बिहार के कैमूर जिले के मोहनियां थाना क्षेत्र अंतर्गत भिटी वार्ड संख्या-8 में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल युवक को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष ने मोहनियां थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की गुहार लगाई है। मिली जानकारी के अनुसार, भिटी निवासी मुमताज अंसारी अपनी जमीन पर मकान निर्माण का कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए और जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। पीड़ित मुमताज अंसारी का आरोप है कि असलम अंसारी, अरशद अंसारी, जैनुल अंसारी, इम्तेयाज अंसारी, सरफराज अंसारी समेत कुल नौ लोगों ने लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से उन पर पीछे से अचानक हमला बोल दिया। इस हमले में मुमताज अंसारी को गंभीर चोटें आईं और वे घटनास्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। शोर सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों और परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका इलाज जारी है। घटना के बाद मुमताज अंसारी ने मोहनियां थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मोहनियां थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें पीड़ित की ओर से आवेदन प्राप्त हो गया है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस वारदात के बाद भिटी वार्ड संख्या-8 में कुछ समय के लिए स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और पुलिस की त्वरित सक्रियता के कारण स्थिति को बिगड़ने से संभाल लिया गया। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है, और ग्रामीण पुलिसिया कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
बिहार के कैमूर जिले के मोहनियां थाना क्षेत्र अंतर्गत भिटी वार्ड संख्या-8 में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल युवक को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष ने मोहनियां थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की गुहार लगाई है। मिली जानकारी के अनुसार, भिटी निवासी मुमताज अंसारी अपनी जमीन पर मकान निर्माण का कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए और जमीन को लेकर विवाद
शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। पीड़ित मुमताज अंसारी का आरोप है कि असलम अंसारी, अरशद अंसारी, जैनुल अंसारी, इम्तेयाज अंसारी, सरफराज अंसारी समेत कुल नौ लोगों ने लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से उन पर पीछे से अचानक हमला बोल दिया। इस हमले में मुमताज अंसारी को गंभीर चोटें आईं और वे घटनास्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। शोर सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों और परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका इलाज जारी है। घटना के बाद मुमताज अंसारी ने मोहनियां थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित आवेदन देकर
कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मोहनियां थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें पीड़ित की ओर से आवेदन प्राप्त हो गया है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस वारदात के बाद भिटी वार्ड संख्या-8 में कुछ समय के लिए स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और पुलिस की त्वरित सक्रियता के कारण स्थिति को बिगड़ने से संभाल लिया गया। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है, और ग्रामीण पुलिसिया कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
- बीते 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से हजारों छात्र, युवा और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। यह प्रदर्शन देशभर में परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी, पेपर लीक की घटनाओं, भर्ती प्रक्रिया में देरी और युवाओं के भविष्य को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाना है, जिस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह आंदोलन वास्तव में इस बदलाव को लाने में सफल हो पाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है, साथ ही दर्शकों से अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने, वीडियो को पसंद करने, चैनल को सब्सक्राइब करने और इसे अधिक से अधिक शेयर करने की अपील भी की गई है।1
- सासाराम विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने मंत्री दीपक प्रकाश की विधान परिषद (MLC) सीट को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अभी इस मामले में 8 जून तक का समय है और संकेत दिया कि दीपक प्रकाश के विधान परिषद पहुँचने को लेकर अभी भी संभावनाएँ बनी हुई हैं। यह गौरतलब है कि एनडीए द्वारा घोषित एमएलसी उम्मीदवारों की सूची में दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, किसी भी मंत्री के लिए पद संभालने के छह माह के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है।1
