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"कोसी नदी का शांत किनारा और रानीगंज की खूबसूरत फिज़ा… प्रकृति की गोद में बिताया हर पल यादगार बन जाता है। प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और मानसून के समय नदी के मनमोहक दृश्य के लिए जाना जाता है। कोसी नदी नेपाल से निकलकर बिहार में प्रवेश करती है और आगे गंगा नदी में मिल जाती है। इसे इसकी बदलती धारा और बाढ़ की प्रवृत्ति
Raj Kumar Mehta
"कोसी नदी का शांत किनारा और रानीगंज की खूबसूरत फिज़ा… प्रकृति की गोद में बिताया हर पल यादगार बन जाता है। प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और मानसून के समय नदी के मनमोहक दृश्य के लिए जाना जाता है। कोसी नदी नेपाल से निकलकर बिहार में प्रवेश करती है और आगे गंगा नदी में मिल जाती है। इसे इसकी बदलती धारा और बाढ़ की प्रवृत्ति
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- "कोसी नदी का शांत किनारा और रानीगंज की खूबसूरत फिज़ा… प्रकृति की गोद में बिताया हर पल यादगार बन जाता है। प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और मानसून के समय नदी के मनमोहक दृश्य के लिए जाना जाता है। कोसी नदी नेपाल से निकलकर बिहार में प्रवेश करती है और आगे गंगा नदी में मिल जाती है। इसे इसकी बदलती धारा और बाढ़ की प्रवृत्ति1
- बिहार के जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के अध्यक्ष संजय कुमार ने नई दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में लिया भाग बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके उज्ज्वल भविष्य और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से देश की राजधानी नई दिल्ली में "जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन" (Just Rights for Children) संस्था द्वारा चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला "नेशनल कंसल्टेशन ऑन इंश्योरिंग चाइल्ड्स राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रॉस्पेरिटी" का आयोजन किया जा रहा है। 27 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस उच्च स्तरीय राष्ट्रीय विमर्श में बिहार की अग्रणी सामाजिक संस्था 'जागरण कल्याण भारती' के अध्यक्ष संजय कुमार ने भाग लिया। उन्होंने बिहार में बाल सुरक्षा की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर राज्य का पक्ष मजबूती से रखा।इस परामर्श कार्यक्रम में देश भर के नीति निर्माता, कानूनी विशेषज्ञ, नागरिक समाज संगठन (CSOs) और बाल अधिकार कार्यकर्ता एक साथ जुटे हैं।प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री लावु श्री कृष्ण देवरायालु और 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' के संस्थापक श्री भुवन रीभू सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यशाला में श्री संजय कुमार ने बिहार के ग्रामीण इलाकों में बच्चों के संरक्षण, बाल श्रम की रोकथाम और शिक्षा के अधिकार को हर बच्चे तक पहुंचाने के लिए 'जागरण कल्याण भारती' द्वारा किए जा रहे कार्यों को साझा किया।बाल विवाह और शोषण के खिलाफ ठोस रणनीतिकार्यशाला में देश को 'बाल विवाह मुक्त' बनाने की दिशा में हो रहे कार्यों की समीक्षा की गई। संस्थापकों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में देश भर में 5.5 लाख से अधिक बाल विवाह रोके जा चुके हैं। संजय कुमार ने बताया कि बिहार में जमीनी स्तर पर समुदाय को जागरूक करके ही बच्चों को एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल दिया जा सकता है। इसके लिए कानूनी सहायता और तकनीकी उपकरणों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।