सुजानगढ़ के सालासर रोड स्थित पुराने चुंगी नाका क्षेत्र में रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक अनियंत्रित ट्रक ने सड़क किनारे बने एक पुराने प्याऊ को जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि प्याऊ का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलने पर नगर परिषद के एसआई ओमप्रकाश स्वामी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह प्याऊ नगर परिषद की संपत्ति है, जिसे वर्ष 1988 में लाहोटी परिवार द्वारा जनहित के लिए बनवाया गया था और बाद में परिषद को सौंप दिया गया था, जिससे यह लगभग 38 साल पुराना है। जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त ट्रक पलसाना से सब्जियां लेकर सुजानगढ़ की फल-सब्जी मंडी की तरफ जा रहा था। मंडी से कुछ दूरी पहले एक ट्रेलर द्वारा अचानक और खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने के कारण ट्रक चालक दशरथ अपना संतुलन खो बैठा और वाहन सीधे चुंगी नाका स्थित प्याऊ से टकरा गया। दशरथ ने बताया कि उसने ट्रेलर से बचने का प्रयास किया, लेकिन संतुलन बिगड़ने के कारण यह दुर्घटना हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नगर परिषद द्वारा इस घटना की रिपोर्ट तैयार करके संबंधित अधिकारियों और पुलिस को सौंपी जा रही है। फिलहाल, हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और मामले की जाँच जारी है।
सुजानगढ़ के सालासर रोड स्थित पुराने चुंगी नाका क्षेत्र में रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक अनियंत्रित ट्रक ने सड़क किनारे बने एक पुराने प्याऊ को जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि प्याऊ का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलने पर नगर परिषद के एसआई ओमप्रकाश स्वामी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह प्याऊ नगर परिषद की संपत्ति है, जिसे वर्ष 1988 में लाहोटी परिवार द्वारा जनहित के लिए बनवाया गया था और बाद में परिषद को सौंप दिया गया था, जिससे यह लगभग 38 साल पुराना है। जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त ट्रक पलसाना से सब्जियां लेकर सुजानगढ़ की फल-सब्जी मंडी की तरफ जा रहा था। मंडी से कुछ दूरी पहले एक ट्रेलर द्वारा अचानक और खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने के कारण ट्रक चालक दशरथ अपना संतुलन खो बैठा और वाहन सीधे चुंगी नाका स्थित प्याऊ से टकरा गया। दशरथ ने बताया कि उसने ट्रेलर से बचने का प्रयास किया, लेकिन संतुलन बिगड़ने के कारण यह दुर्घटना हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नगर परिषद द्वारा इस घटना की रिपोर्ट तैयार करके संबंधित अधिकारियों और पुलिस को सौंपी जा रही है। फिलहाल, हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और मामले की जाँच जारी है।
- मध्यप्रदेश का बताया जा रहा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पिता अपनी बेटी को RE-NEET परीक्षा दिलाने परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार, वे निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट की देरी से पहुंचे थे। गार्ड से काफी अनुरोध किए जाने के बावजूद, वहां मौजूद स्टाफ द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। निस्संदेह, परीक्षा के नियमों का पालन करना प्रत्येक अभ्यर्थी की जिम्मेदारी है और सभी को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहिए। लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या सारी जवाबदेही केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की ही है? पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि जब चाहो परीक्षा स्थगित कर दो, जब चाहो निरस्त कर दो, और जब चाहो नई तारीखें घोषित कर दो, लेकिन इन फैसलों का मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान आखिर अभ्यर्थी ही क्यों भुगतें? नियम जरूरी हैं, लेकिन संवेदनशीलता भी उतनी ही आवश्यक है। इन परीक्षाओं के पीछे सिर्फ रोल नंबर नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपने और उनके परिवारों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।1
- रींगस के ग्राम पंचायत चोमू पुरोहितान में चोरी की एक वारदात सामने आई है, जहाँ शैतान सिंह नेहरा के घर से शनिवार रात्रि में अज्ञात चोरों ने गैस सिलेंडर चुरा लिए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे चोरी का फुटेज उपलब्ध है। घटना की जानकारी मिलते ही रींगस पुलिस थाना को तत्काल सूचित किया गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि चोरों का सुराग मिल सके। गाँव में चोरी की बढ़ती वारदातों को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए पुलिस ने जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।1
