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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा अपने बस्तर प्रवास के दौरान 17 जुलाई को सुबह 11 बजे शासकीय विश्राम गृह कांकेर पहुंचे। यहाँ कांकेर के कलेक्टर निलेशकुमार महादेव, एसपी निखिल राखेचा और जिला एवं सत्र न्यायालय कांकेर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भास्कर मिश्र ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा को 'गॉर्ड ऑफ ऑनर' देकर सलामी भी दी गई। इस स्वागत समारोह के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुमार कुर्रे, एएसपी योगेश साहू और संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सरस्वती बंजारे उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और जिला न्यायालय के अन्य तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी भी वहां मौजूद थे।
Ashish parihar Parihar
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा अपने बस्तर प्रवास के दौरान 17 जुलाई को सुबह 11 बजे शासकीय विश्राम गृह कांकेर पहुंचे। यहाँ कांकेर के कलेक्टर निलेशकुमार महादेव, एसपी निखिल राखेचा और जिला एवं सत्र न्यायालय कांकेर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भास्कर मिश्र ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा को 'गॉर्ड ऑफ ऑनर' देकर सलामी भी दी गई। इस स्वागत समारोह के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुमार कुर्रे, एएसपी योगेश साहू और संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सरस्वती बंजारे उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और जिला न्यायालय के अन्य तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी भी वहां मौजूद थे।
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- कोंडागांव के डोगरीगुड़ा स्थित कॉलेज ऑफ नर्सिंग में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और स्टाफ को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई कि वे अपना ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी, एटीएम पिन, सीवीवी और पासवर्ड किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। इसके साथ ही, उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और निवेश के नाम पर होने वाले विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में सचेत किया गया। कार्यक्रम में यह महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।1
- धमतरी के गोकुलपुर वार्ड स्थित कृदत्त कॉलोनी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर बच्चों ने एक अनूठी पहल की है। यहाँ अयांश सिंह की अगुवाई में बच्चों ने साइकिल पर भगवान जगन्नाथ की एक मिनी रथयात्रा निकाली, जिसने सभी कॉलोनीवासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चों के इस अनूठे प्रयास, उनकी अटूट श्रद्धा और उत्साह की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। इस अनोखी रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की लकड़ी से निर्मित प्रतिमाओं को साइकिल पर सुसज्जित किया गया और पूरे कॉलोनी क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चे बाजे-गाजे के साथ 'जय जगन्नाथ' का जयघोष करते हुए पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ रथयात्रा में शामिल हुए। रथयात्रा के समापन पर बच्चों ने कॉलोनीवासियों के बीच पारंपरिक गजामूंग और पेड़े का प्रसाद वितरित कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी तक पहुंचाया। इस आयोजन में अनय जायसवाल, गेविश साहू, विभु, चेतस चंद्राकर, आरो जायसवाल, सिम्मी साहू और फवी चंद्राकर सहित कई बच्चों ने बड़ी श्रद्धा के साथ भाग लिया। बच्चों की इस पहल ने धार्मिक परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी की आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक सुंदर संदेश दिया है।2
- बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र विकासखंड कुसमी के अंतर्गत प्राथमिक शाला फुतूरटोली में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी अचानक निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां उन्होंने खुद एक शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए बच्चों की पढ़ाई के स्तर को परखा। कलेक्टर ने सीधे बच्चों से संवाद स्थापित किया, उनसे गणित और अंग्रेजी के सवाल पूछे और उनके सीखने की क्षमता का बारीकी से आकलन किया। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षिका ने बताया कि यहां पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं, जिसमें कुल 13 विद्यार्थी नामांकित हैं और निरीक्षण के दिन 9 विद्यार्थी उपस्थित थे। इस पर कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अनुपस्थित बच्चों के पालकों से संपर्क करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ब्लैकबोर्ड पर बच्चों से गणित के सवाल हल करवाए, जिसमें चौथी कक्षा की छात्रा गुंजन केरकेट्टा ने गुणा के प्रश्नों का सही उत्तर देकर 12 तक का पहाड़ा सुनाया। वहीं पांचवीं कक्षा के छात्र टार्जन किंडो ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाया। इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों से अंग्रेजी में जानवरों के नाम पूछे और उन्हें अंग्रेजी शब्दों के सही व स्पष्ट उच्चारण का नियमित अभ्यास कराया। बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय और विशेष मार्गदर्शन दें, ताकि नियमित उपस्थिति और सतत अभ्यास से बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव मजबूत हो सके और उनका बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।3
