*असोथर मंडी समिति के गहरे गड्ढे बन रहे 'यमराज का द्वार', प्रशासन की चुप्पी से आक्रोशित जनता* *असोथर/फतेहपुर (भारत दिवस)* *रिपोर्टर-धर्मराज निषाद* *फतेहपुर* जनपद के नगर पंचायत असोथर में विकास के दावों की धज्जियां उड़ती साफ दिखाई दे रही हैं। मंडी समिति के पास की मुख्य सड़क वर्तमान में राहगीरों के लिए किसी खौफनाक जाल से कम नहीं रह गई है। बीते दिनों असोथर-विजयीपुर मार्ग पर हुई हृदयविदारक घटना, जिसमें सड़क पर बिखरी गिट्टी के कारण फिसलकर एक शराब सेल्समैन की जान चली गई, वह केवल एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण था। उस घटना के बाद भी आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन का झुनझुना थमाते हुए मामले को शांत तो करवा दिया, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस बदहाली की मुख्य जड़ मौरम खदानों से निकलने वाले वे ओवरलोड ट्रैक्टर और डंपर हैं, जो दिन-रात नियमों को ताक पर रखकर यहाँ से गुजरते हैं। इन भारी वाहनों के पहियों ने मजबूत सड़कों को भी धूल में मिला दिया है। ताज्जुब की बात यह है कि खदान संचालकों द्वारा सड़क के जानलेवा गड्ढों को भरने के लिए महज मौरम का सहारा लिया जाता है, जो दिखावे से ज्यादा कुछ नहीं है। जैसे ही कोई भारी वाहन इसके ऊपर से गुजरता है, वह मौरम बिखर जाती है और गड्ढे फिर से अपना विकराल रूप धारण कर लेते हैं। यह स्थिति न केवल राहगीरों के लिए परेशानी का सबब है, बल्कि भविष्य में किसी बड़े जानलेवा हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है। सबसे चिंताजनक पहलू स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है। सुबह और दोपहर के समय जब नन्हे-मुन्ने बच्चों को लेकर वाहन इसी जर्जर मार्ग से गुजरते हैं, तो अभिभावकों की सांसें अटकी रहती हैं। ओवरलोड वाहनों के कारण उड़ती धूल के गुबार में दृश्यता शून्य हो जाती है और असंतुलित होकर चलते ये दानवाकार डंपर कभी भी मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ सकते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन शायद किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में है, तभी तो बार-बार की शिकायतों के बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सड़क की दुर्दशा का आलम यह है कि यहाँ बिना बारिश के ही कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे पैदल चलने वालों का निकलना भी मुहाल हो गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से बार-बार ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने और सड़क की अविलंब मरम्मत की मांग की है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की 'कुंभकर्णी नींद' टूटने का नाम नहीं ले रही है। सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते ये वाहन और धूल फांकती सड़कें आज असोथर की पहचान बन गई हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई और परिवार अपना चिराग खो देगा, या समय रहते इन 'मौत के गड्ढों' को भरने और ओवरलोडिंग माफियाओं पर नकेल कसने की जहमत उठाई जाएगी।
*असोथर मंडी समिति के गहरे गड्ढे बन रहे 'यमराज का द्वार', प्रशासन की चुप्पी से आक्रोशित जनता* *असोथर/फतेहपुर (भारत दिवस)* *रिपोर्टर-धर्मराज निषाद* *फतेहपुर* जनपद के नगर पंचायत असोथर में विकास के दावों की धज्जियां उड़ती साफ दिखाई दे रही हैं। मंडी समिति के पास की मुख्य सड़क वर्तमान में राहगीरों के लिए किसी खौफनाक जाल से कम नहीं रह गई है। बीते दिनों असोथर-विजयीपुर मार्ग पर हुई हृदयविदारक घटना, जिसमें सड़क पर बिखरी गिट्टी के कारण फिसलकर एक शराब सेल्समैन की जान चली गई, वह केवल एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण था। उस घटना के बाद भी आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन का झुनझुना थमाते हुए मामले को शांत तो करवा दिया, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस बदहाली की मुख्य जड़ मौरम खदानों से निकलने वाले वे ओवरलोड ट्रैक्टर और डंपर हैं, जो दिन-रात नियमों को ताक पर रखकर यहाँ से गुजरते हैं। इन भारी वाहनों के पहियों ने मजबूत सड़कों को भी धूल में मिला दिया है। ताज्जुब की बात यह है कि खदान संचालकों द्वारा सड़क के जानलेवा गड्ढों को भरने के लिए महज मौरम का सहारा लिया जाता है, जो दिखावे से ज्यादा कुछ नहीं है। जैसे ही कोई भारी वाहन इसके ऊपर से गुजरता है, वह मौरम बिखर जाती है और गड्ढे फिर से अपना विकराल रूप धारण कर लेते हैं। यह स्थिति न केवल राहगीरों के लिए परेशानी का सबब है, बल्कि भविष्य में किसी बड़े जानलेवा हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है। सबसे चिंताजनक पहलू स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है। सुबह और दोपहर के समय जब नन्हे-मुन्ने बच्चों को लेकर वाहन इसी जर्जर मार्ग से गुजरते हैं, तो अभिभावकों की सांसें अटकी रहती हैं। ओवरलोड वाहनों के कारण उड़ती धूल के गुबार में दृश्यता शून्य हो जाती है और असंतुलित होकर चलते ये दानवाकार डंपर कभी