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जिला अनूपपुर में सड़क नहीं बनी तो ग्रामीणों ने सड़क पर ही कर दी धान की रोपाई । अनूपपुर जिले के पयारी नंबर-02 से सड़क की बदहाली की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जर्जर सड़क, जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सड़क पर ही धान की रोपाई कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब है। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क और ज्यादा बदहाल हो गई है। वहीं, स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए इस रास्ते पर दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
जिला अनूपपुर में सड़क नहीं बनी तो ग्रामीणों ने सड़क पर ही कर दी धान की रोपाई । अनूपपुर जिले के पयारी नंबर-02 से सड़क की बदहाली की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जर्जर सड़क, जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सड़क पर ही धान की रोपाई कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब है। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क और ज्यादा बदहाल हो गई है। वहीं, स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए इस रास्ते पर दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
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- स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने कलेक्टर ने दिए निर्देश अनूपपुर - कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराद ने आज उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर 15 अगस्त को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं आपसी समन्वय से समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री झा ने साफ-सफाई, रंग-रोगन, मंच एवं ध्वजारोहण स्थल, परेड मैदान, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, ध्वनि विस्तारक यंत्र, वाहन पार्किंग तथा प्रवेश-निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जिले का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों की नियमित समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराएं, ताकि 15 अगस्त को जिला स्तरीय समारोह गरिमापूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न हो सके। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने समारोह स्थल की सुरक्षा, यातायात, प्रवेश-निकास एवं वाहन पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने समारोह के दौरान सुचारू आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात कलेक्टर श्री झा ने 15 अगस्त को आयोजित होने वाले विशेष मध्याह्न भोजन कार्यक्रम हेतु चयनित जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह बालक आश्रम (अंग्रेजी माध्यम), परसवार, अनूपपुर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को कार्यक्रम की आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने तथा भोजन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलवीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री प्राशी अग्रवाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री सरिता नायक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- PWD का ‘कारनामा’—न्यायालय परिसर के शौचालय की पाइप सीधे नाली में! अनूपपुर अजब है, अनूपपुर गजब! PWD का ‘कारनामा’—न्यायालय परिसर के शौचालय की पाइप सीधे नाली में! अनूपपुर। अनूपपुर अजब है, अनूपपुर गजब है! सरकारी निर्माण और व्यवस्थाओं को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जो जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मामला जिला न्यायालय परिसर में न्यायाधीश महोदय के लिए बनाए गए शौचालय से जुड़ा है, जहां आरोप है कि शौचालय से निकलने वाली मल-निकासी पाइप को सीधे मुख्य नाली से जोड़ दिया गया है। आमतौर पर शौचालय की सीट से निकलने वाली पाइप को सेप्टिक टैंक या निर्धारित सीवेज सिस्टम से जोड़ा जाता है। सेप्टिक टैंक के ओवरफ्लो के पानी की निकासी की अलग व्यवस्था हो सकती है, लेकिन यदि शौचालय का मल सीधे खुली नाली में पहुंच रहा है तो यह स्वच्छता और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। नाली आपके घर के सामने से गुजरेगी, गंदगी कौन साफ करेगा? सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस नाली में यह गंदगी छोड़ी जा रही है, वह आगे आम लोगों के घरों के सामने से होकर गुजरती है। ऐसे में नाली में मल-मूत्र और गंदा पानी पहुंचने से दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया एवं संक्रमण फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय स्तर पर चिंता यह भी है कि नाली बनने के बाद से इसकी नियमित सफाई नहीं हुई है। जब लंबे समय से नाली की क्लीनिंग ही नहीं हुई तो उसमें किस तरह की गंदगी और जीव-जंतु पनप रहे होंगे, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ‘नीम पर करेला’ वाली स्थिति एक तरफ नाली की नियमित सफाई नहीं, दूसरी तरफ उसमें शौचालय के मल की निकासी—यह स्थिति ‘नीम पर करेला’ वाली कहावत को चरितार्थ करती नजर आती है। सवाल यह है कि आखिर इस तरह की व्यवस्था को किसने स्वीकृति दी? निर्माण के समय तकनीकी अधिकारियों ने इसका निरीक्षण नहीं किया? यदि किया तो ऐसी पाइपलाइन को खुली नाली से जोड़ने की अनुमति कैसे मिली? PWD से जवाब जरूरी मामला लोक निर्माण विभाग (PWD) से संबंधित बताया जा रहा है। ऐसे में विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि जिला न्यायालय परिसर में बनाए गए इस शौचालय की ड्रेनेज डिजाइन क्या थी, सेप्टिक टैंक की व्यवस्था कहां है और मल निकासी पाइप को मुख्य नाली से जोड़ने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया। यह सिर्फ निर्माण की गुणवत्ता का सवाल नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वच्छता और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। जिम्मेदार अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शौचालय की मल-निकासी की उचित व्यवस्था हो और मुख्य नाली की भी तत्काल सफाई कराई जाए। अब देखना यह है कि PWD के इस ‘कारनामे’ पर जिम्मेदार अधिकारी संज्ञान लेते हैं या फिर गंदगी की यह कहानी इसी तरह नाली के रास्ते लोगों के घरों तक पहुंचती रहेगी।2