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बाखरा गांव में साफ-सफाई की भारी समस्या बनी हुई है। गांव में गंदगी और स्वच्छता की कमी के चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने इस विकट समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए जल्द से जल्द उचित समाधान करने की गुहार लगाई है।1
- छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान यूरिया और डीएपी खाद के आवंटन एवं वितरण का मुद्दा जोर-शोर से उठा। विधायक दलेश्वर साहू ने सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं को खाद वितरण के आंकड़ों पर सवाल खड़े करते हुए इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। इसके जवाब में कृषि मंत्री ने सदन में खाद भंडारण और वितरण के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश में पर्याप्त खाद उपलब्ध है और किसानों को जरूरत के अनुसार खाद दी जा रही है। इस दौरान विधायक और कृषि मंत्री के बीच तीखी बहस देखने को मिली।1
- छत्तीसगढ़ के कांकेर की डीएसपी कविता धुर्वे राष्ट्रीय चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने शिलांग में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है।1
- धमतरी जिले के विद्यालयों को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित वीबीजीराम -जी योजना और स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग समन्वय बैठक में जिले के 25 स्कूल क्लस्टरों के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। इस बैठक में भारत सरकार के स्कूल क्लस्टर डेवलपमेंट प्लान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर मंथन किया गया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने वीबीजीराम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों के सतत अधोसंरचना विकास का मुख्य आधार बनेगी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल क्लस्टर का वैज्ञानिक तरीके से गैप एनालिसिस किया जाए ताकि उनकी वास्तविक आवश्यकताओं का सटीक आकलन हो सके। स्थानीय जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए इन विकास कार्यों के प्रस्तावों को संबंधित ग्राम सभाओं में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। बैठक के दौरान यू-डाइस डेटा एंट्री, विज्ञान व कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, अतिरिक्त कक्षों के निर्माण, खेल मैदानों के विकास, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, पार्किंग शेड, सुरक्षा रेलिंग और दिव्यांग छात्रों के लिए अनुकूल समावेशी अधोसंरचना जैसी सुविधाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, शंकरदाह, दुगली, गट्टासिल्ली, सलोनी और खरेंगा स्थित इंटीग्रेटेड कैंपसों के विकास कार्यों की विशेष समीक्षा करते हुए कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि साक्षरता अभियान, उल्लास-नव भारत कार्यक्रम और स्वामी विवेकानंद स्कूलों के प्रस्तावों के माध्यम से इन विद्यालयों को केवल भवन निर्माण तक सीमित न रखकर भविष्य के समग्र शिक्षण एवं नवाचार केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।4
- गरियाबंद जिले के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत बेगरपाला के आश्रित ग्राम पंडरीपानी में शिक्षा व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। यहां प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के नाम पर महीनों पहले पुराने भवन की छत तो तोड़ दी गई, लेकिन आज तक नया निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे बारिश, गर्मी और अन्य कठिन परिस्थितियों के बीच एक अस्थायी छप्पर के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय भवन की छत तोड़ने के बाद निर्माण एजेंसी ने काम बंद कर दिया। स्कूल खुल जाने के बावजूद न तो नया भवन बन पाया और न ही बच्चों के लिए कोई वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था की गई। मजबूरी में शिक्षक और विद्यार्थी छप्पर के नीचे ही कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। बरसात के मौसम में तेज बारिश और हवा के दौरान बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होती है, जिससे अभिभावकों में उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका। ग्रामीण तुमलेश कुमार नेताम और अन्य पालकों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेता है और एक साल से अधूरे पड़े विद्यालय भवन का निर्माण कार्य कब शुरू होता है।2
- कोंडागांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर गुरुवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रहा लोहे के भारी सामान से लदा एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरा और खेत में जा घुसा। हादसा इतना जोरदार था कि ट्रेलर में लदा भारी-भरकम लोहे का सामान टूटकर खेत में दूर-दूर तक बिखर गया। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तत्काल राहत कार्य शुरू कर गंभीर रूप से घायल ट्रेलर चालक को वाहन से बाहर निकाला और इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव भेजा, जहां उसका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही कोंडागांव पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को ही दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पिछले कुछ समय से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।3