नामांतरण आवेदन अस्वीकृति पर उठे सवाल, उपायुक्त से न्याय की गुहार बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह अंचल कार्यालय द्वारा नामांतरण (म्यूटेशन) आवेदन अस्वीकृत किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आवेदक मोख्तार खान ने इस निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उपायुक्त, लातेहार के जनसेतु पोर्टल पर विस्तृत आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला नामांतरण मुकदमा संख्या 287 R27 / 2025-2026 से जुड़ा है, जिसमें अंचल अधिकारी द्वारा 30 मार्च 2026 को आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। आवेदक का आरोप है कि बिना पूर्ण जांच और तथ्यों की सही पड़ताल किए ही यह निर्णय लिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा चपरी स्थित खाता संख्या 6, प्लॉट संख्या 752 की कुल भूमि 68 डिसमिल है, जो तीन भाई—स्वर्गीय आलीम खान, कलीम खान एवं नाजिम खान—के बीच बराबर-बराबर लगभग 22.66 डिसमिल में विभाजित है। आवेदक मोख्तार खान के अनुसार, उनके पिता कलीम खान ने अपने हिस्से से 11 डिसमिल भूमि उन्हें हस्तांतरित की है। ऐसे में किसी अन्य हिस्सेदार की भूमि का अतिक्रमण नहीं हुआ है। अस्वीकृति के कारण और विवाद अंचल कार्यालय द्वारा आवेदन अस्वीकृत करने के पीछे मुख्य कारण बताए गए हैं—संयुक्त खाता होना, विक्रेता के पुत्र मंसूर खान की सहमति का अभाव, 2.5 डिसमिल अधिक भूमि बिक्री का आरोप एवं वंशावली अस्पष्ट होना, जबकि आवेदक का कहना है कि ये सभी आधार तथ्यात्मक रूप से गलत और अपूर्ण जांच पर आधारित हैं। उनका दावा है कि सभी मूल हिस्सेदारों की सहमति प्राप्त है और 2.5 डिसमिल अधिक का अंतर पर कोई सवाल ही नहीं है । मामले में सबसे अहम बिंदु यह है कि अंचल निरीक्षक द्वारा पहले ही स्थल की जिओ टैग फोटो और दखल-कब्जा की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था, उसके बाद संबंधित हल्का कर्मचारी द्वारा जमीन का जिओ टैग किया गया।लेकिन अंचलाधिकारी लवकेश सिंह द्वारा अपने पावर का इस्तेमाल करते बिना जांच पड़ताल किए ही आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। इसे लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। कानूनी आधार पर उठाई आपत्ति आवेदक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सह-स्वामी को अपने हिस्से की भूमि बेचने का अधिकार है। साथ ही नामांतरण केवल राजस्व रिकॉर्ड अद्यतन करने की प्रक्रिया है, न कि स्वामित्व निर्धारण का अंतिम आधार। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना सुनवाई का अवसर दिए निर्णय लिया गया, जो न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। आवेदक ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थल का पुनः सत्यापन किया जाए। तकनीकी त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाए अस्वीकृति आदेश को निरस्त कर न्यायोचित निर्णय लिया जाए।
नामांतरण आवेदन अस्वीकृति पर उठे सवाल, उपायुक्त से न्याय की गुहार बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह अंचल कार्यालय द्वारा नामांतरण (म्यूटेशन) आवेदन अस्वीकृत किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आवेदक मोख्तार खान ने इस निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उपायुक्त, लातेहार के जनसेतु पोर्टल पर विस्तृत आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला नामांतरण मुकदमा संख्या 287 R27 / 2025-2026 से जुड़ा है, जिसमें अंचल अधिकारी द्वारा 30 मार्च 2026 को आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। आवेदक का आरोप है कि बिना पूर्ण जांच और तथ्यों की सही पड़ताल किए ही यह निर्णय लिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा चपरी स्थित खाता संख्या 6, प्लॉट संख्या 752 की कुल भूमि 68 डिसमिल है, जो तीन भाई—स्वर्गीय आलीम खान, कलीम खान एवं नाजिम खान—के बीच बराबर-बराबर लगभग 22.66 डिसमिल में विभाजित है। आवेदक मोख्तार खान के अनुसार, उनके पिता कलीम खान ने अपने हिस्से से 11 डिसमिल भूमि उन्हें हस्तांतरित की है। ऐसे में किसी अन्य हिस्सेदार की भूमि का अतिक्रमण नहीं हुआ है। अस्वीकृति के कारण और विवाद अंचल कार्यालय द्वारा आवेदन अस्वीकृत करने के पीछे मुख्य कारण बताए गए हैं—संयुक्त खाता होना, विक्रेता के पुत्र मंसूर खान की सहमति का अभाव, 2.5 डिसमिल अधिक भूमि बिक्री का आरोप एवं वंशावली अस्पष्ट होना, जबकि आवेदक का कहना है कि ये सभी आधार तथ्यात्मक रूप से गलत और अपूर्ण जांच पर आधारित हैं। उनका दावा है कि सभी मूल हिस्सेदारों की सहमति प्राप्त है और 2.5 डिसमिल अधिक का अंतर पर कोई सवाल ही नहीं है । मामले में सबसे अहम बिंदु यह है कि अंचल निरीक्षक द्वारा पहले ही स्थल की जिओ टैग फोटो और दखल-कब्जा की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था, उसके बाद संबंधित हल्का कर्मचारी द्वारा जमीन का जिओ टैग किया गया।