*हर घर तिरंगा अभियान के तहत बाइक रैली को मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* *समाचार* *हर घर तिरंगा अभियान के तहत बाइक रैली को मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 11 अगस्त 2026/स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आज तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली को जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान एवं देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा बाइक रैली का शुभारंभ कलेक्टोरेट परिसर से हुआ। रैली दुर्गा चौक पेंड्रा होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम थाना गौरेला तक पहुंची। हाथों में तिरंगा लेकर बाइक एवं स्कूटी सवार प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ रैली में हिस्सा लिया। इस दौरान भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से वातावरण राष्ट्रप्रेम से सराबोर रहा। इस अवसर पर मरवाही विधायक एवं उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, नगर पालिका गौरेला अध्यक्ष मुकेश दुबे, कलेक्टर विजय दयाराम के., जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे उपस्थित थे। रैली के माध्यम से जिलेवासियों को राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने तथा अपने घरों पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाने का आह्वान किया।
*हर घर तिरंगा अभियान के तहत बाइक रैली को मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* *समाचार* *हर घर तिरंगा अभियान के तहत बाइक रैली को मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 11 अगस्त 2026/स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आज तिरंगा बाइक रैली
का आयोजन किया गया। रैली को जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान एवं देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा बाइक रैली का शुभारंभ कलेक्टोरेट परिसर से हुआ। रैली दुर्गा चौक पेंड्रा होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम थाना गौरेला तक पहुंची। हाथों में तिरंगा
लेकर बाइक एवं स्कूटी सवार प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ रैली में हिस्सा लिया। इस दौरान भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से वातावरण राष्ट्रप्रेम से सराबोर रहा। इस अवसर पर मरवाही विधायक एवं उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, नगर पालिका गौरेला अध्यक्ष मुकेश दुबे, कलेक्टर विजय दयाराम के., जिला पंचायत
के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे उपस्थित थे। रैली के माध्यम से जिलेवासियों को राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने तथा अपने घरों पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाने का आह्वान किया।
- स्कूल में शराबी का हाई-वोल्टेज ड्रामा, क्लासरूम में घुसा नशे में धुत युवक, बच्चों के सामने शिक्षक से मारपीट शहडोल | बुढ़ार थाना क्षेत्र की केशवाही चौकी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमकी टोला में शराब के नशे में एक युवक के घुसने से हड़कंप मच गया। आरोप है कि युवक क्लासरूम में बच्चों के बीच पहुंचा और फर्श पर लेटकर गाना गाने लगा। इसके बाद उसने हंगामा करते हुए जमीन पर सिर पटकना शुरू कर दिया। शिक्षक ने जब युवक को रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौच और मारपीट शुरू कर दी। शिक्षक को गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इस दौरान क्लासरूम में मौजूद बच्चे डर के मारे सहमे रहे।2
- राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏 राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏1
