ग्राम क्योंटरा में हुई ओलावृष्टि, सैकड़ो किसानों की हजारों बीघा गेहूं की खड़ी फसल हुई नष्ट -सपा जिला अध्यक्ष ने पहुंच कर ली जानकारी औरैया। सदर विकासखंड के ग्राम क्योंटरा में बीती 4 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अचानक गिरे ओलों से गेहूं की तैयार फसल बर्बाद हो गई, जिससे गांव के सैकड़ों किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं। फसल खराब होने के बाद किसानों के सामने अब रोजमर्रा के खर्च और कर्ज चुकाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम अपने कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे और प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने किसानों से बातचीत कर नुकसान का आकलन किया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ग्राम निवासी मोनू ने बताया कि उन्होंने 40 बीघा जमीन गिरवी रखकर गेहूं की फसल तैयार की थी, लेकिन ओलावृष्टि के कारण लगभग 80 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि अब उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे आने वाले साल का खर्च और कर्ज कैसे चुकाएंगे। वहीं किसान प्रदीप दुबे ने बताया कि इस आपदा से सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे पूरे गांव की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। इस दौरान सपा जिला अध्यक्ष ने किसानों से यह भी जानकारी ली कि क्या ओलावृष्टि के बाद कोई प्रशासनिक अधिकारी नुकसान का सर्वे करने गांव पहुंचा था। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ अधिकारी गांव जरूर आए, लेकिन उन्होंने खेतों का निरीक्षण नहीं किया और बिना सर्वे किए ही लौट गए। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द सही सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं को हर स्तर पर उठाया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश सचिव अनिल तिवारी, महेंद्र त्रिपाठी, गुड्डू सेगर, मनीष कठेरिया, अरविंद दोहरे एवं योगेश बिरासिया सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनसेट ओले करने से चली गई थी युवक की आंखों की रोशनी औरैया। ग्राम क्योंटरा निवासी मनोज पाल ने बताया कि जिस दौरान ओले गिरने प्रारंभ हुए उसे दौरान वह खेतों पर ही थे। इसी दौरान अचानक से ओलों की चपेट में वह आ गए। जिससे उनकी आंखों से दिखना बंद हो गया। इस पर उसने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी तो वह लोग उसे औरैया के अस्पताल में ले आए। जहां से डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर के लिए रेफर कर दिया। मंगलवार को वह घर लौट कर आया तो उसने बताया कि अब उसे हल्का-हल्का दिखाई देने लगा है। ओले गिरने की घटना से वह काफी भयभीत दिखाई दिया।
ग्राम क्योंटरा में हुई ओलावृष्टि, सैकड़ो किसानों की हजारों बीघा गेहूं की खड़ी फसल हुई नष्ट -सपा जिला अध्यक्ष ने पहुंच कर ली जानकारी औरैया। सदर विकासखंड के ग्राम क्योंटरा में बीती 4 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अचानक गिरे ओलों से गेहूं की तैयार फसल बर्बाद हो गई, जिससे गांव के सैकड़ों किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं। फसल खराब होने के बाद किसानों के सामने अब रोजमर्रा के खर्च और कर्ज चुकाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम अपने कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे और प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने किसानों से बातचीत कर नुकसान का आकलन किया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ग्राम निवासी मोनू ने बताया कि उन्होंने 40 बीघा जमीन गिरवी रखकर गेहूं की फसल तैयार की थी, लेकिन ओलावृष्टि के कारण लगभग 80 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि अब उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे आने वाले साल का खर्च और कर्ज कैसे चुकाएंगे। वहीं किसान प्रदीप दुबे ने बताया कि इस आपदा से सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे पूरे गांव की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। इस दौरान सपा जिला अध्यक्ष ने किसानों से यह भी जानकारी ली कि क्या ओलावृष्टि के बाद कोई प्रशासनिक अधिकारी नुकसान का सर्वे करने गांव पहुंचा था। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ अधिकारी गांव जरूर आए, लेकिन उन्होंने खेतों का निरीक्षण नहीं किया और बिना सर्वे किए ही लौट गए। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द सही सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं को हर स्तर पर उठाया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश सचिव अनिल तिवारी, महेंद्र त्रिपाठी, गुड्डू सेगर, मनीष कठेरिया, अरविंद दोहरे एवं योगेश बिरासिया सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनसेट ओले करने से चली गई थी युवक की आंखों की रोशनी औरैया। ग्राम क्योंटरा निवासी मनोज पाल ने बताया कि जिस दौरान ओले गिरने प्रारंभ हुए उसे दौरान वह खेतों पर ही थे। इसी दौरान अचानक से ओलों की चपेट में वह आ गए। जिससे उनकी आंखों से दिखना बंद हो गया। इस पर उसने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी तो वह लोग उसे औरैया के अस्पताल में ले आए। जहां से डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर के लिए रेफर कर दिया। मंगलवार को वह घर लौट कर आया तो उसने बताया कि अब उसे हल्का-हल्का दिखाई देने लगा है। ओले गिरने की घटना से वह काफी भयभीत दिखाई दिया।
- औरैया। सदर विकासखंड के ग्राम क्योंटरा में बीती 4 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अचानक गिरे ओलों से गेहूं की तैयार फसल बर्बाद हो गई, जिससे गांव के सैकड़ों किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं। फसल खराब होने के बाद किसानों के सामने अब रोजमर्रा के खर्च और कर्ज चुकाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम अपने कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे और प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने किसानों से बातचीत कर नुकसान का आकलन किया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ग्राम निवासी मोनू ने बताया कि उन्होंने 40 बीघा जमीन गिरवी रखकर गेहूं की फसल तैयार की थी, लेकिन ओलावृष्टि के कारण लगभग 80 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि अब उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे आने वाले साल का खर्च और कर्ज कैसे चुकाएंगे। वहीं किसान प्रदीप दुबे ने बताया कि इस आपदा से सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे पूरे गांव की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। इस दौरान सपा जिला अध्यक्ष ने किसानों से यह भी जानकारी ली कि क्या ओलावृष्टि के बाद कोई प्रशासनिक अधिकारी नुकसान का सर्वे करने गांव पहुंचा था। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ अधिकारी गांव जरूर आए, लेकिन उन्होंने खेतों का निरीक्षण नहीं किया और बिना सर्वे किए ही लौट गए। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द सही सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं को हर स्तर पर उठाया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश सचिव अनिल तिवारी, महेंद्र त्रिपाठी, गुड्डू सेगर, मनीष कठेरिया, अरविंद दोहरे एवं योगेश बिरासिया सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनसेट ओले करने से चली गई थी युवक की आंखों की रोशनी औरैया। ग्राम क्योंटरा निवासी मनोज पाल ने बताया कि जिस दौरान ओले गिरने प्रारंभ हुए उसे दौरान वह खेतों पर ही थे। इसी दौरान अचानक से ओलों की चपेट में वह आ गए। जिससे उनकी आंखों से दिखना बंद हो गया। इस पर उसने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी तो वह लोग उसे औरैया के अस्पताल में ले आए। जहां से डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर के लिए रेफर कर दिया। मंगलवार को वह घर लौट कर आया तो उसने बताया कि अब उसे हल्का-हल्का दिखाई देने लगा है। ओले गिरने की घटना से वह काफी भयभीत दिखाई दिया।1
- Post by Kanhaiya lal1
