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सड़क दुर्घटना में युवक घायल इलाज के दौरान हुई मौत मालवाहक टेलर के चपेट में मोटरसाइकिल आने से हुई घटना

3 hrs ago
user_आलोक कुमार
आलोक कुमार
पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
3 hrs ago

सड़क दुर्घटना में युवक घायल इलाज के दौरान हुई मौत मालवाहक टेलर के चपेट में मोटरसाइकिल आने से हुई घटना

  • user_User3194
    User3194
    Lohardaga, Jharkhand
    😤
    56 min ago
More news from झारखंड and nearby areas
  • सड़क दुर्घटना में युवक घायल इलाज के दौरान हुई मौत मालवाहक टेलर के चपेट में मोटरसाइकिल आने से हुई घटना
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    सड़क दुर्घटना में युवक घायल इलाज के दौरान हुई मौत मालवाहक टेलर के चपेट में मोटरसाइकिल आने से हुई घटना
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • सिसई (गुमला)। जीता पतरा सिसई निवासी राहुल कुमार देवघरिया के उपर दाई का काम कराने के नाम पर मारपीट, मानसिक पड़ताड़ना सहित पैसे हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डाड़हा निवासी जोगेंद्र सिंह की 18 वर्षीय पुत्री राखी कुमारी ने जीता पतरा सिसई निवासी राहुल कुमार देवघरिया पिता अश्विनी देवघरिया पर दाई का काम कराने के नाम पर मारपीट, मानसिक पड़ताड़ना सहित कमाए हुए पूरे राशि को हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। युवती राखी कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि राहुल कुमार देवघरिया ने बच्चा खेलाने के लिए ₹ 10,000 मासिक वेतन देने का बात बोलकर युवती को जनवरी 2025 में बैंग्लोर ले गया था। उस वक्त लड़की की उम्र लगभग 17 वर्ष थी। उन्होंने लड़की के माता पिता से लड़की को प्रति माह ₹ 10,000 दस हजार रुपए देने का वादा किया था साथ ही खाना, कपड़ा व युवती को पढ़ाने लिखाने का सारा जिम्मेदारी लिया था। बावजूद अबतक एक भी पैसा नहीं दिया है वहीं बैंग्लोर में युवती के साथ मारपीट किया जाता था। और मानसिक रूप से पड़ताड़ित किया जाता था। एवं उसके पढाई लिखाई का कोई व्यवस्था उनके द्वारा नहीं किया गया था। युवती ने यह भी बताया कि गुरुवार को जब वह अपने माता पिता और बहन के साथ अपना कमाया हुआ पैसा मांगने उनके घर गयी तो अश्विनी देवघरिया, राहुल देवघरिया,एवं उनकी पत्नी ने उसके साथ मारपीट किया और आधार कार्ड, मोबाइल वगैरह छीन लिया। वहीं उसकी माँ अंजू देवी के साथ भद्दी भद्दी गाली गलौज करते हुए मारपीट किया और धक्का मुक्की करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। तथा एक वर्ष तीन महीने का कमाया हुआ पैसा लगभग ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपए) को देने से इंकार कर दिया। लड़की ने यह भी कहा कि मुझपर 500 रुपया नगदी का चोरी करने का इल्जाम भी लगाया जा रहा है। जो उनके द्वारा मेरे कमाए हुए पैसे को हड़पने का एक सोची समझी साजिश है। वहीं इस मामला को लेकर युवती अपने माता पिता के साथ सिसई थाना पहुंची और आरोपियों के विरुद्ध लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है साथ ही छीने हुए सामान और पैसा दिलाने की पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है। जब इस विषय में अश्विनी देवघरिया से पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि लड़की का आधार कार्ड, मोबाइल व कपड़े वगैरह हमारे पास है दे देंगे। लेकिन यह सोचने वाली बात है कि एक शिक्षक होते हुए भी पढ़ने लिखने वाली छात्रा के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यह शिक्षा जगत के लिए एक गंभीर विषय है एक ओर सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाव का नारा देती है वहीं दूसरी ओर बेटियों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है।
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    सिसई (गुमला)। जीता पतरा सिसई निवासी राहुल कुमार देवघरिया के उपर दाई का काम कराने के नाम पर मारपीट, मानसिक पड़ताड़ना सहित पैसे हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डाड़हा निवासी जोगेंद्र सिंह की 18 वर्षीय पुत्री राखी कुमारी ने जीता पतरा सिसई निवासी राहुल कुमार देवघरिया पिता अश्विनी देवघरिया पर दाई का काम कराने के नाम पर मारपीट, मानसिक पड़ताड़ना सहित कमाए हुए पूरे राशि को हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। 
