*ज्ञान अभियान : भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची कार्यालय द्वारा स्कूली छात्रों के लिये वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम* देश के केंद्रीय बैंक के रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक मुद्रा प्रबंधन, मौद्रिक नीति के माध्यम से मँहगाई नियंत्रण एवं तरलता उपलब्धता, ऋण प्रवाह, विदेशी मुद्रा व्यवस्था एवं सुदृढ़ अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग व वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने जैसे बुनियादी केंद्रीय बैंकिंग दायित्वों के सफल निर्वाह के साथ साथ देशहित और जनहित में वित्तीय शिक्षण, वित्तीय समावेशन व वित्तीय जनजागरण के प्रसार सरीखी विकासात्मक जिम्मेदारियों के लिए भी प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2023 से भारतीय रिजर्व बैंक, राँची क्षेत्रीय कार्यालय ने इस दिशा में अनेक नवोन्मेषी कार्यक्रम, अभिनव पहल एवं संकल्पित अभियान आरंभ किये हैं, जिनमें तीरंदाज़ी के ज़रिये वित्तीय जागरूकता का कार्यक्रम ' ज्ञान बाण', बैंक के 90वें वर्ष के सुअवसर पर विगत वर्ष 90 विद्यालयों में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम, 'हरा भरा सुंदर संसार' सूत्रमंत्र के साथ 90 शिक्षण संस्थानों में पौधारोपण व पर्यावरण जागरूकता अभियान, विभिन्न लक्षित समूहों के लिए प्रतियोगितायें एवं प्रश्नोत्तरी, आर्थिक व बैंकिंग विषयों पर व्याख्यान शृंखलायें, स्वच्छ मुद्रा अभियान, वित्तीय साक्षरता व समावेशन पत्रिका 'उन्नयन' तथा 90 जागरूकता सुभाषितों की पुस्तिका 'यात्रा अविराम' तथा जादू से जागरूकता के अंतर्गत जादुई प्रदर्शनों के ज़रिये ज़रूरी वित्तीय जानकारियों एवं सावधानियों के संदेश का प्रसार इत्यादि शामिल है । इसी क्रम में, एक और अभिनव पहल करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक, राँची क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा दिनांक 07 से 13 अप्रैल 2026 तक "ज्ञान अभियान" मनाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत क्षेत्रीय निदेशक महोदय की संकल्पना के अनुरूप उनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची क्षेत्रीय कार्यालय के इस अभियान के तहत दिनांक 09 अप्रैल 2026 को लातेहार जिले के महुआडाँड़ स्थित राजकिया अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक श्री प्रेम रंजन प्रसाद सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये वित्तीय साक्षरता के प्रसार के महत्व पर प्रकाश डाला तथा वर्तमान परिदृश्य में केंद्रीय बैंक के बुनियादी व विकासात्मक कार्यकलापों, बैंकिंग, डिजिटल बैंकिंग तथा सतर्कता और वित्तीय जन-जागरूकता के विभिन्न पहलुओं से छात्रों को परिचित कराया । उन्होने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे इन्हें आत्मसात कर स्वयं जानकार और समझदार बनें तथा उसके साथ साथ 'वित्तीय साक्षरता मित्र' एवं 'वित्तीय जागरूकता अग्रदूत' की तरह इन संदेशों को घर परिवार, पास पड़ोस, अन्य विद्यार्थियों एवं नागरिकों तक पहुँचा कर वित्तीय साक्षरता, समावेशन एवं जनजागरण को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें । राँची कार्यालय द्वारा एक और अभिनव पहल के रूप में, दो विद्यालयों में डिजीटल सामग्रीयुक्त *' वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता दीर्घा '* से सुसज्ज करने के नवोन्मेषी प्रकल्प किया गया और उसका उद्घाटन क्षेत्रीय निदेशक के कर कमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बैंकिंग, बजट, बीमा एवं निवेश आदि से जुड़े अनेक वित्तीय संदेशों के बारे में जागरूक किया गया, जिसे सभी के द्वारा काफी सराहा गया । उपस्थित प्रतिभागियों एवं शिक्षकों ने भारतीय रिज़र्व बैंक,राँची क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से क्षेत्रीय निदेशक महोदय की इस अभिनव पहल का स्वागत करते हुए इसे पूरे प्रदेश में वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेशन एवं जागरूकता को जन जन तक ले जाने की दिशा में एक अभूतपूर्व क़दम बताया ।
