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बैकुंठपुर से पिपरी प्रधानमंत्री सड़क की हालत जर्जर बैकुंठपुर - सिरमौर रोड से पिपरी के लिए जो प्रधानमंत्री सड़क जाती है उसकी हालत अत्यंत जर्जर है , सड़क गड्ढों मे तब्दील हो चुकी है, मेंटिनेंस के लिए ,कोई पहल नहीं हो रही जबकि मेंटिनेंस के लिए अभी साफ लाख रुपए बाकी है,, मेंटिनेस के नाम पर चार माह पहले डस्ट डाला गया था, जिससे आभास होता है कि मेंटिनेंस के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है उच्च अधिकारियों से अपेक्षा है की सड़क के लिए जो रखरखाव का पैसा है का उपयोग करने की ओर ध्यान दिया जाए जिससे आम जनमानस को सड़क मार्ग से निकलने में दिक्कत ना हो।
Brijlal kushwaha
बैकुंठपुर से पिपरी प्रधानमंत्री सड़क की हालत जर्जर बैकुंठपुर - सिरमौर रोड से पिपरी के लिए जो प्रधानमंत्री सड़क जाती है उसकी हालत अत्यंत जर्जर है , सड़क गड्ढों मे तब्दील हो चुकी है, मेंटिनेंस के लिए ,कोई पहल नहीं हो रही जबकि मेंटिनेंस के लिए अभी साफ लाख रुपए बाकी है,, मेंटिनेस के नाम पर चार माह पहले डस्ट डाला गया था, जिससे आभास होता है कि मेंटिनेंस के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है उच्च अधिकारियों से अपेक्षा है की सड़क के लिए जो रखरखाव का पैसा है का उपयोग करने की ओर ध्यान दिया जाए जिससे आम जनमानस को सड़क मार्ग से निकलने में दिक्कत ना हो।
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- रीवा। जिला रीवा के जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ लौरी में महिला एवं बाल विकास विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन द्वारा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनवाए गए आंगनबाड़ी केंद्र भवन वर्षों से बनकर तैयार हैं, लेकिन इनमें आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हो रहे हैं। कई भवन अनुपयोगी पड़े हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और विभागीय उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत गढ़ लौरी के विभिन्न क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन हेतु भवनों का निर्माण कराया गया था। इन भवनों का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार, टीकाकरण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था, किंतु निर्माण पूर्ण होने के वर्षों बाद भी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं किए जा रहे हैं। मोजरा लौरी और गढ़ गांव का ताजा मामला ताजा मामला ग्राम पंचायत गढ़ लौरी मोजरा का के मुजरा का है, जहां आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद केंद्र संचालित नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही तथा कथित मिलीभगत के कारण भवनों का उपयोग अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बावजूद क्षेत्र के छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं आंगनबाड़ी सेवाओं से वंचित हैं, जिससे कुपोषण की समस्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। भवनों के बंद रहने से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होने के साथ-साथ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शासन की योजनाएं कागजों तक सीमित स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित दर्शाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति विपरीत है। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते केंद्रों का संचालन शुरू किया जाता तो क्षेत्र के बच्चों को पोषण आहार और शिक्षा सुविधाएं मिलतीं, साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त होता। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण शासन की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही तत्काल आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन शुरू कराने की मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेते हैं और वर्षों से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।2
- #RewaRTO की अवैध लूट देखिए, किस कदर आवागमन करने वालों को परेशान किया जाता है। नियम विरूद्ध तरीके से, कानून-संविधान का उल्लंघन कर लगातार लोगों को परेशान किया जा रहा है। Dr Mohan Yadav जी जनता को लुटवाना ही है तो थोड़ी इंसानियत भी होनी चाहिए, आपकी सरकार में डकैत बेलगाम हैं। #StopCorruption #RewaPolice #JusticeForDrivers #PrakashTiwari #Mangawan #HighCourt #MPTransport #CorruptionFreeMP #RewaNews1
- गौशाला में लापरवाही की शिकायत की जाँच करने पहुँचे मजिस्ट्रेट का ग्रामीणों ने घेराव कर जमकर की अभद्रता,वीडियो वायरल,ग्रामीणों को समझाबुझाकर पुलिस ने मजिस्ट्रेट को सुरक्षित निकाला गाँव के बाहर यूपी के महोबा में गौशाला में लापरवाही की शिकायत पर मामले में जांच करने पहुँचे मजिस्ट्रेट का ग्रामीणों ने घेराव कर जमकर हंगामा किया। ग्राम प्रधान ने गांव के अराजकतत्वों पर माहौल खराब करने के प्रयास का आरोप लगाया है । मजिस्ट्रेट के घेराव की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस से भी ग्रामीण उलझ गए । फिलहाल पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मजिस्ट्रेट को सुरक्षित गांव से बाहर निकाल अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। V/O-दरअसल चरखारी थाना क्षेत्र के नरेडी गांव का है। जहाँ ग्रामीणों ने गाँव में हंगामा कर प्रशासनिक अधिकारियों को गौशाला की हालत खराब होने की सूचना दी थी। ग्रामीणों की शिकायत के बाद मामले की जाँच करने चरखारी तहसील में तैनात नायब तहसीलदार गांव पहुँचे थे । बताया जाता है कि मजिस्ट्रेट के पहुँचते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उनका घेराव कर लिया । नायब तहसीलदार से अभद्रता करते ग्रामीणों का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है । ग्रामीणों द्वारा मजिस्ट्रेट का घेराव करने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मजिस्ट्रेट को सुरक्षित गांव से बाहर निकाला इसी बात से नाराज कुछ अराजकतत्व पुलिस से भिड़ गए लेकिन पुलिस ने मौके की नजाकत को समझते हुए सभी लोगो को शांत कराया । मामले को लेकर ग्राम प्रधान ने बताया कि गौशाला में कोई दिक्कत नही है लेकिन कुछ अराजकतत्व है जो गांव का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।नायब तहसीलदार से अभद्रता करने लगे और उन्हें बंधक बना लिया इसलिए पुलिस को बुलाया गया है। BYTE-मंगल सिंह कुशवाहा (ग्राम प्रधान) V/O- वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला की एक गाय पड़ी थी जिसके लिए फोन लगाया तो मजिस्ट्रेट आये और उन्होंने ना ही गाय को देखा और वीडियो बनाकर जाने लगे तो हम लोगो ने उन्हें रोक लिया था इसके बाद तहसीलदार के साथ पुलिस आई और गौशाला देखने आधे गांव तक आये इसके बाद लौट गए । BYTE-नंदन यादव (ग्रामीण) BYTE-अवधेश (ग्रामीण) V/O-मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी ने बताया कि एसडीएम ने अवगत कराया कि गांव में कुछ लोग उपद्रव कर रहे हैं तो सचिव को मौके पर भेजा गया है ऐसा लगता है ग्राम पंचायत के चुनाव को लेकर यह सब किया जा रहा है । सचिव के आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी । नायब तहसीलदार का घेराव कुछ अराजकतत्वों ने किया था। BYTE-विपिन गुप्ता (बीडीओ चरखारी)1
- भोपाल: निशातपुरा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में टैंक से पेटी में बंद महिला का शव बरामद शव को पत्थर डालकर रस्सी से बांधा गया था, इलाके में सनसनी सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची टैंक का पानी निकलवाकर जुटाए जा रहे साक्ष्य मृतका की पहचान अब तक नहीं, जांच जारी1
- Post by Brijlal kushwaha3