युवती राखी कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि राहुल कुमार देवघरिया ने बच्चा खेलाने के लिए ₹ 10,000 मासिक वेतन देने का बात बोलकर युवती को जनवरी 2025 में बैंग्लोर ले गया था। उस वक्त लड़की की उम्र लगभग 17 वर्ष थी। उन्होंने लड़की के माता पिता से लड़की को प्रति माह ₹ 10,000 दस हजार रुपए देने का वादा किया था साथ ही खाना, कपड़ा व युवती को पढ़ाने लिखाने का सारा जिम्मेदारी लिया था। बावजूद अबतक एक भी पैसा नहीं दिया है वहीं बैंग्लोर में युवती के साथ मारपीट किया जाता था। और मानसिक रूप से पड़ताड़ित किया जाता था। एवं उसके पढाई लिखाई का कोई व्यवस्था उनके द्वारा नहीं किया गया था। 
युवती ने यह भी बताया कि गुरुवार को जब वह अपने माता पिता और बहन के साथ अपना कमाया हुआ पैसा मांगने उनके घर गयी तो  अश्विनी देवघरिया, राहुल देवघरिया,एवं उनकी पत्नी ने उसके साथ मारपीट किया और आधार कार्ड, मोबाइल वगैरह छीन लिया। वहीं उसकी माँ अंजू देवी के साथ भद्दी भद्दी गाली गलौज करते हुए मारपीट किया और धक्का मुक्की करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। तथा एक वर्ष तीन महीने का कमाया हुआ पैसा लगभग ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपए) को देने से इंकार कर दिया। लड़की ने यह भी कहा कि मुझपर 500 रुपया नगदी का चोरी करने का इल्जाम भी लगाया जा रहा है। जो उनके द्वारा मेरे कमाए हुए पैसे को हड़पने का एक सोची समझी साजिश है। 
वहीं इस मामला को लेकर युवती अपने माता पिता के साथ सिसई थाना पहुंची और  आरोपियों के विरुद्ध  लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है साथ ही छीने हुए सामान और पैसा दिलाने की पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है।
जब इस विषय में अश्विनी देवघरिया से पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि लड़की का आधार कार्ड, मोबाइल व कपड़े वगैरह हमारे पास है दे देंगे। 
लेकिन यह सोचने वाली बात है कि एक शिक्षक होते हुए भी पढ़ने लिखने वाली छात्रा के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यह शिक्षा जगत के लिए एक गंभीर विषय है एक ओर सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाव का नारा देती है वहीं दूसरी ओर बेटियों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    45 min ago
  • ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ वार्ता से पहले नाजुक युद्धविराम कायम रहने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है। फेटरमैन ने ईरानी कार्रवाइयों को 'युद्ध अपराध' बताया और युद्ध शक्तियों से संबंधित उपाय का विरोध किया। ईरान के अधिकारियों ने युद्धविराम का जश्न मनाया, जबकि आलोचकों ने चेतावनी दी कि इससे बदलाव रुक सकता है। अगले पांच वर्षों में ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ वार्ता से पहले नाजुक युद्धविराम कायम रहने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है। फेटरमैन ने ईरानी कार्रवाइयों को 'युद्ध अपराध' बताया और युद्ध शक्तियों से संबंधित उपाय का विरोध किया। ईरान के अधिकारियों ने युद्धविराम का जश्न मनाया, जबकि आलोचकों ने चेतावनी दी कि इससे बदलाव रुक सकता है। अगले पांच वर्षों में होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ कमजोर होगी - ब्लूमबर्ग ईरान भर में कई विस्फोटों और हवाई रक्षा गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं। और हवाई रक्षा गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं।
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    ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ वार्ता से पहले नाजुक युद्धविराम कायम रहने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है।
फेटरमैन ने ईरानी कार्रवाइयों को 'युद्ध अपराध' बताया और युद्ध शक्तियों से संबंधित उपाय का विरोध किया।
