्या बहुत अधिक है, जिसके कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ हो जाती है। इस भारी भीड़ के चलते कई यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है और उन्हें बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाती है। इस समस्या से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों तथा दैनिक यात्रियों को विशेष रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अतः यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से अनुरोध किया है कि सभी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में तत्काल अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाएँ।

13 hrs ago
user_Afreen Bano
Afreen Bano
Lawyer रामसनेहीघाट, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

सैदखानपुर के सभी यात्रियों ने माननीय रेलवे प्रशासन से एक विनम्र निवेदन किया है कि स्थानीय लोकल ट्रेन में डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए। यात्रियों का कहना है कि वर्तमान में उनकी संख्या बहुत अधिक है, जिसके कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ हो जाती है। इस भारी भीड़ के चलते कई यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है और उन्हें बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाती है। इस समस्या से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों तथा दैनिक यात्रियों को विशेष रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अतः यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से अनुरोध किया है कि सभी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में तत्काल अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाएँ।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बाराबंकी जनपद के जैदपुर थाना क्षेत्र और रामसनेहीघाट तहसील के अंतर्गत, नायब तहसीलदार ने अवैध खनन और परिवहन करते एक ट्रैक्टर डोलो को जब्त किया है।
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    बाराबंकी जनपद के जैदपुर थाना क्षेत्र और रामसनेहीघाट तहसील के अंतर्गत, नायब तहसीलदार ने अवैध खनन और परिवहन करते एक ट्रैक्टर डोलो को जब्त किया है।
    user_Journalist Manoj Shukla
    Journalist Manoj Shukla
    सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जनपद बाराबंकी के नवाबगंज तहसील के बंकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल जीवन मिशन योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में भारी लापरवाही सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं और लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़क को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गया। यह जल मिशन कार्य वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इस स्थिति के कारण ग्रामीणों में जल मिशन अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह कार्य जल मिशन अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। वहीं, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी वर्षों से अधूरा पड़ा है; ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 5 से 6 साल बीत जाने के बावजूद टंकी तैयार नहीं हुई है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र के विधायक और सांसद भी आज तक मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात बदतर बने हुए हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़क व अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
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    जनपद बाराबंकी के नवाबगंज तहसील के बंकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल जीवन मिशन योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में भारी लापरवाही सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं और लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़क को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गया। यह जल मिशन कार्य वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।

इस स्थिति के कारण ग्रामीणों में जल मिशन अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह कार्य जल मिशन अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। वहीं, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी वर्षों से अधूरा पड़ा है; ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 5 से 6 साल बीत जाने के बावजूद टंकी तैयार नहीं हुई है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र के विधायक और सांसद भी आज तक मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात बदतर बने हुए हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़क व अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बाराबंकी जनपद की नवाबगंज तहसील के खजूरगांव में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान अनधिकृत निर्माण के खिलाफ चलाया गया, जिसके तहत जॉइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम गुंजिता अग्रवाल के निर्देशों पर बुलडोजर का उपयोग कर कई गाटाओं पर विकसित अनधिकृत संरचनाओं को हटाया गया। यह अवैध प्लॉटिंग समर्थ इंफ्रा और गोल्डमार इंफ्रा नामक कंपनियों द्वारा तैयार की जा रही थी, जिन्होंने ग्राम खजूरगांव क्षेत्र में बिना किसी वैधानिक अनुमति के भूखंडों का विकास किया था। प्रशासन ने पहले इन विकासकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और नियत प्राधिकारी न्यायालय में मामले की सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया था। न्यायालय के आदेश के बावजूद, विकासकर्ताओं ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवैध प्लॉटिंग को नहीं हटाया। इसी अनुपालन में गुरुवार को यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया, जिसके तहत प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध निर्माण को हटा दिया।
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    बाराबंकी जनपद की नवाबगंज तहसील के खजूरगांव में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान अनधिकृत निर्माण के खिलाफ चलाया गया, जिसके तहत जॉइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम गुंजिता अग्रवाल के निर्देशों पर बुलडोजर का उपयोग कर कई गाटाओं पर विकसित अनधिकृत संरचनाओं को हटाया गया।

