नवारंभ उत्सव: आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की शिक्षा यात्रा का पहला पड़ाव, प्रमाणपत्र वितरण सिमडेगा:- जिले में प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘नवारंभ उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चों को आंगनवाड़ी से विद्यालय में प्रवेश के लिए ‘नवारंभ प्रमाणपत्र’ प्रदान किए गए। यह पहल बच्चों के लिए अनौपचारिक शिक्षा से औपचारिक शिक्षा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।खिजरी एवं बुधराटोली मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला हैं, जहां पोषण और शिक्षा का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाता है। उपायुक्त ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा का समन्वित मंच हैं। यहां गर्भावस्था से लेकर छह वर्ष तक के बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम के तहत बच्चों को खेल-आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे वे आगे की स्कूली शिक्षा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।उन्होंने बताया कि अब सरकार के निर्देशानुसार आंगनवाड़ी में 3 से 6 वर्ष की शिक्षा पूर्ण करने वाले बच्चों को ‘नवारंभ प्रमाणपत्र’ दिया जा रहा है, जो उनकी शिक्षा यात्रा का पहला औपचारिक दस्तावेज है। यह प्रमाणपत्र आंगनवाड़ी से विद्यालय तक के सफर को सहज बनाता है। उपायुक्त ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हर वर्ष हजारों बच्चे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान नन्हे बच्चों ने हाथों पर माइक लेकर उपायुक्त के समक्ष कविता, अंग्रेजी वर्णमाला और गिनती सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह का माहौल रहा। उपायुक्त ने बच्चों को माला और टोपी पहनाकर प्रमाणपत्र वितरित किए तथा उनके साथ केक काटकर उत्सव मनाया।बुधराटोली मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र में विकसित पोषण वाटिका का भी उपायुक्त ने अवलोकन किया और हरी सब्जियों एवं साग की सराहना की। इस दौरान पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत बच्चों के लिए पौष्टिक व्यंजन तैयार कर उन्हें खिलाया गया।जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरज मुन्नी कुमारी ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों के संतुलित आहार, मस्तिष्क विकास एवं स्वास्थ्य देखभाल के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों को सही खान-पान एवं पोषण के महत्व से अवगत कराया।इस अवसर पर वार्ड पार्षद, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, सेविकाएं, सहायिकाएं, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
नवारंभ उत्सव: आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की शिक्षा यात्रा का पहला पड़ाव, प्रमाणपत्र वितरण सिमडेगा:- जिले में प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘नवारंभ उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चों को आंगनवाड़ी से विद्यालय में प्रवेश के लिए ‘नवारंभ प्रमाणपत्र’ प्रदान किए गए। यह पहल बच्चों के लिए अनौपचारिक शिक्षा से औपचारिक शिक्षा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।खिजरी एवं बुधराटोली मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला हैं, जहां पोषण और शिक्षा का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाता है। उपायुक्त ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा का समन्वित मंच हैं। यहां गर्भावस्था से लेकर छह वर्ष तक के बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम के तहत बच्चों को खेल-आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे वे आगे की स्कूली शिक्षा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।