गंगा नदी के कटान से लगभग 5000 एकङ से भी अधिक खेती योग्य भुमि चुनार-गढ का ढांब क्षेत्र का ऐबकपुर मोहाना, जलालपुर माफी केशवपुर चित्ररहां, बगहीं शिवपुर ,धरम्मरपुर , गांगपुर ,भवानीपुर , चंदापुर , रामरायपुर, बघेडी ,शेरपुर नियामतपुर-2 और शाहपुर लगभग 25 गांव के किसान पुरीतरह अपने अस्तित्व को बचाने की लडाई 25-30 वर्षों से लड़ रहे हैं! अभी इस वर्ष तो हद भी पार हो रहा है कि जब मुंगफली और सब्जियों की चढ़ी हुई खेती प्रतिदिन 50 से 100 एकङ खेती गंगा नदी में समा रही ! "जहां तक मैं समझता हूं साथियों" ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है जो 12 महीने लगातार हो रहा है बल्कि चुनार गंगा पुल के पिलर का बीच से दोनों तरफ बराबर संख्या में न होना, टावर या बालू के खदान जैसे कारण हो सकते हैं! हम सभी को मिलकर अपने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने और सरकार से इस विकट परिस्थित में सम्मानित ग्रामवासीगण और सम्मानित किसानों के फसलीय खेत जो गंगा में समाहित हो रही है या जो समाहित हो चुका है उसका उचित मुवावजा या सरकारी नौकरी नेशनल हाईवे में अधिग्रहण किए हुए जमीन के मुआवजा के बराबर या उससे जादा होना चाहिए क्योंकि ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है । गंगा नदी के कटान से लगभग 5000 एकङ से भी अधिक खेती योग्य भुमि चुनार-गढ का ढांब क्षेत्र का ऐबकपुर मोहाना, जलालपुर माफी केशवपुर चित्ररहां, बगहीं शिवपुर ,धरम्मरपुर , गांगपुर ,भवानीपुर , चंदापुर , रामरायपुर, बघेडी ,शेरपुर नियामतपुर-2 और शाहपुर लगभग 25 गांव के किसान पुरीतरह अपने अस्तित्व को बचाने की लडाई 25-30 वर्षों से लड़ रहे हैं! अभी इस वर्ष तो हद भी पार हो रहा है कि जब मुंगफली और सब्जियों की चढ़ी हुई खेती प्रतिदिन 50 से 100 एकङ खेती गंगा नदी में समा रही ! "जहां तक मैं समझता हूं साथियों" ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है जो 12 महीने लगातार हो रहा है बल्कि चुनार गंगा पुल के पिलर का बीच से दोनों तरफ बराबर संख्या में न होना, टावर या बालू के खदान जैसे कारण हो सकते हैं! हम सभी को मिलकर अपने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने और सरकार से इस विकट परिस्थित में सम्मानित ग्रामवासीगण और सम्मानित किसानों के फसलीय खेत जो गंगा में समाहित हो रही है या जो समाहित हो चुका है उसका उचित मुवावजा या सरकारी नौकरी नेशनल हाईवे में अधिग्रहण किए हुए जमीन के मुआवजा के बराबर या उससे जादा होना चाहिए क्योंकि ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है ।
गंगा नदी के कटान से लगभग 5000 एकङ से भी अधिक खेती योग्य भुमि चुनार-गढ का ढांब क्षेत्र का ऐबकपुर मोहाना, जलालपुर माफी केशवपुर चित्ररहां, बगहीं शिवपुर ,धरम्मरपुर , गांगपुर ,भवानीपुर , चंदापुर , रामरायपुर, बघेडी ,शेरपुर नियामतपुर-2 और शाहपुर लगभग 25 गांव के किसान पुरीतरह अपने अस्तित्व को बचाने की लडाई 25-30 वर्षों से लड़ रहे हैं! अभी इस वर्ष तो हद भी पार हो रहा है कि जब मुंगफली और सब्जियों की चढ़ी हुई खेती प्रतिदिन 50 से 100 एकङ खेती गंगा नदी में समा रही ! "जहां तक मैं समझता हूं साथियों" ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है जो 12 महीने लगातार हो रहा है बल्कि चुनार गंगा पुल के पिलर का बीच से दोनों तरफ बराबर संख्या में न होना, टावर या बालू के खदान जैसे कारण हो सकते हैं! हम सभी को मिलकर अपने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने और सरकार से इस विकट परिस्थित में सम्मानित ग्रामवासीगण और सम्मानित किसानों के फसलीय खेत जो गंगा में समाहित हो रही है या जो समाहित हो चुका है उसका उचित मुवावजा या सरकारी नौकरी नेशनल हाईवे में अधिग्रहण किए हुए जमीन के मुआवजा के बराबर या उससे जादा होना चाहिए क्योंकि ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है । गंगा नदी के कटान से लगभग 5000 एकङ से भी अधिक खेती योग्य भुमि चुनार-गढ का ढांब क्षेत्र का ऐबकपुर मोहाना, जलालपुर माफी केशवपुर चित्ररहां, बगहीं शिवपुर ,धरम्मरपुर , गांगपुर ,भवानीपुर , चंदापुर , रामरायपुर, बघेडी ,शेरपुर नियामतपुर-2 और शाहपुर लगभग 25 गांव के किसान पुरीतरह अपने अस्तित्व को बचाने की लडाई 25-30 वर्षों से लड़ रहे हैं! अभी इस वर्ष तो हद भी पार हो रहा है कि जब मुंगफली और सब्जियों की चढ़ी हुई खेती प्रतिदिन 50 से 100 एकङ खेती गंगा नदी में समा रही ! "जहां तक मैं समझता हूं साथियों" ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है जो 12 महीने लगातार हो रहा है बल्कि चुनार गंगा पुल के पिलर का बीच से दोनों तरफ बराबर संख्या में न होना, टावर या बालू के खदान जैसे कारण हो सकते हैं! हम सभी को मिलकर अपने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने और सरकार से इस विकट परिस्थित में सम्मानित ग्रामवासीगण और सम्मानित किसानों के फसलीय खेत जो गंगा में समाहित हो रही है या जो समाहित हो चुका है उसका उचित मुवावजा या सरकारी नौकरी नेशनल हाईवे में अधिग्रहण किए हुए जमीन के मुआवजा के बराबर या उससे जादा होना चाहिए क्योंकि ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है ।
- गंगा नदी के कटान से लगभग 5000 एकङ से भी अधिक खेती योग्य भुमि चुनार-गढ का ढांब क्षेत्र का ऐबकपुर मोहाना, जलालपुर माफी केशवपुर चित्ररहां, बगहीं शिवपुर ,धरम्मरपुर , गांगपुर ,भवानीपुर , चंदापुर , रामरायपुर, बघेडी ,शेरपुर नियामतपुर-2 और शाहपुर लगभग 25 गांव के किसान पुरीतरह अपने अस्तित्व को बचाने की लडाई 25-30 वर्षों से लड़ रहे हैं! अभी इस वर्ष तो हद भी पार हो रहा है कि जब मुंगफली और सब्जियों की चढ़ी हुई खेती प्रतिदिन 50 से 100 एकङ खेती गंगा नदी में समा रही ! "जहां तक मैं समझता हूं साथियों" ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है जो 12 महीने लगातार हो रहा है बल्कि चुनार गंगा पुल के पिलर का बीच से दोनों तरफ बराबर संख्या में न होना, टावर या बालू के खदान जैसे कारण हो सकते हैं! हम सभी को मिलकर अपने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने और सरकार से इस विकट परिस्थित में सम्मानित ग्रामवासीगण और सम्मानित किसानों के फसलीय खेत जो गंगा में समाहित हो रही है या जो समाहित हो चुका है उसका उचित मुवावजा या सरकारी नौकरी नेशनल हाईवे में अधिग्रहण किए हुए जमीन के मुआवजा के बराबर या उससे जादा होना चाहिए क्योंकि ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है । गंगा नदी के कटान से लगभग 5000 एकङ से भी अधिक खेती योग्य भुमि चुनार-गढ का ढांब क्षेत्र का ऐबकपुर मोहाना, जलालपुर माफी केशवपुर चित्ररहां, बगहीं शिवपुर ,धरम्मरपुर , गांगपुर ,भवानीपुर , चंदापुर , रामरायपुर, बघेडी ,शेरपुर नियामतपुर-2 और शाहपुर लगभग 25 गांव के किसान पुरीतरह अपने अस्तित्व को बचाने की लडाई 25-30 वर्षों से लड़ रहे हैं! अभी इस वर्ष तो हद भी पार हो रहा है कि जब मुंगफली और सब्जियों की चढ़ी हुई खेती प्रतिदिन 50 से 100 एकङ खेती गंगा नदी में समा रही ! "जहां तक मैं समझता हूं साथियों" ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है जो 12 महीने लगातार हो रहा है बल्कि चुनार गंगा पुल के पिलर का बीच से दोनों तरफ बराबर संख्या में न होना, टावर या बालू के खदान जैसे कारण हो सकते हैं! हम सभी को मिलकर अपने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने और सरकार से इस विकट परिस्थित में सम्मानित ग्रामवासीगण और सम्मानित किसानों के फसलीय खेत जो गंगा में समाहित हो रही है या जो समाहित हो चुका है उसका उचित मुवावजा या सरकारी नौकरी नेशनल हाईवे में अधिग्रहण किए हुए जमीन के मुआवजा के बराबर या उससे जादा होना चाहिए क्योंकि ये सिर्फ प्राकृतिक कटान नही है ।1