- औरैया। पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक महोदय व क्षेत्राधिकारी नगर के निकट पर्यवेक्षण में जनपद में चलाये जा रहे अपराध एंव वांछित अपराधियों के विरुद्ध अभियान के क्रम में थाना कोतवाली औरैया पर पंजीकृत मु0अ0सं0 232/2026 धारा 115(2)/118(1)/127(2)/109(1)/191(2)/191(3)/333/351(2) BNS में वांछित 04 नफर अभियुक्तों विनोद पुत्र ओमप्रकाश उम्र करीब 42 वर्ष निवासी ग्राम बहादुपुर थाना कोतवाली औरैया जनपद औरैया , रामवीर पुत्र विनोद उम्र करीब 22 वर्ष निवासी ग्राम बहादुपुर थाना कोतवाली औरैया जनपद औरैया, सनी पुत्र विनोद उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम बहादुपुर थाना कोतवाली औरैया जनपद औरैया व विनीता देवी उम्र 42 वर्ष समस्त निवासी ग्राम बहादुपुर थाना कोतवाली औरैया जनपद औरैया को मुखबिर की सूचना पर थाना कोतवाली औरैया के पास से गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।2
- समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने बताया कि बारिश एवं ओलावृष्टि के चलते किसानों की सैकड़ो बीघा फसल नष्ट हो गई है। वहीं आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण करने गए तो उनके द्वारा सिर्फ नुकसान का 20% ही आकलन किया गया जबकि किसानों की 80% फसल हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों को इस प्रकार राहत दी जाए जिससे कि उनके आगामी खर्च चल सकें।1
- Post by Ramadhar Kumar1
- औरैया के सदर कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में मंगलवार को बरसात के पानी की निकासी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मारपीट में राजकुमार (60), गुड्डन (23) और हृदेश (18) गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य लोगों को भी चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात काबू में कर घायलों को जिला अस्पताल भेजा, जहां से तीनों को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।2
- भजन-कीर्तन के साथ हुआ सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन। औरैया जिले के याकूबपुर के निकटवर्ती ग्राम औरों स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह मंदिर परिसर की साफ-सफाई और सजावट के साथ हुई। इसके बाद विधि-विधान से सुंदरकांड पाठ प्रारंभ किया गया, जिसमें गंगाजल, केसर, चंदन और पुष्पों से विशेष पूजन संपन्न हुआ। हनुमान जी को नैवेद्य अर्पित किया गया तथा तुलसी पत्र और गुड़-चना का भोग चढ़ाया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से चौपाइयों का पाठ किया और दिनभर मंदिर परिसर में भक्तों का आना-जाना लगा रहा। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और हवन-पूजन का आयोजन भी किया गया। मंत्रोच्चार के बीच हनुमान जी महाराज का भव्य श्रृंगार किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस आयोजन में हरिओम, अनुज, नीलू, अंशुल, अनुराग, शिवम, ओमकार घनश्याम, देवेंद्र, सत्यम, आशुतोष त्रिपाठी, योगेश द्विवेदी, मोहन शुक्ला, प्रशांत शुक्ला, महेश वाजपेई, अरविंद अवस्थी, रामू, श्यामू अग्निहोत्री, प्रेमचंद्र, रामचंद्र अग्निहोत्री, अशोक, गिरिजेश कुमार, गोविंद, शिवम, संस्कार, सचिन गुप्ता, गोपाल, रामचंद्र, महावीर वर्मा और ग्राम प्रधान रामनिवास कठेरिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंडली में आए आचार्यों और विद्वानों ने सुंदरकांड की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए इसके आध्यात्मिक और मानसिक लाभ बताए।1
- औरैया। जनपद में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। फफूंद तिराहे के समीप एक ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार युवक को बुधवार की दोपहर करीब एक बजे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक की पहचान शिवम पुत्र पप्पू निवासी पढ़ीन दरवाजा, औरैया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शिवम अपनी मोटरसाइकिल से किसी काम से जा रहा था, तभी फफूंद तिराहे के पास तेज गति से आ रहे ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि शिवम सड़क पर गिरकर घायल हो गया। घटना की सूचना तुरंत परिजनों को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजन उसे निजी साधन से तत्काल औरैया के 50 सैया अस्पताल ले गए, जहां उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने और तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1