ईरान के अधिकारियों ने युद्धविराम का जश्न मनाया, जबकि आलोचकों ने चेतावनी दी कि इससे बदलाव रुक सकता है।
अगले पांच वर्षों में ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ वार्ता से पहले नाजुक युद्धविराम कायम रहने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है।
फेटरमैन ने ईरानी कार्रवाइयों को 'युद्ध अपराध' बताया और युद्ध शक्तियों से संबंधित उपाय का विरोध किया।
ईरान के अधिकारियों ने युद्धविराम का जश्न मनाया, जबकि आलोचकों ने चेतावनी दी कि इससे बदलाव रुक सकता है।
अगले पांच वर्षों में होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ कमजोर होगी - ब्लूमबर्ग
ईरान भर में कई विस्फोटों और हवाई रक्षा गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं। और हवाई रक्षा गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं।
    user_Er KHAN Sir
    Er KHAN Sir
    कुरु, लोहरदगा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • Post by Pawan arya
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    Post by Pawan arya
    user_Pawan arya
    Pawan arya
    Art Therapist गुमला, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • घाघरा थाना क्षेत्र के बनियाडीह पुल के समीप सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार अंबाटोली निवासी विद्यानंद उरांव की मौके पर मौत हो गई। वहीं उसका दोस्त राजीव उरांव गंभीर रूप से जख्मी हो गया। बताया जाता है कि दोनों युवक घाघरा से करमडिपा में अपनी बहन के घर रहकर पढ़ाई कर रहे थे और मोटरसाइकिल से गांव जा रहे थे। इसी दौरान पुल के समीप असंतुलित होकर गिर पड़े। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घायल दूसरे युवक का उपचार जारी है।
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    घाघरा थाना क्षेत्र के बनियाडीह पुल के समीप सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार अंबाटोली निवासी विद्यानंद उरांव की मौके पर मौत हो गई। वहीं उसका दोस्त राजीव उरांव गंभीर रूप से जख्मी हो गया। बताया जाता है कि दोनों युवक घाघरा से करमडिपा में अपनी बहन के घर रहकर पढ़ाई कर रहे थे और मोटरसाइकिल से गांव जा रहे थे। इसी दौरान पुल के समीप असंतुलित होकर गिर पड़े। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घायल दूसरे युवक का उपचार जारी है।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    9 hrs ago
  • प्रखंड स्थित श्रीराम भारत गैस के उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन बुकिंग कर गैस सिलेंडर के लिए जब गैस गोदाम जातें है तो पता चलता है कि उनके उपभोक्ता संख्या का गैस सिलेंडर किसी और को दे दिया गया है,जबकि जिस उपभोक्ता ने ऑनलाइन बुकिंग की थी उसने गैस सिलेंडर लिया ही नहीं? श्री राम भारत गैस एजेंसी में बुधवार सुबह गैस स्टॉक की खबर फैलते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लेकिन उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ी महंगी परेशानी। ऑनलाइन बुकिंग वाले ग्राहकों को होम डिलीवरी का झांसा देकर एजेंसी परिसर में घंटों लाइनों में खड़ा किया जा रहा है। सैकड़ों लोग अफरा-तफरी में फंस गए, धक्का-मुक्की से महिलाएं-बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। गोदाम से सीधा वितरण बंद होने से देरी बढ़ी, अव्यवस्था चरम पर। एजेंसी कर्मियों ने सफाई दी—'होम डिलीवरी होगी।' लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही। बीते दिनों अंचलाधिकारी चंदवा ने गोदाम का दौरा कर साफ शब्दों में कहा था: 'गोदाम से वितरण गैरकानूनी! घर-घर डिलीवरी सुनिश्चित करें।' उपभोक्ता चिल्ला रहे: प्रशासन जागो! पारदर्शी व्यवस्था लाओ, बुकिंग वालों को प्राथमिकता दो। अन्यथा यह लूट जारी रहेगी।
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    प्रखंड स्थित श्रीराम भारत गैस के उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन बुकिंग कर गैस सिलेंडर के लिए जब गैस गोदाम जातें है तो पता चलता है कि उनके उपभोक्ता संख्या का गैस सिलेंडर किसी और को दे दिया गया है,जबकि जिस उपभोक्ता ने ऑनलाइन बुकिंग की थी उसने गैस सिलेंडर लिया ही नहीं?
