पत्थलगांव के लुडेग में दवा दुकान की आड़ में चल रहा अवैध 'अस्पताल', नर्सिंग होम एक्ट की उड़ीं धज्जियां - जिम्मेदार मौन या खुला संरक्षण?... जशपुर। जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत लुडेग में स्वास्थ्य माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि कानून और प्रशासन का खौफ पूरी तरह खत्म नजर आ रहा है। यहाँ संचालित 'माँ मेडिकल स्टोर' की आड़ में न केवल नियमों का खुलेआम कत्ल किया जा रहा है, बल्कि भोले-भाले ग्रामीणों की जान से सीधा खिलवाड़ करते हुए एक पूरा अवैध क्लिनिक खड़ा कर दिया गया है। बाहर बोर्ड दवा दुकान का है, लेकिन भीतर का नजारा किसी निजी अस्पताल जैसा है, जहाँ बिना किसी डॉक्टर, बिना वैध डिग्री और बिना अनुमति के मरीजों को बेड पर लिटाकर ड्रिप और हाई-डोज इंजेक्शन ठोके जा रहे हैं। कैमरे में कैद गोरखधंधा : पर्दा उठते ही हाथ-पांव फूले -दुकान के पिछले हिस्से में बाकायदा बेड बिछाकर मरीजों को भर्ती करने का खुला खेल चल रहा है। मौके पर सामने आए सबूतों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि मरीज बेड पर लेटे हैं, सलाइन की बोतलें टंगी हैं और बेखौफ अंदाज में इलाज किया जा रहा है। जब इस गैरकानूनी धंधे को कैमरे में कैद कर संचालक से सवाल पूछे गए, तो उसके होश उड़ गए और वह बगलें झांकते हुए गोलमोल जवाब देकर लीपापोती करने में जुट गया। कानून की धज्जियां उड़ाते काले कारनामे : मेडिकल स्टोर या मिनी आईसीयू? दवा वितरण के लाइसेंस पर मरीजों को भर्ती करने, बोतलें चढ़ाने और इंजेक्शन लगाने का यह खेल नर्सिंग होम एक्ट और क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का खुला उल्लंघन है। बायो-मेडिकल कचरे का अंबार: बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल और डिस्पोजल व्यवस्था के इस्तेमाल की गई सुइयां और बोतलें संक्रमण का सबसे बड़ा घर बन रही हैं। जिंदगी से जुआ: गलत दवा, रिएक्शन या इमरजेंसी की स्थिति में यदि किसी मरीज की सांसें उखड़ जाएं, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? अधिकारियों की चुप्पी पर उठे तीखे सवाल: अंधा कानून या बंधी है आंखें?...शहर के बीचों-बीच चल रहा यह मौत का खेल क्या सचमुच स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की नजरों से छिपा है? या फिर 'महीने के चढ़ावे' और प्रशासनिक संरक्षण के दम पर यह अवैध क्लिनिक बेधड़क फल-फूल रहा है? यह सवाल अब क्षेत्र के हर जागरूक नागरिक की जुबान पर है। क्या स्वास्थ्य विभाग किसी मासूम की लाश गिरने का इंतजार कर रहा है? यदि जिला प्रशासन और CMHO जशपुर इस मामले में केवल नोटिस देकर खानापूर्ति करते हैं, तो साफ है कि इस गोरखधंधे की जड़ें बहुत गहरी हैं। सीधी मांग: ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि इस फर्जीवाड़े पर तत्काल छापा मारकर 'माँ मेडिकल स्टोर' को सील किया जाए और संचालक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
पत्थलगांव के लुडेग में दवा दुकान की आड़ में चल रहा अवैध 'अस्पताल', नर्सिंग होम एक्ट की उड़ीं धज्जियां - जिम्मेदार मौन या खुला संरक्षण?... जशपुर। जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत लुडेग में स्वास्थ्य माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि कानून और प्रशासन का खौफ पूरी तरह खत्म नजर आ रहा है। यहाँ संचालित 'माँ मेडिकल स्टोर' की आड़ में न केवल नियमों का खुलेआम कत्ल किया जा रहा है, बल्कि भोले-भाले ग्रामीणों की जान से सीधा खिलवाड़ करते हुए एक पूरा अवैध क्लिनिक खड़ा कर दिया गया है। बाहर बोर्ड दवा दुकान का है, लेकिन भीतर का नजारा किसी निजी अस्पताल जैसा है, जहाँ बिना