उत्तर प्रदेश में मासूम बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अपनाया है। इस शर्मनाक हरकत में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने भारी सुरक्षा के बीच, मुंह ढककर और हथकड़ी लगाकर बीच बाजार में उनका जुलूस निकाला। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद कानून के शिकंजे में आते ही इन अपराधियों के चेहरे से सारी हेकड़ी गायब हो गई और उनके भीतर कानून का साफ खौफ नजर आया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य समाज में अपराधियों के मन में डर पैदा करना और यह कड़ा संदेश देना है कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। 'टाइगर न्यूज' के माध्यम से जनसेवक और सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव ने पुलिस प्रशासन के इस कड़े कदम की सराहना की है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि अदालत द्वारा ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि पीड़ित बेटियों को न्याय मिल सके।
उत्तर प्रदेश में मासूम बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अपनाया है। इस शर्मनाक हरकत में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने भारी सुरक्षा के बीच, मुंह ढककर और हथकड़ी लगाकर बीच बाजार में उनका जुलूस निकाला। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद कानून के शिकंजे में आते ही इन अपराधियों के चेहरे से सारी हेकड़ी गायब हो गई और उनके भीतर कानून का साफ खौफ नजर आया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य समाज में अपराधियों के मन में डर पैदा करना और यह कड़ा संदेश देना है कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। 'टाइगर न्यूज' के माध्यम से जनसेवक और सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव ने पुलिस प्रशासन के इस कड़े कदम की सराहना की है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि अदालत द्वारा ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि पीड़ित बेटियों को न्याय मिल सके।
- जौनपुर के मड़ियाहूं तहसील अंतर्गत रामपुर ब्लॉक के परमालपुर गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चकमार्ग से अवैध कब्जा हटा दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया, जिसमें पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। इस कार्रवाई के तहत करीब 75 मीटर लंबा सरकारी चकमार्ग पूरी तरह से कब्जामुक्त कराया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दो टूक चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी पुलिस क्षेत्राधिकारी को सरसीखाम (थाना कंधई) निवासी राजीव कुमार ने प्रार्थना पत्र देकर विपक्षी लोगों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। राजीव कुमार के अनुसार, बीते 3 जुलाई की सुबह करीब 6:30 बजे स्थगन आदेश होने के बावजूद विपक्षी उनका खेत जोत रहे थे। जब इस पर रोक लगाने की कोशिश की गई, तो करीब आधा दर्जन लोग लाठी-डंडे लेकर और गाली-गलौज करते हुए उनके घर पर चढ़ आए। विरोध करने पर हमलावरों ने राकेश कुमार, राजीव कुमार, सूर सती और रंजना देवी को दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से पीटा, जिससे राजीव कुमार का हाथ टूट गया। इस वारदात के बाद पीड़ित पक्ष ने कन्धई थाने में घटना की तहरीर दी थी और पीड़ित का मेडिकल परीक्षण भी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस द्वारा रिपोर्ट न दर्ज किए जाने से परेशान होकर पीड़ितों ने पट्टी पुलिस क्षेत्राधिकारी से शिकायत की है, जिन्होंने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- भदोही जनपद के जंगीगंज क्षेत्र में आज हुई झमाझम बारिश से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश शुरू होते ही मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लंबे समय से गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। इस बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखने को मिली है, क्योंकि इससे खेतों में धान की रोपाई के लिए पर्याप्त नमी मिलने की उम्मीद है जिससे कृषि कार्यों में तेजी आएगी। हालांकि, कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई, जिससे लोगों को आवागमन में हल्की परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने भी पहले ही क्षेत्र में बारिश की संभावना जताई थी।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आम आदमी पार्टी ने एक जोरदार प्रदर्शन किया है। इस जोरदार प्रदर्शन के बाद पार्टी की ओर से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया है।1
- उत्तर प्रदेश में मोदी और योगी जी के 'सबका साथ सबका विकास' के नारे पर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं। युवा अपने अधिकारों को लेकर बेहद आक्रोशित हैं और सीधे पूछ रहे हैं कि क्या इस देश में युवा अपने हक पर सवाल भी नहीं उठा सकता? इस सबके लिए आखिर कौन जिम्मेदार है और युवाओं को इन सवालों का जवाब कौन देगा, इस पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है।1