लेकिन अंचलाधिकारी लवकेश सिंह द्वारा अपने पावर का इस्तेमाल करते बिना जांच पड़ताल किए ही आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। इसे लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। कानूनी आधार पर उठाई आपत्ति आवेदक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सह-स्वामी को अपने हिस्से की भूमि बेचने का अधिकार है। साथ ही नामांतरण केवल राजस्व रिकॉर्ड अद्यतन करने की प्रक्रिया है, न कि स्वामित्व निर्धारण का अंतिम आधार। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना सुनवाई का अवसर दिए निर्णय लिया गया, जो न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। आवेदक ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थल का पुनः सत्यापन किया जाए। तकनीकी त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाए अस्वीकृति आदेश को निरस्त कर न्यायोचित निर्णय लिया जाए।
- ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ वार्ता से पहले नाजुक युद्धविराम कायम रहने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है। फेटरमैन ने ईरानी कार्रवाइयों को 'युद्ध अपराध' बताया और युद्ध शक्तियों से संबंधित उपाय का विरोध किया। ईरान के अधिकारियों ने युद्धविराम का जश्न मनाया, जबकि आलोचकों ने चेतावनी दी कि इससे बदलाव रुक सकता है। अगले पांच वर्षों में ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ वार्ता से पहले नाजुक युद्धविराम कायम रहने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है। फेटरमैन ने ईरानी कार्रवाइयों को 'युद्ध अपराध' बताया और युद्ध शक्तियों से संबंधित उपाय का विरोध किया। ईरान के अधिकारियों ने युद्धविराम का जश्न मनाया, जबकि आलोचकों ने चेतावनी दी कि इससे बदलाव रुक सकता है। अगले पांच वर्षों में होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ कमजोर होगी - ब्लूमबर्ग ईरान भर में कई विस्फोटों और हवाई रक्षा गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं। और हवाई रक्षा गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं।1
- सड़क दुर्घटना में युवक घायल इलाज के दौरान हुई मौत मालवाहक टेलर के चपेट में मोटरसाइकिल आने से हुई घटना1
- चतरा जिला सिमरिया विधानसभा क्षेत्र टंडवा प्रखंड के बीजेपी युवा नेता रविंद्र कुमार गुप्ता की जुबानी इस वीडियो के पूरे पूरी रिपोर्ट में देखी क्या कुछ कह दिए गुप्ता।1
- सिसई (गुमला)। जीता पतरा सिसई निवासी राहुल कुमार देवघरिया के उपर दाई का काम कराने के नाम पर मारपीट, मानसिक पड़ताड़ना सहित पैसे हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डाड़हा निवासी जोगेंद्र सिंह की 18 वर्षीय पुत्री राखी कुमारी ने जीता पतरा सिसई निवासी राहुल कुमार देवघरिया पिता अश्विनी देवघरिया पर दाई का काम कराने के नाम पर मारपीट, मानसिक पड़ताड़ना सहित कमाए हुए पूरे राशि को हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। युवती राखी कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि राहुल कुमार देवघरिया ने बच्चा खेलाने के लिए ₹ 10,000 मासिक वेतन देने का बात बोलकर युवती को जनवरी 2025 में बैंग्लोर ले गया था। उस वक्त लड़की की उम्र लगभग 17 वर्ष थी। उन्होंने लड़की के माता पिता से लड़की को प्रति माह ₹ 10,000 दस हजार रुपए देने का वादा किया था साथ ही खाना, कपड़ा व युवती को पढ़ाने लिखाने का सारा जिम्मेदारी लिया था। बावजूद अबतक एक भी पैसा नहीं दिया है वहीं बैंग्लोर में युवती के साथ मारपीट किया जाता था। और मानसिक रूप से पड़ताड़ित किया जाता था। एवं उसके पढाई लिखाई का कोई व्यवस्था उनके द्वारा नहीं किया गया था। युवती ने यह भी बताया कि गुरुवार