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Sikar: रिश्वतखोर DSP और दलाल को कोर्ट ने सुनाई सजा, 12 साल बाद एसीबी कोर्ट ने सुनाया फैसला |
दैनिक भास्कर संवाददाता
Sikar: रिश्वतखोर DSP और दलाल को कोर्ट ने सुनाई सजा, 12 साल बाद एसीबी कोर्ट ने सुनाया फैसला |
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- Post by दैनिक भास्कर संवाददाता1
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- सवाई माधोपुर. सरकार की स्वच्छता योजनाओं के तहत ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालय अब कई जगह सवालों के घेरे में आने लगे हैं। ऐसा ही मामला चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र की रजवाना ग्राम पंचायत के कुम्हारिया गांव से सामने आया है, जहां आंगनबाड़ी केंद्र के पास बने सामुदायिक स्वास्थ्य परिसर का नया शौचालय निर्माण पूरा होने से पहले ही कथित भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया है। करीब 3 लाख 20 हजार रुपये की लागत से बने इस शौचालय को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय अभी तक उपयोग में भी नहीं आया, लेकिन उसकी हालत पहले ही जर्जर नजर आने लगी है। शौचालय के गेट झूल रहे हैं, अंदर फर्श पर टाइल्स तक नहीं बिछाई गई हैं और पानी की व्यवस्था अधूरी छोड़ दी गई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि बाद में पानी की लाइन डालने के नाम पर नए निर्माण को ही तोड़कर पाइप डाले गए, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शौचालय शुरू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया, जो सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही के कारण घटिया निर्माण कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है और सरकारी योजनाओं का उद्देश्य अधूरा रह रहा है।लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण अधूरा था, तो शौचालय पर रंग-रोगन कर उसे तैयार दिखाने की जल्दबाजी क्यों की गई? यह मामला अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी योजनाओं की निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।5
- सवाई माधोपुर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर रोड पर कुछ महीने पूर्व यूआईटी द्वारा सौंदर्यकरण के नाम पर पेड़ पौधे और लोहे की जालियां लगाई गई थी। अब सड़क के चौड़ाईकरण को लेकर जालियां को वापस तोड़कर हटाया जा रहा है। जहां लाखों रुपए खर्च करके यूआईटी ने जालियां लगाई थी। आखिर देखने की बात है कि क्यों यूआईटी ने सौंदर्यकरण के नाम पर जालियां लगाई और अब हटाई जा रही है।2
- दौसा जिले में मौसम में बदलाव के साथ शनिवार सुबह जिला मुख्यालय, पापडदा, छारेडा और नांगल समेत कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। बीती रात से घने बादल छाए हुए हैं और हवा चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश और तेज हवा का दौर जारी रहेगा, जिससे मई के शुरुआती दो सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।कई इलाकों में हल्की बारिश शनिवार सुबह दौसा जिला मुख्यालय के साथ पापडदा, छारेडा, नांगल और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। रात से ही आसमान में घने बादल बने हुए हैं, जिससे मौसम में ठंडक महसूस की जा रही है और लोगों को धूप और गर्मी से राहत मिली है। शेयर जिलेभर में घने बादल छाए हुए हैं। तापमान में गिरावट दर्ज मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट आई है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम 41 डिग्री रहने की संभावना है। इससे पहले शुक्रवार को बारिश के कारण न्यूनतम तापमान 22 डिग्री और अधिकतम 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आगे और गिर सकता है पारा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना जताई गई है।1
- लालसोट हादसा: आमने-सामने टक्कर में दो की मौत लालसोट के दत्तवास मोड़ पर शुक्रवार को दो कारों की भीषण भिड़ंत में 70 वर्षीय मंजू मित्तल और 35 वर्षीय हरकेश मीणा की मौत हो गई। हादसे में छात्रा ऋद्धि मित्तल व एक अन्य गंभीर घायल हुए, जिन्हें जयपुर रेफर किया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।3
- भगवान ही कहलवाता है अपने मुंह से " प्रभु की लीला कोई समझ न पाया " दुर्घटना से 2 घंटे पहले के धनराज जी जोशी के वचन स्वर्गीय श्री धनराज जी जोशी को प्रभु अपने चरणों मे स्थान प्रदान करे शत शत नमन A #dhanrajjoवहिले के वचन #Rajasthani Bhajan #singer1
- चौथ का बरवाड़ा। विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बने पंचायत समिति भवन में लोकार्पण के महज 2 साल 11 माह बाद ही छत और दीवारों में दरारें पड़ने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है। हालत यह है कि भवन के अंदर कई कमरों की दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं और छतों पर भी क्रैक पड़ चुके हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 में चौथ का बरवाड़ा को पंचायत समिति का दर्जा मिलने के बाद शुरुआत में राजकीय विद्यालय के खाली पड़े नेहरू ब्लॉक भवन में पंचायत समिति कार्यालय संचालित किया गया था। करीब आठ वर्षों तक अस्थायी व्यवस्था में काम चलने के बाद वर्ष 2023 में सवाई माधोपुर मार्ग की ओर नया पंचायत समिति भवन बनकर तैयार हुआ और बड़े उत्साह के साथ इसका लोकार्पण किया गया। उम्मीद थी कि नया भवन क्षेत्र के प्रशासनिक कार्यों को मजबूती देगा, लेकिन निर्माण के कुछ ही वर्षों में सामने आई दरारों ने पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस कक्ष में पंचायत समिति के मुखिया विकास अधिकारी बैठते हैं, वहां भी दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। अन्य कमरों और छतों पर भी जगह-जगह क्रैक दिखाई दे रहे हैं। इससे कर्मचारियों और आमजन में भवन की मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा है कि निर्माण के दौरान ठेकेदार ने मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि अधिकारियों ने दरारों वाली बिल्डिंग को हैंडओवर लेकर संचालन कैसे शुरू कर दिया। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है। हाल ही में उपखंड अधिकारी जोगेंद्र सिंह ने पंचायत समिति भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन में पड़ी दरारों को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। हालांकि, सवाल अब भी बरकरार है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद इतनी जल्दी भवन की यह स्थिति क्यों बनी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह मामला बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पंचायत समिति भवन में आई दरारें केवल दीवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गहरी दरार का संकेत भी दे रही हैं।2