गुरु वही, जो स्वयं दीपक बनकर दूसरों का जीवन प्रकाशित करे 38 वर्षों का शानदार सफर पूर्ण कर समर्पण, संघर्ष और उत्कृष्टता की मिसाल बने प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह गरिमामय सेवा यात्रा का अवसान, ‘भोला मास्टर’ को भव्य एवं भावपूर्ण विदाई अशोक ने अंतिम दिन भी विद्यार्थियों को पुस्तकें भेंट कर निभाया गुरु धर्म, शिक्षा के आदर्शों को किया साकार विदाई समारोह में उमड़ा स्नेह, अभिभावकों व ग्रामीणों की आंखें छलकी शुभकामनाओं की गूंज से गूंजा परिसर कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और संस्कारों से गढ़ी पीढ़ियां, शिक्षा जगत में अमिट छाप छोड़ सेवानिवृत्त हुए अशोक कुमार सिंह जगतपुर, रायबरेली। जगतपुर विकास क्षेत्र के साँहूकुंआ स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में 38 वर्षों की दीर्घ, अनुकरणीय और सफल सरकारी सेवा पूर्ण करते हुए सेवानिवृत्ति हुए। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य विदाई समारोह (फेयरवेल) भावनाओं, सम्मान और कृतज्ञता का अनूठा समारोह आयोजित किया गया। विदाई समारोह में हर वर्ग के लोगों ने अपने प्रिय ‘भोला मास्टर’ को भावुक होकर नाम आंखों से विदाई दी। अपने सेवाकाल के अंतिम दिन सोमवार को भी अशोक कुमार सिंह विद्यालय में अपने कर्तव्य से अडिग रहे और विद्यार्थियों को पुस्तकें भेंट कर यह संदेश दिया कि शिक्षक का धर्म जीवन पर्यंत चलता है। यह प्रेरणादायी दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए एक अमिट स्मृति बन गया और समारोह को विशेष गरिमा प्रदान कर गया। बताते चलें कि 13 जुलाई 1987 से प्रारंभ हुई उनकी शिक्षकीय यात्रा ने शिक्षा जगत में एक सशक्त पहचान स्थापित की। अपने कुशल नेतृत्व, अनुशासित कार्यशैली और मानवीय दृष्टिकोण के बल पर उन्होंने सेवानिवृत्ति के सफर में अपने कंपोजिट विद्यालय साँहूकुंआ को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन का उत्कृष्ट केंद्र बनाया। उनके कार्यकाल में विद्यालय ने न केवल शैक्षिक गुणवत्ता में नई ऊंचाइयां प्राप्त कीं, बल्कि छात्रों के नैतिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिली। अशोक कुमार सिंह की कार्यशैली में दृढ़ता और सरलता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। उन्होंने विद्यालय को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे संस्कारों की प्रयोगशाला बनाया, जहां प्रत्येक छात्र को बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा मिली। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। बता दें कि वे जगतपुर समूचे विकास क्षेत्र में ‘भोला मास्टर’ के नाम से जाने जाते हैं। अशोक कुमार सिंह केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि विश्वास, सादगी और आदर्श का प्रतीक बन चुके हैं। ग्रामीण आज भी उन्हें अत्यंत सम्मान और आत्मीयता के साथ “मास्टर साहब” कहकर संबोधित करते हैं। समारोह के दौरान छात्रों, अभिभावकों और सहकर्मियों ने भावुक होकर अपने प्रिय गुरु को विदाई दी। विद्यार्थियों ने चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, वहीं उपस्थित जनसमूह ने उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की। विद्यालय में शिक्षकों द्वारा आयोजित विदाई समारोह के दौरान अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मैंने अपने जीवन में शिक्षण को केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा और साधना के रूप में अपनाया। 38 वर्षों के इस सफर में मुझे छात्रों, अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों से जो अपार स्नेह और सम्मान मिला, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। इस प्यार और विश्वास को मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा। मेरी यही कामना है कि हमारे विद्यार्थी संस्कारित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज को नई दिशा दें। इस अवसर पर आओ चली जाएगी। इस अवसर पर राना बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज शंकरपुर के प्रबंधक हरिचन्द्र बहादुर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह शिक्षा जगत के ऐसे उज्ज्वल स्तंभ हैं, जिन्होंने अपने समर्पण, अनुशासन और सादगीपूर्ण जीवन से एक उच्च आदर्श स्थापित किया है। उनका 38 वर्षों का सेवाकाल प्रेरणा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने जिस निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया, वह वास्तव में अनुकरणीय है। ऐसे शिक्षक समाज की सच्ची पूंजी होते हैं, जिनकी छाप सदैव अमिट रहती है। समारोह में जगतपुर क्षेत्र के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अशोक कुमार सिंह के योगदान को सराहा और उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल, स्वस्थ और सुखमय जीवन की कामना की। सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर यह स्पष्ट रूप से महसूस किया गया कि भले ही अशोक कुमार सिंह औपचारिक रूप से अपने पद से विदा हो रहे हों, लेकिन उनके द्वारा स्थापित आदर्श, संस्कार और शिक्षा की ज्योति आने वाली पीढ़ियों को सदैव आलोकित करती रहेगी। विद्यालय में आयोजित भव्य विदाई समारोह में भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व निदेशक एवं राना बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कालेज शंकरपुर के प्रबंधक हरिचंद्र बहादुर सिंह, जगतपुर कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक सत्यदेव सिंह, हेड मास्टर केदार सिंह, अमर बहादुर सिंह पूर्व हेड मास्टर, रणवीर सिंह पूर्व हेड मास्टर, मुरली मनोहर पूर्व हेड मास्टर, रामनरेश पूर्व हेड मास्टर, भानु सिंह सहायक अध्यापक उमरी, सान्हूंकुआं कंपोजिट विद्यालय के शिक्षकों में सहायक अध्यापक, इंचार्ज सीमा सिंह , दीपिका सिंह सहायक अध्यापक, रिंकू पाल सहायक अध्यापक, सहायक अध्यापक दिनेश सिंह, शालिनी सहायक अध्यापक, सत्या श्रीवास्तव, दिलीप सिंह, सुधा सिंह, संजय कुमार सिंह, आशा सिंह सहित जगतपुर क्षेत्र से पूर्व बीडीसी हरिशरण सिंह, अश्मित सिंह सौरभ, अनिल श्रीवास्तव, एडवोकेट मनीष श्रीवास्तव, अर्पित श्रीवास्तव, राजेश सिंह, राकेश सिंह, ग्राम प्रधान राजकुमार सिंह धीरज भैया, अनुज सिंह, सानिध्य सिंह, शिवकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
गुरु वही, जो स्वयं दीपक बनकर दूसरों का जीवन प्रकाशित करे 38 वर्षों का शानदार सफर पूर्ण कर समर्पण, संघर्ष और उत्कृष्टता की मिसाल बने प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह गरिमामय सेवा यात्रा का अवसान, ‘भोला मास्टर’ को भव्य एवं भावपूर्ण विदाई अशोक ने अंतिम दिन भी विद्यार्थियों को पुस्तकें भेंट कर निभाया गुरु धर्म, शिक्षा के आदर्शों को किया साकार विदाई समारोह में उमड़ा स्नेह, अभिभावकों व ग्रामीणों की आंखें छलकी शुभकामनाओं की गूंज से गूंजा परिसर कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और संस्कारों से गढ़ी पीढ़ियां, शिक्षा जगत में अमिट छाप छोड़ सेवानिवृत्त हुए अशोक कुमार सिंह जगतपुर, रायबरेली। जगतपुर विकास क्षेत्र के साँहूकुंआ स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में 38 वर्षों की दीर्घ, अनुकरणीय और सफल सरकारी सेवा पूर्ण करते हुए सेवानिवृत्ति हुए। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य विदाई समारोह (फेयरवेल) भावनाओं, सम्मान और कृतज्ञता का अनूठा समारोह आयोजित किया गया। विदाई समारोह में हर वर्ग के लोगों ने अपने प्रिय ‘भोला मास्टर’ को भावुक होकर नाम आंखों से विदाई दी। अपने सेवाकाल के अंतिम दिन सोमवार को भी अशोक कुमार सिंह विद्यालय में अपने कर्तव्य से अडिग रहे और विद्यार्थियों को पुस्तकें भेंट कर यह संदेश दिया कि शिक्षक का धर्म जीवन पर्यंत चलता है। यह प्रेरणादायी दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए एक अमिट स्मृति बन गया और समारोह को विशेष गरिमा प्रदान कर गया। बताते चलें कि 13 जुलाई 1987 से प्रारंभ हुई उनकी शिक्षकीय यात्रा ने शिक्षा जगत में एक सशक्त पहचान स्थापित की। अपने कुशल नेतृत्व, अनुशासित कार्यशैली और मानवीय दृष्टिकोण के बल पर उन्होंने सेवानिवृत्ति के सफर में अपने कंपोजिट विद्यालय साँहूकुंआ को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन का उत्कृष्ट केंद्र बनाया। उनके कार्यकाल में विद्यालय ने न केवल शैक्षिक गुणवत्ता में नई ऊंचाइयां प्राप्त कीं, बल्कि छात्रों के नैतिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिली। अशोक कुमार सिंह की कार्यशैली में दृढ़ता और सरलता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। उन्होंने विद्यालय को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे संस्कारों की प्रयोगशाला बनाया, जहां प्रत्येक छात्र को बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा मिली। