धमतरी के गोकुलपुर वार्ड स्थित कृदत्त कॉलोनी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर बच्चों ने एक अनूठी पहल की है। यहाँ अयांश सिंह की अगुवाई में बच्चों ने साइकिल पर भगवान जगन्नाथ की एक मिनी रथयात्रा निकाली, जिसने सभी कॉलोनीवासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चों के इस अनूठे प्रयास, उनकी अटूट श्रद्धा और उत्साह की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। इस अनोखी रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की लकड़ी से निर्मित प्रतिमाओं को साइकिल पर सुसज्जित किया गया और पूरे कॉलोनी क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चे बाजे-गाजे के साथ 'जय जगन्नाथ' का जयघोष करते हुए पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ रथयात्रा में शामिल हुए। रथयात्रा के समापन पर बच्चों ने कॉलोनीवासियों के बीच पारंपरिक गजामूंग और पेड़े का प्रसाद वितरित कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी तक पहुंचाया। इस आयोजन में अनय जायसवाल, गेविश साहू, विभु, चेतस चंद्राकर, आरो जायसवाल, सिम्मी साहू और फवी चंद्राकर सहित कई बच्चों ने बड़ी श्रद्धा के साथ भाग लिया। बच्चों की इस पहल ने धार्मिक परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी की आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक सुंदर संदेश दिया है।
धमतरी के गोकुलपुर वार्ड स्थित कृदत्त कॉलोनी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर बच्चों ने एक अनूठी पहल की है। यहाँ अयांश सिंह की अगुवाई में बच्चों ने साइकिल पर भगवान जगन्नाथ की एक मिनी रथयात्रा निकाली, जिसने सभी कॉलोनीवासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चों के इस अनूठे प्रयास, उनकी अटूट श्रद्धा और उत्साह की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। इस अनोखी रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की लकड़ी से निर्मित प्रतिमाओं को साइकिल पर सुसज्जित किया गया और पूरे कॉलोनी क्षेत्र में भ्रमण
कराया गया। इस दौरान बच्चे बाजे-गाजे के साथ 'जय जगन्नाथ' का जयघोष करते हुए पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ रथयात्रा में शामिल हुए। रथयात्रा के समापन पर बच्चों ने कॉलोनीवासियों के बीच पारंपरिक गजामूंग और पेड़े का प्रसाद वितरित कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी तक पहुंचाया। इस आयोजन में अनय जायसवाल, गेविश साहू, विभु, चेतस चंद्राकर, आरो जायसवाल, सिम्मी साहू और फवी चंद्राकर सहित कई बच्चों ने बड़ी श्रद्धा के साथ भाग लिया। बच्चों की इस पहल ने धार्मिक परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी की आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक सुंदर संदेश दिया है।
- धमतरी के गोकुलपुर वार्ड स्थित कृदत्त कॉलोनी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर बच्चों ने एक अनूठी पहल की है। यहाँ अयांश सिंह की अगुवाई में बच्चों ने साइकिल पर भगवान जगन्नाथ की एक मिनी रथयात्रा निकाली, जिसने सभी कॉलोनीवासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चों के इस अनूठे प्रयास, उनकी अटूट श्रद्धा और उत्साह की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। इस अनोखी रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की लकड़ी से निर्मित प्रतिमाओं को साइकिल पर सुसज्जित किया गया और पूरे कॉलोनी क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चे बाजे-गाजे के साथ 'जय जगन्नाथ' का जयघोष करते हुए पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ रथयात्रा में शामिल हुए। रथयात्रा के समापन पर बच्चों ने कॉलोनीवासियों के बीच पारंपरिक गजामूंग और पेड़े का प्रसाद वितरित कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी तक पहुंचाया। इस आयोजन में अनय जायसवाल, गेविश साहू, विभु, चेतस चंद्राकर, आरो जायसवाल, सिम्मी साहू और फवी चंद्राकर सहित कई बच्चों ने बड़ी श्रद्धा के साथ भाग लिया। बच्चों की इस पहल ने धार्मिक परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी की आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक सुंदर संदेश दिया है।2