- मेजा के सिलौधी कला ग्राम पंचायत के नयी गढी सोनवर्षी में सम्पर्क मार्ग के लिये भारतीय किसान यूनियन किसान संगठन ने एक दिवसीय धरने के बाद सौपा ज्ञापन। कल से शुरू होगा रोड का काम ।3
- जिलाधिकारी प्रयागराज ने महिलाओं को दारू का की दुकान पर करवाई के आश्वासन दिया और कहा एक हफ्ते के अंदर इसका निस्तारण कर दिया जाएगा तब जाकर के उन्होंने ठीक ही के सामने से हटे मेजा प्रयागराज जिलाधिकारी प्रयागराज ने महिलाओं को दारू का की दुकान पर करवाई के आश्वासन दिया और कहा एक हफ्ते के अंदर इसका निस्तारण कर दिया जाएगा तब जाकर के उन्होंने ठीक ही के सामने से हटे मेजा प्रयागराज1
- जल निकासी नाली के अभाव में तालाब बनी सड़क, कीचड़ और गड्ढों से ग्रामीण परेशान नाली निर्माण के अभाव में तालाब बनी सड़क, कीचड़ और गड्ढों से ग्रामीण परेशान मेजा प्रयागराज। विकास खानदुर्गा के ग्राम सभा गोसोरा कला में जिस तरह से सड़क की बदहाली का मार्ग ग्रामीण खेल रहे हैं कहीं न कहीं देखा जाए तो बरसात में विकास कार्यों की पोल खोल नजर आ रही है। गोसौरा ग्राम सभा में सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद गांव की मुख्य सड़क पर जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ का साम्राज्य हो गया है। नाली निर्माण नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा होकर उसे तालाब में तब्दील कर देता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क से होकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे रोजाना गुजरते हैं, लेकिन जलभराव और कीचड़ के कारण आए दिन फिसलने का खतरा बना रहता है। कई बार लोगों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर आवागमन करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्राम सभा में विकास कार्यों के नाम पर धन खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के साथ दोनों ओर नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी सड़क पर जमा न हो। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में बीमारी और दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। सैकड़ो की संख्या में अमित श्रीवास्तव अजय आदिवासी महेंद्र यादव संतोष यादव विवेक यादव आकाश यादव लवकुश यादव मानसिंह अजीर श्रीवास्तव राजेंद्र श्रीवास्तव कमला शंकर यादव छेदीलाल यादव सहीत कई लोग उपस्थित रहे।3
- प्रयागराज में नाराज अधिवक्ताओं ने एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ अजय पाल शर्मा की तारीफ की बोले आपसे तेज तर्रार अधिकारी उत्तर प्रदेश में कोई नहीं है उम्मीद है हमें न्याय मिलेगा। प्रयागराज में नाराज अधिवक्ताओं ने एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ अजय पाल शर्मा की तारीफ की बोले आपसे तेज तर्रार अधिकारी उत्तर प्रदेश में कोई नहीं है उम्मीद है हमें न्याय मिलेगा।1
- ऑटो डेंटिंग की दुकान का ताला तोड़कर 20 हजार का सामान चोरी सुबह दुकान खोलने पहुंचे संचालक को हुई जानकारी, पुलिस जांच में जुटी प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के गौहनिया चौकी अंतर्गत दसईबांधवा गांव के समीप ग्रीन फील्ड एकेडमी स्कूल के सामने स्थित एक ऑटो डेंटिंग की दुकान को रविवार रात चोरों ने निशाना बना लिया। चोर दुकान का ताला तोड़कर डेंटिंग के काम में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों समेत करीब 20 हजार रुपये का सामान चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी सोमवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे संचालक को हुई। जानकारी के अनुसार, दलवाबारी बीकर निवासी सुनील यादव पुत्र स्वर्गीय रामदास यादव दसईबांधवा गांव के समीप ऑटो डेंटिंग की दुकान चलाते हैं। इसी दुकान से होने वाली आमदनी से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सुनील यादव ने बताया कि रविवार रात करीब नौ बजे वह रोज की तरह दुकान बंद कर अपने घर चले गए थे। सोमवार सुबह जब वह दुकान खोलने पहुंचे तो दुकान के अंदर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ था। जांच करने पर पता चला कि दुकान का ताला तोड़कर चोर डेंटिंग के काम में इस्तेमाल होने वाले जरूरी उपकरण और अन्य सामान उठा ले गए हैं। दुकान संचालक के अनुसार चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 20 हजार रुपये है। