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करंजिया में 9 अगस्त 2026 विश्व आदिवासी दिवस धूम धाम से मनाया गया।

22 hrs ago
user_राजेश कुमार मरावी
राजेश कुमार मरावी
Voice of people बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
22 hrs ago

करंजिया में 9 अगस्त 2026 विश्व आदिवासी दिवस धूम धाम से मनाया गया।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • भोपाल में युवाओं कि बड़ी जीत। डिजिटल क्रॉप सर्वेयरों का आंदोलन सफल, रोटेशन प्रणाली पर लगी रोक। आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, लोकल यूथ की यूजर आईडी हुआ चालू नई नियुक्ति बंद करने का फैसला बदला। स्थानीय युवाओं की रोजगार की हुई जीत रोटेशन प्रणाली बंद करने की आदेश। युवाओं में जश्न का माहौल। बंद की गई सभी यूजर आईडी को फिर से चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति बंद करने और युवाओं को हटाने के फैसले को वापस ले लिया गया है। स्थानीय युवाओं ने इस फैसले को रोजगार की सुरक्षा और अपनी एकजुटता की बड़ी जीत बताया है।
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    भोपाल में युवाओं कि बड़ी जीत। डिजिटल क्रॉप सर्वेयरों का आंदोलन सफल, रोटेशन प्रणाली पर लगी रोक। 
आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, लोकल यूथ की यूजर आईडी हुआ चालू नई नियुक्ति बंद करने का फैसला बदला। स्थानीय युवाओं की रोजगार की हुई जीत रोटेशन प्रणाली बंद करने की आदेश। युवाओं में जश्न का माहौल। बंद की गई सभी यूजर आईडी को फिर से चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति बंद करने और युवाओं को हटाने के फैसले को वापस ले लिया गया है। स्थानीय युवाओं ने इस फैसले को रोजगार की सुरक्षा और अपनी एकजुटता की बड़ी जीत बताया है।
    user_राजेश कुमार मरावी
    राजेश कुमार मरावी
    Voice of people बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    50 min ago
  • 🚨 बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित, गेट खुलने से पहले मिलेगी चेतावनी 🚨 बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित, गेट खुलने से पहले मिलेगी चेतावनी नदी क्षेत्र में बढ़ते जलप्रवाह से पहले लोगों को किया जाएगा सतर्क, प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर जारी की अपील डिंडोरी, 11 अगस्त 2026। बिलगांव मध्यम परियोजना में मंगलवार को जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सायरन प्रणाली स्थापित की गई है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में यह व्यवस्था जनप्रतिनिधियों की निरंतर मांग को ध्यान में रखते हुए की गई है। परियोजना के गेट खोले जाने से पहले सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। इससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों तथा आसपास मौजूद ग्रामीणों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का अवसर मिलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से संभावित हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। सायरन बजे तो तुरंत नदी क्षेत्र छोड़ें प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनते ही तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश करने अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य करने से बचें। जल संसाधन विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन प्रणाली की स्थापना से गेट संचालन के दौरान पूर्व चेतावनी व्यवस्था मजबूत होगी और नदी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। 👉 प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—सायरन बजे, तो नदी से दूरी बनाएं और सुरक्षित स्थान पर जाएं।
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    🚨 बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित, गेट खुलने से पहले मिलेगी चेतावनी
🚨 बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित, गेट खुलने से पहले मिलेगी चेतावनी
नदी क्षेत्र में बढ़ते जलप्रवाह से पहले लोगों को किया जाएगा सतर्क, प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर जारी की अपील
डिंडोरी, 11 अगस्त 2026।
बिलगांव मध्यम परियोजना में मंगलवार को जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सायरन प्रणाली स्थापित की गई है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में यह व्यवस्था जनप्रतिनिधियों की निरंतर मांग को ध्यान में रखते हुए की गई है।
परियोजना के गेट खोले जाने से पहले सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। इससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों तथा आसपास मौजूद ग्रामीणों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का अवसर मिलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से संभावित हादसों को रोकने में मदद मिलेगी।
सायरन बजे तो तुरंत नदी क्षेत्र छोड़ें
प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनते ही तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश करने अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य करने से बचें।
