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Aaj ham aaspaas ke kachre ko saaf karne main lage hue hain
Manoj Singh
Aaj ham aaspaas ke kachre ko saaf karne main lage hue hain
More news from झारखंड and nearby areas
- Aaj ham aaspaas ke kachre ko saaf karne main lage hue hain1
- डॉक्टरों की कमी, रात में इलाज नहीं… चार दिन के शिशु की मौत ने खोली व्यवस्था की पोल!1
- फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में गरजीं बेबी महतो, मंच से रोजगार , पलायन, का उठाई मुद्दा सिसई प्रखंड के पिलखी मोड़ स्थित सतासिली रामनवमी मैदान में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के बैनर तले शहीद लोहरा उरांव की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय फुटबॉल महाकुंभ के फाइनल मुकाबले में डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो के साथ बेबी महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। बेबी महतो ने खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड के रोजगार का लाभ बाहरी लोगों को दिया जा रहा है, जबकि राज्य के स्थानीय युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि गुमला और सिसई क्षेत्र के अधिकांश युवा पढ़-लिखकर भी बेरोजगार हैं। रोजगार के अभाव में उन्हें परिवार चलाने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है, जिससे वे अपने माता-पिता और परिवार की उचित देखभाल भी नहीं कर पा रहे हैं।2
- पत्थलगांव के लुडेग में दवा दुकान की आड़ में चल रहा अवैध 'अस्पताल', नर्सिंग होम एक्ट की उड़ीं धज्जियां - जिम्मेदार मौन या खुला संरक्षण?... जशपुर। जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत लुडेग में स्वास्थ्य माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि कानून और प्रशासन का खौफ पूरी तरह खत्म नजर आ रहा है। यहाँ संचालित 'माँ मेडिकल स्टोर' की आड़ में न केवल नियमों का खुलेआम कत्ल किया जा रहा है, बल्कि भोले-भाले ग्रामीणों की जान से सीधा खिलवाड़ करते हुए एक पूरा अवैध क्लिनिक खड़ा कर दिया गया है। बाहर बोर्ड दवा दुकान का है, लेकिन भीतर का नजारा किसी निजी अस्पताल जैसा है, जहाँ बिना किसी डॉक्टर, बिना वैध डिग्री और बिना अनुमति के मरीजों को बेड पर लिटाकर ड्रिप और हाई-डोज इंजेक्शन ठोके जा रहे हैं। कैमरे में कैद गोरखधंधा : पर्दा उठते ही हाथ-पांव फूले -दुकान के पिछले हिस्से में बाकायदा बेड बिछाकर मरीजों को भर्ती करने का खुला खेल चल रहा है। मौके पर सामने आए सबूतों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि मरीज बेड पर लेटे हैं, सलाइन की बोतलें टंगी हैं और बेखौफ अंदाज में इलाज किया जा रहा है। जब इस गैरकानूनी धंधे को कैमरे में कैद कर संचालक से सवाल पूछे गए, तो उसके होश उड़ गए और वह बगलें झांकते हुए गोलमोल जवाब देकर लीपापोती करने में जुट गया। कानून की धज्जियां उड़ाते काले कारनामे : मेडिकल स्टोर या मिनी आईसीयू? दवा वितरण के लाइसेंस पर मरीजों को भर्ती करने, बोतलें चढ़ाने और इंजेक्शन लगाने का यह खेल नर्सिंग होम एक्ट और क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का खुला उल्लंघन है। बायो-मेडिकल कचरे का अंबार: बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल और डिस्पोजल व्यवस्था के इस्तेमाल की गई सुइयां और बोतलें संक्रमण का सबसे बड़ा घर बन रही हैं। जिंदगी से जुआ: गलत दवा, रिएक्शन या इमरजेंसी की स्थिति में यदि किसी मरीज की सांसें उखड़ जाएं, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? अधिकारियों की चुप्पी पर उठे तीखे सवाल: अंधा कानून या बंधी है आंखें?...शहर के बीचों-बीच चल रहा यह मौत का खेल क्या सचमुच स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की नजरों से छिपा है? या फिर 'महीने के चढ़ावे' और प्रशासनिक संरक्षण के दम पर यह अवैध क्लिनिक बेधड़क फल-फूल रहा है? यह सवाल अब क्षेत्र के हर जागरूक नागरिक की जुबान पर है। क्या स्वास्थ्य विभाग किसी मासूम की लाश गिरने का इंतजार कर रहा है? यदि जिला प्रशासन और CMHO जशपुर इस मामले में केवल नोटिस देकर खानापूर्ति करते हैं, तो साफ है कि इस गोरखधंधे की जड़ें बहुत गहरी हैं। सीधी मांग: ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि इस फर्जीवाड़े पर तत्काल छापा मारकर 'माँ मेडिकल स्टोर' को सील किया जाए और संचालक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।2
