वार्ड 20 में गंदगी से बढ़ी परेशानी, रहवासियों ने की नियमित सफाई की मांग वार्ड 20 में गंदगी से बढ़ी परेशानी, रहवासियों ने की नियमित सफाई की मांग घंसौर मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 20 में इन दिनों गंदगी की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। घरों के आसपास जगह-जगह कचरे के ढेर लगे होने से बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिससे बीमारी का खतरा बना हुआ है। वार्डवासियों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा कभी-कभार झाड़ू लगाई जाती है, लेकिन कचरा उठाने की नियमित व्यवस्था नहीं होने से समस्या जस की तस बनी रहती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद आज दिनांक 22 फरवरी 2026 तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। रहवासियों ने प्रशासन से जल्द नियमित कचरा उठाव और साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि वार्ड में स्वच्छ वातावरण बन सके और लोगों को राहत मिल सके।
वार्ड 20 में गंदगी से बढ़ी परेशानी, रहवासियों ने की नियमित सफाई की मांग वार्ड 20 में गंदगी से बढ़ी परेशानी, रहवासियों ने की नियमित सफाई की मांग घंसौर मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 20 में इन दिनों गंदगी की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। घरों के आसपास जगह-जगह कचरे के ढेर लगे होने से बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिससे बीमारी का खतरा बना हुआ है। वार्डवासियों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा कभी-कभार झाड़ू लगाई जाती है, लेकिन कचरा उठाने की नियमित व्यवस्था नहीं होने से समस्या जस की तस बनी रहती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद आज दिनांक 22 फरवरी 2026 तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। रहवासियों ने प्रशासन से जल्द नियमित कचरा उठाव और साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि वार्ड में स्वच्छ वातावरण बन सके और लोगों को राहत मिल सके।
- राहुल गांधी ने एक किताब दिखाई और संसद में हो गया हंगामा आखिर यह लोग उस किताब से क्यों डर रहे हैं1
- वार्ड 20 में गंदगी से बढ़ी परेशानी, रहवासियों ने की नियमित सफाई की मांग घंसौर मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 20 में इन दिनों गंदगी की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। घरों के आसपास जगह-जगह कचरे के ढेर लगे होने से बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिससे बीमारी का खतरा बना हुआ है। वार्डवासियों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा कभी-कभार झाड़ू लगाई जाती है, लेकिन कचरा उठाने की नियमित व्यवस्था नहीं होने से समस्या जस की तस बनी रहती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद आज दिनांक 22 फरवरी 2026 तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। रहवासियों ने प्रशासन से जल्द नियमित कचरा उठाव और साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि वार्ड में स्वच्छ वातावरण बन सके और लोगों को राहत मिल सके।1
- यह जो कर्मकांड है - स्वागत करवाना, शॉल पहनाना, श्रीफल देना इन पर पैसे क्यों खर्च किए जाएँ? मैंने कहा है कि अगर आप मेरा सम्मान करना चाहते हैं, तो एक पेड़ लगाइए। उसकी फोटो मुझे भेंट कर दीजिए या अपलोड कर दीजिए कि हमने पेड़ लगाया है। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूँ कि शॉल ओढ़ा दी जाए, श्रीफल दिया जाए, माला पहनाई जाए और मैं गदगद हो जाऊँ। मैं इन सब चीज़ों से परे हूँ।1
- 21 दिन की विशेष देखरेख से कुपोषण पर जीत नन्ही कुसुम के चेहरे पर लौटी मुस्कान जिला चिकित्सालय मंडला स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में 21 दिनों की विशेष देखरेख और सतत निगरानी से एक गंभीर रूप से कुपोषित बालिका को नया जीवन मिला। अब नन्ही कुसुम पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुकी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.जे. मोहंती ने बताया कि ग्राम चपटल टोला गौराछापर, तहसील नैनपुर निवासी 1 माह 23 दिन की बालिका कुसुम मरकाम को 29 जनवरी 2026 को गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय मंडला में भर्ती कराया गया था। बच्ची को सांस लेने में परेशानी और स्तनपान करने में कठिनाई हो रही थी। प्रारंभिक जांच के बाद उसे पीआईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया और लगातार निगरानी में रखा गया। 