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रीवा: लाखों की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन वर्षों से बंद, कुपोषण से जूझते बच्चों को नहीं मिल रहा लाभ — विभाग की लापरवाही उजागर रीवा। जिला रीवा के जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ लौरी में महिला एवं बाल विकास विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन द्वारा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनवाए गए आंगनबाड़ी केंद्र भवन वर्षों से बनकर तैयार हैं, लेकिन इनमें आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हो रहे हैं। कई भवन अनुपयोगी पड़े हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और विभागीय उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत गढ़ लौरी के विभिन्न क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन हेतु भवनों का निर्माण कराया गया था। इन भवनों का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार, टीकाकरण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था, किंतु निर्माण पूर्ण होने के वर्षों बाद भी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं किए जा रहे हैं। मोजरा लौरी और गढ़ गांव का ताजा मामला ताजा मामला ग्राम पंचायत गढ़ लौरी मोजरा का के मुजरा का है, जहां आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद केंद्र संचालित नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही तथा कथित मिलीभगत के कारण भवनों का उपयोग अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बावजूद क्षेत्र के छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं आंगनबाड़ी सेवाओं से वंचित हैं, जिससे कुपोषण की समस्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। भवनों के बंद रहने से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होने के साथ-साथ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शासन की योजनाएं कागजों तक सीमित स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित दर्शाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति विपरीत है। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते केंद्रों का संचालन शुरू किया जाता तो क्षेत्र के बच्चों को पोषण आहार और शिक्षा सुविधाएं मिलतीं, साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त होता। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण शासन की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही तत्काल आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन शुरू कराने की मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेते हैं और वर्षों से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

9 hrs ago
user_विंध्य वसुंधरा समाचार
विंध्य वसुंधरा समाचार
Local News Reporter मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

रीवा: लाखों की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन वर्षों से बंद, कुपोषण से जूझते बच्चों को नहीं मिल रहा लाभ — विभाग की लापरवाही उजागर रीवा। जिला रीवा के जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ लौरी में महिला एवं बाल विकास विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन द्वारा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनवाए गए आंगनबाड़ी केंद्र भवन वर्षों से बनकर तैयार हैं, लेकिन इनमें आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हो रहे हैं। कई भवन अनुपयोगी पड़े हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और विभागीय उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत गढ़ लौरी के विभिन्न क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन हेतु भवनों का निर्माण कराया गया था। इन भवनों का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार, टीकाकरण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था, किंतु निर्माण पूर्ण होने के वर्षों बाद भी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं किए जा रहे हैं। मोजरा लौरी और गढ़ गांव का ताजा मामला ताजा मामला ग्राम पंचायत गढ़ लौरी मोजरा का के मुजरा का है, जहां आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद केंद्र संचालित नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही तथा कथित मिलीभगत के कारण भवनों का उपयोग अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है

कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बावजूद क्षेत्र के छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं आंगनबाड़ी सेवाओं से वंचित हैं, जिससे कुपोषण की समस्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। भवनों के बंद रहने से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होने के साथ-साथ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शासन की योजनाएं कागजों तक सीमित स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित दर्शाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति विपरीत है। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते केंद्रों का संचालन शुरू किया जाता तो क्षेत्र के बच्चों को पोषण आहार और शिक्षा सुविधाएं मिलतीं, साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त होता। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण शासन की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही तत्काल आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन शुरू कराने की मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेते हैं और वर्षों से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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  • रीवा। जिला रीवा के जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ लौरी में महिला एवं बाल विकास विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन द्वारा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनवाए गए आंगनबाड़ी केंद्र भवन वर्षों से बनकर तैयार हैं, लेकिन इनमें आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हो रहे हैं। कई भवन अनुपयोगी पड़े हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और विभागीय उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत गढ़ लौरी के विभिन्न क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन हेतु भवनों का निर्माण कराया गया था। इन भवनों का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार, टीकाकरण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था, किंतु निर्माण पूर्ण होने के वर्षों बाद भी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं किए जा रहे हैं। मोजरा लौरी और गढ़ गांव का ताजा मामला ताजा मामला ग्राम पंचायत गढ़ लौरी मोजरा का के मुजरा का है, जहां आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद केंद्र संचालित नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही तथा कथित मिलीभगत के कारण भवनों का उपयोग अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बावजूद क्षेत्र के छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं आंगनबाड़ी सेवाओं से वंचित हैं, जिससे कुपोषण की समस्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। भवनों के बंद रहने से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होने के साथ-साथ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शासन की योजनाएं कागजों तक सीमित स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित दर्शाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति विपरीत है। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते केंद्रों का संचालन शुरू किया जाता तो क्षेत्र के बच्चों को पोषण आहार और शिक्षा सुविधाएं मिलतीं, साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त होता। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण शासन की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही तत्काल आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन शुरू कराने की मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेते हैं और वर्षों से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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    रीवा। जिला रीवा के जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़  लौरी में महिला एवं बाल विकास विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन द्वारा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनवाए गए आंगनबाड़ी केंद्र भवन वर्षों से बनकर तैयार हैं, लेकिन इनमें आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हो रहे हैं। कई भवन अनुपयोगी पड़े हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और विभागीय उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत गढ़ लौरी के विभिन्न क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन हेतु भवनों का निर्माण कराया गया था। इन भवनों का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार, टीकाकरण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था, किंतु निर्माण पूर्ण होने के वर्षों बाद भी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं किए जा रहे हैं।
मोजरा लौरी और गढ़ गांव का ताजा मामला
ताजा मामला ग्राम पंचायत गढ़  लौरी मोजरा का के मुजरा का  है, जहां आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद केंद्र संचालित नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही तथा कथित मिलीभगत के कारण भवनों का उपयोग अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बावजूद क्षेत्र के छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं आंगनबाड़ी सेवाओं से वंचित हैं, जिससे कुपोषण की समस्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। भवनों के बंद रहने से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होने के साथ-साथ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शासन की योजनाएं कागजों तक सीमित
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित दर्शाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति विपरीत है। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते केंद्रों का संचालन शुरू किया जाता तो क्षेत्र के बच्चों को पोषण आहार और शिक्षा सुविधाएं मिलतीं, साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त होता। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण शासन की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही हैं।
ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही तत्काल आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन शुरू कराने की मांग की गई है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेते हैं और वर्षों से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