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों को सूचना दी, साथ ही पुलिस को भी मामले से अवगत कराया। चोरी की घटना से आसपास के दुकानदारों में खलबली मच गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। खबर को फेसबुक पोस्ट1
- बारा तहसील में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, SDM शिखा मुख्यालय से अटैच,IAS अर्पित कुमार बने नए SDM बारा तहसील में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, SDM शिखा मुख्यालय से अटैच,IAS अर्पित कुमार बने नए SDM प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने देर रात बड़ा तबादला करते हुए बारा तहसील की SDM शिखा को मुख्यालय से अटैच कर दिया है। उनकी जगह 2024 बैच के दमदार IAS अधिकारी अर्पित कुमार को बारा का नया SDM नियुक्त किया गया है। पदभार ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत में नए SDM अर्पित कुमार ने कहा - _"जनता को त्वरित न्याय दिलाना हमारी पहली प्राथमिकता रहेगी, भू-माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए विशेष नीति बनाई जाएगी।"_1
- जिला कारागार नैनी में सामाजिक सहयोग की सराहनीय पहल* जिला कारागार नैनी में *जिला महिला व्यापार मंडल एवं प्रयाग व्यापार मंडल* द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़ी एक सराहनीय पहल की गई। महिला बंदियों से मिलने के लिए आने वाले परिजनों एवं अन्य लोगों को लंबे समय तक बाहर प्रतीक्षा करनी पड़ती है। उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए कारागार परिसर के बाहर वाटर कूलर की व्यवस्था की गई, जिससे प्रतीक्षा करने वाले लोगों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध हो सके। गतिशील एक साझी मुहीम ट्रस्ट ने जिला महिला व्यापार मंडल के साथ मिलकर जिला कारागार में महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। संस्था द्वारा पांच सिलाई मशीनें प्रदान की गईं, ताकि महिला बंदी सिलाई का प्रशिक्षण लेकर अपने हुनर को रोजगार के अवसर में बदल सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम में *डीआई जी श्री राजेश श्रीवास्तव श्रीमती अंजू श्रीवास्तव, सुप्रीटेंडेंट अमिता दुबे जेलर सुनील. कुमार विश्वकर्मा एवं प्रयाग व्यापार मंडल के* *अध्यक्ष श्री राणा चावला, जिला महिला व्यापार मंडल की अध्यक्षा श्रीमती अवंतिका टंडन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती हिना खान, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी द्विवेदी,कोषांध्यक्ष सरदार जातिन्दर सिंह,मशीनरी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अमरीश खुराना , गेस्ट हाउस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री गुफरान अहमद,उपाध्यक्ष विद्यासागर जी, आकाश जायसवाल,फ़िरोज़ अहमद, विद्द्यालय सागर एबं गतिशील ट्रस्ट के चेयरमैन एंड मैनेजिंग ट्रस्टी बृजेश प्रताप सिंह,धर्मेंद्र द्विवेदी,वंदना त्रिपाठी प्रीती जायसवाल,रंजना मिश्रा,नेहा कक्कड़,रिया आहूजा,अंबुजा जी,उज़्मा राशिद,पूनम गुप्ता* *शगुन अकरम* जी सहित अन्य गणमान्य लोगो ने मदद की और उपस्थित रहे। यह पहल केवल सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला बंदियों को सम्मान, कौशल और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है। ऐसे छोटे-छोटे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रखते हैं।2