“विश्व की शान कुपोषित! मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर पर घोर लापरवाही का दाग” “बाघ भूखा, सिस्टम मौन! सफारी की कमाई पर पल रहा भ्रष्टाचार?” मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में कुपोषित दिखा बाघ, प्रबंधन पर गंभीर सवाल रीवा/मुकुंदपुर। विश्व की शान कहे जाने वाले मुकुंदपुर के व्हाइट टाइगर को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार सफारी में मौजूद एक व्हाइट टाइगर हाल ही में कुपोषित और कमजोर हालत में नजर आया। इस घटना ने वन विभाग और सफारी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। Maharaja Martand Singh White Tiger Safari देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखती है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे लाखों रुपये की आय होती है। इसके अलावा राज्य और केंद्र सरकार से भी नियमित फंड मिलता है। ऐसे में यदि सफारी का मुख्य आकर्षण ही कुपोषण का शिकार नजर आए, तो यह बेहद चिंताजनक है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि जानवरों के खानपान और देखभाल में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। चर्चा है कि जानवरों के लिए आने वाला चिकन-मटन और पोषण सामग्री सही ढंग से उपयोग नहीं हो रही। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। व्हाइट टाइगर केवल एक पर्यटन आकर्षण नहीं, बल्कि रीवा की प्राकृतिक विरासत और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में उसकी सेहत से जुड़ी लापरवाही सरकार और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करती है। मांगें उठीं पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो सफारी में खानपान और फंड उपयोग का ऑडिट कराया जाए पशु चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो यह न केवल प्रदेश बल्कि देश की छवि पर भी असर डाल सकता है।
“विश्व की शान कुपोषित! मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर पर घोर लापरवाही का दाग” “बाघ भूखा, सिस्टम मौन! सफारी की कमाई पर पल रहा भ्रष्टाचार?” मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में कुपोषित दिखा बाघ, प्रबंधन पर गंभीर सवाल रीवा/मुकुंदपुर। विश्व की शान कहे जाने वाले मुकुंदपुर के व्हाइट टाइगर को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार सफारी में मौजूद एक व्हाइट टाइगर हाल ही में कुपोषित और कमजोर हालत में नजर आया। इस घटना ने वन विभाग और सफारी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। Maharaja Martand Singh White Tiger Safari देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखती है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे लाखों रुपये की आय होती है। इसके अलावा राज्य और केंद्र सरकार से भी नियमित फंड मिलता है। ऐसे में यदि सफारी का मुख्य आकर्षण ही कुपोषण का शिकार नजर आए, तो यह बेहद चिंताजनक है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि जानवरों के खानपान और देखभाल में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। चर्चा है कि जानवरों के लिए आने वाला चिकन-मटन और पोषण सामग्री सही ढंग से उपयोग नहीं हो रही। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। व्हाइट टाइगर केवल एक पर्यटन आकर्षण नहीं, बल्कि रीवा की प्राकृतिक विरासत और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में उसकी सेहत से जुड़ी लापरवाही सरकार और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करती है। मांगें उठीं पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो सफारी में खानपान और फंड उपयोग का ऑडिट कराया जाए पशु चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो यह न केवल प्रदेश बल्कि देश की छवि पर भी असर डाल सकता है।
- “बाघ भूखा, सिस्टम मौन! सफारी की कमाई पर पल रहा भ्रष्टाचार?” मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में कुपोषित दिखा बाघ, प्रबंधन पर गंभीर सवाल रीवा/मुकुंदपुर। विश्व की शान कहे जाने वाले मुकुंदपुर के व्हाइट टाइगर को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार सफारी में मौजूद एक व्हाइट टाइगर हाल ही में कुपोषित और कमजोर हालत में नजर आया। इस घटना ने वन विभाग और सफारी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। Maharaja Martand Singh White Tiger Safari देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखती है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे लाखों रुपये की आय होती है। इसके अलावा राज्य और केंद्र सरकार से भी नियमित फंड मिलता है। ऐसे में यदि सफारी का मुख्य आकर्षण ही कुपोषण का शिकार नजर आए, तो यह बेहद चिंताजनक है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि जानवरों के खानपान और देखभाल में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। चर्चा है कि जानवरों के लिए आने वाला चिकन-मटन और पोषण सामग्री सही ढंग से उपयोग नहीं हो रही। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। व्हाइट टाइगर केवल एक पर्यटन आकर्षण नहीं, बल्कि रीवा की प्राकृतिक विरासत और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में उसकी सेहत से जुड़ी लापरवाही सरकार और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करती है। मांगें उठीं पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो सफारी में खानपान और फंड उपयोग का ऑडिट कराया जाए पशु चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो यह न केवल प्रदेश बल्कि देश की छवि पर भी असर डाल सकता है।1
- राहुल सिंह राणा, 9407812622, 6260146722 सोहागपुर-शहडोल। कटनी–अनूपपुर नेशनल हाईवे 43 पर रविवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब तेज रफ्तार से आ रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे स्थित दुकान में जा घुसा। घटना थाना सोहागपुर क्षेत्र के धुरवार टोल प्लाजा के पास की है। गनीमत रही कि इस भीषण टक्कर में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि दुकान की दीवार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक कटनी की ओर से बुढार की दिशा में जा रहा था और उसमें किराना सामान लोड था। जैसे ही वाहन धुरवार टोल प्लाजा के पास पहुंचा, चालक का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे बनी दुकान में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक की बॉडी चेसिस से अलग होकर पलट गई। हादसे के समय दुकान खुली हुई थी और दुकानदार अंदर मौजूद था। सौभाग्य से वह सुरक्षित बच गया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। तेज धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े और कुछ ही देर में घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस द्वारा क्षतिग्रस्त ट्रक को हटवाने और हाईवे पर यातायात बहाल कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया हादसा वाहन के अनियंत्रित होने से हुआ प्रतीत हो रहा है। चालक से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।2
- आपातकालीन सेवा वाहन ढो रहा खराब टायर --------------------- जिले मे इन दिनों वाहनों की स्थिति बद से बत्तर और जर्ज़र होती जा रही हैँ इन वाहनों मे स्टेपनी की जगह खाली पड़े टायर बताते हैँ की इनकी मॉनिटरिंग किस तरह की जा रही है सुर्खियां बटोरने के लिए ली गई है वीडियो इस सेवा की पोल खोलती हैँ वाहन में एक स्टेपनी होनी चाहिए वहां दो-दो खराब टायर रखे हुए हैं वो भी बिना डिस्क के आपातकालीन सेवा तेज गति से जब मरीज को लेकर निकलता है तो यह टायर चलते हुए पीडित को और आहत करने पर उतारू है यह वीडियो बताती हैँ की जिले मे चल रही ये सेवा कभी लोगो के लिए वरदान थी जिस पर अब ग्रहण लग चुका हैँ एक वाहन उस पर स्टेपनी की जगह इस तरह टायरो का ढोना वाहनों की स्थितिया स्वतः ही बया कर रही हैँ कही सतना जैसी घटना ना हो जाये उमरिया जिले मे भी जिले मे दौड़ रहे 108 और जननी वाहन अब मरम्मत नहीं जिम्मेदार अधिकारी जुगाड़ से चलवा रहे हैँ हाल ही मे एम्बुलेंस का गेट नही खुलने से जहाँ सतना मे एक घटना घटित हुई और मरीज की जान चली गई ऐसी ही घटना कही उमरिया जिले मे भी ना हो जाए जिले मे फराते भर रहे ये वाहन बगैर मरम्मत के दौड़ रहे हैँ गाड़ियों के गेट मेन कॉच सब टूटे हुए हैँ कर्मचारी टेप पत्ते लगाकर वाहन चलाने को मजबूर हैँ वहीँ इन वाहनों क़ो देखरेख के जिम्मेदार जिला अधिकारी ध्रुतराष्ट्र बनकर तमाशा देख रहा हैँ4
- Post by Ashish Sharma2
- लोकेशन व्यवहारी जिला शहडोल मध्य प्रदेश रिपोर्टर दुर्गेश कुमार गुप्ता व्यवहारी वार्ड क्रमांक 12 सेमरी टोला सिद्ध बाबा आश्रम व्यवहारी में सार्वजनिक राम कथा महायज्ञ दिनांक 19 फरवरी 20 26 से चालू समापन 27 फरवरी 20 26 को होगा 28 फरवरी 20 26 को भव्य भंडाराकिया जाएगा यह राम कथा महायज्ञ के प्रवक्ता श्री सुभाष चेतन जी महाराज जबलपुर सिहोरा के मुखारविंद से किया जा रहा है जिन भक्तों को राम कथा का रस पान लेना हो तो सिद्ध बाबा धाम सेमरी टोला पहुंचकर कथा का रसपान ले4
- जयपुर राजस्थान मजदूरी करने गए 20/22 साल के लड़के का एक्सीडेंट में मौत 3 दिन बाद सव पहुंचा घर1
- Post by Sagar Sen3
- Post by Sumit Singh Chandel1