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छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बाखरा गांव में साफ-सफाई की भारी समस्या बनी हुई है। गांव में गंदगी और स्वच्छता की कमी के चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने इस विकट समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए जल्द से जल्द उचित समाधान करने की गुहार लगाई है।
mohan ram poyam
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बाखरा गांव में साफ-सफाई की भारी समस्या बनी हुई है। गांव में गंदगी और स्वच्छता की कमी के चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने इस विकट समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए जल्द से जल्द उचित समाधान करने की गुहार लगाई है।
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- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बाखरा गांव में साफ-सफाई की भारी समस्या बनी हुई है। गांव में गंदगी और स्वच्छता की कमी के चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने इस विकट समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए जल्द से जल्द उचित समाधान करने की गुहार लगाई है।1
- बस्तर की प्राचीन राजधानी और कोण्डागांव के फरसगांव स्थित बड़ेडोंगर में 16 जुलाई 2026 को 600 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक गोंचा पर्व की परंपरा को बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुजारियों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस भव्य पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी आस्था प्रकट की। यह ऐतिहासिक गोंचा पर्व बस्तर की लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और सदियों पुरानी परंपराओं का एक जीवंत प्रतीक है।1
- छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक आदिवासी दंपति को बेइज्जत कर बस से उतारने का मामला सामने आया है, जिसके बाद आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। इस आदिवासी दंपति के साथ हुए दुर्व्यवहार और अपमानजनक तरीके से बस से उतारे जाने की यह घटना अब बेहद महंगी साबित हो रही है। इस अपमान के खिलाफ पूरे आदिवासी समाज में गहरा गुस्सा और तीखी नाराजगी देखी जा रही है।1
- जंतर-मंतर पर व्यवस्था के खिलाफ लड़ रहे सोनम वांगचुक जी आज पांचवें दिन भी अन्न नहीं खा रहे हैं, लेकिन हम इस सच को निगल नहीं पा रहे हैं। जहाँ वह व्यवस्था से सीधी लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग अपने 'ट्रेंड-मंतर' पर केवल मोबाइल स्क्रीन स्क्रॉल करने में व्यस्त हैं। 'तीसरी आँख' की नज़र से देश की इस कड़वी हकीकत को दिखाते हुए समाज की बेरुखी पर तीखा प्रहार किया गया है। आज देश का सबसे नंगा सच यही बन चुका है कि हमारा समाज जीवित इंसान से असहज रहता है और मृत इंसान से सुरक्षित महसूस करता है, क्योंकि मरी हुई आवाजें कभी सवाल नहीं पूछतीं। देश को आज किसी शहीद की तस्वीर नहीं, बल्कि सत्ता की नींद उड़ाने वाले एक ज़िंदा योद्धा की ज़रूरत है।1
- जगदलपुर में श्रद्धालुओं के भारी उत्साह के साथ रथ परिक्रमा शुरू हो चुकी है। श्रद्धालु अत्यंत उत्साह पूर्वक रथ को खींच रहे हैं। यह रथ परिक्रमा गोल बाजार चौक, मिताली चौक और दंतेश्वरी मंदिर से होते हुए आगे बढ़ रही है और सीरासार भवन के समीप जाकर समाप्त होगी।2
- कोंडागांव के डोगरीगुड़ा स्थित कॉलेज ऑफ नर्सिंग में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और स्टाफ को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई कि वे अपना ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी, एटीएम पिन, सीवीवी और पासवर्ड किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। इसके साथ ही, उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और निवेश के नाम पर होने वाले विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में सचेत किया गया। कार्यक्रम में यह महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।1
- कोंडागांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर गुरुवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रहा लोहे के भारी सामान से लदा एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरा और खेत में जा घुसा। हादसा इतना जोरदार था कि ट्रेलर में लदा भारी-भरकम लोहे का सामान टूटकर खेत में दूर-दूर तक बिखर गया। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तत्काल राहत कार्य शुरू कर गंभीर रूप से घायल ट्रेलर चालक को वाहन से बाहर निकाला और इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव भेजा, जहां उसका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही कोंडागांव पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को ही दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पिछले कुछ समय से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।3