जल संसाधन विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन प्रणाली की स्थापना से गेट संचालन के दौरान पूर्व चेतावनी व्यवस्था मजबूत होगी और नदी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
👉 प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—सायरन बजे, तो नदी से दूरी बनाएं और सुरक्षित स्थान पर जाएं।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित गेट खुलने से पहले मिलेगी नदी क्षेत्र में जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी, किसानों और ग्रामीणों को मिलेगी सुरक्षा डिंडौरी, - बिलगांव मध्यम परियोजना में आखिरकार वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई। भारतीय किसान संघ द्वारा लंबे समय से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों, किसानों, मछुआरों एवं नदी में कार्य करने वाले लोगों को पूर्व चेतावनी देने के लिए सायरन लगाने की मांग की जा रही थी। मंगलवार को जल संसाधन विभाग द्वारा बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में स्थापित किए गए इस सायरन से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी दी जाएगी। इससे लोगों को समय रहते नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर मिलेगा। भारतीय किसान संघ लगातार उठा रहा था सुरक्षा का मुद्दा भारतीय किसान संघ द्वारा पिछले कई वर्षों से बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। संगठन का कहना था कि परियोजना के गेट अचानक खोले जाने पर नदी का जलस्तर और प्रवाह तेजी से बढ़ सकता है, जिससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों, किसानों एवं आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। किसान संघ की लगातार मांग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विषय को उठाए जाने के बाद अब परियोजना में सायरन स्थापित किया गया है। सायरन लगने से गेट संचालन से पहले लोगों को अलर्ट करने की व्यवस्था मजबूत होगी। गेट खुलने से पहले बजेगा सायरन परियोजना के गेट खोले जाने से पूर्व सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में उपस्थित लोगों को जल प्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। सायरन की आवाज सुनते ही नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर जाने का समय मिल सकेगा। इससे संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। नदी क्षेत्र में जाने से बचने की अपील प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामवासियों, किसानों, मछुआरों तथा नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन बजने पर तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य न करें। विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन की स्थापना से गेट संचालन के समय पूर्व चेतावनी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा नदी क्षेत्र में रहने एवं काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से की जा रही मांग पूरी होने पर भारतीय किसान संघ एवं क्षेत्र के किसानों ने राहत व्यक्त करते हुए इसे जनसुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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    वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित
गेट खुलने से पहले मिलेगी नदी क्षेत्र में जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी, किसानों और ग्रामीणों को मिलेगी सुरक्षा
डिंडौरी,  - बिलगांव मध्यम परियोजना में आखिरकार वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई। भारतीय किसान संघ द्वारा लंबे समय से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों, किसानों, मछुआरों एवं नदी में कार्य करने वाले लोगों को पूर्व चेतावनी देने के लिए सायरन लगाने की मांग की जा रही थी। मंगलवार को जल संसाधन विभाग द्वारा बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित कर दिया गया।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में स्थापित किए गए इस सायरन से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी दी जाएगी। इससे लोगों को समय रहते नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर मिलेगा।
भारतीय किसान संघ लगातार उठा रहा था सुरक्षा का मुद्दा
भारतीय किसान संघ द्वारा पिछले कई वर्षों से बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। संगठन का कहना था कि परियोजना के गेट अचानक खोले जाने पर नदी का जलस्तर और प्रवाह तेजी से बढ़ सकता है, जिससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों, किसानों एवं आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है।
किसान संघ की लगातार मांग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विषय को उठाए जाने के बाद अब परियोजना में सायरन स्थापित किया गया है। सायरन लगने से गेट संचालन से पहले लोगों को अलर्ट करने की व्यवस्था मजबूत होगी।
गेट खुलने से पहले बजेगा सायरन