न्याय तक बच्चों की पहुंच (Access to Justice)संजय कुमार ने कार्यशाला के सत्रों में भाग लेते हुए कहा:"बच्चों की सुरक्षा सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारे समाज के भविष्य का आधार है। जब तक हर पीड़ित बच्चे को आसान और संवेदनशील न्याय प्रणाली (Access to Justice) नहीं मिलेगी, तब तक हम पूर्ण विकास की कल्पना नहीं कर सकते। बिहार के जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के अध्यक्ष संजय कुमार ने नई दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में लिया भाग बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके उज्ज्वल भविष्य और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से देश की राजधानी नई दिल्ली में "जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन" (Just Rights for Children) संस्था द्वारा चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला "नेशनल कंसल्टेशन ऑन इंश्योरिंग चाइल्ड्स राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रॉस्पेरिटी" का आयोजन किया जा रहा है। 27 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस उच्च स्तरीय राष्ट्रीय विमर्श में बिहार की अग्रणी सामाजिक संस्था 'जागरण कल्याण भारती' के अध्यक्ष संजय कुमार ने भाग लिया। उन्होंने बिहार में बाल सुरक्षा की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर राज्य का पक्ष मजबूती से रखा।इस परामर्श कार्यक्रम में देश भर के नीति निर्माता, कानूनी विशेषज्ञ, नागरिक समाज संगठन (CSOs) और बाल अधिकार कार्यकर्ता एक साथ जुटे हैं।प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री लावु श्री कृष्ण देवरायालु और 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' के संस्थापक श्री भुवन रीभू सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यशाला में श्री संजय कुमार ने बिहार के ग्रामीण इलाकों में बच्चों के संरक्षण, बाल श्रम की रोकथाम और शिक्षा के अधिकार को हर बच्चे तक पहुंचाने के लिए 'जागरण कल्याण भारती' द्वारा किए जा रहे कार्यों को साझा किया।बाल विवाह और शोषण के खिलाफ ठोस रणनीतिकार्यशाला में देश को 'बाल विवाह मुक्त' बनाने की दिशा में हो रहे कार्यों की समीक्षा की गई। संस्थापकों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में देश भर में 5.5 लाख से अधिक बाल विवाह रोके जा चुके हैं। संजय कुमार ने बताया कि बिहार में जमीनी स्तर पर समुदाय को जागरूक करके ही बच्चों को एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल दिया जा सकता है। इसके लिए कानूनी सहायता और तकनीकी उपकरणों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।न्याय तक बच्चों की पहुंच (Access to Justice)संजय कुमार ने कार्यशाला के सत्रों में भाग लेते हुए कहा:"बच्चों की सुरक्षा सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारे समाज के भविष्य का आधार है। जब तक हर पीड़ित बच्चे को आसान और संवेदनशील न्याय प्रणाली (Access to Justice) नहीं मिलेगी, तब तक हम पूर्ण विकास की कल्पना नहीं कर सकते।1
- जोजो सहमत है कमेंट में जय हिंद लिखें हिंदुस्तान जिंदाबाद जय हिंद जय भारत हिंदुस्तान के हर एक देशवासियों से कहना चाहते हैं कि अपना तिरंगा हिंदुस्तान का शान है और इस तिरंगा को झुकने नहीं देना है हमारे हिंदुस्तान हमारी धरती मां है और गर्व से कहते हैं हम जय हिंद हिंदुस्तान जिंदाबाद1
- दशकों से बदहाल निर्मली-तुलापट्टी ग्रामीण सड़क, टेंडर रद्द होने से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा दशकों से बदहाल निर्मली-तुलापट्टी ग्रामीण सड़क, टेंडर रद्द होने से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा कटैया-निर्मली (सुपौल): पिपरा प्रखंड के निर्मली वार्ड संख्या-5 से तुलापट्टी-रामनगर को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़क दशकों से बदहाली का शिकार है। करीब 10 गांवों को एनएच से जोड़ने वाली यह सड़क आज तक पक्की नहीं बन सकी। सड़क निर्माण का टेंडर रद्द होने की सूचना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक केवल खानापूर्ति के लिए एक-दो बार मिट्टी भराई हुई, लेकिन हालात नहीं सुधरे। बरसात में पूरी सड़क