- जिला अनूपपुर में सड़क नहीं बनी तो ग्रामीणों ने सड़क पर ही कर दी धान की रोपाई । अनूपपुर जिले के पयारी नंबर-02 से सड़क की बदहाली की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जर्जर सड़क, जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सड़क पर ही धान की रोपाई कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब है। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क और ज्यादा बदहाल हो गई है। वहीं, स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए इस रास्ते पर दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।1
- मेरी प्यारी सी भांजी का प्यारा सा डांस अगर अच्छा लगे तो plz like...........1
- *हर घर तिरंगा अभियान के तहत बाइक रैली को मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* *समाचार* *हर घर तिरंगा अभियान के तहत बाइक रैली को मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 11 अगस्त 2026/स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आज तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली को जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान एवं देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा बाइक रैली का शुभारंभ कलेक्टोरेट परिसर से हुआ। रैली दुर्गा चौक पेंड्रा होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम थाना गौरेला तक पहुंची। हाथों में तिरंगा लेकर बाइक एवं स्कूटी सवार प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ रैली में हिस्सा लिया। इस दौरान भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से वातावरण राष्ट्रप्रेम से सराबोर रहा। इस अवसर पर मरवाही विधायक एवं उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, नगर पालिका गौरेला अध्यक्ष मुकेश दुबे, कलेक्टर विजय दयाराम के., जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे उपस्थित थे। रैली के माध्यम से जिलेवासियों को राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने तथा अपने घरों पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाने का आह्वान किया।4
- स्कूल में शराबी का हाई-वोल्टेज ड्रामा, क्लासरूम में घुसा नशे में धुत युवक, बच्चों के सामने शिक्षक से मारपीट शहडोल | बुढ़ार थाना क्षेत्र की केशवाही चौकी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमकी टोला में शराब के नशे में एक युवक के घुसने से हड़कंप मच गया। आरोप है कि युवक क्लासरूम में बच्चों के बीच पहुंचा और फर्श पर लेटकर गाना गाने लगा। इसके बाद उसने हंगामा करते हुए जमीन पर सिर पटकना शुरू कर दिया। शिक्षक ने जब युवक को रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौच और मारपीट शुरू कर दी। शिक्षक को गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इस दौरान क्लासरूम में मौजूद बच्चे डर के मारे सहमे रहे।2
- राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏 राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏1
- जिला स्तरीय जनसुनवाई में 56 आवेदनों पर हुई सुनवाई कलेक्टर ने अधिकारियों को आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश अनूपपुर - कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में आज जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर रत्नाकर झा ने जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं तथा प्राप्त 56 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरतापूर्वक कार्यवाही करते हुए आवेदकों को नियमानुसार राहत दिलाना सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई में तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम बहपुर निवासी फूल सिंह ने भूमि का नक्शा सुधार कराए जाने, ग्राम डोंगराटोला अमिलिहा, जैतहरी की पूनम स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने आंगनबाड़ी केन्द्र दर्रीटोला में खाद्यान्न उपलब्ध कराने, करौदी, पुष्पराजगढ़ निवासी सुरेंद्र कुमार ने विद्युत आपूर्ति सुचारू कराने तथा ग्राम दुलहरा, तहसील अनूपपुर निवासी श्रीमती मानकुमारी सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार ग्राम बुढ़ानपुर, तहसील कोतमा निवासी दीपक चौधरी ने राशन कार्ड बनाए जाने, ग्राम कटहुली, तहसील जैतहरी निवासी महेंद्र सिंह चौहान ने घरेलू विद्युत कनेक्शन काटकर विद्युत आपूर्ति बंद किए जाने तथा ग्राम पड़ौर, तहसील अनूपपुर निवासी सीबी मार्को ने खराब विद्युत ट्रांसफार्मर हटाकर नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम भाद, अनूपपुर निवासी श्रीमती मान कुंवर ने किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में प्राप्त अन्य आवेदनों को भी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रेषित किया गया। कलेक्टर श्री झा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें तथा की गई कार्यवाही से संबंधित आवेदकों को अवगत कराया जाए।1