उन्होंने बताया कि अब सरकार के निर्देशानुसार आंगनवाड़ी में 3 से 6 वर्ष की शिक्षा पूर्ण करने वाले बच्चों को ‘नवारंभ प्रमाणपत्र’ दिया जा रहा है, जो उनकी शिक्षा यात्रा का पहला औपचारिक दस्तावेज है। यह प्रमाणपत्र आंगनवाड़ी से विद्यालय तक के सफर को सहज बनाता है। उपायुक्त ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हर वर्ष हजारों बच्चे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान नन्हे बच्चों ने हाथों पर माइक लेकर उपायुक्त के समक्ष कविता, अंग्रेजी वर्णमाला और गिनती सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह का माहौल रहा। उपायुक्त ने बच्चों को माला और टोपी पहनाकर प्रमाणपत्र वितरित किए तथा उनके साथ केक काटकर उत्सव मनाया।बुधराटोली मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र में विकसित पोषण वाटिका का भी उपायुक्त ने अवलोकन किया और हरी सब्जियों एवं साग की सराहना की। इस दौरान पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत बच्चों के लिए पौष्टिक व्यंजन तैयार कर उन्हें खिलाया गया।जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरज मुन्नी कुमारी ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों के संतुलित आहार, मस्तिष्क विकास एवं स्वास्थ्य देखभाल के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों को सही खान-पान एवं पोषण के महत्व से अवगत कराया।इस अवसर पर वार्ड पार्षद, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, सेविकाएं, सहायिकाएं, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
- सिमडेगा नीचे बाजार में AS BROTHERS AND TRADERS जेके टायर शोरूम का हुआ शुरुआत।शोरूम का उद्घाटन नगर परिषद अध्यक्ष ओलिभर लकड़ा के द्वारा फीता काट कर किया गया। मौके पर प्रतिष्ठा के संचालक शाश्वत कुमार ने अध्यक्ष एवं वार्ड 8 के पार्षद कुलदीप किंडो, वार्ड 9 के पार्षद राकेश लकड़ा को गुलदस्ता एवं शॉल देकर स्वागत किया।2
- Post by Pawan arya1
- घाघरा थाना क्षेत्र के बनियाडीह पुल के समीप सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार अंबाटोली निवासी विद्यानंद उरांव की मौके पर मौत हो गई। वहीं उसका दोस्त राजीव उरांव गंभीर रूप से जख्मी हो गया। बताया जाता है कि दोनों युवक घाघरा से करमडिपा में अपनी बहन के घर रहकर पढ़ाई कर रहे थे और मोटरसाइकिल से गांव जा रहे थे। इसी दौरान पुल के समीप असंतुलित होकर गिर पड़े। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घायल दूसरे युवक का उपचार जारी है।2
- Post by Ajay Swansi1
- चैनपुर कॉलेज से घर लौट रही एक युवती पर गुरुवार शाम करीब 4:00 बजे कॉलेज मोड़ के पास एक सनकी युवक ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक एकतरफा प्यार में युवती पर दबाव बना रहा था। विरोध करने पर उसने युवती की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गई।1
- सिसई (गुमला)। जीता पतरा सिसई निवासी राहुल कुमार देवघरिया के उपर दाई का काम कराने के नाम पर मारपीट, मानसिक पड़ताड़ना सहित पैसे हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डाड़हा निवासी जोगेंद्र सिंह की 18 वर्षीय पुत्री राखी कुमारी ने जीता पतरा सिसई निवासी राहुल कुमार देवघरिया पिता अश्विनी देवघरिया पर दाई का काम कराने के नाम पर मारपीट, मानसिक पड़ताड़ना सहित कमाए हुए पूरे राशि को हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। युवती राखी कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि राहुल कुमार देवघरिया ने बच्चा खेलाने के लिए ₹ 10,000 मासिक वेतन देने का बात बोलकर युवती को जनवरी 2025 में बैंग्लोर ले गया था। उस वक्त लड़की की उम्र लगभग 17 वर्ष थी। उन्होंने लड़की के माता पिता से लड़की को प्रति माह ₹ 10,000 दस हजार रुपए देने का वादा किया था साथ ही खाना, कपड़ा व युवती को पढ़ाने लिखाने का सारा जिम्मेदारी लिया था। बावजूद अबतक एक भी पैसा नहीं दिया है वहीं बैंग्लोर में युवती के साथ मारपीट किया जाता था। और मानसिक रूप से पड़ताड़ित किया जाता था। एवं उसके पढाई लिखाई का कोई व्यवस्था उनके द्वारा नहीं किया गया था। युवती ने यह भी बताया कि गुरुवार को जब वह अपने माता पिता और बहन के साथ अपना कमाया हुआ पैसा मांगने उनके घर गयी तो अश्विनी देवघरिया, राहुल देवघरिया,एवं उनकी पत्नी ने उसके साथ मारपीट किया और आधार कार्ड, मोबाइल वगैरह छीन लिया। वहीं उसकी माँ अंजू देवी के साथ भद्दी भद्दी गाली गलौज करते हुए मारपीट किया और