को जब वह अपने माता पिता और बहन के साथ अपना कमाया हुआ पैसा मांगने उनके घर गयी तो अश्विनी देवघरिया, राहुल देवघरिया,एवं उनकी पत्नी ने उसके साथ मारपीट किया और आधार कार्ड, मोबाइल वगैरह छीन लिया। वहीं उसकी माँ अंजू देवी के साथ भद्दी भद्दी गाली गलौज करते हुए मारपीट किया और धक्का मुक्की करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। तथा एक वर्ष तीन महीने का कमाया हुआ पैसा लगभग ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपए) को देने से इंकार कर दिया। लड़की ने यह भी कहा कि मुझपर 500 रुपया नगदी का चोरी करने का इल्जाम भी लगाया जा रहा है। जो उनके द्वारा मेरे कमाए हुए पैसे को हड़पने का एक सोची समझी साजिश है। वहीं इस मामला को लेकर युवती अपने माता पिता के साथ सिसई थाना पहुंची और आरोपियों के विरुद्ध लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है साथ ही छीने हुए सामान और पैसा दिलाने की पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है। जब इस विषय में अश्विनी देवघरिया से पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि लड़की का आधार कार्ड, मोबाइल व कपड़े वगैरह हमारे पास है दे देंगे। लेकिन यह सोचने वाली बात है कि एक शिक्षक होते हुए भी पढ़ने लिखने वाली छात्रा के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यह शिक्षा जगत के लिए एक गंभीर विषय है एक ओर सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाव का नारा देती है वहीं दूसरी ओर बेटियों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है।4
- रातु। प्रखंड के हुरहुरी में मंडा पूजा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को मंडा टांड में बैठक आयोजित की गई। बैठक में छह प्रस्ताव पारित कर 1 हजार रुपये प्रतिघर चंदा निर्धारित किया गया, जो पांच वर्ष तक लागू रहेगा। बैठक में तय हुआ कि 4 अप्रैल को डागर दिया जाएगा, 22 अप्रैल को पाठ लाने के लिए बारात निकलेगी। 1 मई को फुलकुन्दी, 2 मई की दोपहर झूलन तथा शाम को मेला लगेगा। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक चलेगा। 3 मई को पाठ विदाई दी जाएगी। अध्यक्षता मकसूदन तिग्गा ने की तथा संचालन ग्राम प्रधान शैलेंद्र मुंडा ने किया। हुरहुरी मुखिया कमल खलखो, विशु उरांव, सामू उरांव, महेश राम, विनोद उरांव, रंथु उरांव, विजय उरांव, आशिष उरांव, लछमन महतो, मोहित सिंह, सुनील उरांव, जुगेश्वर सिंह समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।1
- चैनपुर कॉलेज से घर लौट रही एक युवती पर गुरुवार शाम करीब 4:00 बजे कॉलेज मोड़ के पास एक सनकी युवक ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक एकतरफा प्यार में युवती पर दबाव बना रहा था। विरोध करने पर उसने युवती की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गई।1
- देश के केंद्रीय बैंक के रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक मुद्रा प्रबंधन, मौद्रिक नीति के माध्यम से मँहगाई नियंत्रण एवं तरलता उपलब्धता, ऋण प्रवाह, विदेशी मुद्रा व्यवस्था एवं सुदृढ़ अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग व वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने जैसे बुनियादी केंद्रीय बैंकिंग दायित्वों के सफल निर्वाह के साथ साथ देशहित और जनहित में वित्तीय शिक्षण, वित्तीय समावेशन व वित्तीय जनजागरण के प्रसार सरीखी विकासात्मक जिम्मेदारियों के लिए भी प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2023 से भारतीय रिजर्व बैंक, राँची क्षेत्रीय कार्यालय ने इस दिशा में अनेक नवोन्मेषी कार्यक्रम, अभिनव पहल एवं संकल्पित अभियान आरंभ किये हैं, जिनमें तीरंदाज़ी के ज़रिये वित्तीय जागरूकता का कार्यक्रम ' ज्ञान बाण', बैंक के 90वें वर्ष के सुअवसर पर विगत वर्ष 90 विद्यालयों में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम, 'हरा भरा सुंदर संसार' सूत्रमंत्र के साथ 90 शिक्षण संस्थानों में पौधारोपण व पर्यावरण जागरूकता अभियान, विभिन्न लक्षित समूहों के लिए प्रतियोगितायें एवं प्रश्नोत्तरी, आर्थिक व बैंकिंग विषयों पर व्याख्यान शृंखलायें, स्वच्छ मुद्रा अभियान, वित्तीय साक्षरता व समावेशन पत्रिका 'उन्नयन' तथा 90 जागरूकता सुभाषितों की पुस्तिका 'यात्रा अविराम' तथा जादू से जागरूकता के अंतर्गत जादुई प्रदर्शनों