मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक के विवादों के बीच 21 जून को आयोजित दोबारा परीक्षा से एक अत्यंत प्रेरणादायक घटना सामने आई है। एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद छात्रा सृष्टि दुबे ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी NEET की परीक्षा दी। उनके इस दृढ़ संकल्प को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया और परीक्षा केंद्र पर उनके लिए विशेष व्यवस्था करवाई। सृष्टि के एक गंभीर एक्सीडेंट में 9 पसलियां टूट गई थीं, लेकिन इस असहनीय दर्द और शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने परीक्षा देने का निर्णय लिया, जो डॉक्टर बनने के उनके अटूट सपने को दर्शाता है। छात्रा के पिता द्वारा मदद की गुहार लगाने पर, शिक्षा मंत्री ने मानवीय आधार पर तुरंत उनकी अपील स्वीकार की। उनके निर्देश पर प्रशासन ने सृष्टि के लिए परीक्षा केंद्र में एक अलग कमरे की व्यवस्था की और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेंटर के बाहर एंबुलेंस और मेडिकल सपोर्ट टीम भी तैनात की गई। प्रशासन ने इस साहसिक कदम में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनका साथ दिया। परीक्षा के बाद, छात्रा के माता-पिता ने फोन के माध्यम से शिक्षा मंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया। यह घटना उन 22 लाख से अधिक छात्रों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो इस परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं। सृष्टि का यह समर्पण साबित करता है कि यदि लक्ष्य के प्रति सच्ची निष्ठा और अटल इरादा हो, तो कोई भी शारीरिक या मानसिक बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक के विवादों के बीच 21 जून को आयोजित दोबारा परीक्षा से एक अत्यंत प्रेरणादायक घटना सामने आई है। एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद छात्रा सृष्टि दुबे ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी NEET की परीक्षा दी। उनके इस दृढ़ संकल्प को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया और परीक्षा केंद्र पर उनके लिए विशेष व्यवस्था करवाई। सृष्टि के एक गंभीर एक्सीडेंट में 9 पसलियां टूट गई थीं, लेकिन इस असहनीय दर्द और शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने परीक्षा देने का निर्णय लिया, जो डॉक्टर बनने के उनके अटूट सपने को दर्शाता है। छात्रा के पिता द्वारा मदद की गुहार लगाने पर, शिक्षा मंत्री ने मानवीय आधार पर तुरंत उनकी अपील स्वीकार की। उनके निर्देश पर प्रशासन ने सृष्टि के लिए परीक्षा केंद्र में एक अलग कमरे की व्यवस्था की और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेंटर के बाहर एंबुलेंस और मेडिकल सपोर्ट टीम भी तैनात की गई। प्रशासन ने इस साहसिक कदम में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनका साथ दिया। परीक्षा के बाद, छात्रा के माता-पिता ने फोन के माध्यम से शिक्षा मंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया। यह घटना उन 22 लाख से अधिक छात्रों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो इस परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं। सृष्टि का यह समर्पण साबित करता है कि यदि लक्ष्य के प्रति सच्ची निष्ठा और अटल इरादा हो, तो कोई भी शारीरिक या मानसिक बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।
- मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक के विवादों के बीच 21 जून को आयोजित दोबारा परीक्षा से एक अत्यंत प्रेरणादायक घटना सामने आई है। एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद छात्रा सृष्टि दुबे ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी NEET की परीक्षा दी। उनके इस दृढ़ संकल्प को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया और परीक्षा केंद्र पर उनके लिए विशेष व्यवस्था करवाई। सृष्टि के एक गंभीर एक्सीडेंट में 9 पसलियां टूट गई थीं, लेकिन इस असहनीय दर्द और शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने परीक्षा देने का निर्णय लिया, जो डॉक्टर बनने के उनके अटूट सपने को दर्शाता है। छात्रा के पिता द्वारा मदद की गुहार लगाने पर, शिक्षा मंत्री ने मानवीय आधार पर तुरंत उनकी अपील स्वीकार की। उनके निर्देश पर प्रशासन ने सृष्टि के लिए परीक्षा केंद्र में एक अलग कमरे की व्यवस्था की और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेंटर के बाहर एंबुलेंस और मेडिकल सपोर्ट टीम भी तैनात की गई। प्रशासन ने इस साहसिक कदम में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनका साथ दिया। परीक्षा के बाद, छात्रा के माता-पिता ने फोन के माध्यम से शिक्षा मंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया। यह घटना उन 22 लाख से अधिक छात्रों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो इस परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं। सृष्टि का यह समर्पण साबित करता है कि यदि लक्ष्य के प्रति सच्ची निष्ठा और अटल इरादा हो, तो कोई भी शारीरिक या मानसिक बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।1
- स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ऐसी परिस्थितियाँ बन गई हैं जहाँ सच बोलना गुनाह माना जा रहा है। बताया गया है कि जहाँ कभी सरेआम एनकाउंटर कर दिए जाते हैं तो कभी किसी को सीधे गिरफ्तार कर लिया जाता है। हैरानी की बात यह है कि इस सब में अपराधियों को नहीं, बल्कि अपराधों को उजागर करने वाले लोगों को निशाना बनाकर गिरफ्तार किया जा रहा है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि क्या यह तरीका सही है और इस पर आम जनता की क्या राय है।1