भी मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ सकते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन शायद किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में है, तभी तो बार-बार की शिकायतों के बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सड़क की दुर्दशा का आलम यह है कि यहाँ बिना बारिश के ही कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे पैदल चलने वालों का निकलना भी मुहाल हो गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से बार-बार ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने और सड़क की अविलंब मरम्मत की मांग की है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की 'कुंभकर्णी नींद' टूटने का नाम नहीं ले रही है। सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते ये वाहन और धूल फांकती सड़कें आज असोथर की पहचान बन गई हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई और परिवार अपना चिराग खो देगा, या समय रहते इन 'मौत के गड्ढों' को भरने और ओवरलोडिंग माफियाओं पर नकेल कसने की जहमत उठाई जाएगी।
- Post by Devendra Kumar1
- Post by रिपोर्टर-धर्मराज निषाद1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- कौशाम्बी में जमीन विवाद ने रिश्तों का खौफनाक रूप दिखाया। महेवाघाट थाना क्षेत्र के अजरौली गांव में बेटे ने मां और भाई के साथ मिलकर पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। आरोपी लवलेश ने कबूल किया कि जमीन न होने से उसकी शादी नहीं हो पा रही थी, जिससे नाराज होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | कौशाम्बी 🚨 घरेलू कलह से तंग आकर विवाहिता ने उठाया खौफनाक कदम कौशाम्बी के कड़ाधाम थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में सास-बहू के विवाद से परेशान एक विवाहिता ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। परिजनों ने गंभीर हालत में महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल किया गया रेफर घटना के बाद परिवार में मचा हड़कंप आखिर कब रुकेगा घरेलू कलह का यह खतरनाक अंजाम?1
- रायबरेली। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत ऊंचाहार थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर चोरी की एक मोटरसाइकिल सहित एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। घटना का विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी प्रेम नारायण गुप्ता ने ऊंचाहार थाने में तहरीर दी थी कि 28 मार्च 2026 की रात मेडिकल स्टोर फ्लाईओवर के पास से उनकी मोटरसाइकिल (UP33BH2947) चोरी हो गई थी। पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर चोर की तलाश शुरू कर दी थी। गिरफ्तारी और बरामदगी सोमवार को चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने जमुनियाहार चौराहा से अभियुक्त मो. जाबिर उर्फ सोनू, निवासी ग्राम दीनगंज (डलमऊ), को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। अभियुक्त के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। सराहनीय पुलिस टीम इस सफल कार्रवाई में उप-निरीक्षक सौरभ पाण्डेय, मुख्य आरक्षी मनोज सिंह, आरक्षी विशाल और आरक्षी संदीप मौर्या की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक रायबरेली ने टीम के इस कार्य की सराहना की है।1
- उत्तर प्रदेश रायबरेली जिले के ऊंचाहार में -आदर्श सरस्वती ज्ञान मंदिर विद्यालय परिवार की ओर से ऊंचाहार नगर मे स्थित रामलीला मैदान मे कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमे मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र गुप्ता ऊँचाहार रहे !1
- ऊंचाहार, रायबरेली। तहसील क्षेत्र के शहजादपुर गांव में सोमवार की दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन से निकली एक चिंगारी ने खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब आधा दर्जन किसानों की मेहनत चंद मिनटों में जलकर खाक हो गई। घटना सोमवार दोपहर करीब 3:00 बजे की है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। इस अग्निकांड में शहजादपुर निवासी हंसराज और पुष्पराज की लगभग डेढ़-डेढ़ बीघा फसल नष्ट हो गई है। वहीं रामचंद्र मिश्रा, हरिश्चंद्र मिश्रा, रामलाल और बिंदा मंगरे के खेतों में भी भारी नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त इटोरा बुजुर्ग निवासी गायत्री देवी की 15 बिस्वा फसल भी आग की भेंट चढ़ गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ऊंचाहार, विवेक कुमार राजपूत ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम, जिसमें लेखपाल और कानूनगो शामिल हैं, उन्हें मौके पर भेजकर नष्ट हुई फसल का सटीक आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन द्वारा तैयार की गई क्षति रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित किसानों को उचित सरकारी राहत और मुआवजा दिलाया जाएगा। फिलहाल, क्षेत्रीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।1