श्री राम भारत गैस एजेंसी में बुधवार सुबह गैस स्टॉक की खबर फैलते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लेकिन उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ी महंगी परेशानी। ऑनलाइन बुकिंग वाले ग्राहकों को होम डिलीवरी का झांसा देकर एजेंसी परिसर में घंटों लाइनों में खड़ा किया जा रहा है। सैकड़ों लोग अफरा-तफरी में फंस गए, धक्का-मुक्की से महिलाएं-बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। गोदाम से सीधा वितरण बंद होने से देरी बढ़ी, अव्यवस्था चरम पर।
एजेंसी कर्मियों ने सफाई दी—'होम डिलीवरी होगी।' लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही। बीते दिनों अंचलाधिकारी चंदवा ने गोदाम का दौरा कर साफ शब्दों में कहा था: 'गोदाम से वितरण गैरकानूनी! घर-घर डिलीवरी सुनिश्चित करें।'
उपभोक्ता चिल्ला रहे: प्रशासन जागो! पारदर्शी व्यवस्था लाओ, बुकिंग वालों को प्राथमिकता दो। अन्यथा यह लूट जारी रहेगी।
    user_देवसुंदर यादव (DS)
    देवसुंदर यादव (DS)
    Local News Reporter चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    14 hrs ago
  • बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह अंचल कार्यालय द्वारा नामांतरण (म्यूटेशन) आवेदन अस्वीकृत किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आवेदक मोख्तार खान ने इस निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उपायुक्त, लातेहार के जनसेतु पोर्टल पर विस्तृत आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला नामांतरण मुकदमा संख्या 287 R27 / 2025-2026 से जुड़ा है, जिसमें अंचल अधिकारी द्वारा 30 मार्च 2026 को आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। आवेदक का आरोप है कि बिना पूर्ण जांच और तथ्यों की सही पड़ताल किए ही यह निर्णय लिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा चपरी स्थित खाता संख्या 6, प्लॉट संख्या 752 की कुल भूमि 68 डिसमिल है, जो तीन भाई—स्वर्गीय आलीम खान, कलीम खान एवं नाजिम खान—के बीच बराबर-बराबर लगभग 22.66 डिसमिल में विभाजित है। आवेदक मोख्तार खान के अनुसार, उनके पिता कलीम खान ने अपने हिस्से से 11 डिसमिल भूमि उन्हें हस्तांतरित की है। ऐसे में किसी अन्य हिस्सेदार की भूमि का अतिक्रमण नहीं हुआ है। अस्वीकृति के कारण और विवाद अंचल कार्यालय द्वारा आवेदन अस्वीकृत करने के पीछे मुख्य कारण बताए गए हैं—संयुक्त खाता होना, विक्रेता के पुत्र मंसूर खान की सहमति का अभाव, 2.5 डिसमिल अधिक भूमि बिक्री का आरोप एवं वंशावली अस्पष्ट होना, जबकि आवेदक का कहना है कि ये सभी आधार तथ्यात्मक रूप से गलत और अपूर्ण जांच पर आधारित हैं। उनका दावा है कि सभी मूल हिस्सेदारों की सहमति प्राप्त है और 2.5 डिसमिल अधिक का अंतर पर कोई सवाल ही नहीं है । मामले में सबसे अहम बिंदु यह है कि अंचल निरीक्षक द्वारा पहले ही स्थल की जिओ टैग फोटो और दखल-कब्जा की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था, उसके बाद संबंधित हल्का कर्मचारी द्वारा जमीन का जिओ टैग किया गया।लेकिन अंचलाधिकारी लवकेश सिंह द्वारा अपने पावर का इस्तेमाल करते बिना जांच पड़ताल किए ही आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। इसे लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। कानूनी आधार पर उठाई आपत्ति आवेदक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सह-स्वामी को अपने हिस्से की भूमि बेचने का अधिकार है। साथ ही नामांतरण केवल राजस्व रिकॉर्ड अद्यतन करने की प्रक्रिया है, न कि स्वामित्व निर्धारण का अंतिम आधार। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना सुनवाई का अवसर दिए निर्णय लिया गया, जो न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। आवेदक ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थल का पुनः सत्यापन किया जाए। तकनीकी त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाए अस्वीकृति आदेश को निरस्त कर न्यायोचित निर्णय लिया जाए।
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    बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह अंचल कार्यालय द्वारा नामांतरण (म्यूटेशन) आवेदन अस्वीकृत किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आवेदक मोख्तार खान ने इस निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उपायुक्त, लातेहार के जनसेतु पोर्टल पर विस्तृत आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला नामांतरण मुकदमा संख्या 287 R27 / 2025-2026 से जुड़ा है, जिसमें अंचल अधिकारी द्वारा 30 मार्च 2026 को आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। आवेदक का आरोप है कि बिना पूर्ण जांच और तथ्यों की सही पड़ताल किए ही यह निर्णय लिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा चपरी स्थित खाता संख्या 6, प्लॉट संख्या 752 की कुल भूमि 68 डिसमिल है, जो तीन भाई—स्वर्गीय आलीम खान, कलीम खान एवं नाजिम खान—के बीच बराबर-बराबर लगभग 22.66 डिसमिल में विभाजित है। आवेदक मोख्तार खान के अनुसार, उनके पिता कलीम खान ने अपने हिस्से से 11 डिसमिल भूमि उन्हें हस्तांतरित की है। ऐसे में किसी अन्य हिस्सेदार की भूमि का अतिक्रमण नहीं हुआ है।
