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पूर्वी चम्पारण के डुमरिया घाट पर बहती हुई नदी में एक व्यक्ति के गिरने की घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक उसका शव नहीं मिल पाया है। यह घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। गिरे हुए व्यक्ति की पहचान 48 वर्षीय भगनारायण सह के रूप में हुई है, जो मधुबन थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वर्तमान में, SDRF की टीम शव की तलाश में जुटी हुई है।
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पूर्वी चम्पारण के डुमरिया घाट पर बहती हुई नदी में एक व्यक्ति के गिरने की घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक उसका शव नहीं मिल पाया है। यह घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। गिरे हुए व्यक्ति की पहचान 48 वर्षीय भगनारायण सह के रूप में हुई है, जो मधुबन थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वर्तमान में, SDRF की टीम शव की तलाश में जुटी हुई है।
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- पूर्वी चंपारण के पकड़ीदयाल स्थित सिरहा पंचायत के वार्ड नंबर-9 निवासी सुरेंद्र भगत की महाराष्ट्र में ट्रेन से गिरने के कारण दुखद मौत हो गई। वह चेन्नई में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और 1 जून को घर से चेन्नई जाने के लिए छपरा से ट्रेन में सवार हुए थे। इसी यात्रा के दौरान 3 जून को महाराष्ट्र के हिंगणघाट के पास ट्रेन से गिरने से उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना की सूचना हिंगणघाट थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी चंदा देवी को मोबाइल पर दी, जिसके बाद परिजन महाराष्ट्र पहुंचकर शव की पहचान कर पाए। शनिवार को जैसे ही सुरेंद्र भगत का शव उनके पैतृक गांव सिरहा पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और गांव में मातम छा गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े, हर आंख नम थी और गांव का माहौल गमगीन हो गया। सुरेंद्र भगत अपने पीछे पत्नी चंदा देवी, एक पुत्र और तीन पुत्रियों का परिवार छोड़ गए हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह उनकी मजदूरी पर निर्भर थी। पति की असामयिक मौत के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, और अब उनके परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने सुरेंद्र भगत को मिलनसार और व्यवहारिक व्यक्ति बताते हुए उनके निधन को पूरे गांव के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। इस दुखद घड़ी में, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी है और सरकार से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग देने का भी भरोसा दिलाया। फिलहाल, पूरे सिरहा गांव में शोक का माहौल है, और ग्रामीण प्रशासन से परिवार को सरकारी सहायता मिलने की उम्मीद में अपनी मांगें उठा रहे हैं।1
- पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर प्रखंड की दक्षिणी नोनेया पंचायत में श्री विष्णु महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसके अवसर पर आस्था और श्रद्धा से ओत-प्रोत एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में 1051 कन्याओं ने 1051 कलशों के साथ भाग लिया, जिन्होंने आस्था की अलख जगाते हुए महायज्ञ की भव्यता में चार चांद लगा दिए। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और भगवान विष्णु के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।2
- प्रखंड कृषि कार्यालय परिसर में एक प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ राजीव रंजन कुमार, अंचलाधिकारी राजीव कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अबू लैस अनवर, प्रगतिशील किसान सुशील कुमार जायसवाल और चनपटिया विधायक प्रतिनिधि गुड्डू यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में, प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ राजीव रंजन कुमार ने किसानों से जैविक खाद और अंतर्वर्तीय खेती अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने फार्मर आईडी को किसानों के लिए अनिवार्य बताते हुए स्पष्ट किया कि इसके माध्यम से ही बिहार सरकार के कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है। अंचलाधिकारी राजीव रंजन ने भी फार्मर आईडी को किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया, यह दोहराते हुए कि केवल फार्मर आईडी वाले किसान ही सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने और संतुलित उर्वरक के प्रयोग पर बल दिया। प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित प्रगतिशील किसान सुशील कुमार जायसवाल ने कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था की मेरुदंड और किसानों को अन्नदाता बताया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के निरंतर प्रयोग से भूमि की घटती उर्वरा शक्ति पर चिंता व्यक्त की और रासायनिक खाद की जगह नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी तरल के उपयोग को आज की कृषि के लिए अत्यंत लाभदायक बताया, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और उत्पादन बढ़ता है। जायसवाल ने युवा वर्ग के खेती से दूर भागने को चिंताजनक बताते हुए खेती को आनंदमयी बनाने और युवाओं को कृषि क्षेत्र में आकर्षित करने के लिए कृषि विभाग द्वारा योजनाएं लागू करने का सुझाव दिया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी अबू लैस अनवर ने कृषि विभाग बिहार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि संबंधी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को जैविक खाद और प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह देते हुए रासायनिक उर्वरकों को खेतों के लिए शत्रु के समान बताया, जिनके उपयोग से खेतों की शक्ति में गिरावट, फसल उत्पादन में कमी और वायुमंडल व वातावरण का दूषित होना देखा जा रहा है। उन्होंने किसानों को अपनी आय में वृद्धि के लिए औषधीय खेती, फल-फूल की खेती और साग-सब्जियों की खेती करने की भी सलाह दी। चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन के प्रतिनिधि गुड्डू यादव ने वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से बचने की बात कही। उन्होंने खेती के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन और मुर्गी पालन को भी किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। इस अवसर पर वसीम अकरम, लक्ष्मण राम, परशुराम सिंह, हरीकिशोर सिंह, जोगिंदर शाह, सुरेश शाह, पूनम कुमारी, शांति देवी, जमुना देवी, मालती देवी, मुन्ना कुमार, उद्धव शाह, रवि कुमार, सचिन कुमार, ज्ञानेश्वर कुमार, पप्पू कुमार, विजय कुमार मिश्रा, दिवाकर कुमार, राजीव कुमार, लाल बाबू कुमार सहित कई जीविका दीदी भी उपस्थित थीं। इस प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम के संपन्न होने के साथ, किसानों ने खेती के कई महत्वपूर्ण गुर सीखे।4