परियोजना के गेट खोले जाने से पूर्व सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में उपस्थित लोगों को जल प्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। सायरन की आवाज सुनते ही नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर जाने का समय मिल सकेगा। इससे संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी।
नदी क्षेत्र में जाने से बचने की अपील
प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामवासियों, किसानों, मछुआरों तथा नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन बजने पर तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य न करें।
विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन की स्थापना से गेट संचालन के समय पूर्व चेतावनी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा नदी क्षेत्र में रहने एवं काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
लंबे समय से की जा रही मांग पूरी होने पर भारतीय किसान संघ एवं क्षेत्र के किसानों ने राहत व्यक्त करते हुए इसे जनसुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने कलेक्टर ने दिए निर्देश अनूपपुर - कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराद ने आज उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर 15 अगस्त को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं आपसी समन्वय से समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री झा ने साफ-सफाई, रंग-रोगन, मंच एवं ध्वजारोहण स्थल, परेड मैदान, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, ध्वनि विस्तारक यंत्र, वाहन पार्किंग तथा प्रवेश-निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जिले का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों की नियमित समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराएं, ताकि 15 अगस्त को जिला स्तरीय समारोह गरिमापूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न हो सके। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने समारोह स्थल की सुरक्षा, यातायात, प्रवेश-निकास एवं वाहन पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने समारोह के दौरान सुचारू आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात कलेक्टर श्री झा ने 15 अगस्त को आयोजित होने वाले विशेष मध्याह्न भोजन कार्यक्रम हेतु चयनित जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह बालक आश्रम (अंग्रेजी माध्यम), परसवार, अनूपपुर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को कार्यक्रम की आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने तथा भोजन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलवीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री प्राशी अग्रवाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री सरिता नायक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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    स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने कलेक्टर ने दिए निर्देश
अनूपपुर -
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराद ने आज उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर 15 अगस्त को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं आपसी समन्वय से समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री झा ने साफ-सफाई, रंग-रोगन, मंच एवं ध्वजारोहण स्थल, परेड मैदान, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, ध्वनि विस्तारक यंत्र, वाहन पार्किंग तथा प्रवेश-निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जिले का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों की नियमित समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराएं, ताकि 15 अगस्त को जिला स्तरीय समारोह गरिमापूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न हो सके।
पुलिस अधीक्षक  विक्रांत मुराब ने समारोह स्थल की सुरक्षा, यातायात, प्रवेश-निकास एवं वाहन पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने समारोह के दौरान सुचारू आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात कलेक्टर श्री झा ने 15 अगस्त को आयोजित होने वाले विशेष मध्याह्न भोजन कार्यक्रम हेतु चयनित जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह बालक आश्रम (अंग्रेजी माध्यम), परसवार, अनूपपुर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को कार्यक्रम की आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने तथा भोजन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलवीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री प्राशी अग्रवाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री सरिता नायक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • PWD का ‘कारनामा’—न्यायालय परिसर के शौचालय की पाइप सीधे नाली में! अनूपपुर अजब है, अनूपपुर