- भोपाल में युवाओं कि बड़ी जीत। डिजिटल क्रॉप सर्वेयरों का आंदोलन सफल, रोटेशन प्रणाली पर लगी रोक। आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, लोकल यूथ की यूजर आईडी हुआ चालू नई नियुक्ति बंद करने का फैसला बदला। स्थानीय युवाओं की रोजगार की हुई जीत रोटेशन प्रणाली बंद करने की आदेश। युवाओं में जश्न का माहौल। बंद की गई सभी यूजर आईडी को फिर से चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति बंद करने और युवाओं को हटाने के फैसले को वापस ले लिया गया है। स्थानीय युवाओं ने इस फैसले को रोजगार की सुरक्षा और अपनी एकजुटता की बड़ी जीत बताया है।1
- जेल भरो आंदोलन का व्यापक समर्थन, सैकड़ों किसान मजदूर एवं महिलाओं ने दी गिरफ्तारी - जुगुल राठौर अनूपपूर - संयुक्त ट्रेड यूनियन एवं संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आव्हान पर जिला मुख्यालय अनूपपुर में जेल भरो आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला। जेल भरो आंदोलन का नेतृत्व सीटू जिला समिति अनूपपुर, मध्यप्रदेश किसान सभा जिला समिति अनूपपुर,अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति अनूपपुर एवं आदिवासी एकता महासभा जिला समिति अनूपपुर के अगुआई में सैकड़ों के तादाद में गिरफ्तारी दी गई। गिरफ्तारी के पूर्व आमसभा का आयोजन किया गया। आमसभा को महिला एवं किसान नेत्री कामरेड नीना शर्मा ने संबोधित करते हुए कहीं कि भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में आज देश में हर तरफ हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि -42 श्रम कानून खत्म कर 4 लेबर कोड लाए। अब फैक्ट्री बंद करो, हड़ताल मत करो, 12 घंटे काम करो। मजदूर को फिर से बंधुआ बनाने की साजिश है। सारी सरकारी नौकरी ठेके और आउटसोर्स में बदल दी। किसान और खेत मजदूर पर हमला - अमेरिका से डील करके हमारी मंडी विदेशी माल के लिए खोल दी। डेयरी, सोयाबीन, मक्का सब बर्बाद। ऊपर से मनरेगा को कमजोर कर दिया। खेत मजदूर को भूखा मरने पर छोड़ दिया। आदिवासी-दलित से जल, जंगल, जमीन छीनी जा रही है। कॉरपोरेट को सब सौंप दिया। महंगाई, बेरोजगारी और अत्याचार बढ़े। महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ सत्ता की राजनीति हो रही है। बिना शर्त महिला आरक्षण लागू करवाने के लिए पिछले 17 दिन से हमारी बहनें जंतर मंतर पर बैठी हैं, पर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। नौजवानों के भविष्य पर हमला किया जा रहा है व्यापमं, NEET, CUET, SSC... हर परीक्षा में घोटाला। होनहार छात्रों का हक मारा जा रहा है। जब छात्रों ने आवाज उठाई तो उन्हें कुचला गया। लेकिन बच्चों ने बता दिया कि तानाशाहों से मजाक-मजाक में भी लड़ा जाता है! और ये सब किसके लिए? अडानी-अम्बानी को मजबूत करने के लिए और 140 करोड़ जनता को बदहाल करने के लिए। साथियों, ये सरकार दमन करती है। पर न किसान झुका, न मजदूर झुका, न छात्र झुके, न महिलाएं झुकीं। आगामी समय में लड़ाई और तेज करनी होगी , आमसभा की संचालन सीटू नेता कामरेड इन्द्र पति सिंह ने किया और अध्यक्षता दलबीर केवट, अफसाना बेगम, रमेश सिंह परस्ते, पार्वती राठौर, जुगुल किशोर राठौर के अध्यक्ष मण्डल ने किया। आमसभा को मंजू भारती, रामू यादव, संध्या शुक्ला,मदन सिंह, रमेश सिंह,सम्हारु कोल, पार्वती राठौर, देवेन्द्र कुमार निराला,तेरसू सिंह गोड़, सुमित्रा सिंह गोड़, जुगुल किशोर राठौर, भगवान दास, एवं ओमप्रकाश राठौर सहित आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। तत्पश्चात सैकड़ों कार्यकर्ता ने गिरफ्तारी दी और उन्हें पुलिस वाहन में ठूंस कर जेल भेजने की कार्यवाही की गई, और बिना शर्त के रिहा किया गया।1
- राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏1
- करंजिया में 9 अगस्त 2026 विश्व आदिवासी दिवस धूम धाम से मनाया गया।1
- आज तक भी शासकीय एकीकृत विद्यालय माध्य शाला बरसोद की स्थिति है कौन सुधारेगा (जय जोहार) बच्चों के शिक्षा व्यवस्था और उनकी वचन बड़ी भाषा में कौन है सुधार कर सकता है ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत इसमें कोई सहमति नहीं दे सकता बच्चों की स्थिति पढ़ने और समय में बच्चों का बोल भाषा आचरण में सुधार हो धन्यवाद1