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छत्तीसगढ़ के सुकमा में बच्चों के समग्र विकास के लिए शबरी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से संकल्पित है। संस्थान बच्चों को उनकी मातृभाषा के साथ-साथ अच्छे संस्कार देने, विभिन्न खेलकूद की गतिविधियों में शामिल करने और उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Shnakar kumar miahra
छत्तीसगढ़ के सुकमा में बच्चों के समग्र विकास के लिए शबरी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से संकल्पित है। संस्थान बच्चों को उनकी मातृभाषा के साथ-साथ अच्छे संस्कार देने, विभिन्न खेलकूद की गतिविधियों में शामिल करने और उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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- छत्तीसगढ़ के सुकमा में बच्चों के समग्र विकास के लिए शबरी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से संकल्पित है। संस्थान बच्चों को उनकी मातृभाषा के साथ-साथ अच्छे संस्कार देने, विभिन्न खेलकूद की गतिविधियों में शामिल करने और उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- सुकमा जिले के चिंतागुफा में नाबालिक बच्चों से खुलेआम बाल मजदूरी कराई जा रही थी। एक सीमेंट ईंट निर्माण स्थल पर जब पत्रकारों की टीम पहुंची, तो वहां नाबालिक बालिकाओं से काम कराया जा रहा था। टीम ने मौके पर ही इन बालिकाओं से तत्काल काम न कराने की सलाह दी और मजदूरी करवा रहे ठेकेदार को बाल मजदूरी के अपराध और सजा के बारे में समझाइश दी। इस समझाइश के बाद और पूरी जानकारी होने पर, ठेकेदार ने तुरंत सीमेंट ईंट निर्माण कार्य में लगे सभी नाबालिक बच्चों को निर्माण स्थल से हटा दिया। इस घटना के बीच, जिले के कई अन्य निर्माण स्थलों पर भी लगातार खुलेआम बाल मजदूरी का खेल चल रहा है।1
- जंतर-मंतर पर व्यवस्था के खिलाफ लड़ रहे सोनम वांगचुक जी आज पांचवें दिन भी अन्न नहीं खा रहे हैं, लेकिन हम इस सच को निगल नहीं पा रहे हैं। जहाँ वह व्यवस्था से सीधी लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग अपने 'ट्रेंड-मंतर' पर केवल मोबाइल स्क्रीन स्क्रॉल करने में व्यस्त हैं। 'तीसरी आँख' की नज़र से देश की इस कड़वी हकीकत को दिखाते हुए समाज की बेरुखी पर तीखा प्रहार किया गया है। आज देश का सबसे नंगा सच यही बन चुका है कि हमारा समाज जीवित इंसान से असहज रहता है और मृत इंसान से सुरक्षित महसूस करता है, क्योंकि मरी हुई आवाजें कभी सवाल नहीं पूछतीं। देश को आज किसी शहीद की तस्वीर नहीं, बल्कि सत्ता की नींद उड़ाने वाले एक ज़िंदा योद्धा की ज़रूरत है।1
- जगदलपुर में श्रद्धालुओं के भारी उत्साह के साथ रथ परिक्रमा शुरू हो चुकी है। श्रद्धालु अत्यंत उत्साह पूर्वक रथ को खींच रहे हैं। यह रथ परिक्रमा गोल बाजार चौक, मिताली चौक और दंतेश्वरी मंदिर से होते हुए आगे बढ़ रही है और सीरासार भवन के समीप जाकर समाप्त होगी।2
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बाखरा गांव में साफ-सफाई की भारी समस्या बनी हुई है। गांव में गंदगी और स्वच्छता की कमी के चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने इस विकट समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए जल्द से जल्द उचित समाधान करने की गुहार लगाई है।1
- सुकमा जिले के चिंतागुफा में नाबालिग बच्चों से खुलेआम बाल मजदूरी कराई जा रही थी। जब पत्रकारों की टीम एक सीमेंट ईंट निर्माण स्थल पर पहुंची, तो वहां नाबालिग बालिकाओं को काम करते हुए पाया गया। टीम ने मौके पर ही ठेकेदार को नाबालिगों से काम न करवाने की सलाह दी और उसे बाल मजदूरी के अपराध तथा इससे जुड़ी कानूनी सजा के बारे में विस्तार से समझाया। समझाइश मिलने के बाद ठेकेदार ने तुरंत अपनी गलती को समझा और सीमेंट ईंट निर्माण के काम में लगी नाबालिग बालिकाओं को तत्काल वहां से हटा दिया। इस घटना के साथ ही यह भी सामने आया है कि जिले में लगातार कई निर्माण स्थलों पर इसी तरह खुलेआम बाल मजदूरी का खेल चल रहा है।2
- छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के सामने का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल में घायल बाइक सवार की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1