- स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ऐसी परिस्थितियाँ बन गई हैं जहाँ सच बोलना गुनाह माना जा रहा है। बताया गया है कि जहाँ कभी सरेआम एनकाउंटर कर दिए जाते हैं तो कभी किसी को सीधे गिरफ्तार कर लिया जाता है। हैरानी की बात यह है कि इस सब में अपराधियों को नहीं, बल्कि अपराधों को उजागर करने वाले लोगों को निशाना बनाकर गिरफ्तार किया जा रहा है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि क्या यह तरीका सही है और इस पर आम जनता की क्या राय है।1
- राजस्थान के भरतपुर जिले के नुमाइश मैदान में भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों के जाट समाज को केंद्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण दिलवाने की मांग को लेकर एक रैली आयोजित की जा रही है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण रैली में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल जयपुर से भरतपुर के लिए रवाना हो गए हैं।1
- भैरूजी महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए, भक्त रींगस वाले भैरूजी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं की इच्छा है कि उन्हें बाबा का आशीर्वाद निरंतर मिलता रहे, जिससे भैरूजी महाराज सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करें।2
- मुकाम स्थित वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर में एक हिरण की कथित हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए, सुभाष बिश्नोई ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। बिश्नोई ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि वन्यजीव संरक्षण केंद्र जैसे स्थान पर ऐसी घटना होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले के जिम्मेदार लोगों को हर हाल में जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।1
- नवलगढ़ विधायक विक्रम सिंह जाखल ने शेखावाटी के प्रसिद्ध तीर्थस्थल लोहार्गल धाम में चल रहे विभिन्न नवनिर्माण और विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। बढ़ती तीर्थयात्री संख्या को देखते हुए, प्रशासक जगमोहन सिंह की पहल पर, कावड़िया मंदिर से खाक चौक तक करीब एक करोड़ रुपये की लागत से नाला निर्माण और उसके ऊपर पैदल यात्रियों के लिए सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। विधायक जाखल ने मौके पर पहुंचकर इस महत्वपूर्ण कार्य का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस निरीक्षण के दौरान, लोहार्गल में विभिन्न स्थानों पर वट वृक्षों के लिए बड़े गट्टों के निर्माण और सामुदायिक भवन निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों का भी अवलोकन किया गया। इस अवसर पर लोहार्गल सरपंच जगमोहन सिंह, वार्ड पंच विष्णु शर्मा, बजरंगलाल बोहरा, श्यामलाल स्वामी सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।1
- मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक के विवादों के बीच 21 जून को आयोजित दोबारा परीक्षा से एक अत्यंत प्रेरणादायक घटना सामने आई है। एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद छात्रा सृष्टि दुबे ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी NEET की परीक्षा दी। उनके इस दृढ़ संकल्प को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया और परीक्षा केंद्र पर उनके लिए विशेष व्यवस्था करवाई। सृष्टि के एक गंभीर एक्सीडेंट में 9 पसलियां टूट गई थीं, लेकिन इस असहनीय दर्द और शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने परीक्षा देने का निर्णय लिया, जो डॉक्टर बनने के उनके अटूट सपने को दर्शाता है। छात्रा के पिता द्वारा मदद की गुहार लगाने पर, शिक्षा मंत्री ने मानवीय आधार पर तुरंत उनकी अपील स्वीकार की। उनके निर्देश पर प्रशासन ने सृष्टि के लिए परीक्षा केंद्र में एक अलग कमरे की व्यवस्था की और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेंटर के बाहर एंबुलेंस और मेडिकल सपोर्ट टीम भी तैनात की गई। प्रशासन ने इस साहसिक कदम में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनका साथ दिया। परीक्षा के बाद, छात्रा के माता-पिता ने फोन के माध्यम से शिक्षा मंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया। यह घटना उन 22 लाख से अधिक छात्रों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो इस परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं। सृष्टि का यह समर्पण साबित करता है कि यदि लक्ष्य के प्रति सच्ची निष्ठा और अटल इरादा हो, तो कोई भी शारीरिक या मानसिक बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।1