अस्वीकृति के कारण और विवाद
अंचल कार्यालय द्वारा आवेदन अस्वीकृत करने के पीछे मुख्य कारण बताए गए हैं—संयुक्त खाता होना, विक्रेता के पुत्र मंसूर खान की सहमति का अभाव, 2.5 डिसमिल अधिक भूमि बिक्री का आरोप एवं वंशावली अस्पष्ट होना, जबकि आवेदक का कहना है कि ये सभी आधार तथ्यात्मक रूप से गलत और अपूर्ण जांच पर आधारित हैं। उनका दावा है कि सभी मूल हिस्सेदारों की सहमति प्राप्त है और 2.5 डिसमिल अधिक का अंतर पर कोई सवाल ही नहीं है । मामले में सबसे अहम बिंदु यह है कि अंचल निरीक्षक द्वारा पहले ही स्थल की जिओ टैग फोटो और दखल-कब्जा की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था, उसके बाद संबंधित हल्का कर्मचारी द्वारा जमीन का जिओ टैग किया गया।लेकिन अंचलाधिकारी लवकेश सिंह द्वारा अपने पावर का इस्तेमाल करते बिना जांच पड़ताल किए ही आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। इसे लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कानूनी आधार पर उठाई आपत्ति
आवेदक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सह-स्वामी को अपने हिस्से की भूमि बेचने का अधिकार है। साथ ही नामांतरण केवल राजस्व रिकॉर्ड अद्यतन करने की प्रक्रिया है, न कि स्वामित्व निर्धारण का अंतिम आधार।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना सुनवाई का अवसर दिए निर्णय लिया गया, जो  न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
आवेदक ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थल का पुनः सत्यापन किया जाए। तकनीकी त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाए अस्वीकृति आदेश को निरस्त कर न्यायोचित निर्णय लिया जाए।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    54 min ago
  • गुमला जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. बीती देर रात गुमला व सिसई थाना क्षेत्र में पुलिस की स्पेशल टीम ने एक साथ कई होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट पर धावा बोला, तो अंदर का नजारा देख कर सन्न रह गयी. बाहर से खाने-पीने के ठिकाने दिखने वाले ये स्थान दरअसल नशे के काले कारोबार के अड्डे बन चुके थे. छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब ढाई किलो अफीम, तीन किलो गांजा बरामद किया है. इस कार्रवाई में तीन बड़े नाम बलराम साहू, उमेश साहू और कमल सिंह को हिरासत में लिया गया है. ये तीनों कोई मामूली लोग नहीं, बल्कि इलाके के चर्चित होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट के मालिक बताये जा रहे हैं, जो लंबे समय से इस अवैध धंधे को पर्दे के पीछे से चला रहे थे. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गुप्त स्थान पर रख कर पूछताछ शुरू कर दी है. शुरुआती पूछताछ में ही कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं गुमला व सिसई पुलिस को उनके पास से भारी मात्रा में नगद राशि भी मिली है, जिसे अवैध कारोबार कमाई मानी जा रही है.पुलिस ने एक ब्रेजा गाड़ी भी जब्त की है, जिसे गुमला थाना में रखा गया है.
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    गुमला जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. बीती देर रात गुमला व सिसई थाना क्षेत्र में पुलिस की स्पेशल टीम ने एक साथ कई होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट पर धावा बोला, तो अंदर का नजारा देख कर सन्न रह गयी. बाहर से खाने-पीने के ठिकाने दिखने वाले ये स्थान दरअसल नशे के काले कारोबार के अड्डे बन चुके थे. छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब ढाई किलो अफीम, तीन किलो गांजा बरामद किया है. इस कार्रवाई में तीन बड़े नाम बलराम साहू, उमेश साहू और कमल सिंह को हिरासत में लिया गया है. ये तीनों कोई मामूली लोग नहीं, बल्कि इलाके के चर्चित होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट के मालिक बताये जा रहे हैं, जो लंबे समय से इस अवैध धंधे को पर्दे के पीछे से चला रहे थे. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गुप्त स्थान पर रख कर पूछताछ शुरू कर दी है. शुरुआती पूछताछ में ही कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं गुमला व सिसई पुलिस को उनके पास से भारी मात्रा में नगद राशि भी मिली है, जिसे अवैध कारोबार कमाई मानी जा रही है.पुलिस ने एक ब्रेजा गाड़ी भी जब्त की है, जिसे गुमला थाना में रखा गया है.
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
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