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ब्रेकिंग न्यूज़ | कौशाम्बी 🚨 घरेलू कलह से तंग आकर विवाहिता ने उठाया खौफनाक कदम कौशाम्बी के कड़ाधाम थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में सास-बहू के विवाद से परेशान एक विवाहिता ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। परिजनों ने गंभीर हालत में महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल किया गया रेफर घटना के बाद परिवार में मचा हड़कंप आखिर कब रुकेगा घरेलू कलह का यह खतरनाक अंजाम?
प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
ब्रेकिंग न्यूज़ | कौशाम्बी 🚨 घरेलू कलह से तंग आकर विवाहिता ने उठाया खौफनाक कदम कौशाम्बी के कड़ाधाम थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में सास-बहू के विवाद से परेशान एक विवाहिता ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। परिजनों ने गंभीर हालत में महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल किया गया रेफर घटना के बाद परिवार में मचा हड़कंप आखिर कब रुकेगा घरेलू कलह का यह खतरनाक अंजाम?
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- संघर्ष की सीख, सफलता की मिसाल:डॉ राजीव सिंह के भाई अमित सिंह का यूपीपीसीएस में चयन संघर्ष जितना कठिन होता है, सफलता उतनी ही ऊंची होती है.... डॉ राजीव सिंह असिस्टेंट कमिश्नर (जीएसटी) के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का बढ़ाया मान अमित की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण प्रतिभाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं.... डॉ सोनिया सिंह ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS प्रतापगढ़/रानीगंज/प्रयागराज.....उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस-2024) के घोषित अंतिम परिणाम में भैसोना गांव तहसील रानीगंज, जनपद प्रतापगढ़ के डॉ राजीव सिंह के छोटे भाई अमित कुमार सिंह ने 152वीं रैंक प्राप्त कर असिस्टेंट कमिश्नर (जीएसटी) के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनके पिता विनय कुमार सिंह हैं। अमित की प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही हुई। सीमित संसाधनों और अभावों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा। प्रयागराज में एग्जाम युग 24 संस्थान से तैयारी प्रारंभ की, दिल्ली में भी अध्ययन किया और अंततः निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता प्राप्त की।अमित की इस उपलब्धि से पूरे गांव में जश्न का माहौल है। गांव के सभी लोगों में अपार खुशी देखी जा रही है। गांव के वरिष्ठ एवं सम्मानित व्यक्तियों — राजेंद्र बहादुर सिंह, मुन्नू सिंह, दशरथ सिंह, आर.के. सिंह, संतोष सिंह, अनिल सिंह एवं ग्राम प्रधान सोनू सिंह, पुष्पेन्द्र बहादुर सिंह, मुलायम सिंह सहित सभी ग्रामवासियों ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए अमित को लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। *गांव बना सफलता की नई पहचान* भैसोना गांव पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है, जहां कई डॉक्टर बन चुके हैं और इसे “डॉक्टरों की फैक्ट्री” के रूप में जाना जाता है। अब इस गांव से प्रशासनिक सेवा में भी चयन होने लगा है, जिससे गांव की पहचान और भी मजबूत हुई है। विशेष बात यह है कि हर वर्ष इस गांव से कोई न कोई छात्र/छात्रा सरकारी सेवा में चयनित होकर इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।अमित कुमार सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर मेहनत, नियमित अध्ययन, समय-समय पर खुद को अपडेट करते रहने, परिवारजनों के आशीर्वाद एवं प्रभु की कृपा को दिया। उन्होंने युवाओं के लिए संदेश देते हुए कहा “यदि बच्चे लगन और निरंतर मेहनत के साथ पढ़ाई करें, तो परिणाम अवश्य मिलता है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, नियमित प्रयास ही सफलता की कुंजी है। डॉ राजीव सिंह ने कहा “संघर्ष जितना कठिन होता है, सफलता उतनी ही ऊंची होती है। अमित की सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में नहीं आ सकती।डॉ अरविंद कुमार सिंह, डायरेक्टर एग्जाम युग 24 डायरेक्टर ने कहा यदि विद्यार्थी निरंतर मेहनत करते रहें, अपने लक्ष्य से विचलित न हों, सही रणनीति और तकनीक के साथ समय का सदुपयोग करें, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। अमित इसका सशक्त उदाहरण हैं। डॉ सोनिया सिंह डायरेक्टर नारायण स्वरुप हॉस्पिटल एवं नारायण स्वरूप इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस ने कहा अमित की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण प्रतिभाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। सही मार्गदर्शन, अनुशासन और मेहनत से गांव का हर युवा ऊंचाइयों को छू सकता है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दीप है। अमित कुमार सिंह की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव, तहसील और जिले के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता यह संदेश देती है कि “मेहनत, लगन और सही दिशा हो तो कोई भी सपना दूर नहीं होता।1
- *सिकन्दरपुर बजहा का अलौकिक श्री राम-जानकी मंदिर: 50 वर्षों से श्रद्धा, सौंदर्य और आस्था का संगम* *कौशांबी जनपद* के सिकन्दरपुर बजहा स्थित अद्भुत एवं अलौकिक श्री राम-जानकी मंदिर आज अपनी स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष पूरे कर चुका है। आधी सदी से यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है, बल्कि अपनी भव्यता, दिव्यता और अनुपम सौंदर्य के कारण पूरे जिले में एक विशेष पहचान बना चुका है मंदिर की दिव्यता और आकर्षण इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मनमोहक संरचना और यहां स्थापित भगवान श्रीराम, माता जानकी और भगवान लक्ष्मण की आकर्षक एवं जीवंत प्रतीत होने वाली मूर्तियां हैं। जैसे ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं, एक अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है, जो मन को तुरंत सुकून प्रदान करता है भक्ति और श्रद्धा का अटूट संगम यह मंदिर हर दिन श्रद्धालुओं से गुलजार रहता है, लेकिन खास अवसरों पर यहां का नज़ारा और भी भव्य हो जाता है रामनवमी और जन्माष्टमी जैसे पावन पर्वों पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंग जाता है और मंदिर परिसर में जयकारों की गूंज से माहौल भक्तिमय हो उठता है दर्शन मात्र से मिलती है आत्मिक शांति श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर में दर्शन मात्र से ही मन को अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। यही कारण है कि यहां आने वाले लोग बार-बार इस पावन धाम की ओर खिंचे चले आते हैं।प्रबंधन और पुजारियों की अहम भूमिका मंदिर के पुजारी, कार्यकर्ता और संचालकों के अनुसार, इस मंदिर की विशेषता सिर्फ इसकी सुंदरता ही नहीं बल्कि यहां की नियमित पूजा-पद्धति अनुशासन और भक्तों के प्रति समर्पण भी है जो इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाता है आस्था संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक श्री राम-जानकी मंदिर आज सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और आस्था का जीवंत प्रतीक बन चुका है। 50 वर्षों की यह यात्रा मंदिर के गौरवशाली इतिहास और श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास की गवाही देती है कुल मिलाकर, सिकन्दरपुर बजहा का यह दिव्य मंदिर न सिर्फ जिले की शान है, बल्कि हर श्रद्धालु के लिए आस्था का एक ऐसा केंद्र है, जहां आकर मन को सच्ची शांति और भक्ति का अनुभव होता है।1