किसी डॉक्टर, बिना वैध डिग्री और बिना अनुमति के मरीजों को बेड पर लिटाकर ड्रिप और हाई-डोज इंजेक्शन ठोके जा रहे हैं। कैमरे में कैद गोरखधंधा : पर्दा उठते ही हाथ-पांव फूले -दुकान के पिछले हिस्से में बाकायदा बेड बिछाकर मरीजों को भर्ती करने का खुला खेल चल रहा है। मौके पर सामने आए सबूतों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि मरीज बेड पर लेटे हैं, सलाइन की बोतलें टंगी हैं और बेखौफ अंदाज में इलाज किया जा रहा है। जब इस गैरकानूनी धंधे को कैमरे में कैद कर संचालक से सवाल पूछे गए, तो उसके होश उड़ गए और वह बगलें झांकते हुए गोलमोल जवाब देकर लीपापोती करने में जुट गया। कानून की धज्जियां
उड़ाते काले कारनामे : मेडिकल स्टोर या मिनी आईसीयू? दवा वितरण के लाइसेंस पर मरीजों को भर्ती करने, बोतलें चढ़ाने और इंजेक्शन लगाने का यह खेल नर्सिंग होम एक्ट और क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का खुला उल्लंघन है। बायो-मेडिकल कचरे का अंबार: बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल और डिस्पोजल व्यवस्था के इस्तेमाल की गई सुइयां और बोतलें संक्रमण का सबसे बड़ा घर बन रही हैं। जिंदगी से जुआ: गलत दवा, रिएक्शन या इमरजेंसी की स्थिति में यदि किसी मरीज की सांसें उखड़ जाएं, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? अधिकारियों की चुप्पी पर उठे तीखे सवाल: अंधा कानून या बंधी है आंखें?...शहर के बीचों-बीच चल रहा यह मौत का खेल क्या सचमुच स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की नजरों से छिपा है? या फिर 'महीने के चढ़ावे' और प्रशासनिक संरक्षण के दम पर यह अवैध क्लिनिक बेधड़क फल-फूल रहा है? यह सवाल अब क्षेत्र के हर जागरूक नागरिक की जुबान पर है। क्या स्वास्थ्य विभाग किसी मासूम की लाश गिरने का इंतजार कर रहा है? यदि जिला प्रशासन और CMHO जशपुर इस मामले में केवल नोटिस देकर खानापूर्ति करते हैं, तो साफ है कि इस गोरखधंधे की जड़ें बहुत गहरी हैं। सीधी मांग: ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि इस फर्जीवाड़े पर तत्काल छापा मारकर 'माँ मेडिकल स्टोर' को सील किया जाए और संचालक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
- पत्थलगांव के लुडेग में दवा दुकान की आड़ में चल रहा अवैध 'अस्पताल', नर्सिंग होम एक्ट की उड़ीं धज्जियां - जिम्मेदार मौन या खुला संरक्षण?... जशपुर। जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत लुडेग में स्वास्थ्य माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि कानून और प्रशासन का खौफ पूरी तरह खत्म नजर आ रहा है। यहाँ संचालित 'माँ मेडिकल स्टोर' की आड़ में न केवल नियमों का खुलेआम कत्ल किया जा रहा है, बल्कि भोले-भाले ग्रामीणों की जान से सीधा खिलवाड़ करते हुए एक पूरा अवैध क्लिनिक खड़ा कर दिया गया है। बाहर बोर्ड दवा दुकान का है, लेकिन भीतर का नजारा किसी निजी अस्पताल जैसा है, जहाँ बिना किसी डॉक्टर, बिना वैध डिग्री और बिना अनुमति के मरीजों को बेड पर लिटाकर ड्रिप और हाई-डोज इंजेक्शन ठोके जा रहे हैं। कैमरे में कैद गोरखधंधा : पर्दा उठते ही हाथ-पांव फूले -दुकान के पिछले हिस्से में बाकायदा बेड बिछाकर मरीजों को भर्ती करने का खुला खेल चल रहा है। मौके पर सामने आए सबूतों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि मरीज बेड पर लेटे हैं, सलाइन की बोतलें टंगी हैं और बेखौफ अंदाज में इलाज किया जा रहा है। जब इस गैरकानूनी धंधे को कैमरे में कैद कर संचालक से सवाल पूछे गए, तो उसके होश उड़ गए और वह बगलें झांकते हुए गोलमोल जवाब देकर लीपापोती करने में जुट गया। कानून की धज्जियां उड़ाते