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मेरी प्यारी सी भांजी का प्यारा सा डांस अगर अच्छा लगे तो plz like...........
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- राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏 राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏1
- भोपाल में युवाओं कि बड़ी जीत। डिजिटल क्रॉप सर्वेयरों का आंदोलन सफल, रोटेशन प्रणाली पर लगी रोक। आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, लोकल यूथ की यूजर आईडी हुआ चालू नई नियुक्ति बंद करने का फैसला बदला। स्थानीय युवाओं की रोजगार की हुई जीत रोटेशन प्रणाली बंद करने की आदेश। युवाओं में जश्न का माहौल। बंद की गई सभी यूजर आईडी को फिर से चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति बंद करने और युवाओं को हटाने के फैसले को वापस ले लिया गया है। स्थानीय युवाओं ने इस फैसले को रोजगार की सुरक्षा और अपनी एकजुटता की बड़ी जीत बताया है।1
- 🚨 बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित, गेट खुलने से पहले मिलेगी चेतावनी 🚨 बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित, गेट खुलने से पहले मिलेगी चेतावनी नदी क्षेत्र में बढ़ते जलप्रवाह से पहले लोगों को किया जाएगा सतर्क, प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर जारी की अपील डिंडोरी, 11 अगस्त 2026। बिलगांव मध्यम परियोजना में मंगलवार को जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सायरन प्रणाली स्थापित की गई है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में यह व्यवस्था जनप्रतिनिधियों की निरंतर मांग को ध्यान में रखते हुए की गई है। परियोजना के गेट खोले जाने से पहले सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। इससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों तथा आसपास मौजूद ग्रामीणों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का अवसर मिलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से संभावित हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। सायरन बजे तो तुरंत नदी क्षेत्र छोड़ें प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनते ही तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश करने अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य करने से बचें। जल संसाधन विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन प्रणाली की स्थापना से गेट संचालन के दौरान पूर्व चेतावनी व्यवस्था मजबूत होगी और नदी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। 👉 प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—सायरन बजे, तो नदी से दूरी बनाएं और सुरक्षित स्थान पर जाएं।1
- वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित गेट खुलने से पहले मिलेगी नदी क्षेत्र में जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी, किसानों और ग्रामीणों को मिलेगी सुरक्षा डिंडौरी, - बिलगांव मध्यम परियोजना में आखिरकार वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई। भारतीय किसान संघ द्वारा लंबे समय से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों, किसानों, मछुआरों एवं नदी में कार्य करने वाले लोगों को पूर्व चेतावनी देने के लिए सायरन लगाने की मांग की जा रही थी। मंगलवार को जल संसाधन विभाग द्वारा बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में स्थापित किए गए इस सायरन से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी दी जाएगी। इससे लोगों को समय रहते नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर मिलेगा। भारतीय किसान संघ लगातार उठा रहा था सुरक्षा का मुद्दा भारतीय किसान संघ द्वारा पिछले कई वर्षों से बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। संगठन का कहना था कि परियोजना के गेट अचानक खोले जाने पर नदी का जलस्तर और प्रवाह तेजी से बढ़ सकता है, जिससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों, किसानों एवं आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। किसान संघ की लगातार मांग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विषय को उठाए जाने के बाद अब परियोजना में सायरन स्थापित किया गया है। सायरन लगने से गेट संचालन से पहले लोगों को अलर्ट करने की व्यवस्था मजबूत होगी। गेट खुलने से पहले बजेगा सायरन परियोजना के गेट खोले जाने से पूर्व सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में उपस्थित लोगों को जल प्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। सायरन की आवाज सुनते ही नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर जाने का समय मिल सकेगा। इससे संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। नदी क्षेत्र में जाने से बचने की अपील प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामवासियों, किसानों, मछुआरों तथा नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन बजने पर तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य न करें। विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन की स्थापना से गेट संचालन के समय पूर्व चेतावनी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा नदी क्षेत्र में रहने एवं काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से की जा रही मांग पूरी होने पर भारतीय किसान संघ एवं क्षेत्र के किसानों ने राहत व्यक्त करते हुए इसे जनसुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।1