- सारंडा पीड़ के मानकी श्री लागुड़ा देवगम से गुवा शहीद दिवस सलाई में खास बात-चित गुवा गोलीकांड के 46 साल: लाल पानी आज भी लाल है, शहादत आज भी जिंदा है आज 8 सितंबर है। सारंडा के लिए आज कोई आम दिन नहीं है। ठीक 46 साल पहले आज ही के दिन 1980 में गुवा हाट में बिहार पुलिस की गोलियों ने 11 आदिवासियों को भून दिया था। गुनाह सिर्फ इतना था कि वो अपना पानी, अपनी माटी और अपनी नौकरी मांग रहे थे। वो लड़ाई झारखंड आंदोलन की सबसे बड़ी कुर्बानी बनी। उसी खून से झारखंड अलग राज्य का रास्ता बना। क्या था गुवा हाट में? 8 सितंबर 1980 को गुवा बाजार में हजारों ग्रामीण जुटे थे। मांग दो ही थी - गुवा माइंस का लाल पानी बंद करो और स्थानीय लोगों को नौकरी दो। बिहार सरकार ने बात करने की जगह गोली चलवा दी। बाजार में भगदड़ मची, फिर घायलों को अस्पताल से निकालकर भी गोली मारी गई। दफनाने तक की जगह नहीं दी गई। *46 साल बाद आज भी सवाल वही हैं* Saranda News25 की टीम जब आज गुवा पहुंची तो हालात देखकर लगा जैसे इतिहास वहीं रुक गया है। आज भी नदी में लाल पानी बहता है। आज भी चिड़िया, गुवा, मनोहरपुर के कई गांवों में शुद्ध पानी सपना है। आज भी SAIL की माइंस में स्थायी नौकरी के लिए सारंडा के युवा भटक रहे हैं। शहीद परिवारों को पेंशन तो मिली, पर उनके गांव का विकास नहीं हुआ। हर साल शहीद दिवस पर नेता आते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं और चले जाते हैं। *मनोहरपुर से गुवा तक एक ही दर्द* सारंडा के गेट मनोहरपुर से लेकर गुवा तक लोगों का दर्द एक ही है। जंगल हमारा, पानी हमारा, लोहा हमारा, पर हक आज भी अधूरा। आज शहीद स्थल पर मेला लगेगा। भीड़ जुटेगी। पर असली श्रद्धांजलि तब होगी जब गुवा को लाल पानी से मुक्ति मिलेगी और सारंडा के हर घर में नौकरी का उजाला पहुंचेगा। 11 शहीदों को Saranda News25 परिवार की ओर से शत-शत नमन। हुल जोहार! जय सारंडा!1
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर में आयोजित हुआ स्वास्थ्य आपके द्वार स्वास्थ्य शिविर। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। उपायुक्त मो० जावेद हुसैन के निर्देशानुसार सुदूरवर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से ‘स्वास्थ्य आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गोविंदपुर में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में गोविंदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों से काफी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ग्रामीणों को चिकित्सा परामर्श एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही दंत चिकित्सा, नेत्र चिकित्सा सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गई। टीकाकरण, प्रसव पूर्व जांच, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ, एनसीडी एवं सिकल सेल सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की गईं। जरूरतमंद लोगों के बीच आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। शिविर में के एस गंगा, देवनिका एवं हंस फाउंडेशन के भी चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दी। शिविर में आभा कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा भी उपलब्ध रही। स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श के लिए ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया। इसी क्रम में आयोजित रक्तदान शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। रक्तदाताओं ने रक्तदान को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी बताते हुए अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित किया। उपायुक्त मो० जावेद हुसैन ने कहा कि ‘स्वास्थ्य आपके द्वार’ कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़े। जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर आमजनों को सुगम एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।1
- शिक्षक सम्मान में छात्र छात्राओं ने आयोजित किया संस्कृति कार्यक्रम गुरु को उपहार दे किया सम्मानित उक्त संस्कृति कार्यक्रम लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत अरु पंचायत के नंदलाल प्लस टू उच्च विद्यालय प्रांगण में छात्राओं द्वारा आयोजित किया गया। संस्कृति कार्यक्रम आरम्भ होने के पूर्व छात्राओ ने शिक्षक शिक्षिकाओ को बुके,देकर और बैच पहना कर उपहार देकर आरम्भ किया। इस अवसर पर बच्चों ने एक से बढ़ कर एक गीत संगीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को कार्यक्रम की ओर आकर्षित किया।1
- सिसई की धरती में गरजे विधायक जयराम महतो , मंच से अष्टम उरांव का जिक्र कर, खेल से जुड़ने का अपील किए। सिसई के पिलखी मोड़ स्थित सतासिली रामनवमी मैदान में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के बैनर तले शहीद लोहरा उरांव के स्मृति में आयोजित चार दिवसीय फुटबॉल महाकुंभ के फाइनल में डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो, और बेबी महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। युवा विधायक जयराम कुमार महतो ने विजेता और उपविजेता टीम के सभी खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।1