यह अवैध प्लॉटिंग समर्थ इंफ्रा और गोल्डमार इंफ्रा नामक कंपनियों द्वारा तैयार की जा रही थी, जिन्होंने ग्राम खजूरगांव क्षेत्र में बिना किसी वैधानिक अनुमति के भूखंडों का विकास किया था। प्रशासन ने पहले इन विकासकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और नियत प्राधिकारी न्यायालय में मामले की सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया था।

न्यायालय के आदेश के बावजूद, विकासकर्ताओं ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवैध प्लॉटिंग को नहीं हटाया। इसी अनुपालन में गुरुवार को यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया, जिसके तहत प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध निर्माण को हटा दिया।
    user_फखरे आलम
    फखरे आलम
    नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बाराबंकी स्थित जिला महिला चिकित्सालय में कथित अवैध वसूली के आरोपों ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। एक आशा कार्यकर्ता ने अस्पताल में प्रसव सेवाओं, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य सुविधाओं के नाम पर धन उगाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर कई अन्य आशा कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। फिलहाल यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया के अधीन है और जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व एक आशा कार्यकर्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर यह शिकायत की थी कि जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से विभिन्न कार्यों के लिए पैसों की मांग की जाती है, जबकि अधिकांश सेवाएं सरकार द्वारा निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इस शिकायत के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच के आदेश दिए गए। इसके बाद गुरुवार को कई आशा कार्यकर्ता चिकित्सालय पहुंचीं और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) कार्यालय में अपना पक्ष रखा। अधिकांश आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी किसी प्रकार की अवैध वसूली या अनियमितता नहीं देखी है और न ही उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी है। उनका कहना था कि वे लंबे समय से अस्पताल से जुड़ी सेवाएं दे रही हैं। चर्चा के दौरान, कुछ आशा कार्यकर्ताओं ने शिकायत करने वाली आशा कार्यकर्ता पर मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की ओर भेजने में संलिप्त होने का आरोप भी लगाया, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ की कमी के कारण कभी-कभी अतिरिक्त कार्यभार की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन अस्पताल परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बाहर किसी व्यक्ति द्वारा दलाली या धन उगाही की गतिविधि पाई जाती है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला फिलहाल जांचाधीन है और स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रहा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    बाराबंकी स्थित जिला महिला चिकित्सालय में कथित अवैध वसूली के आरोपों ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। एक आशा कार्यकर्ता ने अस्पताल में प्रसव सेवाओं, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य सुविधाओं के नाम पर धन उगाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर कई अन्य आशा कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। फिलहाल यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया के अधीन है और जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व एक आशा कार्यकर्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर यह शिकायत की थी कि जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से विभिन्न कार्यों के लिए पैसों की मांग की जाती है, जबकि अधिकांश सेवाएं सरकार द्वारा निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इस शिकायत के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच के आदेश दिए गए।

