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छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक आदिवासी दंपति को बेइज्जत कर बस से उतारने का मामला सामने आया है, जिसके बाद आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। इस आदिवासी दंपति के साथ हुए दुर्व्यवहार और अपमानजनक तरीके से बस से उतारे जाने की यह घटना अब बेहद महंगी साबित हो रही है। इस अपमान के खिलाफ पूरे आदिवासी समाज में गहरा गुस्सा और तीखी नाराजगी देखी जा रही है।
AKKU KHAN
छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक आदिवासी दंपति को बेइज्जत कर बस से उतारने का मामला सामने आया है, जिसके बाद आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। इस आदिवासी दंपति के साथ हुए दुर्व्यवहार और अपमानजनक तरीके से बस से उतारे जाने की यह घटना अब बेहद महंगी साबित हो रही है। इस अपमान के खिलाफ पूरे आदिवासी समाज में गहरा गुस्सा और तीखी नाराजगी देखी जा रही है।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- जगदलपुर में रथ के चारों तरफ परिक्रमा करवाने के पश्चात् भगवान जगन्नाथ रथ के ऊपर विराजमान हो चुके हैं। इस दृश्य को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बरसात की बूँदा-बाँदी के बीच भगवान जगन्नाथ को रथ पर विराजमान कराया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के सुकमा में बच्चों के समग्र विकास के लिए शबरी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से संकल्पित है। संस्थान बच्चों को उनकी मातृभाषा के साथ-साथ अच्छे संस्कार देने, विभिन्न खेलकूद की गतिविधियों में शामिल करने और उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- सुकमा जिले के चिंतागुफा में नाबालिक बच्चों से खुलेआम बाल मजदूरी कराई जा रही थी। एक सीमेंट ईंट निर्माण स्थल पर जब पत्रकारों की टीम पहुंची, तो वहां नाबालिक बालिकाओं से काम कराया जा रहा था। टीम ने मौके पर ही इन बालिकाओं से तत्काल काम न कराने की सलाह दी और मजदूरी करवा रहे ठेकेदार को बाल मजदूरी के अपराध और सजा के बारे में समझाइश दी। इस समझाइश के बाद और पूरी जानकारी होने पर, ठेकेदार ने तुरंत सीमेंट ईंट निर्माण कार्य में लगे सभी नाबालिक बच्चों को निर्माण स्थल से हटा दिया। इस घटना के बीच, जिले के कई अन्य निर्माण स्थलों पर भी लगातार खुलेआम बाल मजदूरी का खेल चल रहा है।1
- बस्तर की प्राचीन राजधानी और कोण्डागांव के फरसगांव स्थित बड़ेडोंगर में 16 जुलाई 2026 को 600 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक गोंचा पर्व की परंपरा को बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुजारियों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस भव्य पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी आस्था प्रकट की। यह ऐतिहासिक गोंचा पर्व बस्तर की लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और सदियों पुरानी परंपराओं का एक जीवंत प्रतीक है।1
- बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र विकासखंड कुसमी के अंतर्गत स्थित प्राथमिक शाला फुतूरटोली में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने खुद एक शिक्षिका की भूमिका निभाई। उन्होंने स्कूल का दौरा कर बच्चों की पढ़ाई का स्तर परखा, उनसे सीधे संवाद किया और अंग्रेजी व गणित के सवाल पूछकर उनके सीखने की क्षमता का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि विद्यालय में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं और कुल 13 नामांकित विद्यार्थियों में से 9 विद्यार्थी उपस्थित हैं। इस पर कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने अनुपस्थित बच्चों के पालकों से संपर्क कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बच्चों से पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछे, जहां कक्षा चौथी की छात्रा गुंजन केरकेट्टा ने ब्लैकबोर्ड पर गुणा के प्रश्नों का सही उत्तर दिया और 12 तक का पहाड़ा सुनाया। वहीं, कक्षा पांचवीं के छात्र टार्जन किंडो ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाया। इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों से अंग्रेजी में विभिन्न जानवरों के नाम पूछे और उन्हें अंग्रेजी शब्दों के सही एवं स्पष्ट उच्चारण का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित अभ्यास से भाषा पर अच्छी पकड़ बनती है। बच्चों के आत्मविश्वास और उत्साह की सराहना करते हुए कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय और विशेष मार्गदर्शन प्रदान करें, ताकि नियमित उपस्थिति और सतत अभ्यास से बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव तैयार की जा सके।3
- छत्तीसगढ़ के कांकेर की डीएसपी कविता धुर्वे राष्ट्रीय चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने शिलांग में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है।1
- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में भगवान जगन्नाथ रथ में विराजमान हो चुके हैं। भगवान के रथारूढ़ होने के बाद अब वहां राजा के द्वारा झाड़ू लगाने का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। इस पावन अवसर पर जगन्नाथ मंदिर के सामने काफी भीड़ एकत्रित है और लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। चारों ओर 'जय जगन्नाथ' का उद्घोष हो रहा है।4
- सुकमा जिले के चिंतागुफा में नाबालिग बच्चों से खुलेआम बाल मजदूरी कराई जा रही थी। जब पत्रकारों की टीम एक सीमेंट ईंट निर्माण स्थल पर पहुंची, तो वहां नाबालिग बालिकाओं को काम करते हुए पाया गया। टीम ने मौके पर ही ठेकेदार को नाबालिगों से काम न करवाने की सलाह दी और उसे बाल मजदूरी के अपराध तथा इससे जुड़ी कानूनी सजा के बारे में विस्तार से समझाया। समझाइश मिलने के बाद ठेकेदार ने तुरंत अपनी गलती को समझा और सीमेंट ईंट निर्माण के काम में लगी नाबालिग बालिकाओं को तत्काल वहां से हटा दिया। इस घटना के साथ ही यह भी सामने आया है कि जिले में लगातार कई निर्माण स्थलों पर इसी तरह खुलेआम बाल मजदूरी का खेल चल रहा है।2
- छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के सामने का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल में घायल बाइक सवार की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1