सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कानपुर देहात पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए 424 वाहनों का चालान किया गया पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना आदि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान *कुल 424 वाहनों* का चालान किया गया। इसके साथ ही, जनपदीय पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर जारी रहेगा।
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कानपुर देहात पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए 424 वाहनों का चालान किया गया पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना आदि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान *कुल 424 वाहनों* का चालान किया गया। इसके साथ ही, जनपदीय पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर जारी रहेगा।
- यातायात और थाना पुलिस द्वारा संयुक्त टीम बनाकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत की गयी सख्त कार्यवाही जनपद में सुरक्षित यातायात एवं सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु एक विशेष चेकिंग अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों, मोडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न हूटर, फाल्टी नंबर प्लेट व विशेषकर शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध यातायात पुलिस, थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।इसी क्रम में यातायात पुलिस, थाना पुलिस बल व परिवहन विभाग द्वारा अपने थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध वाहनों को रोककर ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से चालकों की सघन जांच की गई।अभियान के दौरान 44 वाहनों का चालान किया गया और उन्यासी हजार रुपए का शमन शुल्क वसूला गया।अभियान के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पाए गए चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की गई।1
- जालौन के उरई में अजनारी बायपास गोलीकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली जालौन के उरई में अजनारी बायपास गोलीकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उरई कोतवाली पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी अजय सिंह ठाकुर और रामजी सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद हुआ है। बता दें कि मोहित यादव निवासी रामनगर पर चाकुओं से हमला कर गोली मारकर हत्या के प्रयास का आरोप है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है2
- जलभराव में कागजी गोताखोर! कदौरा में मनरेगा का नंगा नाच—कागजों में 75 मजदूर, मौके पर एक भी नहीं! जियो टैग पर मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर! आखिर किसके इशारे पर कई दिनों से सरकारी धन का खेल चल रहा है? वाह रे सिस्टम! वाह रे मनरेगा की निगरानी! कागजों में 75 मजदूर रोज फावड़ा चला रहे हैं, लेकिन जमीन पर पहुंचते ही मजदूर ऐसे गायब कि जैसे कभी थे ही नहीं! और तो और, जिस जगह सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरों के पसीने से विकास होने का दावा किया जा रहा है, वहां मौके पर नाला पानी से लबालब और खेत में जानवरों के लिए कर्बी खड़ी दिखाई दे रही है। मामला है विकासखंड कदौरा की ग्राम पंचायत बरदौली का, जहां संतराम के खेत से स्वामीदीन के खेत तक नाला खुदाई कार्य मनरेगा के तहत बताया जा रहा है। कार्य का वर्क कोड 3138009010... और मस्टर रोल संख्या 1291 बताई गई है। आरोप है कि 9 सितंबर से लगातार करीब 75 मजदूरों की NMMS हाजिरी दर्ज की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर ये 75 मजदूर हैं कहां? 13 सितंबर को मौके पर पहुंचे तो एक भी मजदूर दिखाई नहीं दिया। नाला पानी से भरा हुआ है। मौके पर मजदूरों की जगह दिखाई दे रही है तो सिर्फ जानवरों के लिए खड़ी कर्बी! वाह रे जियो टैग! कैमरे में कुछ और, जमीन पर कुछ और! अब जरा मनरेगा की डिजिटल व्यवस्था पर भी सवाल उठाइए। अगर 75 मजदूर प्रतिदिन काम कर रहे हैं तो उनकी जियो टैग फोटो कहां है? फोटो में कितने मजदूर दिखाई दे रहे हैं? क्या फोटो उसी स्थान की है जहां वास्तव में काम होना है? क्या NMMS की हाजिरी लगाने से पहले जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं या मोबाइल से ही सरकारी खजाने का हिसाब-किताब चल रहा है? कैमरा अगर मजदूरों की मौजूदगी नहीं दिखा रहा और मौके पर भी मजदूर नहीं मिल रहे, तो फिर कागजों में 75 मजदूरों का पसीना आखिर किसके भरोसे बह रहा है? गरीबों के नाम पर सरकारी धन का खेल? मनरेगा गरीब परिवारों