    user_विंध्य वसुंधरा समाचार
    विंध्य वसुंधरा समाचार
    Local News Reporter मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • #RewaRTO की अवैध लूट देखिए, किस कदर आवागमन करने वालों को परेशान किया जाता है। नियम विरूद्ध तरीके से, कानून-संविधान का उल्लंघन कर लगातार लोगों को परेशान किया जा रहा है। Dr Mohan Yadav जी जनता को लुटवाना ही है तो थोड़ी इंसानियत भी होनी चाहिए, आपकी सरकार में डकैत बेलगाम हैं। #StopCorruption #RewaPolice #JusticeForDrivers #PrakashTiwari #Mangawan #HighCourt #MPTransport #CorruptionFreeMP #RewaNews
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    #RewaRTO की अवैध लूट देखिए, किस कदर आवागमन करने वालों को परेशान किया जाता है।
नियम विरूद्ध तरीके से, कानून-संविधान का उल्लंघन कर लगातार लोगों को परेशान किया जा रहा है।
Dr Mohan Yadav जी जनता को लुटवाना ही है तो थोड़ी इंसानियत भी होनी चाहिए, आपकी सरकार में डकैत बेलगाम हैं।
#StopCorruption #RewaPolice #JusticeForDrivers #PrakashTiwari #Mangawan #HighCourt #MPTransport #CorruptionFreeMP #RewaNews
    user_प्रकाश तिवारी तिवनी
    प्रकाश तिवारी तिवनी
    Local Politician मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • रीवा पुलिसकर्मी अपनी प्रेमिका के साथ चौपाटी में लड़ा रहा था इश्क पहुंच गई पत्नी और साला फिर शुरू हो गई पुलिस कर्मी की प्रेम कहानी की धुनाई लोग देखने लगे तमाशा पुलिस कर्मी के वैलेंटाइन डे पर पत्नी ने लगाया ग्रहण
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    रीवा पुलिसकर्मी अपनी प्रेमिका के साथ चौपाटी में लड़ा रहा था इश्क पहुंच गई पत्नी और साला फिर शुरू हो गई पुलिस कर्मी की प्रेम कहानी की धुनाई लोग देखने लगे तमाशा पुलिस कर्मी के वैलेंटाइन डे पर पत्नी ने लगाया ग्रहण
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Brijlal kushwaha
    2
    Post by Brijlal kushwaha
    user_Brijlal kushwaha
    Brijlal kushwaha
    Sirmour, Rewa•
    41 min ago
  • Post by Prime 24 News
    1
    Post by Prime 24 News
    user_Prime 24 News
    Prime 24 News
    पत्रकार Rewa, Madhya Pradesh•
    13 hrs ago
  • मऊगंज कलेक्ट्रेट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ के नारी शक्ति के नारों से गूंजा मऊगंज कलेक्ट्रेट बजट सत्र के विरोध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं संघ ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
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    मऊगंज कलेक्ट्रेट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ के नारी शक्ति के नारों से गूंजा मऊगंज कलेक्ट्रेट
बजट सत्र के विरोध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं संघ ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
    user_Lavkesh singh
    Lavkesh singh
    Media Consultant मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by चंदन भइया
    1
    Post by चंदन भइया
    user_चंदन भइया
    चंदन भइया
    Farmer त्योंथर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सिंगरौली स्लग --दोहरी हत्या--अंधविश्वास या कोई अन्य वजह--जॉच जारी एंकर --सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत अतरवा गांव के बैरिहवा टोला में निर्मम तरीके से दोहरी हत्या का मामला सामने आया है जहां एक पुरुष कमलनारायण और एक महिला फूलमती का शव छत बिछत रूप में घर के सामने पड़ा पाया गया है और पास में ही मिट्टी का चबूतरा और कई नारियल पाए गए हैं Vo --घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने आरोपी छत्रपति सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है Vo -2 ग्रामीण और परिजनों के मुताबिक यह हत्या टोना, टोटका और अंधविश्वास से जुड़ी हुई भी हो सकती है लेकिन पुलिस अभी मामले की विवेचना कर रही है और आगे साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा करेगी लेकिन इस इस निर्मम तरीके से हुई दोहरी हत्या से ग्रामीणों में भय व्याप्त है बाइट -- 1- मृतका की बहू 2- बलिराम साहू,उपसरपंच
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    सिंगरौली 
स्लग --दोहरी हत्या--अंधविश्वास या कोई अन्य वजह--जॉच जारी 
एंकर --सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत अतरवा गांव के बैरिहवा टोला में निर्मम तरीके से दोहरी हत्या का मामला सामने आया है जहां एक पुरुष कमलनारायण और एक महिला फूलमती का शव छत बिछत रूप में घर के सामने पड़ा पाया गया है और पास में ही मिट्टी का चबूतरा और कई नारियल पाए गए हैं 
Vo --घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने आरोपी छत्रपति सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है 
Vo -2 ग्रामीण और परिजनों के मुताबिक यह हत्या टोना, टोटका और अंधविश्वास से जुड़ी हुई भी हो सकती है लेकिन पुलिस अभी मामले की विवेचना कर रही है और आगे साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा करेगी 
लेकिन इस इस निर्मम तरीके से  हुई दोहरी हत्या से ग्रामीणों में भय व्याप्त है 
बाइट --
1- मृतका की बहू 
2- बलिराम साहू,उपसरपंच
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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