12 दिन बाद स्थिति में सुधार होने पर बच्ची को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में स्थानांतरित किया गया। उस समय उसका वजन मात्र 1.700 किलोग्राम और लंबाई 45 सेमी थी। कम वजन के कारण वह गंभीर कुपोषण श्रेणी में थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में एनआरसी गाइडलाइन के अनुसार उपचार, उचित पोषण, स्तनपान सहयोग और कंगारू मदर केयर के माध्यम से देखभाल की गई। 21 दिनों की निरंतर चिकित्सा, संतुलित आहार और मां को दी गई परामर्श सेवाओं का सकारात्मक परिणाम सामने आया। डिस्चार्ज के समय बच्ची का वजन बढ़कर 2.285 किलोग्राम हो गया और वह सफलतापूर्वक स्तनपान करने लगी। सभी आवश्यक टीकाकरण भी पूर्ण कराए गए। सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे के मार्गदर्शन में चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम ने समर्पण भाव से उपचार किया। स्टाफ द्वारा मां को स्तनपान, संक्रमण से बचाव एवं नियमित टीकाकरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे बच्ची के समुचित विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। कुसुम की मां ने भावुक होकर बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में मिली देखरेख और उपचार से उनकी बच्ची को नया जीवन मिला है। उन्होंने शासन-प्रशासन और अस्पताल की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कहानी दर्शाती है कि समय पर उपचार, विशेषज्ञ देखरेख और मातृ सहयोग से गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती को भी हराया जा सकता है।1
- बाल विवाह के विरुद्ध जन जागरूकता हेतु चलाए जा रहे 100 दिवसीय अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत रविवार को दोपहर 2:30 बजे को ग्राम पंचायत रामनगर में बाल विवाह रोकथाम विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण में सहभागिता सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी प्रशासक श्रीमती मधुलिका उपाध्याय ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने पॉक्सो एक्ट एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी तथा सभी को बाल विवाह न करने एवं न होने देने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर प्रभारी प्रशासक मधुलिका उपाध्याय, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, बहुउद्देशीय कार्यकर्ता आरती वरकड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- Post by Neelesh THAKUR1
- मंडला: मंडला में नपा एवं राजस्व अधिकारियों की लारवाही के चलते जगह जगह बेखोप धड़ल्ले से अतिक्रमण किया जा रहा है स्थानीय निवासी या जागरूक नागरिकों के द्वारा सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को अतिक्रमण की सूचना भी दी जाती है इसके बाद भी अधिकारियों के द्वारा तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की जाती जिससे अतिक्रमणकारियो के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं ताजा मामला ज्वाला जी वार्ड महाराजपुर खसरा नंबर 128 गौठान भूमि का है यह पत्रकारों संघ के द्वारा पौधारोपण किया गया था पौधों की सुरक्षा हेतु पत्रकारों के द्वारा फेंसिंग भी कराई गई थी एवं नगरपालिका द्वारा पौधों की सुरक्षा हेतु गेट भी लगाए गए किंतु असामाजिक तत्वों के द्वारा फेंसिंग तोड़ कर पौधों को नुकसान पहुंचाया गया जिसकी सूचना पत्रकारों के द्वारा संबंधित विभाग में दी जाती रही किंतु नपा एवं राजस्व अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई अब अतिक्रमण करियों के द्वारा उक्त भूमि से पौधों को नष्ट कर झोपड़ी बनाई जा रही है जिसकी सूचना भी नगरपालिका अधिकारियों एवं राजस्व विभाग के जिम्मेदारों को भी दे दी गई किंतु अब तक कोई अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे अतिक्रमण करि झोपड़ी के अंदर ही अंदर पक्का निर्माण करने की फिराक में है।बाद नगरपालिका के मोहिर्रार द्वारा पिछले अनेकों वर्षों का मकान टैक्स लेकर रसीदथमा देंगे जिससे अतिक्रमण करि पट्टा लेने की दावेदारी कर न्यायालय पहुंच जाएंगे1
- सलमान खान पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई ! छपारा पुलिस की मुस्तैदी से पकड़ाया !!1