इसके बाद गुरुवार को कई आशा कार्यकर्ता चिकित्सालय पहुंचीं और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) कार्यालय में अपना पक्ष रखा। अधिकांश आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी किसी प्रकार की अवैध वसूली या अनियमितता नहीं देखी है और न ही उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी है। उनका कहना था कि वे लंबे समय से अस्पताल से जुड़ी सेवाएं दे रही हैं। चर्चा के दौरान, कुछ आशा कार्यकर्ताओं ने शिकायत करने वाली आशा कार्यकर्ता पर मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की ओर भेजने में संलिप्त होने का आरोप भी लगाया, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ की कमी के कारण कभी-कभी अतिरिक्त कार्यभार की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन अस्पताल परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बाहर किसी व्यक्ति द्वारा दलाली या धन उगाही की गतिविधि पाई जाती है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला फिलहाल जांचाधीन है और स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रहा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Anil Kumar Journalist
    Anil Kumar Journalist
    Media company नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जनपद बाराबंकी की तहसील नवाबगंज के ब्लॉक बंकी की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल मिशन योजना के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़कों को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल मिशन का काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी यह पूरा नहीं हो सका है। खराब रास्तों के कारण कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इस स्थिति से जल मिशन के अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक और सांसद ने आज तक मौके का निरीक्षण नहीं किया, जिससे जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बदतर बनी हुई है। इसके अलावा, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी पिछले लगभग 5 से 6 सालों से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी टंकी तैयार नहीं हो सकी है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह कार्य जल मिशन के अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़कों व अन्य अधूरे कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
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    जनपद बाराबंकी की तहसील नवाबगंज के ब्लॉक बंकी की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल मिशन योजना के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़कों को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जल मिशन का काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी यह पूरा नहीं हो सका है। खराब रास्तों के कारण कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इस स्थिति से जल मिशन के अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक और सांसद ने आज तक मौके का निरीक्षण नहीं किया, जिससे जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बदतर बनी हुई है।

इसके अलावा, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी पिछले लगभग 5 से 6 सालों से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी टंकी तैयार नहीं हो सकी है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक, यह कार्य जल मिशन के अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़कों व अन्य अधूरे कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
    user_सुनील कुमार
    सुनील कुमार
    नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में पिछले साल सनसनीखेज महिला कांस्टेबल विमलेश पाल हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी, हरदोई में तैनात सिपाही इंद्रेश मौर्य की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद बाराबंकी पुलिस की विवेचना और शव की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पूरा मामला जुलाई 2025 का है, जब बाराबंकी के सुबेहा थाने में तैनात महिला कांस्टेबल विमलेश पाल अचानक लापता हो गई थीं; उनकी ड्यूटी महादेवा मेले में लगी थी। लापता होने के कुछ दिनों बाद मसौली थाना क्षेत्र के बिंदौरा पुल के पास एक खेत की झाड़ियों से एक महिला का शव बरामद हुआ था, जिसकी पहचान विमलेश पाल के रूप में की गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि विमलेश और सिपाही इंद्रेश मौर्य के बीच साल 2017 से प्रेम संबंध थे। विमलेश द्वारा बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने के बाद दोनों ने आर्य समाज मंदिर में कोर्ट मैरिज कर ली थी। हालांकि, पुलिस के अनुसार, शादी के बाद भी इंद्रेश उसे पत्नी का सामाजिक दर्जा देने और साथ रखने से बच रहा था। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, इसी विवाद और पैसों के लेन-देन से छुटकारा पाने के लिए इंद्रेश ने समीक्षा अधिकारी (RO) की परीक्षा का बहाना बनाकर लखनऊ से बाराबंकी आकर विमलेश के सिर पर वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस की पूरी थ्योरी को कमजोर कर दिया। सुनवाई में यह उजागर हुआ कि बरामद शव की पहचान और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों में कुछ तकनीकी और फॉरेंसिक खामियां थीं, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि शव वास्तव में विमलेश पाल का ही था। इसके अलावा, पुलिस जिस तेजी से इसे 'ब्लाइंड मर्डर' बताते हुए खुलासा कर रही थी, अदालत में कड़ी से कड़ी जोड़ने में वह असमर्थ नजर आई। हाईकोर्ट ने हालांकि मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है और स्पष्ट किया है कि निचली अदालत में इस मामले का विचारण जारी रहेगा। लेकिन प्रारंभिक साक्ष्यों की कमी और पहचान पर उठे सवालों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया। एक पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में दूसरे पुलिसकर्मी (पति) को इतनी जल्दी जमानत मिल जाना बाराबंकी पुलिस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि पुलिस को ट्रायल कोर्ट में अपनी चार्जशीट और फॉरेंसिक सबूतों को बेहद मजबूती से पेश करना होगा, अन्यथा यह केस कमजोर पड़ सकता है। फिलहाल, इस आदेश के बाद यह मामला क्षेत्र में दोबारा चर्चा का विषय बन गया है।
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    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में पिछले साल सनसनीखेज महिला कांस्टेबल विमलेश पाल हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी, हरदोई में तैनात सिपाही इंद्रेश मौर्य की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद बाराबंकी पुलिस की विवेचना और शव की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

