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प्रेम प्रस्ताव ठुकराया तो हमला: कॉलेज मोड़ पर युवती से मारपीट चैनपुर कॉलेज से घर लौट रही एक युवती पर गुरुवार शाम करीब 4:00 बजे कॉलेज मोड़ के पास एक सनकी युवक ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक एकतरफा प्यार में युवती पर दबाव बना रहा था। विरोध करने पर उसने युवती की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गई।
Sachin public news
प्रेम प्रस्ताव ठुकराया तो हमला: कॉलेज मोड़ पर युवती से मारपीट चैनपुर कॉलेज से घर लौट रही एक युवती पर गुरुवार शाम करीब 4:00 बजे कॉलेज मोड़ के पास एक सनकी युवक ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक एकतरफा प्यार में युवती पर दबाव बना रहा था। विरोध करने पर उसने युवती की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गई।
More news from झारखंड and nearby areas
- गुमला जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. बीती देर रात गुमला व सिसई थाना क्षेत्र में पुलिस की स्पेशल टीम ने एक साथ कई होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट पर धावा बोला, तो अंदर का नजारा देख कर सन्न रह गयी. बाहर से खाने-पीने के ठिकाने दिखने वाले ये स्थान दरअसल नशे के काले कारोबार के अड्डे बन चुके थे. छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब ढाई किलो अफीम, तीन किलो गांजा बरामद किया है. इस कार्रवाई में तीन बड़े नाम बलराम साहू, उमेश साहू और कमल सिंह को हिरासत में लिया गया है. ये तीनों कोई मामूली लोग नहीं, बल्कि इलाके के चर्चित होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट के मालिक बताये जा रहे हैं, जो लंबे समय से इस अवैध धंधे को पर्दे के पीछे से चला रहे थे. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गुप्त स्थान पर रख कर पूछताछ शुरू कर दी है. शुरुआती पूछताछ में ही कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं गुमला व सिसई पुलिस को उनके पास से भारी मात्रा में नगद राशि भी मिली है, जिसे अवैध कारोबार कमाई मानी जा रही है.पुलिस ने एक ब्रेजा गाड़ी भी जब्त की है, जिसे गुमला थाना में रखा गया है.1
- सिमडेगा नीचे बाजार में AS BROTHERS AND TRADERS जेके टायर शोरूम का हुआ शुरुआत।शोरूम का उद्घाटन नगर परिषद अध्यक्ष ओलिभर लकड़ा के द्वारा फीता काट कर किया गया। मौके पर प्रतिष्ठा के संचालक शाश्वत कुमार ने अध्यक्ष एवं वार्ड 8 के पार्षद कुलदीप किंडो, वार्ड 9 के पार्षद राकेश लकड़ा को गुलदस्ता एवं शॉल देकर स्वागत किया।2
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- युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के एक-दूसरे से अलग प्रस्तावों को लेकर जो भ्रम पैदा हुआ है, उससे इन दो पुराने दुश्मनों के बीच दो हफ़्ते से चल रही नाज़ुक सीज़फ़ायर (युद्धविराम) को लेकर अनिश्चितता और गहरी हो गई है। अधिकारी इस बात पर अलग-अलग बयान दे रहे हैं कि किन बातों पर सहमति बनी है। इस विवाद के केंद्र में ईरान की 10-सूत्रीय योजना है, जो इस हफ़्ते के आखिर में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत का आधार बनेगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस योजना को "कामयाब" बताया है, जबकि शुरुआत में उन्होंने ईरान को 15-सूत्रीय योजना सौंपी थी, जिसे तेहरान ने "बहुत ज़्यादा माँगें रखने वाली" बताकर खारिज कर दिया था। सुझाई गई कहानियाँ 4 चीज़ों की सूची सूची 1: 'अमेरिका-ईरान सीज़फ़ायर को बनाए रखने के लिए इज़रायल पर लगाम लगाना ज़रूरी है' सूची 2: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस का कहना है कि लेबनान अमेरिका-ईरान सीज़फ़ायर का हिस्सा नहीं है सूची 3: ईरान युद्ध का 41वाँ दिन: लेबनान, मध्य-पूर्व और उसके बाहर क्या हो रहा है? सूची 4: ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी सेनाएँ ईरान के पास ही रहेंगी, और 'अगली जीत' के लिए तैयार हैं सूची का अंत हालाँकि, सीज़फ़ायर के कुछ ही घंटों बाद, ट्रंप समेत अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के प्रस्ताव और वॉशिंगटन की नज़र में उस दस्तावेज़ के मुख्य बिंदुओं को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ दीं। उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने इस सार्वजनिक रूप से जारी किए गए दस्तावेज़ को यह कहकर खारिज कर दिया कि यह तो बस "ईरान के किसी भी ऐरे-गैरे व्यक्ति द्वारा पब्लिक एक्सेस टेलीविज़न पर डाल दी गई एक मनगढ़ंत चीज़" से ज़्यादा कुछ नहीं है। इस भ्रम को और बढ़ाते हुए, इस योजना का फ़ारसी संस्करण, इसके अंग्रेज़ी संस्करण से एक अहम मुद्दे पर काफ़ी अलग है—वह मुद्दा है वॉशिंगटन और तेहरान के बीच का मुख्य विवादित विषय: यूरेनियम संवर्धन का ईरान का अधिकार।1
- बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह अंचल कार्यालय द्वारा नामांतरण (म्यूटेशन) आवेदन अस्वीकृत किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आवेदक मोख्तार खान ने इस निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उपायुक्त, लातेहार के जनसेतु पोर्टल पर विस्तृत आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला नामांतरण मुकदमा संख्या 287 R27 / 2025-2026 से जुड़ा है, जिसमें अंचल अधिकारी द्वारा 30 मार्च 2026 को आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। आवेदक का आरोप है कि बिना पूर्ण जांच और तथ्यों की सही पड़ताल किए ही यह निर्णय लिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा चपरी स्थित खाता संख्या 6, प्लॉट संख्या 752 की कुल भूमि 68 डिसमिल है, जो तीन भाई—स्वर्गीय आलीम खान, कलीम खान एवं नाजिम खान—के बीच बराबर-बराबर लगभग 22.66 डिसमिल में विभाजित है। आवेदक मोख्तार खान के अनुसार, उनके पिता कलीम खान ने अपने हिस्से से 11 डिसमिल भूमि उन्हें हस्तांतरित की है। ऐसे में किसी अन्य हिस्सेदार की भूमि का अतिक्रमण नहीं हुआ है। अस्वीकृति के कारण और विवाद अंचल कार्यालय द्वारा आवेदन अस्वीकृत करने के पीछे मुख्य कारण बताए गए हैं—संयुक्त खाता होना, विक्रेता के पुत्र मंसूर खान की सहमति का अभाव, 2.5 डिसमिल अधिक भूमि बिक्री का आरोप एवं वंशावली अस्पष्ट होना, जबकि आवेदक का कहना है कि ये सभी आधार तथ्यात्मक रूप से गलत और अपूर्ण जांच पर आधारित हैं। उनका दावा है कि सभी मूल हिस्सेदारों की सहमति प्राप्त है और 2.5 डिसमिल अधिक का अंतर पर कोई सवाल ही नहीं है । मामले में सबसे अहम बिंदु यह है कि अंचल निरीक्षक द्वारा पहले ही स्थल की जिओ टैग फोटो और दखल-कब्जा की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था, उसके बाद संबंधित हल्का कर्मचारी द्वारा जमीन का जिओ टैग किया गया।लेकिन अंचलाधिकारी लवकेश सिंह द्वारा अपने पावर का इस्तेमाल करते बिना जांच पड़ताल किए ही आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। इसे लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। कानूनी आधार पर उठाई आपत्ति आवेदक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सह-स्वामी को अपने हिस्से की भूमि बेचने का अधिकार है। साथ ही नामांतरण केवल राजस्व रिकॉर्ड अद्यतन करने की प्रक्रिया है, न कि स्वामित्व निर्धारण का अंतिम आधार। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना सुनवाई का अवसर दिए निर्णय लिया गया, जो न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। आवेदक ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थल का पुनः सत्यापन किया जाए। तकनीकी त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाए अस्वीकृति आदेश को निरस्त कर न्यायोचित निर्णय लिया जाए।1
- चैनपुर थाना क्षेत्र के बुकमा और दानपुर गांव में बुधवार देर रात एक जंगली हाथी ने जमकर तबाही मचाई। आधी रात के करीब गांव में घुसे इस उग्र हाथी ने सबसे पहले राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बुकमा को निशाना बनाया और पक्के स्कूल भवन को ध्वस्त कर दिया।1
- सिमडेगा:- जिले में प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘नवारंभ उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चों को आंगनवाड़ी से विद्यालय में प्रवेश के लिए ‘नवारंभ प्रमाणपत्र’ प्रदान किए गए। यह पहल बच्चों के लिए अनौपचारिक शिक्षा से औपचारिक शिक्षा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।खिजरी एवं बुधराटोली मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला हैं, जहां पोषण और शिक्षा का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाता है। उपायुक्त ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा का समन्वित मंच हैं। यहां गर्भावस्था से लेकर छह वर्ष तक के बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम के तहत बच्चों को खेल-आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे वे आगे की स्कूली शिक्षा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।उन्होंने बताया कि अब सरकार के निर्देशानुसार आंगनवाड़ी में 3 से 6 वर्ष की शिक्षा पूर्ण करने वाले बच्चों को ‘नवारंभ प्रमाणपत्र’ दिया जा रहा है, जो उनकी शिक्षा यात्रा का पहला औपचारिक दस्तावेज है। यह प्रमाणपत्र आंगनवाड़ी से विद्यालय तक के सफर को सहज बनाता है। उपायुक्त ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हर वर्ष हजारों बच्चे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान नन्हे बच्चों ने हाथों पर माइक लेकर उपायुक्त के समक्ष कविता, अंग्रेजी वर्णमाला और गिनती सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह का माहौल रहा। उपायुक्त ने बच्चों को माला और टोपी पहनाकर प्रमाणपत्र वितरित किए तथा उनके साथ केक काटकर उत्सव मनाया।बुधराटोली मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र में विकसित पोषण वाटिका का भी उपायुक्त ने अवलोकन किया और हरी सब्जियों एवं साग की सराहना की। इस दौरान पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत बच्चों के लिए पौष्टिक व्यंजन तैयार कर उन्हें खिलाया गया।जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरज मुन्नी कुमारी ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों के संतुलित आहार, मस्तिष्क विकास एवं स्वास्थ्य देखभाल के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों को सही खान-पान एवं पोषण के महत्व से अवगत कराया।इस अवसर पर वार्ड पार्षद, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, सेविकाएं, सहायिकाएं, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।1
- झारखंड के लातेहार जिले की बेटी तारा साहू महुआ के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। वह गांव-गांव जाकर महिलाओं और युवाओं को महुआ से बनने वाले विभिन्न उत्पादों और रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दे रही हैं।तारा साहू का कहना है कि महुआ सिर्फ पारंपरिक उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लड्डू, बिस्कुट, तेल और कई अन्य उत्पाद बनाकर अच्छी आमदनी की जा सकती है।उनके प्रयासों से अब कई महिलाएं महुआ आधारित कार्य से जुड़ रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।1