कीचड़ में बदल जाती है। दोपहिया वाहन फंस जाते हैं और छोटे वाहन गुजर नहीं पाते। ग्रामीणों ने बताया कि एक वर्ष पहले पक्कीकरण की उम्मीद जगी थी, लेकिन टेंडर रद्द होने से उम्मीदें टूट गईं। यह सड़क निर्मली, महिचंदा, तुलापट्टी, रामनगर सहित 10 गांवों की जीवनरेखा है। तुलापट्टी की ओर बड़ी नहर पुल तक सड़क पक्की है, लेकिन नहर पुल से निर्मली वार्ड-5 तक का हिस्सा पूरी तरह जर्जर है। सबसे अधिक परेशानी किसानों को हो रही है। फसल कटाई और ढुलाई में ट्रैक्टर फंस जाते हैं। किसान राजेन्द्र निराला, सत्यनारायण मंडल, शिवनारायण मंडल सहित सैकड़ों लोगों ने कहा कि खराब सड़क के कारण 10-15 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से नई निविदा जारी कर तुरंत निर्माण की मांग की है। इस संबंध में बीडिओ पिपरा शदरुल हसन ने बताया कि सड़क की बदहाली से संबंधित जानकारी प्राप्त हुई है जल्द ही सड़क पक्की करन को लेकर कदम उठाए जाएंगे और निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।2
- गांजा तस्कर बैजनाथ बहरदार के घर पुलिस-एसएसबी की संयुक्त छापेमारी, 2 किलो 42 ग्राम गांजा व ₹10.88 लाख नकद बरामद नरपतगंज (अररिया)। भारत-नेपाल सीमा से सटे फुलकाहा थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम पुलिस और एसएसबी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कथित गांजा तस्कर बैजनाथ बहरदार के घर बड़ी छापेमारी की। इस दौरान घर से 2 किलो 42 ग्राम गांजा तथा ₹10,88,700 नकद बरामद किए गए। कार्रवाई के बाद पुलिस ने बैजनाथ बहरदार की दोनों पत्नियों अमला देवी एवं सीमा देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि मुख्य आरोपी बैजनाथ बहरदार और उसका पुत्र पंकज बहरदार मौके से फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गुप्त सूचना के आधार पर फुलकाहा थाना पुलिस ने एसएसबी जवानों के साथ मिल्की डुमरिया वार्ड-03 स्थित बैजनाथ बहरदार के घर संयुक्त अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पुलिस ने गांजा और भारी मात्रा में नकदी बरामद की। बरामद नकदी की गिनती और सत्यापन के लिए मौके पर नरपतगंज के राजस्व अधिकारी (मजिस्ट्रेट) रामउदगार चौपाल को बुलाया गया। उनकी मौजूदगी में नकदी की गिनती की गई तथा बरामद गांजे का वजन कर जब्ती की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इस अभियान का नेतृत्व फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने किया। उनके साथ अपर थानाध्यक्ष गुलशन कुमार, एसआई रंजना कुमारी, एसआई रमेश कुमार सिंह, एएसआई प्रदीप भारती, महिला पुलिस बल तथा एसएसबी के नेतृत्व बीओपी प्रभारी फुलकाहा सहायक सेनानायक राणा कुमार निर्देशन में उपनिरीक्षक रतन कुमार ब्रह्मा सहित अन्य जवान शामिल रहे। पुलिस सूत्रों के अनुसार बैजनाथ बहरदार और उसका पुत्र पंकज बहरदार पहले से ही मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में संलिप्त बताए जाते हैं। दोनों के विरुद्ध फुलकाहा थाना समेत विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। यह भी बताया जा रहा है कि कथित तौर पर इसी अवैध कारोबार के जरिए उन्होंने बड़ी संपत्ति अर्जित की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बैजनाथ बहरदार लंबे समय से सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़ा हुआ था और अब तक बड़ी कार्रवाई से बचता रहा। गुरुवार की यह संयुक्त छापेमारी क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। हालांकि, पुलिस ने बरामदगी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस बाबत थाना अध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने बताया कि मुझे गुप्त सूचना मिली थी कि बैजनाथ बहरदार के घर मादक पदार्थों की बड़ी खेप स्टॉक हुआ है। सूचना मिलते हैं एसएसबी जवानों के साथ संयुक्त छापेमारी की गई जिसमें भारी मात्रा में नगदी सहित गाजा बरामद हुआ है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।1