यह पूरा मामला जुलाई 2025 का है, जब बाराबंकी के सुबेहा थाने में तैनात महिला कांस्टेबल विमलेश पाल अचानक लापता हो गई थीं; उनकी ड्यूटी महादेवा मेले में लगी थी। लापता होने के कुछ दिनों बाद मसौली थाना क्षेत्र के बिंदौरा पुल के पास एक खेत की झाड़ियों से एक महिला का शव बरामद हुआ था, जिसकी पहचान विमलेश पाल के रूप में की गई थी।

पुलिस ने दावा किया था कि विमलेश और सिपाही इंद्रेश मौर्य के बीच साल 2017 से प्रेम संबंध थे। विमलेश द्वारा बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने के बाद दोनों ने आर्य समाज मंदिर में कोर्ट मैरिज कर ली थी। हालांकि, पुलिस के अनुसार, शादी के बाद भी इंद्रेश उसे पत्नी का सामाजिक दर्जा देने और साथ रखने से बच रहा था। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, इसी विवाद और पैसों के लेन-देन से छुटकारा पाने के लिए इंद्रेश ने समीक्षा अधिकारी (RO) की परीक्षा का बहाना बनाकर लखनऊ से बाराबंकी आकर विमलेश के सिर पर वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस की पूरी थ्योरी को कमजोर कर दिया। सुनवाई में यह उजागर हुआ कि बरामद शव की पहचान और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों में कुछ तकनीकी और फॉरेंसिक खामियां थीं, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि शव वास्तव में विमलेश पाल का ही था। इसके अलावा, पुलिस जिस तेजी से इसे 'ब्लाइंड मर्डर' बताते हुए खुलासा कर रही थी, अदालत में कड़ी से कड़ी जोड़ने में वह असमर्थ नजर आई। हाईकोर्ट ने हालांकि मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है और स्पष्ट किया है कि निचली अदालत में इस मामले का विचारण जारी रहेगा। लेकिन प्रारंभिक साक्ष्यों की कमी और पहचान पर उठे सवालों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया।

एक पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में दूसरे पुलिसकर्मी (पति) को इतनी जल्दी जमानत मिल जाना बाराबंकी पुलिस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि पुलिस को ट्रायल कोर्ट में अपनी चार्जशीट और फॉरेंसिक सबूतों को बेहद मजबूती से पेश करना होगा, अन्यथा यह केस कमजोर पड़ सकता है। फिलहाल, इस आदेश के बाद यह मामला क्षेत्र में दोबारा चर्चा का विषय बन गया है।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बाराबंकी जनपद के थाना मसौली क्षेत्र अंतर्गत बड़ागाँव मोड़ के पास एक गल्ला व्यापारी के घर-दुकान में 18 लाख रुपये की चोरी हो गई। चोरों ने खिड़की तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और वारदात को अंजाम देने के बाद मेन गेट से बाहर निकल गए। बताया गया है कि चोरी की इस घटना के समय परिवार बरामदे में सो रहा था।
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    बाराबंकी जनपद के थाना मसौली क्षेत्र अंतर्गत बड़ागाँव मोड़ के पास एक गल्ला व्यापारी के घर-दुकान में 18 लाख रुपये की चोरी हो गई। चोरों ने खिड़की तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और वारदात को अंजाम देने के बाद मेन गेट से बाहर निकल गए। बताया गया है कि चोरी की इस घटना के समय परिवार बरामदे में सो रहा था।
    user_Journalist Manoj Shukla
    Journalist Manoj Shukla
    सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बाराबंकी जनपद के स्वास्थ्य विभाग को अब डॉ. रंजन गौतम के रूप में नया नेतृत्व मिला है, जिन्होंने हाल ही में जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के तुरंत बाद, डॉ. गौतम ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करना और मरीजों को समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा। इससे पहले, डॉ. गौतम फर्रुखाबाद में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात थे, और उनके प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवा अनुभव को देखते हुए जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कार्यभार संभालने के बाद, डॉ. रंजन गौतम ने तत्काल विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति, अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। नवागत सीएमओ ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए, अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, बेहतर साफ-सफाई, जांच सुविधाओं का सुचारु संचालन और मरीजों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तभी संभव है जब अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करें, और उन्होंने जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया। डॉ. गौतम ने अस्पतालों में आने वाले मरीजों के प्रति सकारात्मक व्यवहार अपनाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। उनके पदभार ग्रहण करने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में नई ऊर्जा और गति आने की उम्मीद है।
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    बाराबंकी जनपद के स्वास्थ्य विभाग को अब डॉ. रंजन गौतम के रूप में नया नेतृत्व मिला है, जिन्होंने हाल ही में जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के तुरंत बाद, डॉ. गौतम ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करना और मरीजों को समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा। इससे पहले, डॉ. गौतम फर्रुखाबाद में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात थे, और उनके प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवा अनुभव को देखते हुए जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

