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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह गाय से जुड़े मुद्दों को खत्म नहीं करना चाहती, क्योंकि इससे हिंदू-मुस्लिम और गाय से संबंधित उसका राजनीतिक मुद्दा ही समाप्त हो जाएगा। लोगों का कहना है कि यदि गाय को माता माना जाता है, तो उसे राष्ट्रीय पशु घोषित क्यों नहीं किया जाता। यह माँग की जा रही है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से गोकशी की समस्या ही पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
Jankari Adda
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह गाय से जुड़े मुद्दों को खत्म नहीं करना चाहती, क्योंकि इससे हिंदू-मुस्लिम और गाय से संबंधित उसका राजनीतिक मुद्दा ही समाप्त हो जाएगा। लोगों का कहना है कि यदि गाय को माता माना जाता है, तो उसे राष्ट्रीय पशु घोषित क्यों नहीं किया जाता। यह माँग की जा रही है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से गोकशी की समस्या ही पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
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- सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड के वार्ड नंबर 10, 11 और 12 में पिछले 6 दिनों से एक बिजली पोल गिर जाने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है। भीषण गर्मी के इस दौर में आम जनता अंधेरे में रहने को मजबूर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, मोबाइल चार्जिंग तथा दैनिक जीवन के अन्य आवश्यक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बिजली उपभोक्ता लगातार विभाग एवं जनप्रतिनिधियों से समस्या समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति अब तक जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों में विभागीय लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है। जनता का आरोप है कि चुनाव के समय प्रत्याशी हर कार्य को समय पर पूरा करने का वादा करते हैं, लेकिन अब लोग मूलभूत सुविधा बिजली के लिए 6 दिनों से परेशान हैं। जनता की मांग है कि शीघ्र बिजली व्यवस्था बहाल की जाए और गिर चुके पोल को बदला जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
- बिहार के सुपौल जिले के सिमराही बाजार का रहने वाला नौशाद नामक युवक इस समय जॉर्डन की एक जेल में बंद है। उसके बूढ़े माता-पिता ने कर्ज लेकर उसे विदेश कमाने भेजा था, लेकिन अब नौशाद का पूरा परिवार गहरे दर्द में जीवन व्यतीत कर रहा है। नौशाद तीन छोटे-छोटे बच्चों का पिता है। नौशाद को वापस लाने के लिए उसके माता-पिता और पत्नी दर-दर भटक रहे हैं। परिवार ने अब भारत सरकार और अम्मान में स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India, Amman) से मार्मिक गुहार लगाई है कि उनके बेटे को सुरक्षित घर वापस लाया जाए।1
- एक मामले को लेकर यह सवाल उठाया गया है कि जिस जगह पर मुसलमानों के नाम शामिल किए जाने थे, वहां एक हिन्दू का नाम क्यों सामने आया है।1
- अररिया जिले के बिस्टोरिया पंचायत के डुमरिया गांव में एक घटना सामने आई है। यहाँ, एक बाइक को बचाने के प्रयास में, एक कार डिवाइडर से टकरा गई।1
- राजनीतिक नेताओं पर 'गौ माता' के नाम पर वोट की राजनीति करने और सत्ता में आते ही गायों की उम्र तय करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस कृत्य को न सिर्फ दोहरी मानसिकता बताया गया है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया गया है। पोस्ट में ऐसी मानसिकता रखने वाले नेताओं का कड़े शब्दों में विरोध और निंदा की गई है। आगे कहा गया है कि जो नेता अपनी तथाकथित 'गौ माता' की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, वे किस आधार पर देश और जनता की सुरक्षा का दावा करते हैं। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि जनता अब इन नेताओं की हरकतों को पूरी तरह समझ चुकी है, और यह सब केवल वोट की राजनीति तथा भावनाओं का व्यापार है। पोस्ट में चुनाव से पहले के नारों 'गाय हमारी माता' और चुनाव के बाद की मानसिकता '14 साल से अधिक वाली को काट दो, हमारा क्या जाता है!' के बीच तीखा विरोधाभास भी उजागर किया गया है।1
- मधेपुरा में मंगलवार को किसानों, मजदूरों और नौजवानों ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, महंगाई, बेरोजगारी और विभिन्न सरकारी नीतियों के खिलाफ एक जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस), अखिल भारतीय नौजवान संघ (एआईवाईएफ) और बिहार खेत मजदूर यूनियन (बीकेएमयू) के राज्यव्यापी आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग समाहरणालय रोड स्थित बीपी मंडल चौक पर एकत्र हुए और सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, बीज अधिनियम, विद्युत अधिनियम 2025, चार लेबर कोड और गरीबों के आशियानों पर बुलडोजर कार्रवाई को जनविरोधी करार दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान सभा के जिला सचिव मुकुंद प्रसाद यादव, खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक अंबिका मंडल और नौजवान संघ के जिला संयोजक बूटीश स्वर्णकार ने किया। किसान सभा के जिला अध्यक्ष रमण कुमार की अध्यक्षता में हुई सभा को कई नेताओं ने संबोधित किया। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश में खेती, रोजगार और किसानों की स्थिति लगातार संकट में है, और कुछ आर्थिक नीतियों से किसानों, मजदूरों तथा नौजवानों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बीज अधिनियम और विद्युत अधिनियम 2025 के प्रभावों पर गंभीर चर्चा की व अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध जैसे मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की। वहीं, भाकपा जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने किसानों के लिए फसल बीमा लागू करने, 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों और मजदूरों को मासिक पेंशन देने तथा किसानों का कर्ज माफ करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा को प्रभावी ढंग से लागू करने, भूमिहीनों को वासगीत पर्चा देने, फसल का समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने और बेरोजगारों को रोजगार या मासिक भत्ता देने की भी मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों, मजदूरों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।3
- मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा ने यह बयान दिया है कि बहुत अधिक टैक्स लिया जा रहा है, और इस टैक्स में से कुछ हिस्सा कहीं दान भी किया जाना चाहिए।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह गाय से जुड़े मुद्दों को खत्म नहीं करना चाहती, क्योंकि इससे हिंदू-मुस्लिम और गाय से संबंधित उसका राजनीतिक मुद्दा ही समाप्त हो जाएगा। लोगों का कहना है कि यदि गाय को माता माना जाता है, तो उसे राष्ट्रीय पशु घोषित क्यों नहीं किया जाता। यह माँग की जा रही है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से गोकशी की समस्या ही पूरी तरह खत्म हो जाएगी।1