- तिरंगे के रंग में रंगा पाली, सरस्वती स्कूल से साईं मंदिर तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा तिरंगे के रंग में रंगा पाली, सरस्वती स्कूल से साईं मंदिर तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा उमरिया तपस गुप्ता देशभक्ति के जज्बे और राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली नगर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। पाली नगर मंडल अध्यक्ष राधा विजय तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, भाजपा मंडल पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों ने पूरे मार्ग को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। तिरंगा यात्रा की शुरुआत सरस्वती विद्यालय से हुई। यहां से यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए साईं मंदिर तक पहुंची। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा। बड़ी संख्या में छात्राएं भी यात्रा में शामिल हुईं और पूरे उत्साह के साथ तिरंगा लेकर कदम से कदम मिलाकर चलती नजर आईं। आयोजकों ने बताया कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रप्रेम, एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। यात्रा में शामिल लोगों ने तिरंगे को सम्मान के साथ थामे रखा और देश की एकता एवं अखंडता का संदेश दिया। सरस्वती विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी विद्यार्थियों के साथ यात्रा में सहभागिता की। भाजपा मंडल पाली के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन को और व्यापक रूप दिया। यात्रा के दौरान सड़क के दोनों ओर लोगों की नजरें भी तिरंगा यात्रा पर टिकी रहीं। विद्यार्थियों की अनुशासित कतार, हाथों में लहराते राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति के नारों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत भी किया। पाली नगर में निकली इस तिरंगा यात्रा ने न केवल लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया, बल्कि युवा पीढ़ी को देश की एकता और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का संदेश भी दिया। आयोजन के समापन पर सभी ने देश की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया। तिरंगा यात्रा में प्रभारी सुदामा विश्वकर्मा, मंडल अध्यक्ष राधा तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला प्रधान, उपाध्यक्ष राजेश पटेल, महामंत्री विमल अग्रवाल, एल्डरमैन चिंटू सोनी एवं कामता विश्वकर्मा, बहादुर सिंह, प्रकाश पालीवाल, राजकुमार खरे, पार्षद भरत प्रजापति, समय लाल साहू, प्रेमलता बर्मन, लक्ष्मी विश्वकर्मा, सितारा विश्वकर्मा, बबली यादव, सुरेश विश्वकर्मा, हिमांशु तिवारी, नीरज रॉय, किशन कोरी, देवी सिंह और क्षेत्रपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं नगरवासी मौजूद रहे।4
- जेल भरो आंदोलन का व्यापक समर्थन, सैकड़ों किसान मजदूर एवं महिलाओं ने दी गिरफ्तारी - जुगुल राठौर अनूपपूर - संयुक्त ट्रेड यूनियन एवं संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आव्हान पर जिला मुख्यालय अनूपपुर में जेल भरो आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला। जेल भरो आंदोलन का नेतृत्व सीटू जिला समिति अनूपपुर, मध्यप्रदेश किसान सभा जिला समिति अनूपपुर,अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति अनूपपुर एवं आदिवासी एकता महासभा जिला समिति अनूपपुर के अगुआई में सैकड़ों के तादाद में गिरफ्तारी दी गई। गिरफ्तारी के पूर्व आमसभा का आयोजन किया गया। आमसभा को महिला एवं किसान नेत्री कामरेड नीना शर्मा ने संबोधित करते हुए कहीं कि भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में आज देश में हर तरफ हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि -42 श्रम कानून खत्म कर 4 लेबर कोड लाए। अब फैक्ट्री बंद करो, हड़ताल मत करो, 12 घंटे काम करो। मजदूर को फिर से बंधुआ बनाने की साजिश है। सारी सरकारी नौकरी ठेके और आउटसोर्स में बदल दी। किसान और खेत मजदूर पर हमला - अमेरिका से डील करके हमारी मंडी विदेशी माल के लिए खोल दी। डेयरी, सोयाबीन, मक्का सब बर्बाद। ऊपर से मनरेगा को कमजोर कर दिया। खेत मजदूर को भूखा मरने पर छोड़ दिया। आदिवासी-दलित से जल, जंगल, जमीन छीनी जा रही है। कॉरपोरेट को सब सौंप दिया। महंगाई, बेरोजगारी और अत्याचार बढ़े। महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ सत्ता की राजनीति हो रही है। बिना शर्त महिला आरक्षण लागू करवाने के लिए पिछले 17 दिन से हमारी बहनें जंतर मंतर पर बैठी हैं, पर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। नौजवानों के भविष्य पर हमला किया जा रहा है व्यापमं, NEET, CUET, SSC... हर परीक्षा में घोटाला। होनहार छात्रों का हक मारा जा रहा है। जब छात्रों ने आवाज उठाई तो उन्हें कुचला गया। लेकिन बच्चों ने बता दिया कि तानाशाहों से मजाक-मजाक में भी लड़ा जाता है! और ये सब किसके लिए? अडानी-अम्बानी को मजबूत करने के लिए और 140 करोड़ जनता को बदहाल करने के लिए। साथियों, ये सरकार दमन करती है। पर न किसान झुका, न मजदूर झुका, न छात्र झुके, न महिलाएं झुकीं। आगामी समय में लड़ाई और तेज करनी होगी , आमसभा की संचालन सीटू नेता कामरेड इन्द्र पति सिंह ने किया और अध्यक्षता दलबीर केवट, अफसाना बेगम, रमेश सिंह परस्ते, पार्वती राठौर, जुगुल किशोर राठौर के अध्यक्ष मण्डल ने किया। आमसभा को मंजू भारती, रामू यादव, संध्या शुक्ला,मदन सिंह, रमेश सिंह,सम्हारु कोल, पार्वती राठौर, देवेन्द्र कुमार निराला,तेरसू सिंह गोड़, सुमित्रा सिंह गोड़, जुगुल किशोर राठौर, भगवान दास, एवं ओमप्रकाश राठौर सहित आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। तत्पश्चात सैकड़ों कार्यकर्ता ने गिरफ्तारी दी और उन्हें पुलिस वाहन में ठूंस कर जेल भेजने की कार्यवाही की गई, और बिना शर्त के रिहा किया गया।1
- राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏1
- करंजिया में 9 अगस्त 2026 विश्व आदिवासी दिवस धूम धाम से मनाया गया।1
- आज तक भी शासकीय एकीकृत विद्यालय माध्य शाला बरसोद की स्थिति है कौन सुधारेगा (जय जोहार) बच्चों के शिक्षा व्यवस्था और उनकी वचन बड़ी भाषा में कौन है सुधार कर सकता है ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत इसमें कोई सहमति नहीं दे सकता बच्चों की स्थिति पढ़ने और समय में बच्चों का बोल भाषा आचरण में सुधार हो धन्यवाद1