के ज़रिये ज़रूरी वित्तीय जानकारियों एवं सावधानियों के संदेश का प्रसार इत्यादि शामिल है । इसी क्रम में, एक और अभिनव पहल करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक, राँची क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा दिनांक 07 से 13 अप्रैल 2026 तक "ज्ञान अभियान" मनाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत क्षेत्रीय निदेशक महोदय की संकल्पना के अनुरूप उनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची क्षेत्रीय कार्यालय के इस अभियान के तहत दिनांक 09 अप्रैल 2026 को लातेहार जिले के महुआडाँड़ स्थित राजकिया अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक श्री प्रेम रंजन प्रसाद सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये वित्तीय साक्षरता के प्रसार के महत्व पर प्रकाश डाला तथा वर्तमान परिदृश्य में केंद्रीय बैंक के बुनियादी व विकासात्मक कार्यकलापों, बैंकिंग, डिजिटल बैंकिंग तथा सतर्कता और वित्तीय जन-जागरूकता के विभिन्न पहलुओं से छात्रों को परिचित कराया । उन्होने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे इन्हें आत्मसात कर स्वयं जानकार और समझदार बनें तथा उसके साथ साथ 'वित्तीय साक्षरता मित्र' एवं 'वित्तीय जागरूकता अग्रदूत' की तरह इन संदेशों को घर परिवार, पास पड़ोस, अन्य विद्यार्थियों एवं नागरिकों तक पहुँचा कर वित्तीय साक्षरता, समावेशन एवं जनजागरण को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें । राँची कार्यालय द्वारा एक और अभिनव पहल के रूप में, दो विद्यालयों में डिजीटल सामग्रीयुक्त *' वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता दीर्घा '* से सुसज्ज करने के नवोन्मेषी प्रकल्प किया गया और उसका उद्घाटन क्षेत्रीय निदेशक के कर कमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बैंकिंग, बजट, बीमा एवं निवेश आदि से जुड़े अनेक वित्तीय संदेशों के बारे में जागरूक किया गया, जिसे सभी के द्वारा काफी सराहा गया । उपस्थित प्रतिभागियों एवं शिक्षकों ने भारतीय रिज़र्व बैंक,राँची क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से क्षेत्रीय निदेशक महोदय की इस अभिनव पहल का स्वागत करते हुए इसे पूरे प्रदेश में वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेशन एवं जागरूकता को जन जन तक ले जाने की दिशा में एक अभूतपूर्व क़दम बताया ।1
- सैकड़ों लोगों से रुपये की ठगी करने के आरोपी नाजिर आलम को रातु पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। रामगढ़ जिले के भुरकुंडा बुध बाजार रिवर साइड निवासी अकबर अली का पुत्र नाजिर आलम वर्तमान में रातु थाना क्षेत्र के सिमलिया में रह रहा था। कोर्ट के गिरफ्तारी वारंट पर पुलिस ने उसे धर दबोचा। जानकारी के अनुसार, कांके हुसैनाबाद निवासी नौशाद अंसारी ने वर्ष 2024 में नाजिर पर 2.45 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए कोर्ट में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक थानों में मुकदमे दर्ज हैं। पिठोरिया थाना क्षेत्र के कई लोगों से ही उसने 2 करोड़ 18 लाख रुपये की ठगी की। हजारीबाग के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के जितेंद्र कुमार पंडित ने 9.60 लाख, लोअर बाजार निवासी साजिद आलम, जगन्नाथपुर के मोहम्मद आजाद खान, पिठोरिया के सरफराज आलम से 2.25 लाख, ओयना निवासी रुद्र कच्छप से 5 लाख, ओयना के महावीर मुंडा से 2.25 लाख, पिरुटोला के अतीक अहमद से 10.31 लाख तथा हुसैनाबाद के गुलमोहम्मद से 50 हजार रुपये की ठगी का आरोप है। नाजिर ने रांची के अलावा हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा समेत कई जिलों के सैकड़ों लोगों को शातिर तरीके से अपना शिकार बनाया। अनुमान है कि उसकी ठगी की राशि 7 करोड़ रुपये से अधिक है। जिले के कई थानों की पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी। रातु पुलिस ने सिमलिया से उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।1
- चैनपुर कॉलेज से घर लौट रही एक युवती पर गुरुवार शाम करीब 4:00 बजे कॉलेज मोड़ के पास एक सनकी युवक ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक एकतरफा प्यार में युवती पर दबाव बना रहा था। विरोध करने पर उसने युवती की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गई।1