कार्यभार संभालने के बाद, डॉ. रंजन गौतम ने तत्काल विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति, अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

नवागत सीएमओ ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए, अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, बेहतर साफ-सफाई, जांच सुविधाओं का सुचारु संचालन और मरीजों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तभी संभव है जब अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करें, और उन्होंने जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया।

डॉ. गौतम ने अस्पतालों में आने वाले मरीजों के प्रति सकारात्मक व्यवहार अपनाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। उनके पदभार ग्रहण करने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में नई ऊर्जा और गति आने की उम्मीद है।
    user_फखरे आलम
    फखरे आलम
    नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जनपद बाराबंकी की आदर्श नगर पंचायत रामनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गुरुवार को 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा और शिव गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सुबह लगभग 9 बजे विधि-विधान से यह कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर रामनगर कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए बुढ़वल चौराहा पहुंची और पुनः शक्तिपीठ परिसर में संपन्न हुई। यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया, जबकि श्रद्धालु पीले वस्त्रों में भक्ति भाव से शामिल हुए और पूरे मार्ग में धार्मिक जयघोष गूंजते रहे। कलश यात्रा के दौरान रामनगर थाने की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही। शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वान आचार्यों द्वारा इस 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा एवं शिव गायत्री महायज्ञ का संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा, समाजसेवी हरिशंकर शुक्ला, बबलू वर्मा, समाज सेविका रामवती, दिनेश बाजपेई, निकेत कुमार, देवेंद्र कुमार मौर्य, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सकेत शर्मा, मौनी दास, सौरभ शुक्ला, निशांत त्रिपाठी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से कथा एवं महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
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    जनपद बाराबंकी की आदर्श नगर पंचायत रामनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गुरुवार को 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा और शिव गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सुबह लगभग 9 बजे विधि-विधान से यह कलश यात्रा निकाली गई।

यह कलश शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर रामनगर कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए बुढ़वल चौराहा पहुंची और पुनः शक्तिपीठ परिसर में संपन्न हुई। यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया, जबकि श्रद्धालु पीले वस्त्रों में भक्ति भाव से शामिल हुए और पूरे मार्ग में धार्मिक जयघोष गूंजते रहे। कलश यात्रा के दौरान रामनगर थाने की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही।

शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वान आचार्यों द्वारा इस 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा एवं शिव गायत्री महायज्ञ का संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा, समाजसेवी हरिशंकर शुक्ला, बबलू वर्मा, समाज सेविका रामवती, दिनेश बाजपेई, निकेत कुमार, देवेंद्र कुमार मौर्य, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सकेत शर्मा, मौनी दास, सौरभ शुक्ला, निशांत त्रिपाठी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से कथा एवं महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
    user_Krishna Kumar
    Krishna Kumar
    Advertising Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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