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खुला में भगवान के फोटो एक मंदिर की ज़रूरत है इश तरह से गढ़वा जिला के तेतरी चंदवाशी कॉलेज के मेन रोड पर पीछे यह एक मंदिर है इश तरह मंदिर को खुला में नही रखे जो भी देखने वाला भाई है इश वीडियो को शेयर करे ताकि मंदिर बन सके
झारखंड सिर्फ सच न्यूज
खुला में भगवान के फोटो एक मंदिर की ज़रूरत है इश तरह से गढ़वा जिला के तेतरी चंदवाशी कॉलेज के मेन रोड पर पीछे यह एक मंदिर है इश तरह मंदिर को खुला में नही रखे जो भी देखने वाला भाई है इश वीडियो को शेयर करे ताकि मंदिर बन सके
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- खुला में भगवान के फोटो एक मंदिर की ज़रूरत है इश तरह से गढ़वा जिला के तेतरी चंदवाशी कॉलेज के मेन रोड पर पीछे यह एक मंदिर है इश तरह मंदिर को खुला में नही रखे जो भी देखने वाला भाई है इश वीडियो को शेयर करे ताकि मंदिर बन सके1
- पिताजी की तुलना भगवान, एक मजबूत वृक्ष, छत (आश्रय), और मार्गदर्शक से की जा सकती है, क्योंकि वे परिवार के लिए बिना कुछ कहे हर कठिन परिस्थिति में ढाल बनकर खड़े रहते हैं। जिसके सर पर पिता की साया हो उस पुत्र का किसी भी प्रकार की चिंता फिकर नहीं होती है l क्यो कि पिता माता ही एक ऐसे, जीवन के सच्चे मार्ग दर्शन करने वाले गुरु हैं l जो अपने से भी ऊपर पद पाने हर वक्त कामना करते हैं l वृक्ष (पेड़): जैसे एक पेड़ खुद तेज धूप सहकर अपनी छांव दूसरों को देता है, वैसे ही पिता परिवार की खुशी के लिए हर कष्ट सहते हैं। घर की छत: जैसे छत धूप, बारिश और आंधी से बचाती है, वैसे ही पिता का साया पूरे परिवार को सुरक्षित रखता है। कंधा और मार्गदर्शक: बचपन में जिनके कंधों पर बैठकर दुनिया देखते हैं, वही बड़े होने पर सही रास्ता दिखाते हैं। भगवान का रूप: जो बिना किसी स्वार्थ और दिखावे के अपनी संतान की सफलता के लिए समर्पित रहते हैं।1
- छात्रों के प्रदर्शन पर सीएम हेमंत का पहला बयान आया सामने ! छात्रों के प्रदर्शन पर सीएम हेमंत का पहला बयान आया सामने !1
- जलसहियाओं की बैठक में टीकाकरण अभियान को लेकर दिए गए जरूरी निर्देश चिनियां: प्रखंड के सभी जलसहिया दीदियों के साथ शनिवार को चिनियां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मीटिंग हॉल में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एएनएम बबीता कुमारी ने जलसहियाओं को टीकाकरण सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने, पात्र बच्चों एवं लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी पहुंचाने तथा निर्धारित समय पर टीकाकरण सुनिश्चित कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। एएनएम ने जलसहियाओं से अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित चिकित्सक ने भी जलसहियाओं को आवश्यक सुझाव देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जलसहियाओं की ग्रामीण स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका है और उनके सहयोग से टीकाकरण समेत अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों को सफल बनाया जा सकता है। बैठक में प्रखंड क्षेत्र की जलसहिया दीदियां उपस्थित रहीं।1
- भावुक संध्या सारणी ओम शांति1
- चेनारी प्रखंड कार्यालय में भ्रष्टाचार का आलम, लेबर कार्ड और राशन कार्ड बनाने के लिए दलालों द्वारा लिया जाता है पैसा-- लोजपा नेता बजरंग शुक्ल!1
- शिक्षा विभाग की नया पहल से छात्र छात्राओं में खुशी शिक्षकों ने बताया बेहतर पहल रोहतास बिहार के सरकारी स्कूलों में हाफ डे सह नो बैग डे लागू होने से जहां एक तरफ छात्र छात्राओं में खुशी है वहीं शिक्षकों ने बच्चों के मानसिक विकास के लिए इस पहल को बेहतर बताया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय ने सभी सरकारी विद्यालयों को यह पहल सुनिश्चित करने के निर्देश जारी की। जिले के सरकारी स्कूलों में छात्र छात्राओं ने बिना बैंग के स्कूल पहुंचे। सरकार ने सरकारी स्कूलों मे प्रत्येक शनिवार को नो बैग डे सह हाफ डे लागू किया है। मध्य विद्यालय सेमरा सासाराम के प्रधानाध्यापक उमेश राम ने बताया कि सरकार की इस पहल से बच्चों के मानसिक विकास के साथ तनाव मुक्त बच्चे रहेंगे।सरकार के इस पहल के साथ ही यह लागू होने पर बच्चों में काफी खुशी देखा गया।2
- दिल्ली जंतरमतर के बाद झारखंड रांची में पेपर लिक पर विरोध जारी वीडियो देखें l Ramashankar Sharma संग्रहे खुर्द-पंचायत GARHWA jharkhand झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) जैसी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्र और युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। [1, 2] मुख्य कारण और मांगें परीक्षा में गड़बड़ियां: छात्र परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से नाराज हैं। [1, 2] निष्पक्ष जांच: प्रदर्शनकारी पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। [1] अनशन और आंदोलन: न्याय की मांग को लेकर युवा और छात्र नेता (जैसे देवेंद्रनाथ महतो) अनशन और धरने पर बैठे हैं। सरकार ने हालांकि बातचीत का प्रयास किया है, लेकिन छात्रों का आंदोलन जारी है।1