Shuru
Apke Nagar Ki App…
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे बिहार पुलिस की सरासर गुंडई करार दिया गया है। आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा गया है कि आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने के बाद पुलिस किसी को गोली कैसे मार सकती है, खासकर तब जब वह लड़का कोई अपराधी या आतंकवादी नहीं था बल्कि देश और गरीबों के लिए कार्य करता था। इस कांड में असली कसूर उन शूटरों का नहीं, बल्कि एनकाउंटर का आदेश देने वाले अधिकारियों का है। इस घटना को एनकाउंटर से भी बड़ा कांड बताते हुए आरोप लगाया गया है कि सरेंडर के बाद उस लड़के के सीने और अंडकोष में गोलियां मारी गईं, जो पुलिस व्यवस्था को पूरी तरह शर्मसार करती है। इस पूरे मामले पर एक बीएसएफ (BSF) जवान ने भी भरत तिवारी एनकाउंटर पर गहरा दुख जताया है।
Vimal Kashyap
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे बिहार पुलिस की सरासर गुंडई करार दिया गया है। आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा गया है कि आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने के बाद पुलिस किसी को गोली कैसे मार सकती है, खासकर तब जब वह लड़का कोई अपराधी या आतंकवादी नहीं था बल्कि देश और गरीबों के लिए कार्य करता था। इस कांड में असली कसूर उन शूटरों का नहीं, बल्कि एनकाउंटर का आदेश देने वाले अधिकारियों का है। इस घटना को एनकाउंटर से भी बड़ा कांड बताते हुए आरोप लगाया गया है कि सरेंडर के बाद उस लड़के के सीने और अंडकोष में गोलियां मारी गईं, जो पुलिस व्यवस्था को पूरी तरह शर्मसार करती है। इस पूरे मामले पर एक बीएसएफ (BSF) जवान ने भी भरत तिवारी एनकाउंटर पर गहरा दुख जताया है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- धौलपुर में पूर्व पार्षद शैलेंद्र यादव और अकील अहमद बॉबी द्वारा निर्मित 'जन सेवा भवन' का रविवार को विधिवत लोकार्पण किया गया। इस भवन का उद्घाटन पूर्व सभापति रघुवीर सिंह चौधरी और पंडित दुर्गादत्त शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर किया। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत पूजा-अर्चना और हवन के साथ संपन्न हुई। उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने इस निर्माण को जनहित की दिशा में एक सराहनीय पहल बताते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान पूर्व सांसद डॉ. मनोज राजोरिया और पूर्व सांसद अशोक अर्गल ने शैलेंद्र यादव और अकील अहमद बॉबी का साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर विशेष सम्मान किया। इस अवसर पर पंडित दुर्गादत्त शास्त्री ने कहा कि यह भवन आमजन की समस्याओं के समाधान और जनहित कार्यों के संचालन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। पूर्व सभापति रघुवीर सिंह चौधरी और पूर्व सांसद अशोक अर्गल ने भी इस विचार को दोहराते हुए कहा कि यह समर्पित केंद्र सामाजिक सरोकारों, जनसुनवाई, जनसंपर्क और जरूरतमंदों की मदद के लिए नियमित गतिविधियों का गवाह बनेगा। पूर्व सांसद डॉ. मनोज राजोरिया ने विश्वास व्यक्त किया कि इस भवन का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को एक मंच पर लाना और जनता व जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को मजबूत करना है। इस गरिमामयी समारोह में पूर्व विधायक रानी सिलौटिया, भाजपा जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत, पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पाराशर, पूर्व प्रधान देवेंद्र प्रताप सिंह जादौन, पूर्व आरसीए सचिव सोमेंद्र तिवारी, और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश सचिव जाहिद कुरैशी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय भाजपा नेता, अधिवक्ता, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर पूर्व पार्षद शैलेंद्र यादव और अकील अहमद बॉबी ने समारोह में आए सभी अतिथियों और नागरिकों का आभार जताया।3
- मुरैना के पोरसा में नगर पालिका परिषद के सभागार में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त द्वारा ली गई बैठक के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अवधेश सिंह सेंगर ने की, जिसमें शहर की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने और घर-घर जाकर नियमित रूप से कचरा संग्रहण करने पर विशेष जोर दिया गया। सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर, अकाउंटेंट बृज किशोर तिवारी, जीशान कुरैशी, धर्मेंद्र, जॉनी वाल्मीकि, नंदकिशोर पाथरे और राम लखन सहित नगर पालिका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नागरिकों से घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई, ताकि नगर पालिका की कचरा गाड़ियों में मौजूद अलग-अलग डिब्बों के माध्यम से इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, गीले कचरे में रसोई के खाद्य अवशेष और फल-सब्जियों के छिलके शामिल हैं जिससे खाद बनाई जा सकती है, जबकि सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु जैसी सामग्री आती है जिसे रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। बैठक में अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब से निकलने वाले संक्रमित बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी विशेष चर्चा की गई। सीएमओ ने साफ किया कि यह चिकित्सा कचरा सामान्य घरेलू कचरे के साथ नहीं मिलना चाहिए और इसका निस्तारण नियमों के तहत अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही होना चाहिए। शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए पोरसा में जल्द ही मुनादी और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। सीएमओ ने नागरिकों से सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। अंत में सभी कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए ताकि पोरसा को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।1
- मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी क्षेत्र में कचरा संग्रहण में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा उठाने, लोगों को गीले व सूखे कचरे को अलग करने के लिए जागरूक करने और शहर में कहीं भी कचरा जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और स्वच्छता में सहयोग करने की अपील की है।1
- मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार एजेंसी को नोटिस जारी किया है। सीएमओ ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण किया जाए। कचरा उठाने के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा कलेक्शन करने और नागरिकों को गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शहर में कहीं भी कचरा जमा न हो सके। इसके साथ ही, नगर पालिका प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे कचरा केवल निर्धारित वाहन में ही डालें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें, ताकि एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ अम्बाह का निर्माण किया जा सके।1
- मुरैना के अम्बाह में एक दुकान से जो गेहूं और चावल वितरित किया जा रहा है, वह खाने योग्य बिल्कुल नहीं है। इस अनाज में भारी मात्रा में कंकड़, मिट्टी और घुन (कीड़े) लगे हुए हैं। इस वितरित किए जा रहे अनाज की हालत इतनी बदतर है कि इसे मवेशी भी नहीं खा सकते हैं।1
- मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के अंतर्गत आने वाली रुअर पंचायत से एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना मामला सामने आया है। यहाँ रुअर नहर के पास सड़क के किनारे पशु-पक्षियों की लाखों रुपये की एक्सपायर्ड दवाइयाँ खुले में फेंक दी गई हैं। यह अनुचित कृत्य पशु चिकित्सालय के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है। सरकारी संपत्ति का सरेआम दुरुपयोग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाइयों को लावारिस छोड़ दिया है। पशु अस्पताल के जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों की इस कार्यशैली से स्थानीय जनजीवन और बेजुबान पशुओं का जीवन गंभीर खतरे में आ गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इतनी बड़ी डिग्रियां हासिल करने वाले डॉक्टर दवाइयों के दुष्प्रभावों से भली-भाँति परिचित होने के बावजूद ग्रामीणों के जीवन को सीधे मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। सड़क किनारे पड़े इन जहरीले रसायनों से वहाँ खेलने वाले बच्चों और राहगीरों की जीवन लीला समाप्त होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।4
- धौलपुर में जिला बैडमिंटन संघ के तत्वावधान में स्वर्गीय वीर लोकेंद्र सिंह राणा मेमोरियल जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का शनिवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह के दौरान अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया, स्वयं बैडमिंटन खेलकर खेल की शुरुआत की और खिलाड़ियों को खेल भावना व अनुशासन की शपथ दिलाई। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और क्लबों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। समारोह के मुख्य अतिथि परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत ने कहा कि खेल हो या सड़क, नियमों का पालन हर परिस्थिति में आवश्यक है। उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान की तरह ही सड़क पर भी अनुशासन बनाए रखने, हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने और नशा करके वाहन न चलाने की अपील की। उन्होंने खिलाड़ियों से समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का भी आह्वान किया। वहीं, विशिष्ट अतिथि 14वीं आरएसी की सुजाता सिंह ने खेल को अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम बताया और नियमित अभ्यास को सफलता का मूल मंत्र घोषित किया। जिला बैडमिंटन संघ के सचिव मोहम्मद जाकिर हुसैन ने बताया कि यह प्रतियोगिता 11 से 15 जुलाई तक आयोजित की जाएगी, जिसमें जिलेभर के सात दर्जन से अधिक बालक और बालिका खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य जिले में बैडमिंटन खेल को बढ़ावा देना, ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि विकसित करना है। प्रतियोगिता के समापन समारोह में विजेता व उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर जिला फुटबॉल संघ के सचिव संदीप राणा, शारीरिक शिक्षक पूजा नरसल, यश कुलश्रेष्ठ, फर्रुख बेग, अंपायर नीतिका सिंह, नाजिश खान, अरसलान हुसैन सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन रंजीत दिवाकर ने किया।3
- भरतभूषण तिवारी के एनकाउंटर की असल वजह उनका मोबाइल फोन बना, क्योंकि उसमें 1400 करोड़ रुपये के एसडीएम जगदीशपुर घोटाले समेत कई अन्य घोटालों के पुख्ता सबूत दर्ज थे। इसी मोबाइल फोन के कारण ही भरत तिवारी का एनकाउंटर करना पड़ा। एनकाउंटर के तुरंत बाद पुलिस ने उनके मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया और उसमें दर्ज सबूतों को मिटाने का खेल शुरू कर दिया। जब भरत तिवारी के घर वालों ने पुलिस से उनका मोबाइल फोन मांगा, तो पुलिस ने कह दिया कि वह फोरेंसिक जांच के लिए गया है। इस पूरे षड्यंत्र और खेल में जितने भी पापी शामिल हैं, उन सबका जल्द ही सत्यानाश होने वाला है। यह मामला अन्य मुकदमों की तरह लंबा समय नहीं लेगा, बल्कि अगले छह महीने या सालभर के भीतर ही इस मामले में सजा मुकर्रर हो जाएगी।1