कानपुर देहात के विकास खंड अकबरपुर सभागार में 15 जुलाई को मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गठन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सीडीओ ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से पांच-पांच नए स्वयं सहायता समूह गठित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके बैंक खाते शीघ्र खुलवाने और उन्हें रिवॉल्विंग फंड व कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड का समय पर लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सीडीओ ने ब्लॉक मिशन प्रबंधकों और आजीविका सखियों को निर्देश दिए कि वे कम भागीदारी वाले गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाएं। इसके साथ ही ग्राम संगठन (वीओ) और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के गठन में भी तेजी लाने को कहा गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि लक्ष्य को पूरा करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा का पालन न करने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर देहात के विकास खंड अकबरपुर सभागार में 15 जुलाई को मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गठन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सीडीओ ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से पांच-पांच नए स्वयं सहायता समूह गठित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके बैंक खाते शीघ्र खुलवाने और उन्हें रिवॉल्विंग फंड व कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड का समय पर लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सीडीओ ने ब्लॉक मिशन प्रबंधकों और आजीविका सखियों को निर्देश दिए कि वे कम भागीदारी वाले गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाएं। इसके साथ ही ग्राम संगठन (वीओ) और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के गठन में भी तेजी लाने को कहा गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि लक्ष्य को पूरा करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा का पालन न करने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- कानपुर देहात के विकास खंड अकबरपुर सभागार में 15 जुलाई को मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गठन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सीडीओ ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से पांच-पांच नए स्वयं सहायता समूह गठित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके बैंक खाते शीघ्र खुलवाने और उन्हें रिवॉल्विंग फंड व कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड का समय पर लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सीडीओ ने ब्लॉक मिशन प्रबंधकों और आजीविका सखियों को निर्देश दिए कि वे कम भागीदारी वाले गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाएं। इसके साथ ही ग्राम संगठन (वीओ) और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के गठन में भी तेजी लाने को कहा गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि लक्ष्य को पूरा करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा का पालन न करने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र में महिला संबंधी अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शिवली थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की शुरुआत तब हुई थी, जब 15 मई 2026 को एक व्यक्ति ने शिवली थाने में तहरीर दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। पिता की इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने 22 मई 2026 को पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद पीड़िता के बयान, मेडिकल परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कानपुर नगर के थाना बिधनू के अंतर्गत नगवा निवासी शुभम पुत्र शम्भूदयाल का नाम सामने आया। आरोपी की संलिप्तता पाए जाने पर मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराएं बढ़ाई गईं। सोमवार 13 जुलाई 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर शिवली थाना पुलिस ने वांछित आरोपी शुभम को ग्राम बैरी तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।2
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के मुंगिसापुर में छींटाकशी और गाली-गलौज का विरोध करने पर मारपीट का मामला सामने आया है। सिकन्द्रा के इतखुदा बुधौली निवासी विकल कटियार अपने परिवार के साथ मुंगिसापुर में रहने वाले अपने चाचा शैलेंद्र कटियार को छींटाकशी और गाली-गलौज करने से मना करने आया था। लेकिन जब गाली देने से मना किया गया, तो प्रिंस कटियार, शुमन देवी, तन्नू और पन्नू ने पीड़ित के चाचा के साथ जमकर मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद पीड़ित द्वारा 112 नंबर पर सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची 112 पुलिस ने उन्हें संबंधित थाना डेरापुर भेज दिया। इस मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें महिला और उसके लड़के मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। डेरापुर इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है और दोनों पक्षों को थाने बुला लिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिला अंतर्गत विकास खंड अकबरपुर के सभागार में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के गठन में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से कम से कम 05-05 नए स्वयं सहायता समूहों का गठन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिन गाँवों में अभी कम समूह हैं, वहाँ विशेष अभियान चलाकर महिलाओं को जोड़ा जाए। इसके साथ ही, बैंक अधिकारियों और ब्लॉक मिशन प्रबंधकों (BMMs) को गठित हो चुके समूहों के बैंक खाते जल्द से जल्द खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उन्हें समय पर रिवाल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड का लाभ मिल सके। आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान जिन क्षेत्रों में प्रगति असंतोषजनक पाई गई है, वहाँ विशेष जागरूकता शिविर आयोजित कर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा अधिक से अधिक ग्राम संगठनों (VOs) और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के गठन के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने दोटूक शब्दों में कहा है कि विकास कार्यों और समूह गठन के इस विशेष लक्ष्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होंने खंड विकास अधिकारी (BDO) को निर्देश दिया है कि वे साप्ताहिक स्तर पर इस कार्य की प्रगति की निगरानी करें। