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भावी जिला परिषद उमीदवार सह पंचायत समिति सदस्य कोपे पूर्वी के श्रीमती उषा देवी ने बड़काडीह पंचायत के अमवाटिकर के बरवापानी टोला का किया भ्रमण मनिक लातेहार: मनिक प्रखंड के बड़काडीह पंचायत के बरवापानी टोला मूलभूत सुविधाओं से हुआ वंचित |यहां रोजमर्रा के आवागमन लिए अच्छी सड़कों का समुचित व्यवस्था नहीं है ,इस समस्या को नजदीक से समझने और वहां रहने के लिए विवश आम जनमानस की दुर्दशा को देखने के लिए 2 km पैदल चल कर पगडंडी के रास्तों को तय करते हुए कोपे पूर्वी के पंचायत समिति सदस्य उषा देवी ने किया किया क्षेत्र का दौरा तथा उषा देवी ने कहा कि इस क्षेत्र की बुनियादी, सुविधाओं को उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है , यहां सुविधा देने के प्रयासों को मै अपनी पहली प्राथमिकता में रखता हूं
Shamsher Alam
भावी जिला परिषद उमीदवार सह पंचायत समिति सदस्य कोपे पूर्वी के श्रीमती उषा देवी ने बड़काडीह पंचायत के अमवाटिकर के बरवापानी टोला का किया भ्रमण मनिक लातेहार: मनिक प्रखंड के बड़काडीह पंचायत के बरवापानी टोला मूलभूत सुविधाओं से हुआ वंचित |यहां रोजमर्रा के आवागमन लिए अच्छी सड़कों का समुचित व्यवस्था नहीं है ,इस समस्या को नजदीक से समझने और वहां रहने के लिए विवश आम जनमानस की दुर्दशा को देखने के लिए 2 km पैदल चल कर पगडंडी के रास्तों को तय करते हुए कोपे पूर्वी के पंचायत समिति सदस्य उषा देवी ने किया किया क्षेत्र का दौरा तथा उषा देवी ने कहा कि इस क्षेत्र की बुनियादी, सुविधाओं को उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है , यहां सुविधा देने के प्रयासों को मै अपनी पहली प्राथमिकता में रखता हूं
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- मनिक लातेहार: मनिक प्रखंड के बड़काडीह पंचायत के बरवापानी टोला मूलभूत सुविधाओं से हुआ वंचित |यहां रोजमर्रा के आवागमन लिए अच्छी सड़कों का समुचित व्यवस्था नहीं है ,इस समस्या को नजदीक से समझने और वहां रहने के लिए विवश आम जनमानस की दुर्दशा को देखने के लिए 2 km पैदल चल कर पगडंडी के रास्तों को तय करते हुए कोपे पूर्वी के पंचायत समिति सदस्य उषा देवी ने किया किया क्षेत्र का दौरा तथा उषा देवी ने कहा कि इस क्षेत्र की बुनियादी, सुविधाओं को उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है , यहां सुविधा देने के प्रयासों को मै अपनी पहली प्राथमिकता में रखता हूं3
- 🚨 पांकी में बड़ी चोरी से सनसनी! मुख्य बाजार स्थित घनश्याम ज्वेलर्स में देर रात शातिर चोरों ने धावा बोलकर लाखों के गहने उड़ा लिए। 👉 पीछे गेट से एंट्री 👉 शटर तोड़ा 👉 CCTV का DVR भी साथ ले गए 👮♂️ पुलिस जांच में जुटी, डॉग स्क्वायड भी एक्टिव बाजार के व्यापारियों में डर और आक्रोश का माहौल 👉 क्या अब बाजार सुरक्षित है? अपनी राय जरूर दें 👇1
- झारखंड के लातेहार जिले की बेटी तारा साहू महुआ के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। वह गांव-गांव जाकर महिलाओं और युवाओं को महुआ से बनने वाले विभिन्न उत्पादों और रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दे रही हैं।तारा साहू का कहना है कि महुआ सिर्फ पारंपरिक उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लड्डू, बिस्कुट, तेल और कई अन्य उत्पाद बनाकर अच्छी आमदनी की जा सकती है।उनके प्रयासों से अब कई महिलाएं महुआ आधारित कार्य से जुड़ रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।1
- बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह अंचल कार्यालय द्वारा नामांतरण (म्यूटेशन) आवेदन अस्वीकृत किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आवेदक मोख्तार खान ने इस निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उपायुक्त, लातेहार के जनसेतु पोर्टल पर विस्तृत आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला नामांतरण मुकदमा संख्या 287 R27 / 2025-2026 से जुड़ा है, जिसमें अंचल अधिकारी द्वारा 30 मार्च 2026 को आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। आवेदक का आरोप है कि बिना पूर्ण जांच और तथ्यों की सही पड़ताल किए ही यह निर्णय लिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा चपरी स्थित खाता संख्या 6, प्लॉट संख्या 752 की कुल भूमि 68 डिसमिल है, जो तीन भाई—स्वर्गीय आलीम खान, कलीम खान एवं नाजिम खान—के बीच बराबर-बराबर लगभग 22.66 डिसमिल में विभाजित है। आवेदक मोख्तार खान के अनुसार, उनके पिता कलीम खान ने अपने हिस्से से 11 डिसमिल भूमि उन्हें हस्तांतरित की है। ऐसे में किसी अन्य हिस्सेदार की भूमि का अतिक्रमण नहीं हुआ है। अस्वीकृति के कारण और विवाद अंचल कार्यालय द्वारा आवेदन अस्वीकृत करने के पीछे मुख्य कारण बताए गए हैं—संयुक्त खाता होना, विक्रेता के पुत्र मंसूर खान की सहमति का अभाव, 2.5 डिसमिल अधिक भूमि बिक्री का आरोप एवं वंशावली अस्पष्ट होना, जबकि आवेदक का कहना है कि ये सभी आधार तथ्यात्मक रूप से गलत और अपूर्ण जांच पर आधारित हैं। उनका दावा है कि सभी मूल हिस्सेदारों की सहमति प्राप्त है और 2.5 डिसमिल अधिक का अंतर पर कोई सवाल ही नहीं है । मामले में सबसे अहम बिंदु यह है कि अंचल निरीक्षक द्वारा पहले ही स्थल की जिओ टैग फोटो और दखल-कब्जा की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था, उसके बाद संबंधित हल्का कर्मचारी द्वारा जमीन का जिओ टैग किया गया।लेकिन अंचलाधिकारी लवकेश सिंह द्वारा अपने पावर का इस्तेमाल करते बिना जांच पड़ताल किए ही आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। इसे लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। कानूनी आधार पर उठाई आपत्ति आवेदक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सह-स्वामी को अपने हिस्से की भूमि बेचने का अधिकार है। साथ ही नामांतरण केवल राजस्व रिकॉर्ड अद्यतन करने की प्रक्रिया है, न कि स्वामित्व निर्धारण का अंतिम आधार। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना सुनवाई का अवसर दिए निर्णय लिया गया, जो न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। आवेदक ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थल का पुनः सत्यापन किया जाए। तकनीकी त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाए अस्वीकृति आदेश को निरस्त कर न्यायोचित निर्णय लिया जाए।1
- Post by Mohd Sameer Khan aimim1
- प्रखंड स्थित श्रीराम भारत गैस के उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन बुकिंग कर गैस सिलेंडर के लिए जब गैस गोदाम जातें है तो पता चलता है कि उनके उपभोक्ता संख्या का गैस सिलेंडर किसी और को दे दिया गया है,जबकि जिस उपभोक्ता ने ऑनलाइन बुकिंग की थी उसने गैस सिलेंडर लिया ही नहीं? श्री राम भारत गैस एजेंसी में बुधवार सुबह गैस स्टॉक की खबर फैलते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लेकिन उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ी महंगी परेशानी। ऑनलाइन बुकिंग वाले ग्राहकों को होम डिलीवरी का झांसा देकर एजेंसी परिसर में घंटों लाइनों में खड़ा किया जा रहा है। सैकड़ों लोग अफरा-तफरी में फंस गए, धक्का-मुक्की से महिलाएं-बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। गोदाम से सीधा वितरण बंद होने से देरी बढ़ी, अव्यवस्था चरम पर। एजेंसी कर्मियों ने सफाई दी—'होम डिलीवरी होगी।' लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही। बीते दिनों अंचलाधिकारी चंदवा ने गोदाम का दौरा कर साफ शब्दों में कहा था: 'गोदाम से वितरण गैरकानूनी! घर-घर डिलीवरी सुनिश्चित करें।' उपभोक्ता चिल्ला रहे: प्रशासन जागो! पारदर्शी व्यवस्था लाओ, बुकिंग वालों को प्राथमिकता दो। अन्यथा यह लूट जारी रहेगी।4
- Post by Sunil singh1
- झारखंड के लातेहार जिले की बेटी तारा साहू महुआ के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। वह गांव-गांव जाकर महिलाओं और युवाओं को महुआ से बनने वाले विभिन्न उत्पादों और रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दे रही हैं।तारा साहू का कहना है कि महुआ सिर्फ पारंपरिक उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लड्डू, बिस्कुट, तेल और कई अन्य उत्पाद बनाकर अच्छी आमदनी की जा सकती है।उनके प्रयासों से अब कई महिलाएं महुआ आधारित कार्य से जुड़ रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।1