छत्तीसगढ़ के कांकेर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मर्रापी के जंगल-पहाड़ी इलाके में शुक्रवार को सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक प्रेशर कुकर IED बरामद किया। डीआरजी और बीडीएस की संयुक्त टीम ने लगभग 3 किलोग्राम वजनी इस खतरनाक IED को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस से 17 जुलाई की दोपहर को मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा बल लगातार इलाके में सक्रिय बने हुए हैं। पुलिस के अनुसार, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा के निर्देशन और कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के मार्गदर्शन में जिले के संवेदनशील व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में डीआरजी टीम का नेतृत्व सहायक उपनिरीक्षक शैलेन्द्र भास्कर ने किया, जबकि बीडीएस टीम की कमान सहायक उपनिरीक्षक गोवर्धन कोर्राम के हाथों में थी।
छत्तीसगढ़ के कांकेर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मर्रापी के जंगल-पहाड़ी इलाके में शुक्रवार को सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक प्रेशर कुकर IED बरामद किया। डीआरजी और बीडीएस की संयुक्त टीम ने लगभग 3 किलोग्राम वजनी इस खतरनाक IED को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस से 17 जुलाई की दोपहर को मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा बल लगातार इलाके में सक्रिय बने हुए हैं। पुलिस के अनुसार, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा के निर्देशन और कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के मार्गदर्शन में जिले के संवेदनशील व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में डीआरजी टीम का नेतृत्व सहायक उपनिरीक्षक शैलेन्द्र भास्कर ने किया, जबकि बीडीएस टीम की कमान सहायक उपनिरीक्षक गोवर्धन कोर्राम के हाथों में थी।
- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा अपने बस्तर प्रवास के दौरान 17 जुलाई को सुबह 11 बजे शासकीय विश्राम गृह कांकेर पहुंचे। यहाँ कांकेर के कलेक्टर निलेशकुमार महादेव, एसपी निखिल राखेचा और जिला एवं सत्र न्यायालय कांकेर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भास्कर मिश्र ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा को 'गॉर्ड ऑफ ऑनर' देकर सलामी भी दी गई। इस स्वागत समारोह के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुमार कुर्रे, एएसपी योगेश साहू और संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सरस्वती बंजारे उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और जिला न्यायालय के अन्य तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी भी वहां मौजूद थे।1
- विशेष रूप से जानने के लिए लोगों से 'संत रामपाल जी महाराज' (SANT RAMPAL JI MAHARAJ) का यूट्यूब चैनल अवश्य देखने की अपील की गई है।1
- कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भानबेड़ा में आज एक परिवार के सदस्य भूपेंद्र कुमार सिन्हा ने ईसाई धर्म छोड़कर पूरे विधि-विधान के साथ अपने मूल धर्म में वापसी कर ली है। भूपेंद्र काफी लंबे समय से ईसाई धर्म में चले गए थे। आज ग्राम पंचायत की बैठक के दौरान उन्होंने समस्त ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उपस्थित होकर स्वप्रेरित भाव से हिंदू संस्कृति में वापस आने की इच्छा जताई और इसके लिए निवेदन किया। भूपेंद्र के निवेदन के उपरांत सभी जनप्रतिनिधियों ने उन्हें भानबेड़ा के मुख्य चौक पर स्थित हनुमान मंदिर में ले जाकर पूजा-अर्चना कराई और पूरे रीति-रिवाज व विधि-विधान से उनकी मूल धर्म में वापसी कराई। मंदिर प्रांगण में उपस्थित ग्रामवासियों ने भूपेंद्र सिन्हा का अक्षत, तिलक लगाकर और अंगवस्त्र पहनाकर मूल धर्म में भावभीना स्वागत किया। इस विशेष अवसर पर ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती ममता ठाकुर, पूर्व सरपंच जागेश्वर सिंह नरेटी, रमेश कोर्राम, राजेंद्र जैन, अर्जुन निषाद, खेमू सिंह चुरेंद्र, उमेश तिवारी, सुरेंद्र धनकर, अजय पाल, जितेंद्र पाण्डेय, अगनुराम नुरेटी, कन्हैया कुंजाम, अजय नेताम, दिलीप चंद्राकर, सुभाष चंद्र जायसवाल, श्रीमती गोदावरी यादव, पिलाबाई यादव, लता चौरे, रमशिला जैन सहित भानबेड़ा गांव के कई वरिष्ठ नागरिक और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।4
- बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र विकासखंड कुसमी के अंतर्गत स्थित प्राथमिक शाला फुतूरटोली में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने खुद एक शिक्षिका की भूमिका निभाई। उन्होंने स्कूल का दौरा कर बच्चों की पढ़ाई का स्तर परखा, उनसे सीधे संवाद किया और अंग्रेजी व गणित के सवाल पूछकर उनके सीखने की क्षमता का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि विद्यालय में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं और कुल 13 नामांकित विद्यार्थियों में से 9 विद्यार्थी उपस्थित हैं। इस पर कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने अनुपस्थित बच्चों के पालकों से संपर्क कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बच्चों से पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछे, जहां कक्षा चौथी की छात्रा गुंजन केरकेट्टा ने ब्लैकबोर्ड पर गुणा के प्रश्नों का सही उत्तर दिया और 12 तक का पहाड़ा सुनाया। वहीं, कक्षा पांचवीं के छात्र टार्जन किंडो ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाया। इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों से अंग्रेजी में विभिन्न जानवरों के नाम पूछे और उन्हें अंग्रेजी शब्दों के सही एवं स्पष्ट उच्चारण का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित अभ्यास से भाषा पर अच्छी पकड़ बनती है। बच्चों के आत्मविश्वास और उत्साह की सराहना करते हुए कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय और विशेष मार्गदर्शन प्रदान करें, ताकि नियमित उपस्थिति और सतत अभ्यास से बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव तैयार की जा सके।3
- बस्तर की प्राचीन राजधानी और कोण्डागांव के फरसगांव स्थित बड़ेडोंगर में 16 जुलाई 2026 को 600 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक गोंचा पर्व की परंपरा को बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुजारियों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस भव्य पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी आस्था प्रकट की। यह ऐतिहासिक गोंचा पर्व बस्तर की लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और सदियों पुरानी परंपराओं का एक जीवंत प्रतीक है।1
- छत्तीसगढ़ के कांकेर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मर्रापी के जंगल-पहाड़ी इलाके में शुक्रवार को सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक प्रेशर कुकर IED बरामद किया। डीआरजी और बीडीएस की संयुक्त टीम ने लगभग 3 किलोग्राम वजनी इस खतरनाक IED को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस से 17 जुलाई की दोपहर को मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा बल लगातार इलाके में सक्रिय बने हुए हैं। पुलिस के अनुसार, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा के निर्देशन और कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के मार्गदर्शन में जिले के संवेदनशील व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में डीआरजी टीम का नेतृत्व सहायक उपनिरीक्षक शैलेन्द्र भास्कर ने किया, जबकि बीडीएस टीम की कमान सहायक उपनिरीक्षक गोवर्धन कोर्राम के हाथों में थी।1
- भानुप्रतापपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर में नई बिल्डिंग के निर्माण के दौरान ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आई है। यहाँ कॉलम खड़े करने के लिए खोदे गए बड़े-बड़े गड्ढों को पिछले एक महीने से भी अधिक समय से बिना किसी सुरक्षा इंतजाम या बैरिकेडिंग के खुला छोड़ दिया गया है। प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर पूरी तरह से मौन साधे बैठा है, जिससे पूरा अस्पताल परिसर बड़े हादसे के मुहाने पर खड़ा हो गया है। इस लापरवाही के कारण आज सुबह एक बेजुबान गाय इन गहरे गड्ढों में जा गिरी, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। रोजाना सैकड़ों मरीजों और परिजनों की आवाजाही वाले इस परिसर में आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। रात के अंधेरे में इन खुले गड्ढों के पास से गुजरना बेहद खतरनाक हो चुका है और लोग इलाज कराने आने के बजाय खुद हादसे का शिकार हो रहे हैं। इस अव्यवस्था को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। नाराज लोगों ने सीधे प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि क्या वह किसी इंसान की जान जाने के बाद जागेगा? जन सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इस लापरवाह ठेकेदार पर अब तक कोई कार्रवाई न होने से लोग नाराज हैं और इसका टेंडर तत्काल निरस्त करने की माँग कर रहे हैं।1