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। बता दें कि वे जगतपुर समूचे विकास क्षेत्र में ‘भोला मास्टर’ के नाम से जाने जाते हैं। अशोक कुमार सिंह केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि विश्वास, सादगी और आदर्श का प्रतीक बन चुके हैं। ग्रामीण आज भी उन्हें अत्यंत सम्मान और आत्मीयता के साथ “मास्टर साहब” कहकर संबोधित करते हैं। समारोह के दौरान छात्रों, अभिभावकों और सहकर्मियों ने भावुक होकर अपने प्रिय गुरु को विदाई दी। विद्यार्थियों ने चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, वहीं उपस्थित जनसमूह
ने उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की। विद्यालय में शिक्षकों द्वारा आयोजित विदाई समारोह के दौरान अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मैंने अपने जीवन में शिक्षण को केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा और साधना के रूप में अपनाया। 38 वर्षों के इस सफर में मुझे छात्रों, अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों से जो अपार स्नेह और सम्मान मिला, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। इस प्यार और विश्वास को मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा। मेरी यही कामना है कि हमारे विद्यार्थी संस्कारित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज को नई दिशा दें। इस अवसर पर आओ चली जाएगी। इस अवसर पर राना बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज शंकरपुर के प्रबंधक हरिचन्द्र बहादुर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह शिक्षा जगत के ऐसे उज्ज्वल स्तंभ हैं, जिन्होंने अपने समर्पण, अनुशासन और सादगीपूर्ण जीवन से एक उच्च आदर्श स्थापित किया है। उनका 38 वर्षों का सेवाकाल प्रेरणा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने जिस निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया, वह वास्तव में अनुकरणीय है। ऐसे शिक्षक समाज की सच्ची पूंजी होते हैं, जिनकी छाप सदैव अमिट रहती है। समारोह में जगतपुर क्षेत्र के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अशोक कुमार सिंह के योगदान को सराहा और उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल, स्वस्थ और सुखमय जीवन की कामना की। सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर यह स्पष्ट रूप से महसूस किया गया कि भले ही अशोक कुमार सिंह औपचारिक रूप से अपने पद से विदा हो रहे हों, लेकिन उनके द्वारा स्थापित आदर्श, संस्कार और शिक्षा की ज्योति आने वाली पीढ़ियों को सदैव आलोकित करती रहेगी। विद्यालय में आयोजित भव्य विदाई समारोह में भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व निदेशक एवं राना बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कालेज शंकरपुर के प्रबंधक हरिचंद्र बहादुर सिंह, जगतपुर कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक सत्यदेव सिंह, हेड मास्टर केदार सिंह, अमर बहादुर सिंह पूर्व हेड मास्टर, रणवीर सिंह पूर्व हेड मास्टर, मुरली मनोहर पूर्व हेड मास्टर, रामनरेश पूर्व हेड मास्टर, भानु सिंह सहायक अध्यापक उमरी, सान्हूंकुआं कंपोजिट विद्यालय के शिक्षकों में सहायक अध्यापक, इंचार्ज सीमा सिंह , दीपिका सिंह सहायक अध्यापक, रिंकू पाल सहायक अध्यापक, सहायक अध्यापक दिनेश सिंह, शालिनी सहायक अध्यापक, सत्या श्रीवास्तव, दिलीप सिंह, सुधा सिंह, संजय कुमार सिंह, आशा सिंह सहित जगतपुर क्षेत्र से पूर्व बीडीसी हरिशरण सिंह, अश्मित सिंह सौरभ, अनिल श्रीवास्तव, एडवोकेट मनीष श्रीवास्तव, अर्पित श्रीवास्तव, राजेश सिंह, राकेश सिंह, ग्राम प्रधान राजकुमार सिंह धीरज भैया, अनुज सिंह, सानिध्य सिंह, शिवकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