- छत्तीसगढ़ के कांकेर की डीएसपी कविता धुर्वे राष्ट्रीय चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने शिलांग में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है।1
- बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र विकासखंड कुसमी के अंतर्गत प्राथमिक शाला फुतूरटोली में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी अचानक निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां उन्होंने खुद एक शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए बच्चों की पढ़ाई के स्तर को परखा। कलेक्टर ने सीधे बच्चों से संवाद स्थापित किया, उनसे गणित और अंग्रेजी के सवाल पूछे और उनके सीखने की क्षमता का बारीकी से आकलन किया। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षिका ने बताया कि यहां पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं, जिसमें कुल 13 विद्यार्थी नामांकित हैं और निरीक्षण के दिन 9 विद्यार्थी उपस्थित थे। इस पर कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अनुपस्थित बच्चों के पालकों से संपर्क करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ब्लैकबोर्ड पर बच्चों से गणित के सवाल हल करवाए, जिसमें चौथी कक्षा की छात्रा गुंजन केरकेट्टा ने गुणा के प्रश्नों का सही उत्तर देकर 12 तक का पहाड़ा सुनाया। वहीं पांचवीं कक्षा के छात्र टार्जन किंडो ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाया। इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों से अंग्रेजी में जानवरों के नाम पूछे और उन्हें अंग्रेजी शब्दों के सही व स्पष्ट उच्चारण का नियमित अभ्यास कराया। बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय और विशेष मार्गदर्शन दें, ताकि नियमित उपस्थिति और सतत अभ्यास से बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव मजबूत हो सके और उनका बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।3
- छत्तीसगढ़ के कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हेटारकसा, पल्लाहूर और जपमारका के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक नक्सली डम्प का पर्दाफाश करते हुए वहां से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान बरामद किया है। सुरक्षा की दृष्टि से बरामद टिफिन आईईडी, पाइप बम और बीजीएल सेल को बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा के निर्देशन और बीएसएफ डीआईजी दीपक तिवारी, कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा व 40वीं वाहिनी बीएसएफ के द्वितीय कमान अधिकारी नरेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। 14 जुलाई 2026 को चलाए गए इस अभियान में डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम शामिल थी। इस संयुक्त दल का नेतृत्व ग्राउंड पर बीएसएफ के सहायक कमांडेंट अंकुश कुमार, थाना प्रभारी निरीक्षक निर्मल जांगड़े, बीएसएफ इंस्पेक्टर अनुज कुमार, उप निरीक्षक गंगा राम, रजत जेफ, रोशन लाल मीणा तथा डीआरजी टीम कमांडर प्रधान आरक्षक रामकृष्ण यादव ने किया। नक्सली डम्प से बरामद की गई सामग्रियों में एक 303 रायफल मैगजीन, एक बीजीएल लॉन्चर, 303 रायफल के चार राउंड, एके-47 के 30 राउंड, एसएलआर के चार राउंड, 10 बीजीएल सेल, लगभग तीन किलोग्राम वजनी एक टिफिन आईईडी, दो पाइप बम और अन्य नक्सली सामग्री शामिल हैं। कांकेर पुलिस के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए डीआरजी, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा बलों का यह संयुक्त सघन सर्चिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।3
- कवर्धा के कुई-कुकदूर (पंडरिया) वनांचल क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट, भ्रष्टाचार और गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर पंडरिया विधानसभा सुलग उठी है। जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने बरसते पानी के बीच अटल चौक कुई-कुकदूर में विशाल धरना-प्रदर्शन किया। आक्रोशित जनता ने बिजली कार्यालय का घेराव किया और क्षेत्रीय भाजपा विधायक भावना बोहरा का पुतला दहन किया। इस दौरान सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ने को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झूमाझटकी भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने विधायक के 'विकसित पंडरिया' के दावों पर तीखे सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में पट्टा दिलाने के नाम पर गरीबों से अवैध वसूली हो रही है। ग्राम बदना के 250 से अधिक गरीब परिवारों के सारे दस्तावेज जमा होने के बाद भी उन्हें पट्टा नहीं दिया जा रहा है और भूमिहीनों की जमीनों के नक्शे आज तक ऑनलाइन अपलोड नहीं किए गए हैं। एनएसयूआई (NSUI) के जिला अध्यक्ष सीतेस चंद्रवंशी ने सरकार की संवेदनहीनता पर प्रहार करते हुए कहा कि विधायक के दौरे पर गाड़ियां दौड़ाने वाले अधिकारी आज जनता का दुखड़ा सुनने नहीं पहुंचे। वहीं, राष्ट्रीय महासचिव महिला कांग्रेस व पूर्व विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर ने आरोप लगाया कि विधायक सोशल मीडिया रील्स में छोटे बिजली कर्मचारियों को चमकाकर किसान हितैषी होने का ढोंग कर रही हैं, लेकिन गन्ना किसानों के भुगतान के लिए शक्कर कारखाने के भ्रष्ट एमडी (MD) पर चुप हैं। देर शाम तक चले इस आंदोलन के बाद प्रशासन को 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। इसमें पंडरिया शक्कर कारखाने के किसानों का ब्याज सहित ₹32 करोड़ का गन्ना भुगतान करने, कारखाने के मजदूरों का पिछले 6 महीने से लंबित ₹1 करोड़ से अधिक का वेतन तुरंत देने और ग्राम पंचायत झिंदीडीह, तेलियापानी, लेदरा सहित अन्य अंधेरे में डूबे गांवों में बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, अघोषित बिजली कटौती व लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने और विधायक द्वारा प्रचारित 750 परिवारों के कथित धर्मांतरण वापसी की प्रशासनिक सूची सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई है। मांगें पूरी न होने पर युवा कांग्रेस ने आने वाले दिनों में उग्र और व्यापक आंदोलन की कड़ी चेतावनी दी है।1
- छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्थित राज टॉकीज के लिए दर्शक अब बुक माय शो के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। सिनेमाघर से संपर्क करने के लिए फोन नंबर 0771-2229223 जारी किया गया है। इसके अलावा, टॉकीज के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने और दूसरों को इसमें जोड़ने के लिए भी एक आमंत्रण लिंक साझा किया गया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद जंक्शन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। लगभग 89 किलोमीटर का यह सफर तय करने में इस ट्रेन को करीब 2 घंटे का समय लगेगा।1
- धमतरी जिले के विद्यालयों को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित वीबीजीराम -जी योजना और स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग समन्वय बैठक में जिले के 25 स्कूल क्लस्टरों के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। इस बैठक में भारत सरकार के स्कूल क्लस्टर डेवलपमेंट प्लान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर मंथन किया गया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने वीबीजीराम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों के सतत अधोसंरचना विकास का मुख्य आधार बनेगी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल क्लस्टर का वैज्ञानिक तरीके से गैप एनालिसिस किया जाए ताकि उनकी वास्तविक आवश्यकताओं का सटीक आकलन हो सके। स्थानीय जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए इन विकास कार्यों के प्रस्तावों को संबंधित ग्राम सभाओं में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। बैठक के दौरान यू-डाइस डेटा एंट्री, विज्ञान व कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, अतिरिक्त कक्षों के निर्माण, खेल मैदानों के विकास, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, पार्किंग शेड, सुरक्षा रेलिंग और दिव्यांग छात्रों के लिए अनुकूल समावेशी अधोसंरचना जैसी सुविधाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, शंकरदाह, दुगली, गट्टासिल्ली, सलोनी और खरेंगा स्थित इंटीग्रेटेड कैंपसों के विकास कार्यों की विशेष समीक्षा करते हुए कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि साक्षरता अभियान, उल्लास-नव भारत कार्यक्रम और स्वामी विवेकानंद स्कूलों के प्रस्तावों के माध्यम से इन विद्यालयों को केवल भवन निर्माण तक सीमित न रखकर भविष्य के समग्र शिक्षण एवं नवाचार केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।4