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रामगंजमंडी में राशन दुकान पर गेहूं के लिए उमड़ी भीड़, सड़क पर लगा जाम, पुलिस ने संभाली व्यवस्था रामगंजमंडी शहर की गरीब नवाज कॉलोनी के पास उचित मूल्य की दुकान पर गेहूं लेने के लिए लोगों की लंबी कतार लग गई, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। भीड़ इतनी अधिक थी कि राहगीरों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। रविवार दोपहर करीब 2 बजे मौके पर अव्यवस्था बढ़ने की सूचना मिलते ही रामगंजमंडी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस ने लोगों को व्यवस्थित तरीके से लाइन में लगवाया और यातायात को सुचारू कराया। स्थानीय लोगों ने बताया कि समय पर और पर्याप्त वितरण नहीं होने के कारण इस तरह की स्थिति बनती है। वहीं पुलिस की समझाइश के बाद तोड़ी राहत नजर आई।
Aajam Choudhary
रामगंजमंडी में राशन दुकान पर गेहूं के लिए उमड़ी भीड़, सड़क पर लगा जाम, पुलिस ने संभाली व्यवस्था रामगंजमंडी शहर की गरीब नवाज कॉलोनी के पास उचित मूल्य की दुकान पर गेहूं लेने के लिए लोगों की लंबी कतार लग गई, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। भीड़ इतनी अधिक थी कि राहगीरों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। रविवार दोपहर करीब 2 बजे मौके पर अव्यवस्था बढ़ने की सूचना मिलते ही रामगंजमंडी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस ने लोगों को व्यवस्थित तरीके से लाइन में लगवाया और यातायात को सुचारू कराया। स्थानीय लोगों ने बताया कि समय पर और पर्याप्त वितरण नहीं होने के कारण इस तरह की स्थिति बनती है। वहीं पुलिस की समझाइश के बाद तोड़ी राहत नजर आई।
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- रामगंजमंडी शहर की गरीब नवाज कॉलोनी के पास उचित मूल्य की दुकान पर गेहूं लेने के लिए लोगों की लंबी कतार लग गई, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। भीड़ इतनी अधिक थी कि राहगीरों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। रविवार दोपहर करीब 2 बजे मौके पर अव्यवस्था बढ़ने की सूचना मिलते ही रामगंजमंडी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस ने लोगों को व्यवस्थित तरीके से लाइन में लगवाया और यातायात को सुचारू कराया। स्थानीय लोगों ने बताया कि समय पर और पर्याप्त वितरण नहीं होने के कारण इस तरह की स्थिति बनती है। वहीं पुलिस की समझाइश के बाद तोड़ी राहत नजर आई।1
- रावतभाटा शहर में समाजसेवियों और पुलिस की तत्परता से एक गुमशुदा बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार से मिलाने का सराहनीय कार्य सामने आया है। देर रात केकड़ी डिपो से रावतभाटा आने वाली बस में कान्हा बैरवा नाम का एक बच्चा मिला। जो मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर प्रतीत हो रहा था। बस कंडक्टर प्रमोद राठौर ने बताया कि केकड़ी निवासी गणेश गोस्वामी द्वारा इस बच्चे को बस में बैठाया गया था। बच्चा लगातार यह कह रहा था कि उसका परिवार रावतभाटा में रहता है। सूचना मिलते ही पत्रकार विजय सिंह सोलंकी और समाजसेवी बालकिशन गुलाटी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चे से जानकारी लेकर गणेश गोस्वामी से संपर्क किया। बातचीत में सामने आया कि बच्चा करीब 20 दिन पहले जयपुर में मिला था। जहां से उसे केकड़ी लाया गया और परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया गया। परिजनों की आंशिक जानकारी मिलने पर बच्चे को केकड़ी से रावतभाटा भेजा गया, लेकिन स्पष्ट जानकारी के अभाव में बस कंडक्टर ने समाजसेवियों से सहायता मांगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बालकिशन गुलाटी ने तुरंत रावतभाटा थाना अधिकारी संजीव स्वामी को सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को थाने लाकर पूछताछ की। थाने में पुलिसकर्मी शांतिलाल, रामावतार मीणा, बीपी मीणा और जितेंद्र सहित अन्य स्टाफ के सहयोग से बच्चे के परिजनों का पता लगाया गया। जांच में बच्चे के मामा दुर्गा लाल बैरवा, निवासी चंद्रपुरिया बस्ती चारभुजा रावतभाटा का पता चला। पुलिस और समाजसेवियों के संयुक्त प्रयास से बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इस मानवीय पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। जहां सभी ने मिलकर एक बच्चे को उसके अपनों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- *Written By::::Shri Harsh Bairagi Mandsaur* ✍️ ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ #Updated_News *5 Apr 2026,08:30 PM* ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ *मामला मंदसौर जिले के गुजरबर्डीया गांव से जुड़ा है। इस गाँव के संदर्भ में मेरे द्वारा कई बार ख़बर लगाई गई है।