को रोजगार देने की योजना है। गरीब मजदूरों के हाथ में काम और मजदूरी पहुंचनी चाहिए, लेकिन अगर आरोप सही साबित होते हैं और कागजों में मजदूर दिखाकर भुगतान कराया जा रहा है तो यह गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा। सवाल बड़ा है—क्या बिना मौके पर मजदूरों की मौजूदगी के मस्टर रोल सत्यापित हो सकता है? रोजगार सेवक क्या कर रहे थे? ग्राम पंचायत सचिव ने क्या सत्यापन किया? तकनीकी सहायक ने कार्यस्थल देखा या नहीं? कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा ने क्या जांच की? BDO कदौरा की निगरानी कहां थी? और जिला स्तर पर CDO जालौन तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा की मॉनिटरिंग व्यवस्था आखिर किस काम की है? अब जांच हुई तो खुल सकता है पूरा खेल! अब जरूरत है कि मस्टर रोल संख्या 1291, NMMS की प्रत्येक दिन की हाजिरी, जियो टैग फोटो, मजदूरों के नाम, भुगतान विवरण और मौके पर कराए गए कार्य का तत्काल मिलान कराया जाए। अगर रिकॉर्ड में 75 मजदूर हैं तो जांच के दौरान उन मजदूरों से भी पूछा जाए कि उन्होंने किस दिन, किस समय और किस स्थान पर काम किया। अगर मजदूर वास्तव में काम कर रहे थे तो 13 सितंबर को मौके पर एक भी मजदूर क्यों नहीं मिला? और अगर काम नहीं हो रहा था तो फिर हाजिरी कैसे लगी? वाह रे इंसान! आखिर इतनी हिम्मत आपको कौन दे रहा है? कई दिनों से अगर कागजों पर मजदूर दिखाकर सरकारी धन निकालने का खेल चल रहा है तो यह सिर्फ फाइलों का मामला नहीं है। यह उस गरीब मजदूर के अधिकार का सवाल है जिसके नाम पर मनरेगा बनाई गई है। याद रखिए—अगर जांच में सरकारी धन की अनियमित निकासी या फर्जी हाजिरी साबित हुई तो जिम्मेदार लोगों से रिकवरी भी होनी चाहिए और नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी। वायरल वीडियो ने खोली जमीनी हकीकत? मौके से सामने आए वायरल वीडियो और तस्वीरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस वायरल वीडियो को सिर्फ वीडियो मानकर छोड़ते हैं या फिर इसे जांच का आधार बनाकर मौके पर पहुंचते हैं। सरकार का पैसा जनता का पैसा है। गरीबों का हक कोई जेब में रखकर नहीं जा सकता। अब सवाल सिर्फ बरदौली का नहीं—सवाल यह है कि क्या कदौरा ब्लॉक की अन्य ग्राम पंचायतों में भी NMMS हाजिरी और जमीनी हकीकत का मिलान कराया जाएगा? फैसला अब जांच करेगी—कागजों में 75 मजदूर थे या सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में? नोट: यह रिपोर्ट मौके से प्राप्त जानकारी, उपलब्ध रिकॉर्ड के दावों तथा वायरल वीडियो/तस्वीरों के आधार पर है। लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। संबंधित जिम्मेदारों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- जिला जालौन की कालपी में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की कालपी। नगर स्थित तहसील परिसर के पास राजस्व भूमि पर निर्माण एवं अतिक्रमण की सूचना के बाद प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से निर्माण एवं अतिक्रमण को हटाया गया। मामला मौजा अहमदपुर दिवारा से संबंधित बताया जा रहा है। उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के अनुसार गाटा संख्या-7 का रकबा 1.343 हेक्टेयर दर्ज है, जिसमें श्री रघुनाथ जी विराजमान मंदिर, तारीबुल्दा कालपी का नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अभिलेख में मुहातिम के रूप में योगेश कुमार शुक्ला और रमेश चंद्र शुक्ला के नाम का भी उल्लेख है। बताया गया कि गाटा संख्या-8 के आसपास हुए निर्माण को लेकर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और कार्रवाई करते हुए संबंधित निर्माण एवं अतिक्रमण को हटाया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, कानूनगो सहित राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद मौके पर स्थिति सामान्य रही। मामले से जुड़े अन्य तथ्य राजस्व अभिलेखों एवं प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर स्पष्ट होंगे। खबर उपलब्ध राजस्व अभिलेखों एवं प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।3
- जालौन गोलीकांड में अपडेट : दो आरोपी गिरफ्तार, तमंचा-चाकू बरामद!! उरई/जालौन। अजनारी बायपास गोलीकांड मामले में उरई कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय सिंह ठाकुर और रामजी सोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को उरई क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद हुआ है। बता दें कि मोहित यादव निवासी रामनगर पर चाकुओं से हमला कर गोली मारकर हत्या का प्रयास किया गया था। घटना के बाद से आरोपी फरार थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत यह गिरफ्तारी की गई। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।1