काले कारनामे : मेडिकल स्टोर या मिनी आईसीयू? दवा वितरण के लाइसेंस पर मरीजों को भर्ती करने, बोतलें चढ़ाने और इंजेक्शन लगाने का यह खेल नर्सिंग होम एक्ट और क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का खुला उल्लंघन है। बायो-मेडिकल कचरे का अंबार: बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल और डिस्पोजल व्यवस्था के इस्तेमाल की गई सुइयां और बोतलें संक्रमण का सबसे बड़ा घर बन रही हैं। जिंदगी से जुआ: गलत दवा, रिएक्शन या इमरजेंसी की स्थिति में यदि किसी मरीज की सांसें उखड़ जाएं, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? अधिकारियों की चुप्पी पर उठे तीखे सवाल: अंधा कानून या बंधी है आंखें?...शहर के बीचों-बीच चल रहा यह मौत का खेल क्या सचमुच स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की नजरों से छिपा है? या फिर 'महीने के चढ़ावे' और प्रशासनिक संरक्षण के दम पर यह अवैध क्लिनिक बेधड़क फल-फूल रहा है? यह सवाल अब क्षेत्र के हर जागरूक नागरिक की जुबान पर है। क्या स्वास्थ्य विभाग किसी मासूम की लाश गिरने का इंतजार कर रहा है? यदि जिला प्रशासन और CMHO जशपुर इस मामले में केवल नोटिस देकर खानापूर्ति करते हैं, तो साफ है कि इस गोरखधंधे की जड़ें बहुत गहरी हैं। सीधी मांग: ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि इस फर्जीवाड़े पर तत्काल छापा मारकर 'माँ मेडिकल स्टोर' को सील किया जाए और संचालक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।2
- डॉक्टरों की कमी, रात में इलाज नहीं… चार दिन के शिशु की मौत ने खोली व्यवस्था की पोल!1
- पत्थलगांव के बनगांव बी में दिखा खेल के साथ आदिवासी संस्कृति का अद्भुत संगम पत्थलगांव के बनगांव बी में दिखा खेल के साथ आदिवासी संस्कृति का अद्भुत संगम ❤️ जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय का बनगांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने करमा नृत्य, स्वागत गीत और पारंपरिक ढोल की थाप के साथ किया भव्य स्वागत। फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन में उमड़ा जनसैलाब, दिखा ग्रामीणों का जबरदस्त उत्साह। 🎥 Jashpur Times से खास बातचीत में श्री सालिक साय ने क्षेत्र, खेल और युवाओं को लेकर क्या कहा? देखिए पूरा वीडियो 👇 Jashpur Times | सच सब तक #JashpurTimes #SalikSai #Bangao #Pathalgaon #Football #JashpurNews #AdivasiCulture #KarmaDance #Chhattisgarh1
- एक ऐसी सौगात, जो शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। सीतापुर के शिक्षकों को बड़ी सौगात, शिक्षक सदन की घोषणा पर विधायक का जताया आभार, शिक्षक दिवस के अवसर पर सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के शिक्षकों को बड़ी सौगात मिली है। 5 सितंबर 2026 को MLA एजुकेशन कोर के तत्वावधान में आयोजित विधानसभा स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने शिक्षकों की मांग पर शिक्षक सदन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की, घोषणा के बाद क्षेत्र के शिक्षकों में खुशी की लहर है। शिक्षक सम्मान समारोह में सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए। कार्यक्रम में MLA एजुकेशन कोर के छात्र-छात्राओं एवं सदस्यों द्वारा उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान किया गया। इसी दौरान शिक्षकों ने विधायक रामकुमार टोप्पो के समक्ष सीतापुर में शिक्षक सदन निर्माण की मांग रखी। शिक्षकों ने बताया कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रशिक्षण, विभागीय कार्य, स्वास्थ्य सुविधा सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए सीतापुर आते हैं। ठहरने एवं आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शिक्षकों की समस्या और मांग की गंभीरता को देखते हुए विधायक रामकुमार टोप्पो ने तत्काल शिक्षक सदन निर्माण की घोषणा करते हुए इसके लिए **10 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा** की। विधायक की घोषणा से शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया। घोषणा के बाद सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के शिक्षक-शिक्षिकाएं विधायक कार्यालय पहुंचे और विधायक रामकुमार टोप्पो का पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षक सदन बनने से दूर-दराज से आने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण, विभागीय कार्य एवं अन्य आवश्यक कार्यों के दौरान ठहरने की सुविधा मिल सकेगी। शिक्षकों ने इस पहल को शिक्षक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताते हुए विधायक के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। वहीं, कार्यक्रम से जुड़े लोगों के अनुसार, सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में बनने वाला यह शिक्षक सदन छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की एक महत्वपूर्ण पहल होगी।1
- Aaj ham aaspaas ke kachre ko saaf karne main lage hue hain1
- फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में गरजीं बेबी महतो, मंच से रोजगार , पलायन, का उठाई मुद्दा सिसई प्रखंड के पिलखी मोड़ स्थित सतासिली रामनवमी मैदान में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के बैनर तले शहीद लोहरा उरांव की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय फुटबॉल महाकुंभ के फाइनल मुकाबले में डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो के साथ बेबी महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। बेबी महतो ने खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड के रोजगार का लाभ बाहरी लोगों को दिया जा रहा है, जबकि राज्य के स्थानीय युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि गुमला और सिसई क्षेत्र के अधिकांश युवा पढ़-लिखकर भी बेरोजगार हैं। रोजगार के अभाव में उन्हें परिवार चलाने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है, जिससे वे अपने माता-पिता और परिवार की उचित देखभाल भी नहीं कर पा रहे हैं।2
- शिक्षक सम्मान में छात्र छात्राओं ने आयोजित किया संस्कृति कार्यक्रम गुरु को उपहार दे किया सम्मानित उक्त संस्कृति कार्यक्रम लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत अरु पंचायत के नंदलाल प्लस टू उच्च विद्यालय प्रांगण में छात्राओं द्वारा आयोजित किया गया। संस्कृति कार्यक्रम आरम्भ होने के पूर्व छात्राओ ने शिक्षक शिक्षिकाओ को बुके,देकर और बैच पहना कर उपहार देकर आरम्भ किया। इस अवसर पर बच्चों ने एक से बढ़ कर एक गीत संगीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को कार्यक्रम की ओर आकर्षित किया।1
- सिसई की धरती में गरजे विधायक जयराम महतो , मंच से अष्टम उरांव का जिक्र कर, खेल से जुड़ने का अपील किए। सिसई के पिलखी मोड़ स्थित सतासिली रामनवमी मैदान में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के बैनर तले शहीद लोहरा उरांव के स्मृति में आयोजित चार दिवसीय फुटबॉल महाकुंभ के फाइनल में डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो, और बेबी महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। युवा विधायक जयराम कुमार महतो ने विजेता और उपविजेता टीम के सभी खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।1