धक्का मुक्की करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। तथा एक वर्ष तीन महीने का कमाया हुआ पैसा लगभग ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपए) को देने से इंकार कर दिया। लड़की ने यह भी कहा कि मुझपर 500 रुपया नगदी का चोरी करने का इल्जाम भी लगाया जा रहा है। जो उनके द्वारा मेरे कमाए हुए पैसे को हड़पने का एक सोची समझी साजिश है। वहीं इस मामला को लेकर युवती अपने माता पिता के साथ सिसई थाना पहुंची और आरोपियों के विरुद्ध लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है साथ ही छीने हुए सामान और पैसा दिलाने की पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है। जब इस विषय में अश्विनी देवघरिया से पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि लड़की का आधार कार्ड, मोबाइल व कपड़े वगैरह हमारे पास है दे देंगे। लेकिन यह सोचने वाली बात है कि एक शिक्षक होते हुए भी पढ़ने लिखने वाली छात्रा के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यह शिक्षा जगत के लिए एक गंभीर विषय है एक ओर सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाव का नारा देती है वहीं दूसरी ओर बेटियों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है।4
- *नई बाइक से रांची जा रहा युवक गुलाबगंज मोड़ के पास दुर्घटनाग्रस्त, बेहतर इलाज के लिए गुमला रेफर* घर में चल रही थी मांगलिक लोटा-पानी की तैयारी, खुशी के माहौल के बीच अस्पताल दौड़े परिजन; नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण हुआ हादसा1
- सिमडेगा:- जिले में प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘नवारंभ उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चों को आंगनवाड़ी से विद्यालय में प्रवेश के लिए ‘नवारंभ प्रमाणपत्र’ प्रदान किए गए। यह पहल बच्चों के लिए अनौपचारिक शिक्षा से औपचारिक शिक्षा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।खिजरी एवं बुधराटोली मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला हैं, जहां पोषण और शिक्षा का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाता है। उपायुक्त ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा का समन्वित मंच हैं। यहां गर्भावस्था से लेकर छह वर्ष तक के बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम के तहत बच्चों को खेल-आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे वे आगे की स्कूली शिक्षा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।उन्होंने बताया कि अब सरकार के निर्देशानुसार आंगनवाड़ी में 3 से 6 वर्ष की शिक्षा पूर्ण करने वाले बच्चों को ‘नवारंभ प्रमाणपत्र’ दिया जा रहा है, जो उनकी शिक्षा यात्रा का पहला औपचारिक दस्तावेज है। यह प्रमाणपत्र आंगनवाड़ी से विद्यालय तक के सफर को सहज बनाता है। उपायुक्त ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हर वर्ष हजारों बच्चे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान नन्हे बच्चों ने हाथों पर माइक लेकर उपायुक्त के समक्ष कविता, अंग्रेजी वर्णमाला और गिनती सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह का माहौल रहा। उपायुक्त ने बच्चों को माला और टोपी पहनाकर प्रमाणपत्र वितरित किए तथा उनके साथ केक काटकर उत्सव मनाया।बुधराटोली मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र में विकसित पोषण वाटिका का भी उपायुक्त ने अवलोकन किया और हरी सब्जियों एवं साग की सराहना की। इस दौरान पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत बच्चों के लिए पौष्टिक व्यंजन तैयार कर उन्हें खिलाया गया।जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरज मुन्नी कुमारी ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों के संतुलित आहार, मस्तिष्क विकास एवं स्वास्थ्य देखभाल के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों को सही खान-पान एवं पोषण के महत्व से अवगत कराया।इस अवसर पर वार्ड पार्षद, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, सेविकाएं, सहायिकाएं, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।1