- चूरू में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बीएसएफ जवानों की निगरानी में विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की सक्रिय मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए एक बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बीएसएफ और पुलिस बल की निगरानी में उनका सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी, और अधिकारियों को निष्पक्ष तथा पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा के आयोजन को लेकर पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।2
- झुंझुनू जिले की 14 ग्राम पंचायतों में 22 जून 2026, सोमवार को ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ये शिविर सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक चलेंगे, जहाँ विभिन्न विभागों के अधिकारी सीधे ग्रामीणों की समस्याओं को सुनेंगे और मौके पर ही उनका समाधान करेंगे। यह पहल ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाओं और शिकायतों के निवारण का अवसर प्रदान करेगी। ये विशेष शिविर अजाड़ी कला, उदयपुरवाटी के चवरा, अलसीसर के सोनासर और कोदेसर, बुहाना के पचेरी कला, सिंघाना के डूमोली कला, पिलानी के घंडावा, मंडावा के हिमतसर, चिड़ावा के केहरपुरा कला, खेतड़ी के बसाई और सीहोड़, नवलगढ़ के बिरोल और बाय, सूरजगढ़ के स्वामी सेही तथा गुड्डागौड़जी के पोषाणा ग्राम पंचायतों में आयोजित होंगे। इन शिविरों में ग्रामीणों की सुविधा के लिए कई तरह की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, जिससे उनकी विभिन्न जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।1
- झुंझुनूं शहर में आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कृति को नई दिशा देने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) का एक भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र शुरू हो गया है। झुंझुनूं की मित्तल कॉलोनी स्थित ढंढारिया गेस्ट हाउस में इस नवनिर्मित केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया, जहां पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और श्री नृसिंह यज्ञ से हुई, जिसमें मुख्य यजमान रामौतार अग्रवाल गुढावाला ने अपने परिवार सहित पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सामूहिक हवन में भाग लेकर आहुतियां दीं, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। इसके उपरांत हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें मृदंग और मंजीरों की मधुर धुन पर भक्त कृष्ण भक्ति में सराबोर नज़र आए। शाम को कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नवीन भवन और श्री श्री राधा मदन गोपाल गौरहरि मंदिर की वेदी का उद्घाटन रहा। झुंझुनूं के जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने फीता काटकर इस केंद्र का शुभारंभ किया, जिस अवसर पर इस्कॉन परिवार ने उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया। डॉ. नवीन कांतिदास बंसल ने जानकारी दी कि यह केंद्र फिलहाल अस्थायी रूप से संचालित होगा, जबकि अगले तीन वर्षों में भव्य मुख्य मंदिर का निर्माण पूरा किया जाएगा। तब तक यह केंद्र धर्म प्रचार, संस्कार और आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहेगा। अपने संबोधन में जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने मानवता और आध्यात्मिक उत्थान के लिए इस्कॉन संस्था द्वारा पिछले 50 वर्षों से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र झुंझुनूं में आध्यात्मिक जागरण का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। कार्यक्रम में बच्चों ने महाभारत के प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं संध्या आरती और महाप्रसाद वितरण में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह इस्कॉन केंद्र आने वाले समय में संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।1
- 21 जून को पिलानी में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम योग मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से, ब्लॉक आयुर्वेद कार्यालय, नगर पालिका पिलानी और नगर पालिका विद्याविहार के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इसमें सैकड़ों नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योगाचार्य राजकुमार भास्कर के निर्देशन में आयुष मंत्रालय के कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। इस दौरान सूरजगढ़ की सुदेशना योग सेवा समिति के बाल योग साधकों ने आकर्षक योग प्रदर्शन प्रस्तुत किया। योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 20 योग साधकों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता और योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और योग साधक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिससे पूरे पिलानी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।1
- विवाह सम्पन्न होने के बाद लड़के का अपने ससुराल जाना एक ऐसी अनोखी परंपरा है जो आज भी प्रचलन में है। यह प्रथा मौजूदा समय में भी जारी है, जहाँ सामान्य रीति-रिवाजों से हटकर शादी के उपरांत दूल्हा ही अपने ससुराल जाता है।1
- तारानगर तहसील के धीरवास बड़ा गाँव से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ पीने के पानी की गंभीर और लंबे समय से चली आ रही किल्लत से परेशान होकर आज एक ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तत्काल हड़कंप मच गया, और टंकी के नीचे ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँच गई। प्रशासन के आला अधिकारी अब टंकी पर चढ़े ग्रामीण से लगातार बातचीत कर रहे हैं और उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। इस पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस गंभीर पेयजल संकट का क्या ठोस समाधान प्रस्तुत करता है और ग्रामीण को कब तक सुरक्षित नीचे उतारा जाता है।1