- यमुना में लापता वृद्ध का 48 घंट े बाद भी सुराग नहीं: जालौन में जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव से रेस्क्यू में दिक्कत, NDRF समेत टीमे जुटीं जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र मे ं यमुना नदी में लापता हुए 75 वर्षीय बाबूलाल का 48 घंट े बाद भी कोई सुराग नही ं मिला है। ग्राम पारेन निवासी बाबूलाल पुत्र सुखू के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बन े यमुना पुल से नदी में कूदने की आशंका जताई जा रही है। पुल पर उनके कपड़े मिलने के बाद परिजनो ं ने पुलिस को सूचना दी थी। सूचना मिलते ही कुठौंद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नदी में तलाश शुरू कराई। पुलिस के साथ एनडीआरएफ और अन्य बचाव टीम े ं भी लगातार अभियान चला रही हैं। नदी और आसपास के इलाकों में वृद्ध की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक सफलता नही ं मिली है। यमुना का जलस्तर बढ़न े और नदी में तेज बहाव के कारण रेस्क्यू अभियान में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद टीम े ं नदी के आसपास लगातार खोजबीन कर रही हैं। उधर, बाबूलाल के लापता होने के बाद परिवार मे ं दुख का माहौल है और परिजन उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। पुल पर मिले कपड़े, इसके बाद परिजनों को हुई अनहोनी की आशंका परिजनों को गुरुवार को बाबूलाल के यमुना पुल से कूदने की जानकारी मिली थी। पुल पर उनके कपड़े मिलने के बाद परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद परिजनो ं ने तत्काल कुठौंद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नदी में तलाश शुरू कराई। एनडीआरएफ समेत कई टीमे ं लगातार कर रहीं तलाश पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य बचाव टीम े ं यमुना नदी तथा आसपास के इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं। नदी का जलस्तर बढ़न े और तेज बहाव के कारण तलाशी अभियान मे ं मुश्किलें आ रही हैं। इसके बावजूद टीमें वृद्ध की तलाश मे ं जुटी हैं। थाना प्रभारी बोले- लगातार खोजबीन जारी कुठौंद थाना प्रभारी निरीक्षक विजय पांडेय ने बताया कि वृद्ध की लगातार खोजबीन की जा रही है। नदी और आसपास के क्षेत्र में तलाश अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक बाबूलाल का पता नही ं चल सका है। परिवार मे ं पहले भी हो चुकी ह ै ं मौतें, लापता होने से दुखी ह ैं परिजन बताया गया कि बाबूलाल अविवाहित थे। उनके भाई के दो बेटो ं की भी पहले मौत हो चुकी है। करीब दो साल पहले उनके भतीज े के बेट े की सांप के काटन े से मौत हो गई थी। अब बाबूलाल के लापता होने से परिवार मे ं दुख का माहौल है। परिजन लगातार उनके मिलने की उम्मीद लगाए हुए3
- उरई जालौन में कल 8 जुआरी गिरफ्तार - आज हुए खुलासा, 1.37 लाख नकद बरामद, बिजली विभाग का बाबू भी धरा* *उरई, जालौन।* कल हुए गिरफ्तार और आज हुआ खुलासा जनपद में जुआरियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उरई कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जुआ खेल रहे 8 लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मौके से *1 लाख 37 हजार 100 रुपये* नकद बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई *कोंच रोड, बस स्टैंड चौकी क्षेत्र* में की गई। - जुआ फड़ से - *1,24,100 रुपये* - आरोपियों की जामा तलाशी से - *13,000 रुपये* - *कुल बरामदगी - 1,37,100 रुपये* *बिजली विभाग का बाबू भी शामिल* कार्रवाई के दौरान बिजली विभाग में तैनात एक बाबू भी जुआ खेलते पकड़ा गया है। पुलिस ने उसे भी अन्य आरोपियों के साथ हिरासत में लिया है। सभी आरोपियों के नामों का खुलासा पुलिस जल्द करेगी। *किसके नेतृत्व में हुई कार्रवाई* ये कार्रवाई *कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह* के नेतृत्व में हुई। टीम में फैक्ट्री एरिया चौकी प्रभारी शिवम सिंह, जय चौकी प्रभारी विवेक मिश्रा समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद जुआरियों में हड़कंप मचा हुआ है।1
- सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कानपुर देहात पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए 424 वाहनों का चालान किया गया पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना आदि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान *कुल 424 वाहनों* का चालान किया गया। इसके साथ ही, जनपदीय पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर जारी रहेगा।1