तालुका विधिक सेवा समिति, हिण्डोली के तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हिण्डोली और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय त्रिवेणी चौक में 'Transformative Tuesday' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की, साथ ही नशे के गंभीर दुष्परिणामों और उससे सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट रसना मीणा ने विद्यार्थियों को आगाह किया कि गलत संगत, साथियों का दबाव, तनाव और सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रभाव युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल सकता है। उन्होंने सभी से नशे से दूर रहकर शिक्षा और अच्छे संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जाकिर हुसैन ने स्पष्ट किया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और पढ़ाई को ही नहीं, बल्कि उसके भविष्य और परिवार को भी गहराई से प्रभावित करता है। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट, 1985 की जानकारी देते हुए बताया कि नशीले पदार्थों का अवैध उत्पादन, खरीद-फरोख्त, भंडारण और सेवन कानूनी तौर पर दंडनीय अपराध है। पैनल एडवोकेट कौशल खींची और रामेश्वर रेगर ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, किसी भी प्रकार के दबाव में न आने और जरूरत पड़ने पर अपने अभिभावकों, शिक्षकों व संबंधित अधिकारियों से सहायता मांगने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों को 'नशा नहीं, शिक्षा चुनें' का संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम में योगेश जैन, सपना जाजोरिया, प्रदीप सिंह, अशोक खींची, सोहनलाल, भागचंद आशीष, अधिकार मित्र और विद्यालय परिवार के शिक्षक-कर्मचारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
तालुका विधिक सेवा समिति, हिण्डोली के तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हिण्डोली और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय त्रिवेणी चौक में 'Transformative Tuesday' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की, साथ ही नशे के गंभीर दुष्परिणामों और उससे सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट रसना मीणा ने विद्यार्थियों को आगाह किया कि गलत संगत, साथियों का दबाव, तनाव और सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रभाव युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल सकता है। उन्होंने सभी से नशे से दूर रहकर शिक्षा और अच्छे संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जाकिर हुसैन ने स्पष्ट किया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और पढ़ाई को ही नहीं, बल्कि उसके भविष्य और परिवार को भी गहराई से प्रभावित करता है। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट, 1985 की जानकारी देते हुए बताया कि नशीले पदार्थों का अवैध उत्पादन, खरीद-फरोख्त, भंडारण और सेवन कानूनी तौर पर दंडनीय अपराध है। पैनल एडवोकेट कौशल खींची और रामेश्वर रेगर ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, किसी भी प्रकार के दबाव में न आने और जरूरत पड़ने पर अपने अभिभावकों, शिक्षकों व संबंधित अधिकारियों से सहायता मांगने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों को 'नशा नहीं, शिक्षा चुनें' का संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम में योगेश जैन, सपना जाजोरिया, प्रदीप सिंह, अशोक खींची, सोहनलाल, भागचंद आशीष, अधिकार मित्र और विद्यालय परिवार के शिक्षक-कर्मचारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
- तालुका विधिक सेवा समिति, हिण्डोली के तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हिण्डोली और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय त्रिवेणी चौक में 'Transformative Tuesday' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की, साथ ही नशे के गंभीर दुष्परिणामों और उससे सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट रसना मीणा ने विद्यार्थियों को आगाह किया कि गलत संगत, साथियों का दबाव, तनाव और सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रभाव युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल सकता है। उन्होंने सभी से नशे से दूर रहकर शिक्षा और अच्छे संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जाकिर हुसैन ने स्पष्ट किया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और पढ़ाई को ही नहीं, बल्कि उसके भविष्य और परिवार को भी गहराई से प्रभावित करता है। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट, 1985 की जानकारी देते हुए बताया कि नशीले पदार्थों का अवैध उत्पादन, खरीद-फरोख्त, भंडारण और सेवन कानूनी तौर पर दंडनीय अपराध है। पैनल एडवोकेट कौशल खींची और रामेश्वर रेगर ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, किसी भी प्रकार के दबाव में न आने और जरूरत पड़ने पर अपने अभिभावकों, शिक्षकों व संबंधित अधिकारियों से सहायता मांगने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों को 'नशा नहीं, शिक्षा चुनें' का संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम में योगेश जैन, सपना जाजोरिया, प्रदीप सिंह, अशोक खींची, सोहनलाल, भागचंद आशीष, अधिकार मित्र और विद्यालय परिवार के शिक्षक-कर्मचारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- कोटा में ठेड़ा लोहार समाज विकास समिति द्वारा एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से कुल 100 यूनिट रक्त का महादान किया गया।1