गजब! PWD का ‘कारनामा’—न्यायालय परिसर के शौचालय की पाइप सीधे नाली में! अनूपपुर। अनूपपुर अजब है, अनूपपुर गजब है! सरकारी निर्माण और व्यवस्थाओं को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जो जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मामला जिला न्यायालय परिसर में न्यायाधीश महोदय के लिए बनाए गए शौचालय से जुड़ा है, जहां आरोप है कि शौचालय से निकलने वाली मल-निकासी पाइप को सीधे मुख्य नाली से जोड़ दिया गया है। आमतौर पर शौचालय की सीट से निकलने वाली पाइप को सेप्टिक टैंक या निर्धारित सीवेज सिस्टम से जोड़ा जाता है। सेप्टिक टैंक के ओवरफ्लो के पानी की निकासी की अलग व्यवस्था हो सकती है, लेकिन यदि शौचालय का मल सीधे खुली नाली में पहुंच रहा है तो यह स्वच्छता और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। नाली आपके घर के सामने से गुजरेगी, गंदगी कौन साफ करेगा? सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस नाली में यह गंदगी छोड़ी जा रही है, वह आगे आम लोगों के घरों के सामने से होकर गुजरती है। ऐसे में नाली में मल-मूत्र और गंदा पानी पहुंचने से दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया एवं संक्रमण फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय स्तर पर चिंता यह भी है कि नाली बनने के बाद से इसकी नियमित सफाई नहीं हुई है। जब लंबे समय से नाली की क्लीनिंग ही नहीं हुई तो उसमें किस तरह की गंदगी और जीव-जंतु पनप रहे होंगे, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ‘नीम पर करेला’ वाली स्थिति एक तरफ नाली की नियमित सफाई नहीं, दूसरी तरफ उसमें शौचालय के मल की निकासी—यह स्थिति ‘नीम पर करेला’ वाली कहावत को चरितार्थ करती नजर आती है। सवाल यह है कि आखिर इस तरह की व्यवस्था को किसने स्वीकृति दी? निर्माण के समय तकनीकी अधिकारियों ने इसका निरीक्षण नहीं किया? यदि किया तो ऐसी पाइपलाइन को खुली नाली से जोड़ने की अनुमति कैसे मिली? PWD से जवाब जरूरी मामला लोक निर्माण विभाग (PWD) से संबंधित बताया जा रहा है। ऐसे में विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि जिला न्यायालय परिसर में बनाए गए इस शौचालय की ड्रेनेज डिजाइन क्या थी, सेप्टिक टैंक की व्यवस्था कहां है और मल निकासी पाइप को मुख्य नाली से जोड़ने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया। यह सिर्फ निर्माण की गुणवत्ता का सवाल नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वच्छता और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। जिम्मेदार अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शौचालय की मल-निकासी की उचित व्यवस्था हो और मुख्य नाली की भी तत्काल सफाई कराई जाए। अब देखना यह है कि PWD के इस ‘कारनामे’ पर जिम्मेदार अधिकारी संज्ञान लेते हैं या फिर गंदगी की यह कहानी इसी तरह नाली के रास्ते लोगों के घरों तक पहुंचती रहेगी।
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    PWD का ‘कारनामा’—न्यायालय परिसर के शौचालय की पाइप सीधे नाली में!
अनूपपुर अजब है, अनूपपुर गजब! PWD का ‘कारनामा’—न्यायालय परिसर के शौचालय की पाइप सीधे नाली में!
अनूपपुर। अनूपपुर अजब है, अनूपपुर गजब है! सरकारी निर्माण और व्यवस्थाओं को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जो जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मामला जिला न्यायालय परिसर में न्यायाधीश महोदय के लिए बनाए गए शौचालय से जुड़ा है, जहां आरोप है कि शौचालय से निकलने वाली मल-निकासी पाइप को सीधे मुख्य नाली से जोड़ दिया गया है।
आमतौर पर शौचालय की सीट से निकलने वाली पाइप को सेप्टिक टैंक या निर्धारित सीवेज सिस्टम से जोड़ा जाता है। सेप्टिक टैंक के ओवरफ्लो के पानी की निकासी की अलग व्यवस्था हो सकती है, लेकिन यदि शौचालय का मल सीधे खुली नाली में पहुंच रहा है तो यह स्वच्छता और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय बन जाता है।
नाली आपके घर के सामने से गुजरेगी, गंदगी कौन साफ करेगा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस नाली में यह गंदगी छोड़ी जा रही है, वह आगे आम लोगों के घरों के सामने से होकर गुजरती है। ऐसे में नाली में मल-मूत्र और गंदा पानी पहुंचने से दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया एवं संक्रमण फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय स्तर पर चिंता यह भी है कि नाली बनने के बाद से इसकी नियमित सफाई नहीं हुई है। जब लंबे समय से नाली की क्लीनिंग ही नहीं हुई तो उसमें किस तरह की गंदगी और जीव-जंतु पनप रहे होंगे, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
‘नीम पर करेला’ वाली स्थिति
एक तरफ नाली की नियमित सफाई नहीं, दूसरी तरफ उसमें शौचालय के मल की निकासी—यह स्थिति ‘नीम पर करेला’ वाली कहावत को चरितार्थ करती नजर आती है। सवाल यह है कि आखिर इस तरह की व्यवस्था को किसने स्वीकृति दी? निर्माण के समय तकनीकी अधिकारियों ने इसका निरीक्षण नहीं किया? यदि किया तो ऐसी पाइपलाइन को खुली नाली से जोड़ने की अनुमति कैसे मिली?