अपनी लगाई गई खबर का असर भी त्वरित गति से होता हैं,सूरी रोड से श्री चौकी महादेव मंदिर 🛕🚩 स्थल तक Pwd कर्मचारी द्वारा सीसी रोड का निर्माण कार्य गत दिवसों में त्वरित गति से सम्पन्न करवाया गया है,मेरे द्वारा ख़बर के साथ लगाए गए फोटो एवं वीडियो में आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।PWD कर्मचारियों द्वारा विधायक निधि से उस सड़क का भी निर्माण किया गया है जिस सड़क पर गत कुछ दिवस पूर्व गुजरबर्डीया चौपाटी पर एक्सीडेंट हुआ था, सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद PWD कर्मचारियों द्वारा मेन चौपाटी पर स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए गए हैं, इसलिए चौपाटी से गुजरबर्डीया गांव की तरफ जो भी वाहन जाते हैं, वह अक्सर त्वरित गति में होते हैं। आपको याद नहीं है लेकिन मैं याद दिला दूं कि 2017 में गुजरबर्डीया गांव का 42 वर्षीय युवक अपनी मां को मोटरसाइकिल पर पीछे बैठाकर मंदसौर ले जा रहा था उस समय गांव से चौपाटी रोड पर जाते समय चौपाटी पर खड़ी बस को ओवरटेक करने के चक्कर में बस में घुस गया था, जिससे पीछे बैठी मां की मृत्यु हो गई वह बच गया। यह हादसा भी उस समय बेहद दुखदायक रहा हैं,गुजरबर्डीया चौपाटी से गुर्जरबर्डीया गांव की तरफ जो सड़क जाती हैं वह सीतामऊ मंदसौर रोड से सटकर थोड़ी सी हल्की ढलान वाली सड़क हैं जो चिपलाना रोड और गुजरबर्डीया गांव में जाती है। इस नवीन रोड पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाने अत्यंत आवश्यक हैं। गांव गुजरबर्डीया चौपाटी से सूरी रोड स्थित चौकी महादेव मंदिर स्थल तक 200 मीटर सीसी रोड एवं गांव गुजरबर्डीया के अंदर तक जाने हेतु सुगम मार्ग बनाया गया है लेकिन मेन चौपाटी पर हल्की ढलान वाली सड़क पर पहले वाली छोटी सड़क की भांति इस नवीन सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाने अत्यंत आवश्यक हैं, ताकि गांव के अंदर एवं चिपलाना रोड आने-जाने वाले राहगीर अपनी गाड़ी धीरे चला सके, एक बात ओर आप लोगों को बता देनी आवश्यक हैं कि सीतामऊ मंदसौर रोड पर हादसों की मुख्य वजह ओवरस्पीडिंग रही हैं, हिंदी में इसका मतलब आप तेज गति से वाहन चला नहीं रहे हैं ❎ बल्कि वाहन को उड़ा रहे हैं✅, सड़क गांव की हो या 2 लेन/4 लेन हो,आपको अपनी निर्धारित गति में ही वाहन चलाना है। अक्सर हादसों के जिम्मेदार हम स्वयं होते हैं लेकिन अपनी गलतियां हम क्षेत्रीय विधायक सांसद पर थोप देते हैं। आपके क्षेत्र में अच्छी सड़क इसलिए नहीं बनाई गई है कि आप अपने वाहन को राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन की भांति उड़ाओ।अक्सर किसी न किसी 4 व्हीलर ट्रक या बस के पीछे लिखा हुआ मैसेज मिल जाता है, लेकिन लोग इस मैसेज को इग्नोर कर देते हैं:--- """धीरे चलोगे तो बार बार मिलेंगे, तेज चलोगे तो हरिद्वार मिलेंगे!""" इसका मतलब यह होता है कि वाहन को तेज गति से उड़ाने✅ पर आप भगवान् को प्यारे हो सकते है। किसी को भी आभास तक नहीं था कि डिप्टी सीएम साहब श्री जगदीश देवड़ा जी के विधायक निधि से निर्मित गुजरबर्डीया गांव में जाने वाली इस नई सड़क का शुभ मुहूर्त इतना बुरा होगा।एक अच्छी सड़क जिसमें न तो गड्ढे है न ही स्क्रेच है वह SH(स्टेट हाईवे) & NH(नेशनल हाईवे)कहलाती हैं,जो टैक्स भरने वाले,टोल देने वाले 4 व्हीलर वाहनों के लिए बनाई गई है, इसलिए 2 व्हीलर वाहन चालकों का दायित्व बनता हैं कि वह घर से ऑफिस & ऑफिस से घर जाए तब रोड के किनारे अपना 2 व्हीलर वाहन चलाएं,और NH व SH रोड पर नियंत्रित स्पीड में वाहन चलाएं, क्योंकि कोई न कोई घर पर आपकी राह देख रहा है।अक्सर मैने देखा है कि फोर व्हीलर वाहन चालक ओवरटेक करने में सफल हो जाते हैं लेकिन टू व्हीलर वाहन चालक ओवरटेक में अपनी जान गँवा देते हैं इसलिए मैने अपनी बात केवल टू व्हीलर वाहन चालकों के लिए ही लिखी है, कृपया टू व्हीलर वाहन चालक मेरी बात का बुरा न माने✍️👏🙏* *आज के लिए इतना ही ✒️*1