*ज्ञान अभियान : भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची कार्यालय द्वारा स्कूली छात्रों के लिये वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम* देश के केंद्रीय बैंक के रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक मुद्रा प्रबंधन, मौद्रिक नीति के माध्यम से मँहगाई नियंत्रण एवं तरलता उपलब्धता, ऋण प्रवाह, विदेशी मुद्रा व्यवस्था एवं सुदृढ़ अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग व वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने जैसे बुनियादी केंद्रीय बैंकिंग दायित्वों के सफल निर्वाह के साथ साथ देशहित और जनहित में वित्तीय शिक्षण, वित्तीय समावेशन व वित्तीय जनजागरण के प्रसार सरीखी विकासात्मक जिम्मेदारियों के लिए भी प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2023 से भारतीय रिजर्व बैंक, राँची क्षेत्रीय कार्यालय ने इस दिशा में अनेक नवोन्मेषी कार्यक्रम, अभिनव पहल एवं संकल्पित अभियान आरंभ किये हैं, जिनमें तीरंदाज़ी के ज़रिये वित्तीय जागरूकता का कार्यक्रम ' ज्ञान बाण', बैंक के 90वें वर्ष के सुअवसर पर विगत वर्ष 90 विद्यालयों में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम, 'हरा भरा सुंदर संसार' सूत्रमंत्र के साथ 90 शिक्षण संस्थानों में पौधारोपण व पर्यावरण जागरूकता अभियान, विभिन्न लक्षित समूहों के लिए प्रतियोगितायें एवं प्रश्नोत्तरी, आर्थिक व बैंकिंग विषयों पर व्याख्यान शृंखलायें, स्वच्छ मुद्रा अभियान, वित्तीय साक्षरता व समावेशन पत्रिका 'उन्नयन' तथा 90 जागरूकता सुभाषितों की पुस्तिका 'यात्रा अविराम' तथा जादू से जागरूकता के अंतर्गत जादुई प्रदर्शनों के ज़रिये ज़रूरी वित्तीय जानकारियों एवं सावधानियों के संदेश का प्रसार इत्यादि शामिल है । इसी क्रम में, एक और अभिनव पहल करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक, राँची क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा दिनांक 07 से 13 अप्रैल 2026 तक "ज्ञान अभियान" मनाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत क्षेत्रीय निदेशक महोदय की संकल्पना के अनुरूप उनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची क्षेत्रीय कार्यालय के इस अभियान के तहत दिनांक 09 अप्रैल 2026 को लातेहार जिले के महुआडाँड़ स्थित राजकिया अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक श्री प्रेम रंजन प्रसाद सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये वित्तीय साक्षरता के प्रसार के महत्व पर प्रकाश डाला तथा वर्तमान परिदृश्य में केंद्रीय बैंक के बुनियादी व विकासात्मक कार्यकलापों, बैंकिंग, डिजिटल बैंकिंग तथा सतर्कता और वित्तीय जन-जागरूकता के विभिन्न पहलुओं से छात्रों को परिचित कराया । उन्होने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे इन्हें आत्मसात कर स्वयं जानकार और समझदार बनें तथा उसके साथ साथ 'वित्तीय साक्षरता मित्र' एवं 'वित्तीय जागरूकता अग्रदूत' की तरह इन संदेशों को घर परिवार, पास पड़ोस, अन्य विद्यार्थियों एवं नागरिकों तक पहुँचा कर वित्तीय साक्षरता, समावेशन एवं जनजागरण को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें । राँची कार्यालय द्वारा एक और अभिनव पहल के रूप में, दो विद्यालयों में डिजीटल सामग्रीयुक्त *' वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता दीर्घा '* से सुसज्ज करने के नवोन्मेषी प्रकल्प किया गया और उसका उद्घाटन क्षेत्रीय निदेशक के कर कमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बैंकिंग, बजट, बीमा एवं निवेश आदि से जुड़े अनेक वित्तीय संदेशों के बारे में जागरूक किया गया, जिसे सभी के द्वारा काफी सराहा गया । उपस्थित प्रतिभागियों एवं शिक्षकों ने भारतीय रिज़र्व बैंक,राँची क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से क्षेत्रीय निदेशक महोदय की इस अभिनव पहल का स्वागत करते हुए इसे पूरे प्रदेश में वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेशन एवं जागरूकता को जन जन तक ले जाने की दिशा में एक अभूतपूर्व क़दम बताया ।
- बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह अंचल कार्यालय द्वारा नामांतरण (म्यूटेशन) आवेदन अस्वीकृत किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आवेदक मोख्तार खान ने इस निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उपायुक्त, लातेहार के जनसेतु पोर्टल पर विस्तृत आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला नामांतरण मुकदमा संख्या 287 R27 / 2025-2026 से जुड़ा है, जिसमें अंचल अधिकारी द्वारा 30 मार्च 2026 को आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। आवेदक का आरोप है कि बिना पूर्ण जांच और तथ्यों की सही पड़ताल किए ही यह निर्णय लिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा चपरी स्थित खाता संख्या 6, प्लॉट संख्या 752 की कुल भूमि 68 डिसमिल है, जो तीन भाई—स्वर्गीय आलीम खान, कलीम खान एवं नाजिम खान—के बीच बराबर-बराबर लगभग 22.66 डिसमिल में विभाजित है। आवेदक मोख्तार खान के अनुसार, उनके पिता कलीम खान ने अपने हिस्से से 11 डिसमिल भूमि उन्हें हस्तांतरित की है। ऐसे में किसी अन्य हिस्सेदार की भूमि का अतिक्रमण नहीं हुआ है। अस्वीकृति के कारण और विवाद अंचल कार्यालय द्वारा आवेदन अस्वीकृत करने के पीछे मुख्य कारण बताए गए हैं—संयुक्त खाता होना, विक्रेता के पुत्र मंसूर खान की सहमति का अभाव, 2.5 डिसमिल अधिक भूमि बिक्री का आरोप एवं वंशावली अस्पष्ट होना, जबकि आवेदक का कहना है कि ये सभी आधार तथ्यात्मक रूप से गलत और अपूर्ण जांच पर आधारित हैं। उनका दावा है कि सभी मूल हिस्सेदारों की सहमति प्राप्त है और 2.5 डिसमिल अधिक का अंतर पर कोई सवाल ही नहीं है । मामले में सबसे अहम बिंदु यह है कि अंचल निरीक्षक द्वारा पहले ही स्थल की जिओ टैग फोटो और दखल-कब्जा की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था, उसके बाद संबंधित हल्का कर्मचारी द्वारा जमीन का जिओ टैग किया गया।लेकिन अंचलाधिकारी लवकेश सिंह द्वारा अपने पावर का इस्तेमाल करते बिना जांच पड़ताल किए ही आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। इसे लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। कानूनी आधार पर उठाई आपत्ति आवेदक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सह-स्वामी को अपने हिस्से की भूमि बेचने का अधिकार है। साथ ही नामांतरण केवल राजस्व रिकॉर्ड अद्यतन करने की प्रक्रिया है, न कि स्वामित्व निर्धारण का अंतिम आधार। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना सुनवाई का अवसर दिए निर्णय लिया गया, जो न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। आवेदक ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थल का पुनः सत्यापन किया जाए। तकनीकी त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाए अस्वीकृति आदेश को निरस्त कर न्यायोचित निर्णय लिया जाए।1
- झारखंड के लातेहार जिले की बेटी तारा साहू महुआ के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। वह गांव-गांव जाकर महिलाओं और युवाओं को महुआ से बनने वाले विभिन्न उत्पादों और रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दे रही हैं।तारा साहू का कहना है कि महुआ सिर्फ पारंपरिक उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लड्डू, बिस्कुट, तेल और कई अन्य उत्पाद बनाकर अच्छी आमदनी की जा सकती है।उनके प्रयासों से अब कई महिलाएं महुआ आधारित कार्य से जुड़ रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।1
- मनिक लातेहार: मनिक प्रखंड के बड़काडीह पंचायत के बरवापानी टोला मूलभूत सुविधाओं से हुआ वंचित |यहां रोजमर्रा के आवागमन लिए अच्छी सड़कों का समुचित व्यवस्था नहीं है ,इस समस्या को नजदीक से समझने और वहां रहने के लिए विवश आम जनमानस की दुर्दशा को देखने के लिए 2 km पैदल चल कर पगडंडी के रास्तों को तय करते हुए कोपे पूर्वी के पंचायत समिति सदस्य उषा देवी ने किया किया क्षेत्र का दौरा तथा उषा देवी ने कहा कि इस क्षेत्र की बुनियादी, सुविधाओं को उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है , यहां सुविधा देने के प्रयासों को मै अपनी पहली प्राथमिकता में रखता हूं3
- Post by Mohd Sameer Khan aimim1