PWD से जवाब जरूरी
मामला लोक निर्माण विभाग (PWD) से संबंधित बताया जा रहा है। ऐसे में विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि जिला न्यायालय परिसर में बनाए गए इस शौचालय की ड्रेनेज डिजाइन क्या थी, सेप्टिक टैंक की व्यवस्था कहां है और मल निकासी पाइप को मुख्य नाली से जोड़ने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया।
यह सिर्फ निर्माण की गुणवत्ता का सवाल नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वच्छता और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। जिम्मेदार अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शौचालय की मल-निकासी की उचित व्यवस्था हो और मुख्य नाली की भी तत्काल सफाई कराई जाए।
अब देखना यह है कि PWD के इस ‘कारनामे’ पर जिम्मेदार अधिकारी संज्ञान लेते हैं या फिर गंदगी की यह कहानी इसी तरह नाली के रास्ते लोगों के घरों तक पहुंचती रहेगी।
    user_आदर्श दुबे
    आदर्श दुबे
    Yoga instructor अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • जिला अनूपपुर में सड़क नहीं बनी तो ग्रामीणों ने सड़क पर ही कर दी धान की रोपाई । अनूपपुर जिले के पयारी नंबर-02 से सड़क की बदहाली की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जर्जर सड़क, जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सड़क पर ही धान की रोपाई कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब है। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क और ज्यादा बदहाल हो गई है। वहीं, स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए इस रास्ते पर दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
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    जिला अनूपपुर में सड़क नहीं बनी तो ग्रामीणों ने सड़क पर ही कर दी धान की रोपाई ।

अनूपपुर जिले के पयारी नंबर-02 से सड़क की बदहाली की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जर्जर सड़क, जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सड़क पर ही धान की रोपाई कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब है। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ में  तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क और ज्यादा बदहाल हो गई है। वहीं, स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए इस रास्ते पर दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
    user_NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    Anuppur, Madhya Pradesh•
    20 hrs ago
  • करंजिया में 9 अगस्त 2026 विश्व आदिवासी दिवस धूम धाम से मनाया गया।
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    करंजिया में 9 अगस्त 2026 विश्व आदिवासी दिवस धूम धाम से मनाया गया।
    user_राजेश कुमार मरावी
    राजेश कुमार मरावी
    Voice of people बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • आज तक भी शासकीय एकीकृत विद्यालय माध्य शाला बरसोद की स्थिति है कौन सुधारेगा (जय जोहार) बच्चों के शिक्षा व्यवस्था और उनकी वचन बड़ी भाषा में कौन है सुधार कर सकता है ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत इसमें कोई सहमति नहीं दे सकता बच्चों की स्थिति पढ़ने और समय में बच्चों का बोल भाषा आचरण में सुधार हो धन्यवाद
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    आज तक भी शासकीय एकीकृत विद्यालय माध्य शाला बरसोद की स्थिति है कौन सुधारेगा (जय जोहार)
बच्चों के शिक्षा व्यवस्था और उनकी वचन बड़ी भाषा में कौन है सुधार कर सकता है ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत इसमें कोई सहमति नहीं दे सकता बच्चों की स्थिति पढ़ने और समय में बच्चों का बोल भाषा आचरण में सुधार हो धन्यवाद
    user_Chandan Singh Maravi
    Chandan Singh Maravi
    Farmer बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
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