- Post by वचन(कमल ) प्रजापति1
- एक तरफ सरकार के दावे हैं कि हमारे पास गैस, तेल के दो महीने तक के रिजर्व हैं, या ये कि स्ट्रैट ऑफ हार्मुज से हमारे तेल गैस के कंटेनर आसानी निकल रहे हैं या ये कि किल्लत की बात करके देश में पैनिक पैदा किया जा रहा है लेकिन जमीनी सच्चाई इन सब दावों और खरीदी हुई मीडिया के जुड़े दिन रात सरकार का भोंपू बनकर हकीकत छुपाने से बदलेगी नहीं, ईरान पर हमले के एक हफ्ते बाद से ही इस क्राइसिस का असर दिखना शुरू हो गया था, हालत ये है कि अब ब्लैक में भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहा...1
- बड़गांव |हाड़ौती की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने सात समंदर पार एक नया इतिहास रचा है। बारां जिले के पाटोन्दा गांव में पिछले 165 वर्षों से आयोजित हो रही अद्वितीय 'ढाई कड़ी की रामलीला' अब अंतर्राष्ट्रीय शोध का विषय बन चुकी है। इस अनूठी लोक कला की महत्ता को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ने अपनी प्रतिष्ठित पुस्तक 'रुटलेज हैंडबुक ऑफ फेस्टिवल 2018' में इस पर एक विशेष अध्याय शामिल किया है। डॉ. अनुकृति के शोध से मिली वैश्विक पहचान पाटोन्दा की इस विरासत को विश्व पटल पर लाने का श्रेय डॉ. अनुकृति शर्मा को जाता है। उनके गहन शोध के बाद ही इस रामलीला की बारीकियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।इसके महान रचयिता गुरु गणपत लाल दाधीच द्वारा रचित इस रामलीला के 'ढाई कड़ी' के छंदों और संवादों की शैली इतनी विलक्षण है कि विदेशी शिक्षाविद् भी इसे भारतीय संस्कृति का एक अनूठा मॉडल मान रहे हैं। अयोध्या में सरकारी खर्च पर दी प्रस्तुति गांव की इस रामलीला की ख्याति केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मंच पर भी मनवाया है। भारत सरकार के आमंत्रण पर इस रामलीला दल ने अयोध्या में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रामायण मेले' में अपनी कला का प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि कलाकारों का पूरा खर्च भारत सरकार द्वारा वहन किया गया, जो पाटोन्दा की इस कला के प्रति राष्ट्रीय सम्मान को दर्शाता है। बिना ट्रेनिंग, रग-रग में रची है रामलीला इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ के कलाकारों को किसी रिहर्सल या औपचारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं पड़ती। गांव के बालक, युवा और बुजुर्गों के मन में यह रामलीला इस कदर रची-बसी है कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी यह कला बिना किसी कागजी रिहर्सल के हस्तांतरित हो रही है। डेढ़ सदी से भी अधिक समय से यह सिलसिला अनवरत जारी है। हाड़ौती का गौरव बनी 'ढाई कड़ी' पाटोन्दा की यह रामलीला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली बारां जिले की पहली रामलीला है। यह न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राजस्थान की उस जीवंत संस्कृति का उदाहरण है जो आधुनिकता के दौर में भी अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़ी हुई है।1
- Post by Mahendar.merotha1
- रामगंजमंडी के रिछाड़िया गांव के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे 60 वर्षीय व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद मृतक की गर्दन शरीर से अलग हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को रामगंजमंडी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। इसके बाद रविवार दोपहर करीब 2 बजे शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौप दिया गया। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान देवीलाल गुर्जर निवासी तमोलिया गांव के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह खेत से लौटते समय सड़क पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1