- रायबरेली। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत ऊंचाहार थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर चोरी की एक मोटरसाइकिल सहित एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। घटना का विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी प्रेम नारायण गुप्ता ने ऊंचाहार थाने में तहरीर दी थी कि 28 मार्च 2026 की रात मेडिकल स्टोर फ्लाईओवर के पास से उनकी मोटरसाइकिल (UP33BH2947) चोरी हो गई थी। पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर चोर की तलाश शुरू कर दी थी। गिरफ्तारी और बरामदगी सोमवार को चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने जमुनियाहार चौराहा से अभियुक्त मो. जाबिर उर्फ सोनू, निवासी ग्राम दीनगंज (डलमऊ), को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। अभियुक्त के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। सराहनीय पुलिस टीम इस सफल कार्रवाई में उप-निरीक्षक सौरभ पाण्डेय, मुख्य आरक्षी मनोज सिंह, आरक्षी विशाल और आरक्षी संदीप मौर्या की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक रायबरेली ने टीम के इस कार्य की सराहना की है।1
- उत्तर प्रदेश रायबरेली जिले के ऊंचाहार में -आदर्श सरस्वती ज्ञान मंदिर विद्यालय परिवार की ओर से ऊंचाहार नगर मे स्थित रामलीला मैदान मे कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमे मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र गुप्ता ऊँचाहार रहे !1
- Post by Devendra Kumar1
- Post by रिपोर्टर-धर्मराज निषाद1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- कौशाम्बी में जमीन विवाद ने रिश्तों का खौफनाक रूप दिखाया। महेवाघाट थाना क्षेत्र के अजरौली गांव में बेटे ने मां और भाई के साथ मिलकर पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। आरोपी लवलेश ने कबूल किया कि जमीन न होने से उसकी शादी नहीं हो पा रही थी, जिससे नाराज होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | कौशाम्बी 🚨 घरेलू कलह से तंग आकर विवाहिता ने उठाया खौफनाक कदम कौशाम्बी के कड़ाधाम थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में सास-बहू के विवाद से परेशान एक विवाहिता ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। परिजनों ने गंभीर हालत में महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल किया गया रेफर घटना के बाद परिवार में मचा हड़कंप आखिर कब रुकेगा घरेलू कलह का यह खतरनाक अंजाम?1
- ऊंचाहार, रायबरेली। तहसील क्षेत्र के शहजादपुर गांव में सोमवार की दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन से निकली एक चिंगारी ने खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब आधा दर्जन किसानों की मेहनत चंद मिनटों में जलकर खाक हो गई। घटना सोमवार दोपहर करीब 3:00 बजे की है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। इस अग्निकांड में शहजादपुर निवासी हंसराज और पुष्पराज की लगभग डेढ़-डेढ़ बीघा फसल नष्ट हो गई है। वहीं रामचंद्र मिश्रा, हरिश्चंद्र मिश्रा, रामलाल और बिंदा मंगरे के खेतों में भी भारी नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त इटोरा बुजुर्ग निवासी गायत्री देवी की 15 बिस्वा फसल भी आग की भेंट चढ़ गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ऊंचाहार, विवेक कुमार राजपूत ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम, जिसमें लेखपाल और कानूनगो शामिल हैं, उन्हें मौके पर भेजकर नष्ट हुई फसल का सटीक आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन द्वारा तैयार की गई क्षति रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित किसानों को उचित सरकारी राहत और मुआवजा दिलाया जाएगा। फिलहाल, क्षेत्रीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।1