Shuru
Apke Nagar Ki App…
पन्ना के अमानगंज में कांग्रेस ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर तंज कसने के लिए एक अनोखा प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तीन साल पुराने एक गड्ढे का 'तीसरा जन्मदिन' मनाते हुए, कीचड़ भरी सड़क पर धान की रोपाई की। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के माध्यम से, उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर सीधा निशाना साधा, जिससे सड़क की खराब हालत को लेकर नाराजगी जाहिर की गई।
Rafi siddiqui
पन्ना के अमानगंज में कांग्रेस ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर तंज कसने के लिए एक अनोखा प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तीन साल पुराने एक गड्ढे का 'तीसरा जन्मदिन' मनाते हुए, कीचड़ भरी सड़क पर धान की रोपाई की। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के माध्यम से, उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर सीधा निशाना साधा, जिससे सड़क की खराब हालत को लेकर नाराजगी जाहिर की गई।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- पन्ना के अमानगंज में कांग्रेस ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर तंज कसने के लिए एक अनोखा प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तीन साल पुराने एक गड्ढे का 'तीसरा जन्मदिन' मनाते हुए, कीचड़ भरी सड़क पर धान की रोपाई की। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के माध्यम से, उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर सीधा निशाना साधा, जिससे सड़क की खराब हालत को लेकर नाराजगी जाहिर की गई।1
- वन महोत्सव के अवसर पर दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा 'शीतल मुक्तिधाम अभियान' का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत रैपुरा और शाहनगर वन परिक्षेत्रों के विभिन्न मुक्तिधामों में छायादार और दीर्घायु वृक्षों का पौधारोपण किया गया। रैपुरा वन परिक्षेत्र के बगरौड़ एवं बघवारकला तथा शाहनगर वन परिक्षेत्र के ताला मुक्तिधाम में आयोजित इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, ग्राम वन समितियों, वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। रैपुरा के बगरौड़ मुक्तिधाम में पीपल, बरगद, नीम, इमली और शीशम जैसे छायादार वृक्ष ट्री गार्ड के साथ रोपे गए, जहाँ सरपंच प्रभा बाई, जनपद सदस्य अरविंद यादव, पूर्व जनपद सदस्य अरुण लोधी, पंच पथरू आदिवासी, ग्राम वन समिति अध्यक्ष बलदेव सिंह, सचिव ऋतुराज जैन, उपवनक्षेत्रपाल अशोक पांडे, वनरक्षक सतीश द्विवेदी और कमलकांत प्यासी सहित कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण उपस्थित रहे। स्थानीय निवासी हुकमा कोरी ने पौधों को नियमित पानी देने की स्वेच्छा से जिम्मेदारी ली। इसी तरह, बघवारकला मुक्तिधाम में जनपद सदस्य रमेश चौधरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष आनंद कुमार लोधी, शिक्षक महेश कुमार लोधी, ग्राम पंचायत के सरपंच, परिक्षेत्र सहायक रामप्रताप गौतम, वनरक्षकों और ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता देखी गई। शाहनगर के ताला मुक्तिधाम में पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, करंज, देशी इमली, गुलमोहर और जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों का पौधारोपण किया गया, जहाँ जनपद सदस्य एवं खंड स्तरीय वन समिति अध्यक्ष अरविंद सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती गुड्डी बाई, सरपंच भारत सिंह, ग्राम वन समिति अध्यक्ष श्रीमती फूलरानी, ग्राम वन समिति बिहरिया के अध्यक्ष किताब सिंह, वरिष्ठ ग्रामीण मुन्नीलाल सिंह और कोमल सिंह यादव, परिक्षेत्र सहायक आर. पी. पटेल, वनरक्षक उदयभान सिंह, विनोद कुमार वर्मा, अरविंद यादव समेत अनेक ग्रामीणों ने भाग लिया। इस मौके पर वनरक्षक उदयभान सिंह ने 'शीतल मुक्तिधाम' अभियान की अवधारणा से लोगों को अवगत कराया। 'शीतल मुक्तिधाम अभियान' का मुख्य उद्देश्य उन मुक्तिधामों और शांति धामों को हरा-भरा और छायादार बनाना है, जहाँ पेड़ों की कमी के कारण विशेषकर गर्मियों में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को अत्यधिक गर्मी और असुविधा का सामना करना पड़ता है। उपयुक्त छायादार और दीर्घायु वृक्षों के रोपण और उनके संरक्षण से इन स्थलों को भविष्य में अधिक सम्मानजनक, शांत और सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य है। अभियान के पहले चरण में चयनित लगभग 10 मुक्तिधामों में काम चल रहा है, जिसे मिले जनसमर्थन और अनुभवों के आधार पर आने वाले वर्षों में पूरे दक्षिण पन्ना वनमंडल तक विस्तारित करने की योजना है। इस अभियान की एक अनूठी विशेषता यह भी है कि पौधारोपण के लिए आवश्यक धनराशि मुख्य रूप से वन विभाग द्वारा एकत्र किए गए प्लास्टिक कचरे की बिक्री से प्राप्त होगी। ग्राम वन समितियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से पौधों का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह 'शीतल मुक्तिधाम अभियान' पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक अपशिष्ट के पुनः उपयोग, जनभागीदारी और सामाजिक संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आ रहा है।4