- राजस्थान के यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मंगलवार को कोटा में शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण किया और पात्र लाभार्थियों को मकानों के मालिकाना हक के पट्टे वितरित किए। इस दौरान उन्होंने हाई टेंशन लाइनों से लेकर नगर निकायों की आर्थिक स्थिति, निकाय चुनाव और यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का पक्ष प्रस्तुत किया। मीडिया से बातचीत में मंत्री खर्रा ने शहरी आवासीय इलाकों से गुजर रही हाई टेंशन विद्युत लाइनों के मामले पर कहा कि यदि ऐसा कोई प्रकरण सरकार के संज्ञान में आता है तो नियमानुसार उसका समाधान किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में जनता से जानकारी उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। नगर निकायों की आर्थिक स्थिति पर मंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार पर सीधे तौर पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2018 से 2023 के दौरान कई निकायों में उपलब्ध बजट से कई गुना अधिक राशि के टेंडर जारी किए गए, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई। साथ ही निकायों की परिसंपत्तियों का अनुचित वितरण भी आय के स्रोत कमजोर होने का एक कारण रहा। इन परिस्थितियों को देखते हुए ही वर्तमान सरकार ने नगर निकायों का सीमा विस्तार किया है, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके। झाबर सिंह खर्रा ने जल जीवन मिशन में भी कांग्रेस सरकार पर अनियमितताओं का आरोप लगाया। वहीं, निकाय चुनावों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार मार्च 2026 से पहले अपनी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर चुकी है और अब चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग का कार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि परिसीमन से जुड़ी याचिकाएं निस्तारित हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासनिक अमला एसआईआर और जनगणना कार्यों में व्यस्त होने के कारण पिछड़ा वर्ग आयोग के लिए आवश्यक आंकड़े जुटाने में समय लग रहा है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर बोलते हुए मंत्री खर्रा ने इसे लंबे समय से चला आ रहा चर्चा का विषय बताया और संकेत दिया कि राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने आगामी विधानसभा सत्र में यूसीसी से संबंधित विधेयक लाने पर विचार किए जाने की संभावना व्यक्त की।4
- कोटा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने चंबल इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक संस्थान पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने छापा मारकर स्टिंग एनर्जी रेड-येलो और एड्रीनलीन रश एनर्जी ड्रिंक की कुल 13,410 बोतलें और कैन जब्त किए हैं। टीम ने मौके से जांच के लिए तीन नमूने भी लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, एफएसएसएआई के नियमों के तहत पैकेजिंग पर "एनर्जी ड्रिंक", "स्पोर्ट्स ड्रिंक" या "स्टिमुलेट्स माइंड, एनर्जाइज बॉडी" जैसे दावे भ्रामक माने जा सकते हैं। सभी नमूने बीकानेर लैब भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- आकाश इंस्टीट्यूट, राजस्थान को NEET 2026 की परीक्षा में 'टॉपर्स गढ़ने' के लिए सबसे आगे बताया गया है। संस्थान का स्पष्ट संदेश है कि यहीं पर शीर्ष रैंक हासिल करने वाले छात्रों को तैयार किया जाता है।1
- कोटा शहर की बोरखेड़ा थाना पुलिस को प्रगति नगर कॉलोनी में हुई तोड़फोड़, मारपीट और अपहरण के एक मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस घटना में शामिल दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे इस मामले में अब तक कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। यह वारदात बीते 30 जून को हुई थी, जब बदमाशों ने एक युवक के साथ मारपीट कर उसका अपहरण कर लिया था। उसे कुन्हाड़ी क्षेत्र में ले जाकर सरियों और पाइपों से हमला किया गया था। अपराधियों ने कॉलोनी में घरों और वाहनों में भी जमकर तोड़फोड़ की थी। गिरफ्तार किए गए इन दो आरोपियों को पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
- कोटा की नयापुरा थाना पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की कुल 6 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।1
- केरल के वायनाड में 7 जुलाई की दोपहर तेज बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे में कई अन्य लोगों के फंसे होने की भी खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुई। इस क्षेत्र में मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके तहत टनल से निकाली गई मिट्टी को बाहर जमा किया गया था। भारी बारिश के चलते यही मिट्टी खिसक गई, जिसके परिणामस्वरूप पेड़ उखड़ गए और बैरिकेड्स भी बह गए। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।1