- गोपालगंज जिले के बिसंभरपुर स्थित इसरपट्टी गांव से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक चोर को पकड़ा गया है। वायरल वीडियो में चोर का नाम रवि पांडे बताया जा रहा है। वीडियो में पड़ोसियों सहित 4-5 लोग चोर के पकड़े जाने की बात कर रहे हैं। इस घटना के बाद जिला प्रशासन से जल्द से जल्द चोर रवि पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेजने की अपील की जा रही है।1
- देश में बढ़ती महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है, जिसके चलते सीधे 'मोदी' को संबोधित करते हुए उन्हें 'वोट चोर' बताया गया है और तत्काल 'गद्दी छोड़ने' की मांग की गई है। इस आह्वान में महंगाई के कारण हुई परेशानी पर जोर दिया गया है।1
- नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मोतिहारी को मुंबई जैसा विकसित करने की योजना को लेकर चर्चा की गई है। यह जानने के लिए कि मोतिहारी को मुंबई कैसे बनाया जाएगा, इस संबंध में मोतिहारी के उप महापौर से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।1
- दबंगों द्वारा एक दलित महिला पर अत्याचार किए जाने का मामला सामने आया है।1
- बगहा नगर परिषद क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है, जहाँ करोड़ों रुपये की लागत से अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में निर्मित जलमीनार और नल-जल योजना बीते कई वर्षों से बंद पड़ी है। यह महत्वाकांक्षी सरकारी योजना, जिस पर भारी धनराशि खर्च की गई, अब लोगों के लिए राहत के बजाय उपेक्षा और लापरवाही का प्रतीक बन गई है। जानकारी के अनुसार, नगर परिषद के वार्ड संख्या 28 और 30 में पिछले लगभग चार वर्षों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। इस कारण हजारों लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए प्रतिदिन संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि जलमीनार मौजूद होने के बावजूद पानी घरों तक नहीं पहुँच रहा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। वार्ड पार्षद संजय यादव ने बताया कि जलमीनार और पाइपलाइन सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, और इस गंभीर समस्या को कई बार अधिकारियों के सामने उठाया गया, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई यह योजना समय पर चालू रहती, तो उन्हें पानी के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ता। वर्तमान में वार्ड 28 और 30 के निवासी चापाकलों और अन्य सीमित जलस्रोतों पर निर्भर हैं, जिन पर गर्मी बढ़ने के साथ दबाव और बढ़ गया है, जिससे समस्या और विकराल हो गई है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, कई परिवारों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है और सुबह से देर शाम तक उनका समय व श्रम बर्बाद हो रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायत और मांग के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार जलापूर्ति व्यवस्था का बंद पड़े रहना सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े करता है। अब स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगर परिषद से तत्काल नल-जल योजना को चालू करने, जलमीनार और पाइपलाइन सिस्टम की मरम्मत कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों को इस भीषण गर्मी में पेयजल संकट से राहत मिल सके। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।1
- बिहार के बगहा में यूरिया खाद की भीषण किल्लत से परेशान किसानों का सब्र उस वक्त टूट गया जब धान की खेती के महत्वपूर्ण समय में रात भर लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिली। आक्रोशित किसानों ने बगहा-बेतिया मुख्य मार्ग NH-727 को घंटों जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों ने आरोप लगाया कि वे आधी रात से ही खाद के लिए कतार में थे, लेकिन दोपहर तक भी वितरण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बताया कि सरकारी केंद्रों पर यूरिया उपलब्ध नहीं है, जबकि खुले बाजार में इसकी धड़ल्ले से कालाबाजारी हो रही है। किसानों के अनुसार, सरकार द्वारा निर्धारित लगभग 266 रुपये की यूरिया खाद बाजार में 500 से 1000 रुपये तक में बेची जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है। किसानों का यह भी आरोप है कि प्रशासन की कमजोर निगरानी के कारण कुछ लोग उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। सड़क जाम की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बगहा की अनुमंडल पदाधिकारी चांदनी कुमारी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और जल्द ही पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका। इसके उपरांत, एसडीएम ने बिस्कोमान भवन पहुंचकर खाद वितरण व्यवस्था का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। हालांकि, किसानों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई चाहिए, जिसमें समय पर पर्याप्त खाद की उपलब्धता और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शामिल है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो उनका आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।1