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा न करने वाले क्लस्टर प्रभारियों और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- कानपुर देहात के सट्टी थानाक्षेत्र के बहोरापुर गांव में मारपीट और अपमान से आहत होकर महेंद्र उर्फ मिलन कटियार नाम के एक युवक ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सोनेलाल और उसके भतीजे अंकित को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। यह घटना रविवार शाम की है, जब महेंद्र ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उनके परिजन उन्हें अकबरपुर के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महेंद्र की मौत के बाद सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि वह सहाबापुर गांव में अपने एक दोस्त को छोड़ने गए थे, जहां बाबू के घर वालों ने उनके साथ बेवजह मारपीट की और उन्हें अपमानित किया। इसी प्रताड़ना से दुखी होकर वे जहर खा रहे हैं। वीडियो में महेंद्र ने मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की। इस मामले में मृतक के पिता शशि कपूर की तहरीर पर पुलिस ने सहाबापुर निवासी सोनेलाल और अंकित के खिलाफ मारपीट, अपमानित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। सट्टी थानाध्यक्ष कालीचरन कुशवाहा ने बताया कि मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।3
- कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र में बारिश के दौरान होने वाले गंभीर जलभराव की समस्या को लेकर समाजसेविका एवं स्वर्गीय चौधरी नरेंद्र सिंह की सुपौत्री निहारिका सिंह ने नई बस्ती सहित अन्य प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि इन समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाकर जल्द से जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों ने निहारिका सिंह को बताया कि थोड़ी सी भी बारिश होने पर भोगनीपुर के कई वार्डों और नई बस्ती में पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। घरों के आसपास जलभराव होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र में तहसील, थाना और न्यायालय जैसी महत्वपूर्ण सरकारी संस्थाएं मौजूद हैं, इसके बावजूद जल निकासी की यह समस्या लंबे समय से जस की तस बनी हुई है और बरसात के मौसम में पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। इस दौरान निहारिका सिंह ने ग्रामीणों की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना और कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वह इस मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष बात उठाएंगी और जल्द कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगी। वहीं, ग्रामीणों ने भी उम्मीद जताई है कि निहारिका सिंह के इस प्रयास से उन्हें जलभराव की इस पुरानी और गंभीर समस्या से जल्द ही राहत मिल सकेगी।4
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील अंतर्गत मंगलपुर थाना क्षेत्र के हिसावा गांव में पीड़ित दंपति के पलायन करने के 19 दिन बाद पुलिस ने आखिरकार मुकदमा दर्ज कर लिया है। हिसावा गांव के रहने वाले हीरालाल बीते दिनों अपने घर के बाहर 'पलायन' लिखकर पत्नी के साथ घर छोड़कर चले गए थे। पीड़ित परिवार का आरोप था कि पुलिस उनकी शिकायत दर्ज नहीं कर रही थी और विपक्षी उन्हें लगातार डरा-धमका रहे थे। मामला चर्चा में आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने इसे संज्ञान में लिया, जिसके बाद मंगलवार को पुलिस ने कार्रवाई की। घटनाक्रम की शुरुआत 25 जून की शाम करीब छह बजे हुई थी, जब पीड़ित हीरालाल अपने घर के बाहर लगी टोंटी से पानी भर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही आदित्य, आशीष और कमला देवी ने उनकी पानी की टोंटी तोड़ दी। इसके बाद जब हीरालाल अपने भाई जगमोहन के घर के बाहर लगे नल से पानी भरने गए, तो आरोपितों ने उनके साथ गाली-गलौज की। इसका विरोध करने पर आरोपितों ने घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति के साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मंगलपुर पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभारी इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार शाम 7 बजे बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा अंतर्गत अमराहट थाना क्षेत्र के विलासपुर बांगर गांव में एक नवविवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान कीर्ति के रूप में हुई है, जिसका विवाह करीब पांच महीने पहले विलासपुर बांगर निवासी तारा सिंह के पुत्र धर्मवीर के साथ हुआ था। जानकारी के मुताबिक, दिबियापुर निवासी कीर्ति का विवाह 13 फरवरी 2026 को हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही धर्मवीर नौकरी के सिलसिले में बाहर चला गया, जिसके बाद कीर्ति अपने सास-ससुर के साथ गांव में ही रह रही थी। सोमवार शाम को जब कीर्ति के ससुर बकरियां चराने खेत गए थे और सास घर के बाहर बैठी थीं, इसी दौरान घर में अकेली मौजूद कीर्ति ने फांसी लगा ली। देर शाम जब ससुर घर लौटे, तो उन्होंने अपनी पुत्रवधू का शव फंदे से लटका देखा और तत्काल अमराहट थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतका के मायके पक्ष को मामले की जानकारी देकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अमराहट थाना प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार ने बताया कि मृतका के मायके पक्ष की ओर से अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।2