- चंदौली के चकिया स्थित बरांव गांव के समीप, किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने तपती गर्मी और सिंचाई संकट के बीच धनरियां माइनर की बदहाल स्थिति को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि माइनर की वर्षों से समुचित सफाई नहीं कराई गई है, जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने मौके पर पहुंचकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मेन राइट कैनाल से निकली धनरियां माइनर की हालत बेहद खराब है। जहां बरांव गांव के दक्षिण दिशा में कभी-कभार सफाई हो जाती है, वहीं गांव के पुल के उत्तर दिशा में दशकों से सफाई नहीं की गई है। किसानों ने जानकारी दी कि माइनर बांस, बबूल, कनेर, बकाइन जैसे पेड़ों और खरपतवारों से पूरी तरह पट गई है, जिससे पानी का प्रवाह रुक गया है। परिणामस्वरूप, आवश्यकता पड़ने पर किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जबकि बरसात या अधिक जल प्रवाह के समय पानी माइनर की पटरी तोड़कर खेतों में फैल जाता है। इस जलभराव से रबी सीजन की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं जैसी फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर तो भारी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद नहर सफाई का रोस्टर नवंबर-दिसंबर में कर दिया गया है, जो किसानों की जरूरतों के अनुकूल नहीं है। उन्होंने मांग की कि नहरों की सफाई पूर्व की भांति अप्रैल-मई में ही कराई जानी चाहिए, ताकि धान की रोपाई से पहले सिंचाई व्यवस्था सुचारू हो सके। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यदि धान की रोपाई शुरू होने से पहले धनरियां माइनर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। संगठन मंत्री ने बताया कि इस गंभीर मामले से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया गया है। इस प्रदर्शन में सुरेश मौर्य, श्रीप्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।3
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में कमालपुर धानापुर क्षेत्र के युवा नेता राजकुमार सनातनी से संपर्क करने का आह्वान किया गया है। पोस्ट के माध्यम से लोगों को सूचित किया गया है कि वे किसी भी कार्य को 'बनवाने' के लिए श्री राजकुमार सनातनी से संपर्क कर सकते हैं।1
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- चंदौली ज़िले की धनरियां माइनर नहर इस समय घास-फूस, पेड़-पौधों और झाड़-झंखाड़ से पूरी तरह पटी हुई है। किसान नेता राम राम अवध सिंह ने इस स्थिति का ज़िक्र किया है।1
- चन्दौली के चकिया क्षेत्र में किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने धनरियां माइनर की बदहाल स्थिति के विरोध में बरांव गांव के पास जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि वर्षों से माइनर की समुचित सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण भीषण गर्मी और सिंचाई संकट के बीच क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने मौके पर पहुंचकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मेन राइट कैनाल से निकली धनरियां माइनर की हालत अत्यंत खराब है। बरांव गांव के दक्षिण दिशा में तो कभी-कभार सफाई करा दी जाती है, लेकिन गांव के पुल के उत्तर दिशा में दशकों से कोई सफाई कार्य नहीं हुआ है। जागरूक किसान मनोज कुमार गुप्ता और दिलीप शर्मा ने बताया कि माइनर में बांस, बबूल, कनेर, बकाइन सहित अन्य पेड़-पौधे और खरपतवार उग आए हैं, जिससे जल प्रवाह पूरी तरह बाधित है। इसके परिणामस्वरूप, आवश्यकता पड़ने पर किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जबकि बरसात या अधिक जल प्रवाह के समय पानी माइनर की पटरी तोड़कर खेतों में फैल जाता है। किसानों का कहना है कि जलभराव से रबी सीजन की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं जैसी फसलें प्रभावित होती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भारी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन किसानों की सिंचाई व्यवस्था की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद नहर सफाई का रोस्टर नवंबर-दिसंबर में कर दिया गया है, जो किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। किसानों की मांग है कि नहरों की सफाई पूर्व की भांति अप्रैल-मई में ही कराई जाए, ताकि धान की रोपाई से पहले सिंचाई व्यवस्था सुचारु हो सके। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यदि धान की रोपाई शुरू होने से पहले धनरियां माइनर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। संगठन मंत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया गया है। इस प्रदर्शन में सुरेश मौर्य, श्रीप्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।4
- गाज़ीपुर के ज़मानिया क्षेत्र के एक गांव में, स्थानीय निवासियों ने बताया है कि उनके गांव में नाली का निर्माण नहीं किया जा रहा है।1
- चंदौली जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत किया गया।1