- प्रखंड स्थित श्रीराम भारत गैस के उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन बुकिंग कर गैस सिलेंडर के लिए जब गैस गोदाम जातें है तो पता चलता है कि उनके उपभोक्ता संख्या का गैस सिलेंडर किसी और को दे दिया गया है,जबकि जिस उपभोक्ता ने ऑनलाइन बुकिंग की थी उसने गैस सिलेंडर लिया ही नहीं? श्री राम भारत गैस एजेंसी में बुधवार सुबह गैस स्टॉक की खबर फैलते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लेकिन उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ी महंगी परेशानी। ऑनलाइन बुकिंग वाले ग्राहकों को होम डिलीवरी का झांसा देकर एजेंसी परिसर में घंटों लाइनों में खड़ा किया जा रहा है। सैकड़ों लोग अफरा-तफरी में फंस गए, धक्का-मुक्की से महिलाएं-बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। गोदाम से सीधा वितरण बंद होने से देरी बढ़ी, अव्यवस्था चरम पर। एजेंसी कर्मियों ने सफाई दी—'होम डिलीवरी होगी।' लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही। बीते दिनों अंचलाधिकारी चंदवा ने गोदाम का दौरा कर साफ शब्दों में कहा था: 'गोदाम से वितरण गैरकानूनी! घर-घर डिलीवरी सुनिश्चित करें।' उपभोक्ता चिल्ला रहे: प्रशासन जागो! पारदर्शी व्यवस्था लाओ, बुकिंग वालों को प्राथमिकता दो। अन्यथा यह लूट जारी रहेगी।4
- 🚨 पांकी में बड़ी चोरी से सनसनी! मुख्य बाजार स्थित घनश्याम ज्वेलर्स में देर रात शातिर चोरों ने धावा बोलकर लाखों के गहने उड़ा लिए। 👉 पीछे गेट से एंट्री 👉 शटर तोड़ा 👉 CCTV का DVR भी साथ ले गए 👮♂️ पुलिस जांच में जुटी, डॉग स्क्वायड भी एक्टिव बाजार के व्यापारियों में डर और आक्रोश का माहौल 👉 क्या अब बाजार सुरक्षित है? अपनी राय जरूर दें 👇1
- युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के एक-दूसरे से अलग प्रस्तावों को लेकर जो भ्रम पैदा हुआ है, उससे इन दो पुराने दुश्मनों के बीच दो हफ़्ते से चल रही नाज़ुक सीज़फ़ायर (युद्धविराम) को लेकर अनिश्चितता और गहरी हो गई है। अधिकारी इस बात पर अलग-अलग बयान दे रहे हैं कि किन बातों पर सहमति बनी है। इस विवाद के केंद्र में ईरान की 10-सूत्रीय योजना है, जो इस हफ़्ते के आखिर में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत का आधार बनेगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस योजना को "कामयाब" बताया है, जबकि शुरुआत में उन्होंने ईरान को 15-सूत्रीय योजना सौंपी थी, जिसे तेहरान ने "बहुत ज़्यादा माँगें रखने वाली" बताकर खारिज कर दिया था। सुझाई गई कहानियाँ 4 चीज़ों की सूची सूची 1: 'अमेरिका-ईरान सीज़फ़ायर को बनाए रखने के लिए इज़रायल पर लगाम लगाना ज़रूरी है' सूची 2: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस का कहना है कि लेबनान अमेरिका-ईरान सीज़फ़ायर का हिस्सा नहीं है सूची 3: ईरान युद्ध का 41वाँ दिन: लेबनान, मध्य-पूर्व और उसके बाहर क्या हो रहा है? सूची 4: ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी सेनाएँ ईरान के पास ही रहेंगी, और 'अगली जीत' के लिए तैयार हैं सूची का अंत हालाँकि, सीज़फ़ायर के कुछ ही घंटों बाद, ट्रंप समेत अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के प्रस्ताव और वॉशिंगटन की नज़र में उस दस्तावेज़ के मुख्य बिंदुओं को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ दीं। उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने इस सार्वजनिक रूप से जारी किए गए दस्तावेज़ को यह कहकर खारिज कर दिया कि यह तो बस "ईरान के किसी भी ऐरे-गैरे व्यक्ति द्वारा पब्लिक एक्सेस टेलीविज़न पर डाल दी गई एक मनगढ़ंत चीज़" से ज़्यादा कुछ नहीं है। इस भ्रम को और बढ़ाते हुए, इस योजना का फ़ारसी संस्करण, इसके अंग्रेज़ी संस्करण से एक अहम मुद्दे पर काफ़ी अलग है—वह मुद्दा है वॉशिंगटन और तेहरान के बीच का मुख्य विवादित विषय: यूरेनियम संवर्धन का ईरान का अधिकार।1
- झारखंड के लातेहार जिले की बेटी तारा साहू महुआ के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। वह गांव-गांव जाकर महिलाओं और युवाओं को महुआ से बनने वाले विभिन्न उत्पादों और रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दे रही हैं।तारा साहू का कहना है कि महुआ सिर्फ पारंपरिक उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लड्डू, बिस्कुट, तेल और कई अन्य उत्पाद बनाकर अच्छी आमदनी की जा सकती है।उनके प्रयासों से अब कई महिलाएं महुआ आधारित कार्य से जुड़ रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।1