- पन्ना जिले के एक स्कूल की रसोई में उस समय 'यमराज' का साया मंडरा गया जब वहां 8 फीट लंबा एक 'घोड़ा पछाड़' सांप देखा गया। इस घटना के कारण मासूम बच्चों के निवाले पर मानो काल मंडरा उठा, जिससे सभी की सांसें थम गईं और वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना में, आशा और आशा पर्यवेक्षक कार्यकर्ताओं ने कम मानदेय, समय पर भुगतान न होने और अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ जोरदार आक्रोश व्यक्त किया। म.प्र. आशा/आशा सहयोगी श्रमिक संघ के तत्वावधान में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुरानी कचहरी से कलेक्ट्रेट तक एक विशाल आक्रोश रैली निकाली। हाथों में तख्तियां लिए और जोरदार नारेबाजी करते हुए, कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि 24 घंटे काम करने के बावजूद उन्हें केवल ₹6,000 मासिक मानदेय मिल रहा है, और वर्ष 2023 से घोषित ₹1,000 की वार्षिक वृद्धि भी रोक दी गई है। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं को 3-4 महीने तक वेतन नहीं मिल रहा है, बिना सैलरी स्लिप के मनमानी कटौती की जा रही है, और आयुष्मान कार्ड जैसे गैर-विभागीय कार्यों के लिए नौकरी से निकालने की धमकियां देना आम बात हो गई है। संघ ने अपनी 16 सूत्रीय मांगों में हर महीने की 5 तारीख तक भुगतान सुनिश्चित करने, सैलरी स्लिप देने, आशा कार्यकर्ताओं के लिए ₹26,000 और आशा पर्यवेक्षकों के लिए ₹35,000 न्यूनतम वेतन निर्धारित करने की मांग की है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी ये मांगें पूरी नहीं की गईं, तो उनका आंदोलन और भी अधिक उग्र रूप लेगा।1
- शुभ सोमवार के पावन अवसर पर, मिनी वृंदावन धाम पन्ना में स्थित भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शनों का लाभ उठाने का आह्वान किया गया है। 06/07/2026 को जारी इस सूचना में सभी भक्तों को 'जय श्री कृष्णा' कहते हुए इन दिव्य दर्शनों के लिए आमंत्रित किया गया है, ताकि वे भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन प्राप्त कर सकें।1
- पन्ना जिले के भवानीपुर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ बच्चों की सुरक्षा और सरकारी धन के उपयोग पर ग्रामीणों ने बड़े आरोप लगाए हैं। रिपोर्टर राजेंद्र सिंह पटेल ने इस मामले को सामने रखा है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय परिसर में नल के पास एक खुला कुआँ बच्चों के लिए संभावित खतरा बना हुआ है, जिसकी सुरक्षा के लिए अब तक पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि विद्यालय के शौचालय की मरम्मत के लिए लगभग ₹20,000 की राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन मौके पर मरम्मत का कोई कार्य दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि शौचालय मरम्मत के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग कैसे किया गया, यह स्पष्ट किया जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने खुले कुएँ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल आवश्यक उपाय करने पर भी जोर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।1
- पन्ना जिले में 16 प्रमुख तालाबों के पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण के लिए चल रहे जनभागीदारी अभियान को एक नई गति मिली है। इसी क्रम में, सोमवार को महाराजा सागर तालाब के पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में अभियान से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। खजुराहो सांसद एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि उन्होंने पन्ना के सभी 16 तालाबों के पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण का संकल्प लिया है। इसी उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं को एक-एक तालाब की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि जनसहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ शहर के सौंदर्यीकरण का लक्ष्य भी पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि महाराजा सागर तालाब का कायाकल्प जिला प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, और इसी प्रकार जिले के सभी 16 तालाबों का चरणबद्ध तरीके से पुनर्जीवन और विकास किया जाएगा। शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि पन्ना को स्वच्छ, सुंदर और जल समृद्ध बनाने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सहयोग से निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। समारोह में विधायक एवं पूर्व मंत्री ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा, कलेक्टर उषा परमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान तालाब संरक्षण और पुनर्जीवन अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।4
- अजयगढ़ में रेलवे विभाग द्वारा रेलवे लाइन निर्माण के दौरान बनाई जा रही 'कन्वर्टेड रोड' अधूरी छोड़ दिए जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों को बरसात में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण यह सड़क कीचड़ और जलभराव से भर गई है, जिससे पैदल चलना भी अत्यंत मुश्किल हो गया है। दोपहिया और चारपहिया वाहन आए दिन इसमें फंस रहे हैं, और स्कूली बच्चों, किसानों, बुजुर्गों व मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे विभाग ने सड़क निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह कार्य आज तक अधूरा पड़ा है। ग्राम के सरपंच प्रतिनिधि रवि रावत ने बताया कि इस संबंध में रेलवे अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि बरसात के दौरान सड़क पर फिसलकर कई लोग चोटिल हो चुके हैं और आपातकालीन स्थितियों में एम्बुलेंस को भी गांव तक पहुंचने में कठिनाई होती है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने रेलवे विभाग से तत्काल इस अधूरी कन्वर्टेड रोड का निर्माण पूरा कराने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1